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Friday, January 30, 2026
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क्रिकेट में पहली बार आमने-सामने होंगे भारत और अमेरिका (IND vs USA), मैच से पहले यहां जाने पिच रिपोर्ट और संभावित प्लेइंग 11

टी20 वर्ल्ड कप 2024 के 25वें मुकाबले में आज भारत और अमेरिका के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिलेगी। दरअसल यह रोमांचक मुकाबला 12 जून को यानी आज भारतीय समयानुसार रात 08 : 00 बजे न्यूयॉर्क के नसाउ काउंटी स्टेडियम में होने वाला है। दरअसल भारत और अमेरिका के मैच को लेकर क्रिकेट फैंस में काफी उत्सुकता है। क्योंकि ऐसा पहली बार होगा जब क्रिकेट के मैदान पर दोनों टीमें आमने-सामने होंगी।

जानकारी दे दें कि दोनों एक दूसरे के खिलाफ क्रिकेट के मैदान में आज तक नहीं खेली है। अमेरिका की टीम ने पाकिस्तान को हराकर सभी नजरे अपनी और खींची थी। वहीं भारत ने भी पिछले मैच में पाकिस्तान को हराकर धमाकेदार जीत हासिल की थी। मोनांक पटेल की अगुवाई वाली अमेरिका टीम अपनी एक और जीत के लिए पूरी ताकत झोंकना चाहेगी, जबकि भारत की टीम भी अपने विजयी रथ को जारी रखने के लिए मैदान में उतरेगी।

दरअसल न्यूयॉर्क के नसाउ काउंटी स्टेडियम यह मुकाबला खेला जाना है। ऐसे में अगर इस मैदान की पिच का मिजाज देखें तो यहां हमेशा से ही गेंद और बल्ले के बीच जबरदस्त जंग का गवाह बनी है। हालांकि अब तक हुए मैचों की बात की जाए तो इसमें यहां बाद में बैटिंग करना काफी फायदेमंद रहा है। दरअसल इस मैदान पर मैच सुबह शुरू होने के चलते पिच पर नमी रहती है, जिस वजह से गेंदबाजों को मदद ज्यादा मिलती है। हालांकि धूप जैसे-जैसे बढ़ती है, पिच बैटिंग के लिए पहली पारी के मुकाबले ज्यादा मददगार हो सकती है।

बल्लेबाजों के लिए चुनौती और मौका:

वहीं न्यूयॉर्क के नसाउ काउंटी स्टेडियम की पिच पर नजरें जमने के बाद बल्लेबाज लंबी पारी खेल सकते हैं। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों की चुनौती का सामना करने के बाद, बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान हो जाता है। इस पिच पर बड़े शॉट्स खेलने का मौका मिलेगा, लेकिन इसके लिए धैर्य और तकनीक की जरूरत होगी। खेल के आगे बढ़ने पर स्पिन गेंदबाजों की भूमिका बढ़ जाएगी, जो बल्लेबाजों को अपनी फिरकी में फंसाने की कोशिश करेंगे।

आज के मैच के लिए दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग 11 :

भारत की टीम: रोहित शर्मा (कप्तान), विराट कोहली, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, मो. सिराज और कुलदीप यादव।

अमेरिका की टीम: मोनांक पटेल (कप्तान), एरोन जोन्स, एंड्रीस गौस, कोरी एंडरसन, अली खान, हरमीत सिंह, नितीश कुमार, नोशतुश केंजीगे, सौरभ नेत्राल्वाकर, शैडली वान शल्कविक, स्टीवन टेलर, शायन जहांगीर।

लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी होंगे नए सेना प्रमुख, मध्य प्रदेश के रीवा में की शिक्षा प्राप्त, महू के ‘आर्मी वॉर कॉलेज’ से भी किया है कोर्स

नई सरकार के गठन के साथ ही नए सेना प्रमुख की घोषणा भी की गई है। वर्तमान वाइस चीफ लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी को भारतीय सेना का अगला प्रमुख (Army Chief) नियुक्त किया गया है।

भारत ने अपने नए सेना प्रमुख की घोषणा कर दी है। वर्तमान वाइस चीफ लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी को भारतीय सेना का अगला प्रमुख (Army Chief) नियुक्त किया गया है। दरअसल लोकसभा चुनाव की वजह से जनरल मनोज पांडे को एक महीने का एक्सटेंशन मिला था वहीं अब एलान हो जाने के चलते लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी आर्मी चीफ का पद संभालेंगे।

