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Wednesday, January 28, 2026
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गोरखपुर से 16 दिनों से लापता युवक का रहस्य: पुलिस जांच पर सवाल!

आज हम आपके सामने एक बेहद चिंताजनक मामला लेकर आए हैं, जो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के माडापार उत्तर टोला इलाके से जुड़ा है।

पिछले 16 दिनों से एक युवक, जिसका नाम राहुल कुमार है, अचानक लापता हो गया है। इस मामले में उसकी पत्नी पुष्पा ने पारडी पुलिस स्टेशन में 16 अगस्त 2024 को रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुष्पा ने बताया कि राहुल, जो काम के सिलसिले में कंपनी गया था, वहां से अचानक गायब हो गया। पुलिस से मदद मांगने के बावजूद, मामले की जांच में कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

राहुल कुमार, पिता गोपी गौड़, गोरखपुर के माडापार उत्तर टोला के निवासी हैं। उनके अचानक गायब होने से पूरा परिवार बुरी तरह से चिंतित है। पुष्पा, जो जमगाई, औराही, मुरेलादिह, सोनभद्र की रहने वाली हैं, ने मीडिया के माध्यम से बताया कि उनके पति राहुल ने उनके नाम से ₹50,000 का लोन लिया था, और इस लोन के लिए उसने पुष्पा के माता-पिता द्वारा दिए गए गहने गिरवी रख दिए थे।

इससे भी बड़ी बात यह है कि राहुल लोन की अदायगी नहीं कर रहा था, और अक्सर दोनों के बीच झगड़े होते थे। जब वह शराब पीकर घर लौटता था, तो मारपीट भी करता था। जब पुष्पा ने राहुल के घरवालों से उसके बारे में जानने की कोशिश की, तो उन्होंने कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया।

अब सवाल उठता है कि आखिर राहुल कहां गायब हो गया? क्यों पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच नहीं कर रही है? और आखिर क्यों राहुल के घरवाले इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं?

दोस्तों, यह मामला बेहद गंभीर है और हमें इस पर ध्यान देना चाहिए। मीडिया ने अब इस मामले को उजागर किया है और पुलिस से त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। हम उम्मीद करते हैं कि जल्द ही राहुल का पता चलेगा और पीड़िता पुष्पा को न्याय मिलेगा।

फिरोजाबाद: सिरसागंज थाना क्षेत्र के गाँव दरिगापुर भारौल में हत्या का मामला, पुलिस कार्रवाई पर सवाल

फिरोजाबाद के सिरसागंज थाना क्षेत्र के गाँव दरिगापुर भारौल में एक दिल दहलाने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। यहाँ पर एक परिवार को अत्यंत गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, जहां आरोपित खुलेआम गाँव में घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार की जान को खतरा है।

18 जनवरी 2024 को अजय कुमार के बड़े भाई विनय सिंह की हत्या के बाद से पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। लेकिन, अब तक पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। आरोप है कि इस हत्या को प्रधान सुरेश कुमार, नरेंद्र, संजय, रिशी और ओम प्रकाश ने मिलकर अंजाम दिया। आरोपियों ने अब पीड़ित परिवार को धमकियाँ देकर उन्हें खामोश करने की कोशिश की है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि यह हत्या पुरानी रंजिश और सरकारी आवास से नाम कटवाने की साजिश का परिणाम है। मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन से इंसाफ की अपील की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

अजय कुमार ने मीडिया को बताया कि वह अब अपने घर पर भी नहीं जा पा रहे हैं क्योंकि वहां ताला लगा हुआ है और आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकियाँ दे रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और सरकार से सुरक्षा की अपील की है और कहा है कि उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। अजय ने यह भी कहा कि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए ताकि गरीब पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके।

 

यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि शासन, प्रशासन और पुलिस प्रशासन की नाकामी के कारण पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल रहा है।

हम सबका कर्तव्य है कि हम इस घटना के खिलाफ आवाज उठाएं और पीड़ित परिवार के साथ खड़े हों। आइए, हम सब मिलकर इस लड़ाई में उनका साथ दें और इस मामले को उजागर करें ताकि दोषियों को सजा मिले और पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