जनरल उपेंद्र द्विवेदी का अनुभव:

दरअसल लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी के पास चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में काम करने का व्यापक अनुभव है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में विस्तृत सेवा प्रदान की है और कई मोर्चों पर नेतृत्व किया है। जानकारी के अनुसार 30 जून को लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी भारतीय सेना प्रमुख का पदभार ग्रहण करेंगे। वहीं काफी समय बाद उत्तरी कमान का अनुभव रखने वाले किसी अधिकारी को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।

जानकारी दे दें कि लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी जम्मू-कश्मीर राइफल्स के कमीशन्ड अधिकारी हैं। उन्होंने फरवरी 2024 में वाइस चीफ का पद संभाला था और इससे पहले उत्तरी कमान के प्रमुख थे। पाकिस्तान और चीन की चुनौतियों से निपटने का उनका व्यापक अनुभव है। उन्होंने कश्मीर और उत्तरी कमान में प्रभावशाली काम किया है और राजस्थान में यूनिट की कमान संभालने का भी अनुभव उनके पास है। इसके अलावा, वह उत्तर-पूर्व में आतंकवाद विरोधी अभियानों में सेक्टर कमांडर और असम राइफल्स के महानिरीक्षक के रूप में भी काम कर चुके हैं। चीन के साथ सीमा विवाद सुलझाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

मध्य प्रदेश के रीवा से की है शिक्षा प्राप्त:

दरअसल लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मध्य प्रदेश के रीवा सैनिक स्कूल से शिक्षा प्राप्त की हैं। उन्होंने डीएसएससी वेलिंगटन और आर्मी वॉर कॉलेज, महू से भी कोर्स किया है। वहीं इसके अलावा, लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी को यूएसएडब्ल्यूसी, कार्लिस्ले, यूएसए में प्रतिष्ठित एनडीसी समकक्ष पाठ्यक्रम में ‘प्रतिष्ठित फेलो’ से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही जनरल उपेंद्र द्विवेदी के पास रक्षा और प्रबंधन अध्ययन में एम फिल और सामरिक अध्ययन और सैन्य विज्ञान में दो ‘मास्टर डिग्री’ हैं

सम्मान और पुरस्कार:

वहीं अपने 39 साल के लंबे करियर में उन्होंने कई कठिन मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इसके साथ ही उन्हें मिलने वाले पुरस्कार की बात करें तो उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल समेत कई वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।

लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी के पास चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में काम करने का अनुभव और पाकिस्तान व चीन की चुनौतियों से निपटने की पर्याप्त क्षमता है। उनका अनुभव और नेतृत्व भारतीय सेना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। नई सरकार के गठन के साथ ही सेना प्रमुख की घोषणा भी की गई है। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना को एक नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।

चीनी पीएम ने PM मोदी को नये कार्यकाल के लिए दी बधाई दी, कहा- चीन संबंधों को ‘सही दिशा’ में विकसित करने के लिए इच्छुक

चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तीसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुने जाने पर बधाई दी और कहा कि चीन द्विपक्षीय संबंधों को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ काम करने को इच्छुक है। बता दें कि मोदी ने रविवार को लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तीसरी बार पुनः निर्वाचित होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि बीजिंग “द्विपक्षीय संबंधों को सही दिशा में आगे बढ़ाने” के लिए भारत के साथ काम करने को तैयार है।

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, ली ने एक संदेश में कहा कि चीन-भारत संबंधों का सुदृढ़ और स्थिर विकास न केवल दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए अनुकूल है, बल्कि यह क्षेत्र और विश्व में स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। ली ने कहा कि चीन द्विपक्षीय संबंधों को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।

मोदी ने रविवार को रिकॉर्ड तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का नेतृत्व किया।

चीनी विदेश मंत्रालय ने 5 जून को आम चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन की जीत पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि दोनों देशों को चार साल पहले गलवान की घटना के बाद से रुके हुए द्विपक्षीय संबंधों को स्वस्थ और स्थिर रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए भविष्य की ओर देखना चाहिए।

5 मई, 2020 को गलवान के पास पैंगोंग त्सो (झील) क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद पूर्वी लद्दाख सीमा पर गतिरोध शुरू होने के बाद से दोनों देशों के बीच संबंध व्यापार को छोड़कर निचले स्तर पर पहुंच गए थे। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने यहां मीडिया ब्रीफिंग में कहा, हमने भारत के आम चुनाव के परिणामों पर गौर किया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की जीत पर बधाई देते हैं।

माओ ने मोदी की जीत पर चीन की टिप्पणी जानने के लिए आधिकारिक मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि स्वस्थ और स्थिर चीन-भारत संबंध दोनों देशों के हित में है तथा इस क्षेत्र और इससे आगे शांति और विकास के लिए अनुकूल है।

उन्होंने कहा कि चीन दोनों देशों के लोगों के मौलिक हितों को ध्यान में रखते हुए भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है, हमारे संबंधों के समग्र हित को ध्यान में रखेगा, भविष्य की ओर देखेगा और द्विपक्षीय संबंधों को स्वस्थ और स्थिर रास्ते पर आगे बढ़ाएगा।

इसके एक दिन बाद चीन ने प्रधानमंत्री मोदी की इस टिप्पणी पर विरोध जताया कि वह ताइवान के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने के लिए तत्पर हैं। मोदी की यह टिप्पणी ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते द्वारा उनकी चुनावी जीत पर दिए गए बधाई संदेश के जवाब में आई। चीन ताइवान को एक विद्रोही प्रांत के रूप में देखता है जिसे बलपूर्वक भी मुख्य भूमि के साथ फिर से एकीकृत किया जाना चाहिए।

भारत पीपुल्स लिबरेशन आर्मी पर देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों से हटने का दबाव बना रहा है और उसका कहना है कि जब तक सीमा पर स्थिति असामान्य बनी रहेगी, तब तक चीन के साथ उसके संबंधों में सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो सकती। वहीं दूसरी ओर, चीन का यह कहना है कि सीमा का प्रश्न चीन-भारत संबंधों की सम्पूर्णता का प्रतिनिधित्व नहीं करता है, तथा इसे द्विपक्षीय संबंधों में उचित रूप से रखा जाना चाहिए तथा उचित ढंग से प्रबंधित किया जाना चाहिए। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की शुरुआत होने पर, संबंधों को पुनर्जीवित करने के लिए देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों में सैनिकों की वापसी पर गतिरोध को हल करने के लिए कोर कमांडर स्तर की 22वें दौर की वार्ता पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है। भारत के संसदीय चुनावों से पहले, चीन ने पिछले महीने वरिष्ठ राजनयिक शू फेइहोंग को 18 महीने की देरी के बाद नई दिल्ली में अपना नया राजदूत नियुक्त किया था।

General Insurance: डॉक्यूमेंट में कमी लेकिन फिर भी रिजेक्ट नहीं होगा क्लेम, IRDAI ने जारी किया आदेश

Insurance Policy भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने जनरल इंश्योरेंस (General Insurance) के लिए सर्कुलर जारी किया है। इस सर्कुलर के अनुसार अगर क्लेम के वक्त डॉक्यूमेंट में खामी है तो इस वजह से इंश्योरेंस कंपनी क्लेम रिजेक्ट नहीं कर सकते हैं। आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कि इरडा ने अपने मार्स्टर सर्कुलर में इंश्योरेंस के नियमों में क्या बदलाव किया है।

भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) इंश्योरेंस नियमों में बदलाव किया है। इरडा ने जनरल इंश्योरेंस के नियमों में बदलाव किया है। इसके लिए इरडा ने मास्टर सर्कुलर जारी किया है।

इरडा के मास्टर सर्कुलर के अुनसार अब इंश्योरेंस कंपनियां डॉक्यूमेंट की कमी की वजह से क्लेम रिजेक्ट नहीं कर सकती है। यह नियम केवल जनरल इंश्योरेंस के लिए ही है। यह सर्कुलर जनरल इंश्योरेंस में सुधारों का हिस्सा है। यह सरलीकृत और ग्राहक-केंद्रित बीमा समाधानों के उपायों के एक नए युग की शुरुआत करता है।

जनरल इंश्योरेंस बिजनेस पर व्यापक मास्टर सर्कुलर भी 13 सर्कुलरों को निरस्त करता है। इरडा ने कहा कि ग्राहकों की व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने, उन्हें पर्याप्त विकल्प प्रदान करने और उनके बीमा अनुभव को बढ़ाने के लिए तैयार किए गए आसानी से समझ में आने वाले बीमा उत्पादों का प्रावधान अब सक्षम किया गया है।