विनोद अस्पताल पर लापरवाही का आरोप: मरीज के पैर में संक्रमण, न्याय की मांग

लखनऊ। गोमती नगर विस्तार स्थित विनोद अस्पताल के खिलाफ नीरज नामक एक मरीज ने गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। नीरज, जो सहजापुर, थाना-महोली, जिला सीतापुर के निवासी हैं और फिलहाल कौशलपुरी कॉलोनी, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ में सब्जी का ठेला लगाकर अपना जीवन यापन करते हैं, ने मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, अपर पुलिस आयुक्त, क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष को एक शिकायत पत्र भेजा है। इस पत्र में नीरज ने विनोद अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही और धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।

नीरज ने बताया कि 28 अप्रैल 2022 को गड़रियन पुरवा स्थित नाले के पास उनका बैटरी रिक्शा पलट गया था, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका पैर टूट गया। उनकी पत्नी और कुछ अन्य लोग उन्हें तुरंत गीतापुरी कॉलोनी स्थित विनोद अस्पताल, खरागापुर, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ ले गए। अस्पताल में उन्हें भर्ती किया गया, जहां इलाज के लिए 60,000 रुपये जमा कराए गए, लेकिन उन्हें दवाइयों की पूरी रसीदें नहीं दी गईं।

नीरज का कहना है कि इलाज के दौरान उन्हें असहनीय दर्द से गुजरना पड़ा, फिर भी उन्हें सही इलाज नहीं मिला। 29 अप्रैल 2022 को ग्रीन सिटी अस्पताल, कुर्सी रोड से उनके पैर का ऑपरेशन कराया गया और फिर से विनोद अस्पताल में लाया गया। यहां नीरज से एम्बुलेंस और एक्स-रे का खर्चा भी वसूला गया। कुल 14 दिनों तक अस्पताल में रहने के बाद भी नीरज की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्हें बार-बार दर्द निवारक इंजेक्शन दिए गए और आश्वासन दिया गया कि 10 दिनों के अंदर वे चलने लगेंगे। लेकिन जब उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें यह कहकर डिस्चार्ज कर दिया गया कि वे घर पर रहकर ठीक हो जाएंगे।

डिस्चार्ज के समय नीरज के परिवार से 10,000 रुपये और वसूले गए, लेकिन जब उन्होंने जमा की गई राशि की रसीदें मांगीं, तो उन्हें धमकी दी गई कि यदि ज्यादा चालाकी दिखाई, तो उनकी जिंदगी खराब कर दी जाएगी। डिस्चार्ज होने के बाद नीरज 14 मई 2023 को हेल्थ सिटी अस्पताल गए, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनके पैर में संक्रमण हो गया है और उनका ऑपरेशन करना पड़ेगा। इस स्थिति में उनका छह बार ऑपरेशन किया गया।

सहजापुर, सीतापुर निवासी नीरज (35) ने विनोद अस्पताल, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ पर लापरवाही और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों को शिकायत पत्र भेजा है। 28 अप्रैल 2022 को बैटरी रिक्शा पलटने से नीरज के पैर में गंभीर चोट आई, जिसके इलाज के लिए उन्होंने 60,000 रुपये जमा किए। नीरज का आरोप है कि इलाज में लापरवाही बरती गई, और डिस्चार्ज के बाद उनके पैर में संक्रमण हो गया, जिससे छह बार ऑपरेशन करना पड़ा। जब नीरज ने अस्पताल से जमा राशि की रसीदें मांगीं, तो उन्हें धमकाया गया। अब नीरज ने सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

नीरज ने मीडिया के माध्यम से सरकार से अपील की है कि विनोद अस्पताल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ ऐसी लापरवाही और धोखाधड़ी न हो।

 

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

न्याय की आस में दर-दर भटक रहे वकील यादव, रेलवे स्टेशन पर नियुक्ति में हो रही देरी से आहत।

हावड़ा रेलवे स्टेशन पर पार्सल पोर्टर के रूप में कार्यरत वकील यादव ने अपनी नियुक्ति में हो रही देरी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। वकील यादव का कहना है कि सन् 2003 में माननीय उच्च न्यायालय ने 310 पार्सल पोर्टरों को सरकारी तौर पर नियुक्त करने का आदेश दिया था। इस आदेश के तहत कई लोगों की नियुक्ति हुई, लेकिन वकील यादव सहित कुछ अन्य लोग अब भी नियुक्ति के इंतजार में हैं।

उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना का आरोप
वकील यादव के अनुसार, वर्ष 2010 और 2015 में दोबारा उच्च न्यायालय से आदेश मिलने के बावजूद उनकी नियुक्ति नहीं हो सकी। इस दौरान 312 अन्य व्यक्तियों को नौकरी दी गई, लेकिन वकील यादव को अनदेखा किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया है और उनकी न्यायिक अधिकारों की उपेक्षा की गई है।

मंत्री के हस्तक्षेप के बावजूद सुनवाई नहीं
वकील यादव ने बताया कि सन् 2020 में माननीय मंत्री श्रीमान पशुपति कुमार पारस के पैड पर लिखे गए आवेदन के बावजूद उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि 2021 में 13 अन्य व्यक्तियों की नियुक्ति की गई, जिनके मामले अभी भी अदालत में लंबित हैं। इसके बावजूद, वकील यादव को नौकरी से वंचित रखा गया।

डी.सी.एम रेलवें हावड़ा से न्याय की अपील
वकील यादव ने डी.सी.एम रेलवें हावड़ा से अपनी नियुक्ति की अपील की है। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के आदेशों का सम्मान करने की मांग की है और जल्द से जल्द उन्हें न्याय देने की गुहार लगाई है। वकील यादव का कहना है कि वह अब दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो गए हैं और उनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है।

वकील यादव का दर्द
पीड़ित वकील यादव ने मीडिया के माध्यम से अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा, “मैं न्याय की आस में कई सालों से भटक रहा हूं। उच्च न्यायालय ने मेरे जैसे कई पार्सल पोर्टरों को नियुक्त करने का आदेश दिया था, लेकिन मुझे अब तक न्याय नहीं मिला। मेरी गुहार सुनने वाला कोई नहीं है।”

आवेदन और संपर्क जानकारी
वकील यादव, पिता स्व. चलकु यादव, ग्राम ओसाई, थाना बिहिया, जिला भोजपुर, बिहार।
प्रेषित करने का स्थान: 34/3, जे. रोड, बेलगछिया, पी.ओ: दासनगर, पी.एस: लिलुआह।
मोबाइल: 9804500452

वकील यादव की इस स्थिति ने रेलवे में हो रही नियुक्तियों की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह देखना होगा कि क्या उन्हें न्याय मिल पाएगा या वह इसी तरह दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर रहेंगे।

 

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

 

कलेक्टर श्री गुप्‍ता की अध्यक्षता में समय-सीमा संबंधी बैठक आयोजित।

देवास कलेक्‍टर श्री ऋषव गुप्‍ता की अध्यक्षता में समय-सीमा संबंधी लंबित पत्रों के निराकरण की प्रगति तथा अंतरविभागीय समन्वय से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री हिमांशु प्रजापति, अपर कलेक्‍टर श्री प्रवीण फुलपगारे, एसडीएम देवास श्री बिहारी सिंह, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती प्रियंका मिमरोट, एसडीएम टोंकखुर्द श्री कन्‍हैयालाल तिलवारी, डिप्‍टी कलेक्‍टर श्री संजीव सक्‍सेना, डिप्‍टी कलेक्‍टर श्री अभिषेक सिंह, डिप्‍टी कलेक्‍टर श्री अभिषेक शर्मा सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारीगण उपस्थित थे। समय-सीमा बैठक में विकासखण्ड स्‍तरीय अधिकारी वर्चुअल शामिल हुए।

बैठक में कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने टीएल प्रकरणों की विभागवार समीक्षा कर टीएल प्रकरणों को समय-सीमा में निराकृ‍त करने के निर्देश दिये। कलेक्‍टर श्री ऋषव गुप्‍ता ने कहा कि जिले में राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और राजस्व अभिलेख त्रुटियों को ठीक करने के लिए 31 अगस्त तक राजस्व महाअभियान-2 चलाया जा रहा है। राजस्व महाअभियान में सभी राजस्‍व अधिकारी राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण करें। बैठक में कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता, सीईओ जिला पंचायत श्री प्रजापति, अपर कलेक्‍टर श्री फुलपगारे सहित अन्‍य अधिकारियों ने जनसम्‍पर्क अधिकारी श्री आनंद मोहन गुप्‍ता की आगामी 31 अगस्‍त को सेवानिवृत्ति होने पर सम्‍मान साल-श्रीफल भेंट कर सम्‍मान किया।

कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि राजस्‍व अधिकारी अपने क्षेत्रों का निरंतर निरीक्षण करें। एसडीएम और तहसीलदार मैदानी क्षेत्र का भ्रमण कर राजस्व महा अभियान में की जा रही कार्रवाई की मॉनिटरिंग करें। राजस्व महाअभियान-2 में राजस्व विभाग की सेवाए नामांतरण, बंटवारा, स्वामित्व योजना, पीएम/सीएम किसान योजना, रिकॉर्ड शुद्धिकरण आदि के हितग्राहियों को लाभ वितरण किया जा रहा है।

कलेक्टर श्री गुप्ता ने निर्देश दिए कि जिले में यूजर ग्रुप को मत्स्य बीज वितरण 31 अगस्‍त करें। कलेक्टर श्री गुप्ता ने जल जीवन मिशन की समीक्षा की तथा कहा कि जल जीवन मिशन के कार्य को समय सीमा में पूर्ण करें। नल जल योजना के तहत लगे बोरिंग में पानी संग्रहण करने के लिए वाटर हॉर्वेस्टिंग सहित अन्य विधियों का उपयोग करें, जिससे की उनका वाटर लेवल बना रहे। पुलिया और रपटों की रिपेरिंग करें। बरसात के पानी के बहाव में जो लकड़ी और कचरा जमा हो गया है, उसे पुलिया और रपटे से हटाये।

कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने जिले में एनआरसी में भर्ती बच्‍चों की जानकारी लेकर सभी एसडीएम को नियमित रूप से मॉनिटरिंग के निर्देश दिये। कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा ईकेवायसी कार्य के लिए शिविरों का आयोजन करें। कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, न्‍यायालय में लम्बित प्रकरण, स्‍वामित्‍व योजना और मेरी शाला सम्‍पूर्ण शाला अभियान में प्रगति की समीक्षा कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये।

कलेक्टरगुप्ता ने अधिकारियों को दिया नर्देश

देवास कलेक्‍टर श्री गुप्ता ने सीएम हेल्पलाइन की प्रगति की समीक्षा की। कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों को अगले लेवल में न जाने दें, पहली प्राथमिकता रखते हुए शिकायतों का त्वरित निराकरण करें। कोई भी शिकायत अनअटेंडेंट नहीं रहे।

कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि सभी विभाग सीएम हेल्‍पलाइन पर लम्बित शिकायतों का निराकरण संतुष्टिपूर्वक करें। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का एल-1 पर ही निराकरण करें। कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि 100 दिवस से अधिक एक भी शिकायत लम्बित नहीं रहना चाहिए। शिकायतों का निराकरण नहीं करने पर संबंधित अधिकारी पर कार्यवाही की जायेगी।

                                                                                                  ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

रुखसार ने पति रफीक के खिलाफ शिकायत, 15 साल की शादी में आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप

नन्द नगरी, दिल्ली:
नन्द नगरी थाना क्षेत्र की रहने वाली रुखसार, पत्नी रफीक, ने अपने पति के खिलाफ आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई है। रुखसार ने थाना नन्द नगरी के ACP को लिखे एक पत्र में अपने पति रफीक पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे उनके परिवार की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है।

15 साल की शादी और तीन बच्चों की जिम्मेदारी:
रुखसार ने बताया कि उनकी शादी को 15 साल हो चुके हैं, और इस शादी से उनके तीन बच्चे हैं। उनकी बड़ी बेटी 11 साल की है, और दो बेटे हैं, जिनमें से एक 9 साल का और दूसरा 2 साल का है। रुखसार का कहना है कि शादी के शुरुआती कुछ सालों तक सब कुछ ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे उनके पति रफीक का व्यवहार बदलने लगा।

पति पर आर्थिक जिम्मेदारियों से भागने का आरोप:
रुखसार ने अपने पति पर आरोप लगाया है कि वह एक प्राइवेट नौकरी करता है और रोजाना करीब 7,000 रुपये कमाता है। इसके बावजूद वह न तो घर के खर्चों में सहयोग करता है, और न ही बच्चों की परवरिश के लिए पैसे देता है। रुखसार ने बताया कि कई बार ऐसा हुआ है जब उनके पति बिना कोई जानकारी दिए घर छोड़कर चले जाते थे और कई दिनों तक वापस नहीं आते थे।