इरडा के सर्कुलर के अनुसार

दस्तावेजों के अभाव में कोई भी दावा खारिज नहीं किया जाएगा। प्रपोजल को अंडरराइट करते समय आवश्यक दस्तावेज मंगाए जाने होंगे। ग्राहक को केवल वे दस्तावेज जमा करने के लिए कहा जा सकता है जो आवश्यक हैं और दावा निपटान से संबंधित हैं।

इसके अलावा रिटेल कस्टमर बीमाकर्ता को सूचित करके किसी भी समय पॉलिसी रद्द कर सकते हैं। वहीं, बीमाकर्ता केवल स्थापित धोखाधड़ी के आधार पर पॉलिसी रद्द कर सकता है। सर्कुलर में कहा गया है कि बीमाकर्ता को रद्दीकरण पर समाप्त न हुई पॉलिसी अवधि के लिए आनुपातिक प्रीमियम वापस करना होगा।

इरडा हुआ सख्त

इरडा ने सर्वेक्षणकर्ताओं की नियुक्ति और उनकी रिपोर्ट जमा करने सहित दावों के निपटान के लिए सख्त समयसीमा भी प्रदान की है। इरडा ने कहा, समय पर सर्वेक्षण रिपोर्ट प्राप्त करना बीमाकर्ता का कर्तव्य होगा।

मोटर इंश्योरेंस (Motor Insurance) में ग्राहक को पहली पसंद के रूप में ‘ ‘pay as you drive’/ ‘pay as you go’ के अतिरिक्त विकल्प दिए जाएंगे। वहीं क्लेम के निपटान के लिए ग्राहक पर कोई बोझ नहीं होना चाहिए।

इसके अलावा “आग” पॉलिसी में बाढ़, चक्रवात, भूकंप, भूस्खलन, चट्टान खिसकना, आतंकवाद जैसे ऐड-ऑन कवर चुनने या व्यापक आग और संबद्ध जोखिम पॉलिसी से बाहर निकलने का विकल्प होना चाहिए। बीमाकर्ताओं को स्पष्ट और संक्षिप्त पॉलिसी विवरण प्रदान करने के लिए एक ग्राहक सूचना पत्र (CIS) भी देना होगा, जिसमें कवरेज का दायरा, बहिष्करण, वारंटी और क्लेम सेटलमेंट प्रोसेश शामिल हैं।

तमिलनाडु के मंदिर से चुराई गई 500 साल पुरानी कांस्य मूर्ति वापस आएगी भारत, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने किया एलान

ब्रिटेन की प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने तमिलनाडु के एक मंदिर से चुराई गई एक संत की 500 साल पुरानी कांस्य मूर्ति को भारत को लौटाने पर सहमति जताई है। संत तिरुमंकाई अलवर की 60 सेमी ऊंची प्रतिमा को 1967 में डॉ. जे.आर. बेलमोंट (1886-1981) नामक एक संग्रहकर्ता के संग्रह से सोथबी के नीलामी घर से ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के एशमोलियन संग्रहालय द्वारा प्राप्त किया गया था।

ब्रिटेन की प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने तमिलनाडु के एक मंदिर से चुराई गई एक संत की 500 साल पुरानी कांस्य मूर्ति को भारत को लौटाने पर सहमति जताई है।

यूनिवर्सिटी के एशमोलियन म्यूजियम की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि 11 मार्च 2024 को, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की परिषद ने एशमोलियन म्यूजियम से संत तिरुमंकाई अलवर की 16वीं सदी की कांस्य मूर्ति को वापस करने के लिए भारतीय उच्चायोग के दावे का समर्थन किया। यह निर्णय अब स्वीकृति के लिए चैरिटी आयोग को भेजा जाएगा।

संत तिरुमंकाई अलवर की 60 सेमी ऊंची प्रतिमा को 1967 में डॉ. जे.आर. बेलमोंट (1886-1981) नामक एक संग्रहकर्ता के संग्रह से सोथबी के नीलामी घर से ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के एशमोलियन संग्रहालय द्वारा प्राप्त किया गया था।

संग्रहालय का कहना है कि पिछले साल नवम्बर में एक स्वतंत्र शोधकर्ता ने उसे इस प्राचीन मूर्ति की उत्पत्ति के बारे में जानकारी दी थी, जिसके बाद उसने भारतीय उच्चायोग को इस बारे में सूचित किया।

भारत सरकार ने कांस्य मूर्ति के लिए औपचारिक अनुरोध किया, जिसके बारे में माना जाता है कि वह तमिलनाडु के एक मंदिर से चुराई गई थी और नीलामी के माध्यम से ब्रिटेन के एक संग्रहालय में पहुंच गई थी।

संग्रहालय, जिसमें विश्व की कुछ सर्वाधिक प्रसिद्ध कला एवं पुरातत्व कलाकृतियाँ हैं, का कहना है कि उसने 1967 में इस मूर्ति को “सद्भावना” के साथ हासिल किया था।

ब्रिटेन से चुराई गई भारतीय कलाकृतियों को भारत में पुनःस्थापित किए जाने के कई उदाहरण हैं, जिनमें सबसे हाल ही में पिछले वर्ष अगस्त में हुआ था, जब आंध्र प्रदेश से आई चूना पत्थर की नक्काशीदार मूर्ति और 17वीं शताब्दी के तमिलनाडु से आई “नवनीत कृष्ण” कांस्य मूर्ति को स्कॉटलैंड यार्ड की कला और प्राचीन वस्तु इकाई की संयुक्त जांच के बाद ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त को सौंप दिया गया था।

ओडिशा के नए मुख्यमंत्री माझी का शपथ ग्रहण समारोह आज, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह कार्यक्रम में लेंगे हिस्सा

ओडिशा के नए मुख्यमंत्री का 12 जून को शपथ ग्रहण समारोह होगा। इस समारोह में प्रधानमंत्री से लेकर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भाग लेंगे। ऐसे में शपथ विधि स्थल के साथ ही राजधानी भुवनेश्वर में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही निर्धारित शपथ ग्रहण समारोह के मद्देनजर कमिश्नरेट पुलिस ने मंगलवार को यातायात प्रतिबंध लगाने का फैसला किया।

ओडिशा के नए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का आज शपथ ग्रहण समारोह होगा। इस समारोह में प्रधानमंत्री से लेकर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भाग लेंगे। ऐसे में शपथ विधि स्थल के साथ ही राजधानी भुवनेश्वर में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही निर्धारित शपथ ग्रहण समारोह के मद्देनजर कमिश्नरेट पुलिस ने मंगलवार को यातायात प्रतिबंध लगाने का फैसला किया।

इस संदर्भ में कमिश्नरेट पुलिस की तरफ से आज एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है। पुलिस आयुक्त संजीव पंडा की अध्यक्षता में चली बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। पूरा जनता मैदान में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की घई है।वहीं सभा स्थल को कड़ी सुरक्षा घेरे में लेने का निर्णय लिया गया है।

भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में जनता मैदान में करीबन 30 हजार लोगों का समागम हुआ था। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री के साथ कई केन्द्रीय मंत्री व विभिन्न राज्य के मुख्यमंत्री भाग लेंगे। ऐसे में वीआईपी के आगमन को देखते हुए भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। गवर्नर हाउस से जनता मैदान तक सुरक्षा व्यवस्था कडी की गई है। इस लाइन में ट्राफिक व्यवस्था को भी सख्त किया गया है।

67 प्लाटुन पुलिस बल तैनात की जाएगी

शपथ ग्रहण समारोह के लिए 67 प्लाटुन पुलिस बल तैनात की जाएगी। जनता मैदान में सुरक्षा व्यवस्था की जांच आईजी प्रवीण कुमार करेंगे। डीआईजी सार्थक षडंगी एयरपोर्ट, उमाशंकर दास ट्राफिक के दायित्वमें रहेंगे। उसी तरह से 13 डीसीपी रैंके अधिकारी तथा 18 एडीसीपी एवं 58 एसीपीस 94 इंस्पेक्टर सुरक्षा व्यवस्था के दायित्व में रहेंगे।डग स्क्वाड की तीन यूनिट तैनात की जाएगी।बम निष्क्रिय दस्ता भी तैनात रहेगा, इसके साथ वाहनों की जांच प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समारोह में होंगे शामिल

भुवनेश्वर के जनता मैदान में होने वाले ओडिशा के मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषदके शपथ ग्रहण समारोह के लिए यातायात प्रतिबंध लगाए जाएंगे।ओडिशा में भाजपा के नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह के साथ कई बड़े नेता समारोह में शामिल होने वाले हैं।

घर से देखकर निकलें

ऐसे में आयुक्तालय पुलिस द्वारा जारी यातायात सलाह के अनुसार, किसी भी वाहन को जयदेव विहार चौराहे से नालको चौक और नालको चौराहे से जयदेव विहार और इसकी कनेक्टिंग लेन तक 12 जून 2024 को दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक या समारोह के अंत तक चलने की अनुमति नहीं है, जिसमें पास प्रदान किए गए वाहन शामिल नहीं हैं।

जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन समाज की अधिक से अधिक भागीदारी हो- पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल

पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल 12 जून को आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए
आष्टा। प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल 12 जून को प्रात: 7:30 बजे डोडी आष्टा से प्रस्थान कर 8:30 बजे पीथापुरा ग्राम गोविंदपुरा (सिद्धिकगंज) आष्टा पहुंचें। यहां आपने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर, जिला भाजपा महामंत्री श्री धारा सिंह पटेल, नगर भाजपा मंडल अध्यक्ष श्री अतुल शर्मा आदि के साथ शामिल हुए।इस अवसर पर एसडीएम श्रीमती स्वाति उपाध्याय मिश्रा, एसडीओपी श्री आकाश अमलकर आदि उपस्थित थे।कार्यक्रम के पश्चात मंत्री श्री पटेल देवास के लिए प्रस्थान किया।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल जिले के आष्टा के ग्राम गोविंदपुरा, सिद्दीकगंज में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुये। मंत्री श्री पटेल आष्टा में आयोजित एक कार्यक्रम में पार्वती नदी के उद्गम स्थल पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि पार्वती नदी के किनारे हर एक व्यक्ति को एक पौधा अवश्य लगाना चाहिये। इसके साथ ही वर्षा के जल को अधिक से अधिक रोकने के लिए प्रयास करना होगा। जहॉं भी जगह हो पानी को रोका जाए। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य है कि जन समुदाय की भागीदारी से सभी जल स्रोतों का संरक्षण एवं संवर्धन किया जाए।

मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जीवन में सभी लोग पूजा पाठ करते हैं। मॉ पार्वती नदी एक प्रकार से हमारी जीवनदायिनी मॉ है। ये हमारे जीवन को उज्जवल और उन्नत करने में सहायक होती है । ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी क्षेत्र हो, हर व्यक्ति को विशेष अवसर पर अपने परिजनों, विशेष व्यक्तियों की याद में एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखरेख भी नियमित रूप से करना चाहिये।

उन्होंने कहा कि जिस तरह हरियाली कम हो रही है उसे देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि 40-50 साल बाद क्या स्थिति होगी। मॉ नर्मदा में पानी नहीं होगा तब जीवन कितना कठिनाइयों से भरा होग। पहले की पार्वती नदी की स्थिति और आज पार्वती नदी की स्थिति कैसी है। नदी किनारे जो पौधे थे उनका नष्ट होने का दुश्परिणाम देखने मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी के सुरक्षित और स्वस्थ्य जल संरक्षण और पौघा लगाने का संकल्प प्रत्येक व्यक्ति को लेना होगा। जहां भी खाली जगह हो वहां पौधरोपण करना होगा।

नदी को मॉ का दर्जा दिया गया है। जिस मां ने हमें पैदा किया है उसकी चिंता करना हमारा कर्तव्य है । नदी उदगम स्थल को जीवित बनाए रखने के लिए उसका संरक्षण और संवर्धन करना होगा। यदि हम नदियों के पास पौधे लगाएं तो यह पूजा पाठ से कम नही है । उन्होंने कहा कि जो पौधे लगाए हैं, उनको 95 फ़ीसदी से 97 फ़ीसदी तक बचाने का संकल्प लेना होगा। कार्यक्रम में आष्टा विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष दीक्षा सोनू गुणवान, जिला पंचायत सीईओ श्री आशीष तिवारी सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

ई खबर मीडिया के लिए आष्टा राजकुमार पाल की रिपोर्

 

गृह मंत्रालय का कामकाज संभालते ही अमित शाह ने लिया ये संकल्प, लेकिन सामने हैं तीन चुनौती