दो लाख रुपये की धोखाधड़ी:

रुखसार ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले उनके पति ने उनसे 2,00,000 रुपये की मांग की थी, जिसे उसने अपने भरोसे के कारण दे दिया। पति ने कहा था कि वह यह पैसे कमेटी से आया हुआ बता रहा था और जल्द ही वापस कर देगा। लेकिन 26 मार्च 2024 की रात 1 बजे के बाद से रफीक अचानक घर से गायब हो गया। रुखसार ने बताया कि वह रात में अचानक घर से फरार हो गया और तब से उसका कोई पता नहीं चल पाया है।

मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना का शिकार:

रुखसार ने बताया कि उनके पति रफीक ने उन्हें हमेशा आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है। वह घर के खर्चों को उठाने में नाकाम रहा और बच्चों की देखभाल का भी कोई जिम्मा नहीं लिया। रुखसार का कहना है कि इतने सालों तक उन्होंने सहन किया, लेकिन अब स्थिति असहनीय हो चुकी है।

रुखसार ने पति पर लगाए गंभीर आरोप, मीडिया से न्याय की गुहार

नन्द नगरी, दिल्ली:
रुखसार, निवासी नन्द नगरी, ने अपने पति रफीक के खिलाफ आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। 15 साल की शादी और तीन बच्चों के बाद भी रफीक ने परिवार की जिम्मेदारियों से भागते हुए रुखसार से दो लाख रुपये लेकर फरार हो गया। रुखसार ने नन्द नगरी थाने में शिकायत दर्ज कराई है और अब न्याय की उम्मीद में मीडिया से सहयोग की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रुखसार ने अन्य महिलाओं से भी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की है।

न्याय की गुहार:
रुखसार ने ACP नन्द नगरी से इस मामले की गंभीरता से जांच करने और उनके पति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपने पति पर धोखाधड़ी, परिवार की उपेक्षा और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।

पुलिस की कार्यवाही:
थाना नन्द नगरी की पुलिस ने रुखसार की शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस रफीक की तलाश कर रही है और इस मामले में सभी कानूनी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। रुखसार ने उम्मीद जताई है कि उन्हें जल्द ही न्याय मिलेगा और उनके बच्चों के भविष्य की सुरक्षा होगी।

यह मामला समाज में बढ़ती पारिवारिक समस्याओं और घरेलू हिंसा के मुद्दों को भी उजागर करता है। पुलिस की जांच और कानूनी कार्रवाई के बाद ही रफीक की जिम्मेदारी और उसकी गैर-मौजूदगी की असली वजह सामने आ पाएगी।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

 

यूट्यूब, इंस्टाग्राम रील्स के माध्यम से मंजू छूना चाहती हैं नई ऊंचाइयां!

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के बासदेवपुरा झलाना गांव की 18 वर्षीय मंजू कुमारी की कहानी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली मंजू ने सोशल मीडिया को अपना हथियार बनाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने का बीड़ा उठाया है।

गोंडा की साधारण लड़की मंजू कुमारी ने सोशल मीडिया पर रचा इतिहास, गरीबी से लड़कर बनाएगी अपनी अलग पहचान!

मंजू के पिता कमलेश और माँ चंपा देवी का उन्हें भरपूर समर्थन मिला है। मंजू ने यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्मों पर अपनी पहचान बनाई है। खासकर इंस्टाग्राम पर @manju5749kumari नाम से अपने अकाउंट पर रील्स के माध्यम से उन्होंने इंटरनेट पर धूम मचा दी है। उनकी रील्स तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे लोग उन्हें ‘सोशल मीडिया क्वीन’ के नाम से जानने लगे हैं।

मंजू का सफर यहीं नहीं थमा। उन्होंने यूट्यूब पर भी @manjukumari-t8s नाम से अपना चैनल शुरू किया है। हाल ही में, उन्होंने 18 सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा पार किया और अपने फॉलोअर्स के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एक वीडियो भी साझा किया है।

मंजू का सपना है कि उनके वीडियो और रील्स को ज्यादा से ज्यादा लोग देखें, लाइक करें, और शेयर करें, ताकि वह अपने गांव और राज्य का नाम रोशन कर सकें।