Amit Shah News गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद कार्यभार संभाला। यदि शाह लगातार पांच साल और सेवा करते हैं तो वे भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले गृह मंत्री बन जाएंगे। कांग्रेस के गोविंद बल्लभ पंत और भाजपा के लालकृष्ण आडवाणी ने छह-छह साल से कुछ अधिक समय तक केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में कार्य किया।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को मोदी 3.0 कैबिनेट के तहत लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए भारत के गृह मंत्रालय का कार्यभार संभाला। नए कार्यकाल का कामकाज संभालते ही अमित शाह ने साफ कर दिया कि आगामी पांच सालों में क्या-क्या काम किया जाएगा और किन क्षेत्रों पर अधिक फोकस किया जाएगा।

अमित शाह ने कहा कि नई सरकार देश की सुरक्षा के लिए अपने प्रयासों को अगले स्तर तक ले जाएगी। आतंकवाद, उग्रवाद और नक्सलवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई जारी रहेगी। मोदी 3.0 सरकार के तहत गृह मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के तुरंत बाद अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ के माध्यम से यह बयान दिया।

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मैंने आज गृह मंत्रालय का कार्यभार पुनः संभाला। गृह मंत्रालय राष्ट्र और उसके लोगों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा, जैसा कि यह हमेशा रहा है। मोदी 3.0 भारत की सुरक्षा के लिए अपने प्रयासों को अगले स्तर पर ले जाएगा। भारत आतंकवाद, उग्रवाद और नक्सलवाद के खिलाफ हमेशा लड़ता रहेगा।

अमित शाह बना लेंगे ये रिकॉर्ड

गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद कार्यभार संभाला। यदि शाह लगातार पांच साल और सेवा करते हैं, तो वे भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले गृह मंत्री बन जाएंगे। कांग्रेस के गोविंद बल्लभ पंत और भाजपा के लालकृष्ण आडवाणी ने छह-छह साल से कुछ अधिक समय तक केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में कार्य किया, जबकि शाह और राजनाथ सिंह, जो पहली मोदी सरकार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री थे, जिन्होंने अभी तक पांच-पांच साल का कार्यकाल पूरा किया।

ये है अमित शाह के सामने चुनौती

अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र और गृह मंत्रालय के लिए तत्काल चुनौती जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराना और उसका राज्य का दर्जा बहाल करना है। क्योंकि पांच साल पहले इसे केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया गया था। एक और चुनौती भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 को लागू करना है, जो भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह लेंगे। अमित शाह द्वारा 2023 में संसद में पेश किए गए ये कानून 1 जुलाई से लागू होने वाले हैं।

इन्हें भी फिर से मिला कार्यभार

नित्यानंद राय ने पिछली सरकार में गृह राज्य मंत्री (MoS) के रूप में कार्य किया था, इस बार भी राय ने शाह के कुछ ही मिनटों बाद गृह राज्य मंत्री का पदभार संभाला। तेलंगाना के सांसद और भाजपा की तेलंगाना इकाई के पूर्व अध्यक्ष बंदी संजय कुमार, मंत्रालय में दूसरे राज्य मंत्री के रूप में काम करेंगे। वे अजय कुमार की जगह लेंगे, जो उत्तर प्रदेश के खीरी से लोकसभा चुनाव हार गए हैं। बंदी संजय कुमार जल्द ही अपना कार्यभार संभालेंगे।

धनुष की फिल्म “रायण” की रिलीज टली, अब जुलाई में इतने तारीख को होगी रिलीज

धनुष अपनी दूसरी डायरेक्टेड फिल्म “रायण” की रिलीज को लेकर तैयार हैं। यह फिल्म पहले 13 जून को रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब रिलीज टाल दी गई है। धनुष ने फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई है और उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट पर बताया कि यह फिल्म 26 जुलाई को तमिल, तेलुगु और हिंदी भाषाओं में सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

इस पोस्ट के साथ धनुष ने लिखा, “#Raayan 26 जुलाई से” फिल्म के पोस्टर में धनुष को मूछ और दाढ़ी के साथ दिखाया गया है। उनके पीछे ज्वालाओं में देवी काली की तस्वीर है।

फिल्म को लिखने और डायरेक्शन करने के अलावा धनुष ने इसमें मुख्य भूमिका भी निभाई है। उनके साथ रायण में एसजे सूर्या, सुदीप किशन, कालिदास जयराम, सेल्वाराघवन, प्रकाश राज, दुशारा विजयन, अपर्णा बालमुरली और सरवनन अहम किरदारों में हैं। वरलक्ष्मी सरथकुमार एक छोटी भूमिका में भी नजर आएंगी।

रायण का निर्माण कलानिधि मारन (सन पिक्चर्स) ने किया है और संगीत ए आर रहमान ने दिया है। फिल्म के तकनीकी ग्रुप में सिनेमेटोग्राफर ओम प्रकाश और एडिटर प्रसन्ना जीके शामिल हैं। रायण के अलावा धनुष की निर्देशित फिल्में “नीलावुकु एन मेल एन्नादि कोबम” और “कुबेर” भी आने वाली हैं।

Raayan के बारे में

धनुष की आने वाली फिल्म “रायण” एक तमिल एक्शन थ्रिलर फिल्म है. यह उनकी दूसरी डायरेक्टेड फिल्म है जिसे जनवरी 2024 में “डी50” नाम से घोषित किया गया था। फिल्म की शूटिंग ज्यादातर चेन्नई और कराईकुडी में हुई थी और दिसंबर के बीच में पूरी हो गई थी। यह फिल्म पहले 13 जून को रिलीज होने वाली थी, लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया। अब फिल्म दुनिया भर में 26 जुलाई को रिलीज होगी, इसी दिन धनुष का जन्मदिन भी है। फिल्म का बजट 100 करोड़ रुपये है।

महाकाल मंदिर परिसर में छद्म वेशधारियों के घूमने पर रोक

मंगलवार को साधु वेषधारी भक्तों को भस्म बांटते हुए भीड़ एकत्रित कर रहा था। इस पर गार्ड ने उन्हें नियम का पालन करने को कहा, इससे वह नाराज हो गया और चिमटे से गार्ड पर हमला कर दिया। इससे गार्ड के हाथ में चोट लगी है। मामले की शिकायत मंदिर प्रशासन के आला अधिकारी व पुलिस से की गई है।

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में मंगलवार सुबह एक साधु वेशधारी व्यक्ति ने सुरक्षाकर्मी पर चिमटे से हमला कर दिया। इससे गार्ड के हाथ में चोट लगी है। मामले की शिकायत महाकाल थाने में भी की गई है। मंदिर समिति ने छद्म वेशधारी साधुओं के परिसर में घूमने पर रोक लगा रखी है। गार्ड नियम का पालन कराने गया इसी बात पर विवाद हो गया।

मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था प्रभारी डा. रूबी यादव ने बताया महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन भस्म आरती के बाद कुछ साधु वेशधारी परिसर में प्रवेश कर जाते हैं तथा भक्तों को भस्म बांटते हैं। इससे भक्तों की भीड़ एकत्रित हो जाती है और परिसर खाली कराना मुश्किल हो जाता है। कथित साधु वेशधारियों की पहचान भी मुश्किल है। ऐसे में मंदिर की सुरक्षा व व्यवस्था की दृष्टि से इनके परिसर में घूमने तथा भस्मी बांटने पर रोक लगाई गई है।

इनसे कई बार निवेदन किया गया है कि आप व्यवस्था में सहयोग प्रदान करें तथा भगवान महाकाल के दर्शन के बाद प्रस्थान करें। मंगलवार को साधु वेषधारी भक्तों को भस्म बांटते हुए भीड़ एकत्रित कर रहा था। इस पर गार्ड ने उन्हें नियम का पालन करने को कहा, इससे वह नाराज हो गया और चिमटे से गार्ड पर हमला कर दिया। इससे गार्ड के हाथ में चोट लगी है। मामले की शिकायत मंदिर प्रशासन के आला अधिकारी व पुलिस से की गई है।

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मारपीट के मामलों में श्रद्धालुओं पर भी हो कार्रवाई

महाकाल मंदिर में श्रद्धालु व सुरक्षाकर्मियों के बीच वाद विवाद व मारपीट के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बीते दिन सुरक्षाकर्मी व दर्शनार्थी के बीच निर्माल्य द्वार पर हुई मारपीट के मामले में मंदिर कर्मचारी व गार्डों पर कार्रवाई हुई है। मंदिर प्रशासन को ऐसे मामलों में विवेचना कर दोनों पक्षों की जिम्मेदारी तय करना चाहिए। एकतरफा कार्रवाई से कर्मचारियों का मनोबल गिरता है।