आप भी मंजू कुमारी के इस प्रेरणादायक सफर में उनका साथ दें, उन्हें प्रोत्साहित करें, और उनके सपने को साकार करने में मदद करें।

मंजू_कुमारी सोशल_मीडिया_क्वीन गोंडा_प्रेरणा #युवा_सशक्तिकरण वायरल_रील्स यूट्यूब_स्टार स्थानीय_प्रतिभा_का_समर्थन #प्रेरणादायक_यात्रा #गरीबी_को_हराने_की_कोशिश

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

पिछले 24 घंटे से पाकिस्तान में आतंक फैला ।

पिछले 24 घंटे से पाकिस्तान में आतंक फैला हुआ है। बलूचिस्तान प्रांत में बंदूकधारी आतंकी सरेआम कत्लेआम कर रहे हैं। 70 से ज्यादा लोगों को मारा गया है। अकेले बलूचिस्तान में 40 लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया, जिनमें से 23 लोगों को अंधाधुंध गोलीबारी में भून दिया गया। कलात ज़िले में 11 लोगों की हत्या हुई है। मरने वालों में 5 पुलिसवाले हैं।

एक और ज़िले से 6 लाशें बरामद हुई हैं। बलूचिस्तान के मूसाखेल जिले में गाड़ियों में आग लगा दी गई, जिनमें कई लोग सवार थे, लेकिन मरने वालों की संख्या कंफर्म नहीं हुई है। हाईवे, रेलवे ब्रिज और पुलिस थानों में घुसकर हमले किए गए हैं। वहीं सुरक्षा बलों में भी 20 से ज्यादा हमलावरों को ढेर करने का दावा किया है। वहीं सबसे ज़्यादा हमले मूसाखेल, लासबेला, कलात, मस्तुंग और इनके आस-पास के इलाकों में हुए हैं।

                                                                                                                 ई खबर मीडिया के लिए सौरभ त्रिपाठी  की रिपोर्ट

शिंदे बोले- तेज हवा से शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरी:कॉन्ट्रेक्टर समेत दो पर FIR; मोदी ने 8 महीने पहले मूर्ति का उद्घाटन किया था

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सिंधुदुर्ग में छत्रपति शिवाजी महाराज की 8 महीने पुरानी प्रतिमा गिरने के पीछे तेज हवाओं को जिम्मेदार ठहराया है। शिंदे ने सोमवार (26 अगस्त) देर शाम कहा कि 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी, जिससे प्रतिमा गिर गई। सीएम ने कहा- नेवी ने शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा की डिजाइनिंग और कंस्ट्रक्शन कराई थी। हम इसे दुबारा मजबूत तरीके से बनाएंगे। PWD और नेवी के अधिकारी मंगलवार (27 अगस्त) को सिंधुदुर्ग जाकर घटना की जांच करेंगे। सोमवार (26 अगस्त) दोपहर 1 बजे तटीय सिंधुदुर्ग जिले के राजकोट किले में शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिर गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 दिसंबर, 2023 को नेवी डे पर इसका उद्घाटन किया था। पुलिस ने मामले में कॉन्ट्रेक्टर जयदीप आप्टे और स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट चेतन पाटिल के खिलाफ FIR दर्ज की है।

PWD मंत्री बोले- नेवी को स्टील में जंग लगने की जानकारी दी थी
महाराष्ट्र सरकार में PWD मंत्री और भाजपा नेता रवींद्र चव्हाण ने बताया कि शिवाजी महाराज की प्रतिमा की स्थापना के लिए महाराष्ट्र सरकार ने नेवी को 2.36 करोड़ रुपए दिए थे। हालांकि, प्रतिमा बनाने वाले आर्टिस्ट के चयन, उसके डिजाइन की पूरी प्रक्रिया नेवी ने की थी। चव्हाण ने बताया कि 8 सितंबर, 2023 को प्रतिमा बनाने का ऑर्डर दिया गया था। प्रतिमा में इस्तेमाल किए गए स्टील में जंग लगना शुरू हो गया था। PWD ने पहले ही नेवी के अधिकारियों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी थी और उनसे ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

नेवी ने जांच के लिए टीम नियुक्त की
इंडियन नेवी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढहने की घटना के जांच के आदेश दिए हैं। नेवी ने सोमवार (26 अगस्त) देर रात एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया, ‘हमने प्रतिमा गिरने के कारण की तुरंत जांच करने और जल्द से जल्द मूर्ति की मरम्मत और फिर से उसकी स्थापना के लिए एक टीम नियुक्त की है।’

विपक्ष ने राज्य सरकार की आलोचना की
घटना के बाद, एनसीपी (शरद गुट), शिवसेना (यूबीटी) सहित कई विपक्षी दलों ने NDA सरकार की आलोचना की। शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि चुनाव के चलते छत्रपति शिवाजी का स्मारक जल्दबाजी में बनाया गया। इसके काम की क्वालिटी को अनदेखा किया गया।

शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे: X पर मराठी पोस्ट में ठाकरे ने लिखा, ‘छत्रपति शिवाजी का स्मारक चुनावों को देखते हुए जल्दबाजी में बनाया गया था, जिसके कारण यह केवल 8 महीने में ढह गया। इसके पीछे का मकसद सिर्फ उनकी छवि का इस्तेमाल का था। शिवाजी महाराज का अपमान करने वाले मिंधे सरकार और भाजपा नामक जहरीले सांप को अब डसना ही होगा।’

NCP (शरद गुट) सांसद सुप्रिया सुले: सुप्रिया ने X पर मराठी में लिखा, ‘जब देश के प्रधानमंत्री किसी स्मारक या संरचना का उद्घाटन करते हैं, तो लोगों को यकीन होता है कि उसका काम उच्च गुणवत्ता का होगा। हालांकि, सिंधुदुर्ग के मालवन स्थित राजकोट किले में स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा एक साल के भीतर ही ढह गई। यह छत्रपति शिवाजी का अपमान है। जाहिर है इसका काम घटिया क्वालिटी का था। यह प्रधानमंत्री और जनता के साथ खुला धोखा है।’

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी: ओवैसी ने X पर पोस्ट में लिखा, ‘यह मोदी सरकार की बनाई बुनियादी ढांचे की खराब क्वालिटी का रिफ्लेक्शन है। शिवाजी समानता और धर्मनिरपेक्षता के प्रतीक थे, उनकी प्रतिमा का ढहना मोदी की शिवाजी के दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्धता की कमी का उदाहरण है।’

रीवा में लापता युवक: पीड़ित पिता ने लगाई न्याय की गुहार, पुलिस कार्रवाई में कोताही का आरोप

रीवा, मध्य प्रदेश: रीवा जिले के गढ़वा गाँव के निवासी अनिल कुमार सोंधिया ने अपने 20 वर्षीय बेटे अभिषेक सोंधिया के लापता होने के मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। अनिल कुमार के अनुसार, अभिषेक 27 मई 2024 को सुबह 8 बजे घर से मजदूरी के लिए रीवा स्थित रेलवे मोड़ लेबर स्टैंड के लिए निकला था, लेकिन रात 10 बजे तक वापस नहीं लौटा।

पीड़ित परिवार ने खुद अपने स्तर पर अभिषेक को ढूंढने का प्रयास किया, रिश्तेदारों से संपर्क किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। 3 जून 2024 को अनिल कुमार ने नौवस्ता पुलिस चौकी में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अभिषेक की पहचान के हुलिया में उसकी लंबाई 5 फीट, सांवला रंग, गठीला बदन, क्रीम कलर की शर्ट, नीले रंग की जींस, और हरी रंग की तौलिया सिर पर बंधी थी। उसके माथे और कान के ऊपर पुराने निशान भी हैं।

पिता अनिल कुमार का कहना है कि उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई जांच नहीं की गई है। उन्होंने मांग की है कि रेलवे मोड़ के लेबर स्टैंड के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर उनके बेटे की खोजबीन की जाए।

अनिल कुमार ने मीडिया के माध्यम से पुलिस और प्रशासन से अपील की है कि उनके बेटे को जल्द से जल्द खोजकर परिवार को सौंपा जाए।

संपर्क नंबर:
8269087105
– 8871670736

समुदाय और प्रशासन की भूमिका
लापता व्यक्ति की खोज में देरी परिवार के लिए गहरी चिंता का कारण है। इस मामले में समाज और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को तुरंत एकजुट होकर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि अभिषेक सोंधिया की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट