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Friday, January 30, 2026
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बांद्रा में रह रहे असम के युवक को सपनों में सताता है डॉन दाऊद

मुंबई (बांद्रा) – असम के रहने वाले सहरुल इस्लाम बरभुईया युवक को मुंबई के बांद्रा में अजीबोगरीब अनुभव हो रहे हैं, जिससे उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है। दो हफ्ते पहले ही काम की तलाश में मुंबई आए इस युवक ने बताया कि वह दिन भर काम की तलाश में रहता है, लेकिन रात में जब वह थका-हारा सोने जाता है, तो उसे सपने में डॉन दाऊद इब्राहिम सताने लगता है। सपने में दाऊद उसे धमकी देता है कि वह उसे कहीं भी मार डालेगा।

सपनों में डर का साया
सहरुल इस्लाम बरभुईया ने अपने अनुभव को वीडियो के माध्यम से साझा किया है। उसने बताया कि पिछले 12 दिनों से उसे लगातार यही सपना आ रहा है। मौलवी और झाड़-फूंक करने वालों से लेकर डॉक्टरों तक सबके पास जाने के बाद भी उसे कोई राहत नहीं मिली है। सहरुल इस्लाम बरभुईया ने मीडिया से अपील की है कि यदि किसी के पास इस समस्या का समाधान है, तो उसे अवश्य बताएं।

मानसिक स्थिति या कुछ और?
मीडिया ने इस मामले पर मनोवैज्ञानिकों से भी बातचीत की। डॉक्टरों का कहना है कि आजकल युवा मोबाइल और इंटरनेट के प्रति अत्यधिक संलग्न हो गए हैं। बार-बार एक ही प्रकार की वीडियो देखने से उनके अवचेतन मन में वही चीजें गहरी छाप छोड़ जाती हैं। इस कारण से युवक को बार-बार वही सपना आ रहा है। इसके लिए सही नींद और चिकित्सा की आवश्यकता है।

झाड़-फूंक और ज्योतिषीय समाधान
वहीं, एक झाड़-फूंक करने वाले बाबा ने इसे शनि की खराब स्थिति का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि युवक का शनि खराब है और इसलिए उसे ये दिक्कतें हो रही हैं।

मीडिया की अपील
सहरुल इस्लाम बरभुईया ने वीडियो के माध्यम से अपनी समस्या को साझा करते हुए कहा कि यदि किसी के पास इसका कोई उपचार है तो वह अवश्य बताएं। उसकी यह कहानी वास्तव में चौंकाने वाली और विचारणीय है कि किस प्रकार सपने में भी कोई व्यक्ति किसी को सताता है।

इस प्रकार की घटनाएं यह बताती हैं कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है और सही चिकित्सा और मार्गदर्शन से ही ऐसी समस्याओं का समाधान संभव है। अगर किसी के पास इस समस्या का समाधान है, तो कृपया कमेंट के माध्यम से जानकारी साझा करें।

आगे क्या?
इस घटना ने बांद्रा और आसपास के क्षेत्रों में काफी चर्चा बटोरी है। युवक की स्थिति को देखते हुए यह महत्वपूर्ण है कि उसे सही मार्गदर्शन और चिकित्सा मिले। यदि किसी विशेषज्ञ के पास इसका समाधान है, तो उसे अवश्य मदद करनी चाहिए।

इस अद्भुत और चिंताजनक घटना पर अपनी राय और सुझाव साझा करने के लिए जुड़े रहें ekhabar.in के साथ।

दाऊद इब्राहिम: कौन है और कैसे हुआ अंत
दाऊद इब्राहिम एक कुख्यात अपराधी और आतंकवादी है, जिसने भारत में 1980 और 1990 के दशक में माफिया नेटवर्क स्थापित किया। उसका पूरा नाम दाऊद इब्राहिम कासकर है और वह मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में पैदा हुआ था।

अपराध की शुरुआत
दाऊद का आपराधिक जीवन 1970 के दशक में शुरू हुआ जब वह मुंबई के अंडरवर्ल्ड में शामिल हुआ। शुरुआत में वह छोटी-मोटी आपराधिक गतिविधियों में शामिल था, लेकिन जल्द ही वह बड़े अपराधी गुटों के साथ जुड़ गया।

डी-कंपनी
1980 के दशक के मध्य में, दाऊद ने अपनी अपराधी संगठन ‘डी-कंपनी’ की स्थापना की। इस संगठन ने मुंबई में तस्करी, ड्रग्स, जबरन वसूली, और हत्याओं का जाल फैला दिया। दाऊद की डी-कंपनी ने मुंबई अंडरवर्ल्ड में अपनी मजबूत पकड़ बना ली और दाऊद ने खुद को एक प्रमुख अपराधी के रूप में स्थापित कर लिया।

 मुंबई बम धमाके
1993 में, मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के पीछे दाऊद इब्राहिम का हाथ बताया गया। इन धमाकों में 250 से अधिक लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए। इसके बाद दाऊद भारत के सबसे वांछित अपराधियों में शामिल हो गया।

बड़े डीसीएम ने मारी छोटे डीसीएम को टक्कर ,चालक हुआ जख्मी ले जाया गया अस्पताल

सरोजिनी नगर| बंथरा में दो डीसीएम के आपस में टकरा जाने से छोटे डीसीएम का चालक हुआ गंभीर अवस्था में जख्मी मौके पर स्थानियो लोगो की सहायता से ले जाया गया अस्पताल।
पूरा मामला बंथरा थाना क्षेत्र के गौरी शंकर खेड़ा से पहले दोंदहियाखेड़ा बिजनौर रोड का हैं जहां पर शुक्रवार दोपहर 1 बजे के आसपास एक तेज़ आ रहे बड़े डीसीएम (UP 78GN 9885) ने पीछे से एक छोटे डीसीएम को टक्कर मारी जिसके कारण छोटा डीसीएम बगल के एक खंती में जा गिरा घटना में दोनो डीसीएमओ के चालको को चोटे आई हैं लेकिन स्थानीय लोगो ने बताया की छोटे डीसीएम चालक की हालत गंभीर हैं उसे उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया हैं जहां उसकी हालत अभी गंभीर बनी हुई हैं गनीमत रही की कोई दुर्घटना नही हुई । लोगो ने बताया की बड़े डीसीएम की रफ्तार बहुत तेज थी।

ई खबर मीडिया के लिए रजत पांडेय ब्यूरो रिपोर्ट

स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए किशोरावस्था विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन*

मोरनी 14 जून आज होटल माउंट क्वेल मोरनी में फैमिली प्लानिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया पंचकूला ब्रांच द्वारा स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए किशोरावस्था विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मचारियों को किशोरावस्था के विभिन्न पहलुओं, चुनौतियों और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के प्रति जागरूक करना और उन्हें उचित प्रशिक्षण प्रदान करना था।

कार्यक्रम का उद्घाटन स्वास्थ्य अधिकारी मोरनी, डॉ. सागर जोशी द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन भाषण में डॉ. जोशी ने किशोरावस्था की संवेदनशीलता और इस दौरान आने वाली समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस आयु वर्ग में मानसिक, शारीरिक और सामाजिक परिवर्तनों के चलते किशोरों को विशेष देखभाल और मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।

प्रशिक्षण सत्र का संचालन मंजुला सुलेरिया, जो कि एक प्रसिद्ध लाइफ स्किल कोच हैं, द्वारा किया गया। उन्होंने किशोरों में होने वाली मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं, जैसे कि तनाव, अवसाद, और आत्मसम्मान की कमी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मंजुला ने स्वास्थ्य कर्मचारियों को किशोरों से संवाद करने के प्रभावी तरीकों और उन्हें सहायता प्रदान करने की विभिन्न तकनीकों के बारे में भी बताया।

कार्यक्रम में किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक परिवर्तनों और उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी चर्चा की गई। इस विषय पर शाखा के जनरल मैनेजर मनोज कुमार ने कर्मचारियों को शिक्षित किया। उन्होंने किशोरों में पोषण, व्यायाम और स्वच्छता की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया और स्वास्थ्य कर्मचारियों को इस संबंध में उपयोगी सुझाव दिए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में 50 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम की सराहना की और इसे बेहद लाभदायक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्हें किशोरावस्था के मुद्दों को बेहतर ढंग से समझने और उन्हें प्रभावी तरीके से संभालने में मदद मिलेगी।

इस मौके पर प्राइमरी हेल्थ केंद्र मोरनी के हेल्थ इंस्पेक्टर स्वरूप सिंह, डॉ. आरती गुप्ता, डॉ. अनमोल, आयुष चिकित्सा अधिकारी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम मोरनी, एनएम, सीएचओ और आशा वर्कर उपस्थित रहे।

सुश्री वंदना शर्मा, प्रोग्राम ऑफिसर, और श्री धर्मवीर गौतम, फील्ड कॉर्डिनेटर, ने कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों का फैमिली प्लानिंग एसोसिएशन पंचकूला ब्रांच की तरफ से उनके सहयोग और सक्रिय भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया।

इस प्रकार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए अत्यंत सफल और ज्ञानवर्धक रहा। भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा ताकि हमारे स्वास्थ्य कर्मचारी और भी सशक्त और सक्षम बन सकें।

ई खबर मीडिया के लिए हरियाणा ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

The Journey of Senior Journalist Ashok Gautam

Senior journalist and political analyst Ashok Gautam is a distinguished figure known for his impartiality and analytical approach in the media. With a career spanning numerous prominent news channels, newspapers, and social media platforms, he has made significant contributions through his expertise. His deep and insightful political analysis helps viewers and readers understand the political landscape better.

Born in Mathura in 1956, Ashok Gautam‘s family later settled in Rajasthan, where he received his early education in Bhopal. He made his mark in the field of journalism, playing vital roles in various media organizations. His writing and reporting style quickly earned him respect as a reputable journalist.

As a political analyst, Ashok Gautam has covered numerous significant political events and garnered widespread appreciation for his unbiased opinions. His articles and reports have not only educated the general public but also significantly influenced the political scenario.

Active on social media, he engages regularly with his audience, keeping them updated with the latest political happenings and analyses. His impartiality, truthfulness, and in-depth analysis have earned him a distinct place in the journalism world.

राजनीति के मर्मज्ञ: वरिष्ठ पत्रकार अशोक गौतम का सफर

वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक जानकार अशोक गौतम एक प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं जो मीडिया में अपनी निष्पक्षता और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई प्रमुख समाचार चैनलों, अखबारों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी विशेषज्ञता से योगदान दिया है। उनका राजनीतिक विश्लेषण गहन और जानकारीपूर्ण होता है, जो दर्शकों और पाठकों को राजनीतिक घटनाक्रम को समझने में मदद करता है।

अशोक गौतम का जन्म 1956 में मथुरा में हुआ था। उनका परिवार बाद में राजस्थान में बस गया, जहां उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भोपाल में प्राप्त की। उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए विभिन्न मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी लेखनी और रिपोर्टिंग की शैली ने उन्हें जल्द ही एक सम्मानित पत्रकार बना दिया।

राजनीतिक विश्लेषक के रूप में, अशोक गौतम ने अनेक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाओं को कवर किया है और उनकी निष्पक्ष राय के लिए उन्हें व्यापक सराहना मिली है। उनके द्वारा लिखे गए लेख और रिपोर्ट्स ने न केवल आम जनता को जागरूक किया है, बल्कि राजनीतिक परिदृश्य को भी महत्वपूर्ण तरीके से प्रभावित किया है।

सोशल मीडिया पर भी उनकी सक्रियता ने उन्हें एक व्यापक दर्शक वर्ग के साथ जोड़ रखा है। वे नियमित रूप से अपने अनुयायियों के साथ संवाद करते हैं और उन्हें ताजातरीन राजनीतिक घटनाओं और विश्लेषणों से अवगत कराते हैं। उनकी निष्पक्षता, सत्यता और गहन विश्लेषण ने उन्हें पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट स्थान दिलाया है।

झारखंड में कोर्ट मैरिज के बाद युगल का संघर्ष: सुलेन्द्र और प्रीति की कहानी

झारखंड :  नवादा थाना अंतर्गत कव्वाकोल तहसील के चैनल दीप गाँव धारमा में रहने वाले सुलेन्द्र कुमार और प्रीति देवी की कोर्ट मैरिज ने पाँच महीने बाद एक नया मोड़ ले लिया है। सुलेन्द्र, जिनके पिता का नाम रामखेलावन जी है, ने पाँच महीने पहले प्रीति देवी से कोर्ट मैरिज की थी। शादी के बाद जब यह युगल अपने गाँव लौटा, तो उनके घरवालों ने इस शादी पर आपत्ति जताई।

सुलेन्द्र और प्रीति ने झारखंड में जाकर कोर्ट मैरिज की थी। शादी के पाँच महीने बीतने के बाद, जब वे अपने गाँव वापस आए, तो उनके घरवालों ने इस शादी को मान्यता नहीं दी। मामले ने तब तूल पकड़ा जब प्रीति की दादी जी ने पुलिस को फोन कर इसकी शिकायत की।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सुलेन्द्र और प्रीति को हिरासत में ले लिया। अदालत में सुनवाई के दौरान, सुलेन्द्र ने अपनी पत्नी प्रीति के साथ रहने की इच्छा जताई और कहा कि वह किसी भी सजा को भुगतने के लिए तैयार हैं, लेकिन अपनी पत्नी का साथ नहीं छोड़ेंगे। सुलेन्द्र ने बताया कि प्रीति पाँच महीने की गर्भवती हैं और उसकी दादी उसे जबर्दस्ती अपने घर ले गई। सुलेन्द्र ने प्रशासन से अपील की है कि वह प्रीति से मिलने में उनकी मदद करें क्योंकि वह प्रीति के बिना नहीं रह सकते और उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए युगल के अधिकारों और उनकी सुरक्षा का आश्वासन दिया है। इस घटना ने समाज में विवाह और परिवार की परंपराओं के बीच की खाई को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

ई खबर मीडिया के लिए ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

 

राजस्थान: करौली जिले के समरदा गाँव में दबंगों द्वारा किसान की ज़मीन पर अवैध कब्जा

राजस्थान : करौली जिले की गाँव समरदा में एक ग्रामीण की ज़मीन पर दबंग द्वारा अवैध कब्जा करने का मामला सामने आ रहा है जिसकी शिकायत किसान ने उच्च अधिकारियों से करने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई फिर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत की है। मगर आज तक उस मामले में कोई वैध कार्यवाही नहीं की गई है। यह है पूरा मामलाआपको बता दें कि समरदा ग्राम निवासी लक्की पिता सुखराम ने जानकारी बताया कि उसके खेत में खड़ी हुई है जो कि अभी कटने की कगार पर थी लेकिन कुछ दबंगों द्वारा उसकी ज़मीन पर कब्जा किया गया है जिसकी शिकायत किसान ने पुलिस अधिकारियों थाना पर भी की लेकिन अभी तक किसान की समस्याओं का कोई निराकरण नहीं हुआ है।क्या लिखा है शिकायत पत्र में
आवेदन बाबत अनवेदक गणो द्वार खेत उगाई फसल नष्ट व को रौंद देने बारे कार्यवाही किये जाने बाबत
फसल बर्बाद हो गई है तथा मेरे खेत ते आने बेहई जाने का कोई रास्ता नही फिर भी अनावेदकगण मेरी बरसाती फसल में तो को मेरी खड़ी फसल में से ट्रेक्टर का आना जाना करते है। जिसके कारण आवेदक की फ़सल को नष्ट व बर्बाद कर दिया है।

माननीय उच्चतम न्यायालय में भी अपने न्यायिक निर्णय पृथ्वीराज चौहान बनाम यूनियन ऑफ इंडिया रिट पिटीशन नंबर 1015/2018 निर्णय दिनांक 15-02-2020 पैरा संख्या 15 में भी यह न्याय सिद्धान्त पतिपादित किया है कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय की मंशानुसार अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के शारीरिक एवं सम्पत्ति के प्रति घटित अपराध दण्ड संहिता के भिन्न प्रकृति के रूप में है, उन्हें सामान्य रूप से भारतीय दण्ड संहिता के अपराधों से तुलना करके नहीं देखा जा सकता। उन्हें विशेष रूप से इस अधिनियम के तहत विशेष प्रक्रिया का पालन कर अनुसंधान, जांच व विचारण के समय देखे जाने की व्यवस्था की गई है।

अतः हमारा मानना है कि उक् प्रकरण में अभियुक्तगण के विरुद्ध विधिवत आपराधिक दाण्डिक कार्यवाही किये जाने के साथ-साथ पीड़ित को इस अधिनियल की मंशानुसार उसे शारीरिक एवं साम्यत्यिक अधिकारों के संरक्षण एवं पुनरऊदार की विशेष आवश्यकता है। अतः जिला कलेक्टर करोली व जिना पुलिस अधीक्षक करौली को निर्देश दिया जाता है कि यह धारा 10 व 15 ए अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में उपबन्धित प्रावधानों का पालन कर प्रभावी कार्यलही कर पीडित के आक्षेपित आराजी से संबंधित साम्पत्यिक अधिकार व शारीरिक संरक्षण हेतु समुचित उपाय कर इस न्यायालय को सूचित करे।

फौजदारी लिपिक को आदेश दिया जाता है कि वह उक्त आदेश की प्रति संकलित कर धारा 15 ए (8) एससी/एसटी एक्ट के तहत आवश्यक कार्यवाही हेतु पृथक से पत्रावली खोली जावे। इसलिये उपरोक्त विधि एवं तथ्य की रोशनी में हम इस निष्कर्ष पर पहुँचे है कि उपरोक्त अभियुक्तगण के विरुद्ध अनुसूचित जाति संवर्ग के सदस्य श्री लक्खी बैरवा के स्वामित्व व आधिपत्य की भूमि पर अनाधिकृत रूप से बल व हिंसा का प्रयोग कर आपराधिक अतिचार करते हुए उसकी भूमि के उपयोग उपभोग व फसल करने में बाधा कारित की है तथा बाधा कारित करते हुए पीडित व उसके परिवारीजन पर बल व हिंसा का प्रयोग करते हुए उपहति कारित किये जाने के पर्याप्त साक्ष्य प्रसंज्ञान लिये जाने हेतु अभिलेख पर हैं अतः पुलिस द्वारा प्रस्तुत उक्क् एफआर अस्वीकार की जाती है तथा परिवादी की प्रोटेस्ट पिटीशन स्वीकार की जाकर अभियुक्तगण अतरसिंह, बदनसिंह, नरसी व सिया पुत्रान जयलाल जातियान गुर्जर निवासी गैरई की गुबाडी पुलिस थाना सपोटरा, जिला करौली के विरुद्ध धारा 323,341,447/34 भादंसं व धारा 3(1) (सी) (एफ) (जी) (आर) (एस), 2 (बीए) अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत प्रसंज्ञान लिया जाता है। प्रकरण दर्ज रजिस्टर हो। विशिष्ठ लोक अभियोजक को आदेश दिया जाता है कि वह उक्त प्रकरण की अन्य आपराधिक प्रकरणों की तरह अपेक्षित दस्तावेजात व साक्ष्य संकलित कर पैरवी करेंगे। विशिष्ठ लोक अभियोजक गवाहन सूची पेश साथ ही अभियुक्तगण पर विशिष्ठ अधिनियम का आरोप होने से उन्हें ) जरिये गिरफतारी वारण्ट तलब किया जावे। उपरोक्त प्रकरणों में से नवीनतम प्रकरण 569/2020 पुलिस थाना सपोटरा अपराध अन्तर्गत धारा 143,3123,341,354,447,379 भा दं से व धारा 3 (1) (आर) (एस) (एफ) (डब्ल्यू), 2 (va) एससी/एसटी एक्ट 1989 अभियुक्तगण के आपराधिक कृत्य के बाबत पृथक से दर्ज कराया है जिसमें पीडित लक्खी व उसके परिवारीजन के साथ मारपीट में चोटें आई हैं जिसकी लिखित रिपोर्ट इस न्यायालय के समक्ष उप पुलिस अधीक्षक वृत कैलादेवी के द्वारा प्रस्तुत की गई।
संपीटरा की ओर से प्रस्तुत FR से संतुष्ट न होकर पुनः जांच कराये जाने का निवेदन किया है और अपनी प्रोटेस्ट पिटीशन में लिखित एवं मौखिक रूप से निवेदन किया है कि अभियुक्कगण बदमाश विनन्म के व्यक्ति है, जो गरीध व अनुसूचित जाति-अनुसूचित जन जाति वो व्यक्तियों की जमीन पर विधि विरुद्ध रूप में कक्षा करते है और कमजोर वर्ग के व्यक्तियों को उनकी जमीन पर कारत सहीं करने देते है। बड़ी फसल को काट कर ले जाते है। अभियुक्तगण द्वारा अनुसंधान अधिकारी पर दबाव बना कर उत्क्ता प्रकरण में एफ.आर. सिदिल नेचर का बताते हुए प्रस्तुत की है। आरोपीगण के पास उक्त जमीन का कोई वैधानिक रूप से स्वामित्व व आधिपत्य नहीं है। मुस्तगीस के विधिक स्वामित्व व आधिपत्य की भूमि से उसे येकब्जा कर खड़ी फसल को लाठी व हिंसा के बल पर काट कर ले जाते है। इस बाबत आरोपीगण अतरसिंह बदनसिंह नरसी, सिया पुत्र जयलाल जाति गुर्जर गैरई की गुबाडी पुलिस कना सपोटरा के आपराधिक कृत्य के लिये पीडित परिवादी द्वारा पूर्व व वर्तमान में निम्न प्रकरण दर्ज कराये गये हैं

दबंग देते है जान से मारने की धमकिया

न्याय के लिए दर-दर भटक रहा लक्की का परिवार वह बुजुर्ग परिवार । उसका कहना है कि गाँव की आबादी में उसकी ज़मीन है जिस पर गाँव के ही कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है जबकि वह ज़मीन हमारे पूर्वजों की है। हम उस पर कई वर्षों से खेती कर रहे है अपना जीवपन यापन कर रहे है। साथ ही पीड़ित किसान का कहना है कि कई बार पुलिस अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद उस ज़मीन से अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। दबंग किशम के लोगों ने तहसीलदार के साथ मिलकर हमारी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया। और थाना अधिकारियों द्वारा सिर्फ़ निराकरण का आश्वासन देकर वापस घर भेज दिया जाता है।

ई खबर मीडिया के लिए हरियाणा ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

फिर दहेज की बलि चढ़ी एक युवती , जानें कैसे खौफनाक तरीके से ससुरालवालों ने रचि हत्या की साजिश!

राजस्थान : जिला सिरोही पिण्डवाड़ा के पीड़ित भाई प्रेम सिंह ने बहन मृतका संतोष कंवर 35 वर्ष को ससुराल वालों ने दहेज के लिए प्रताड़ित किया संतोष का विवाह 2010 में हुआ था तभी से ही ससुराल वाले उसे परेशान करते थे पीड़िता के भाई प्रेम सिंह ने बताया कि मेरी बहन का मर्डर किया गया है और से फांसी के फंदे पर लटका दिया गया आरोपियों के नाम फिर में दर्ज हैं पीड़ित भाई प्रेम सिंह ने बताया कि 302 का मुकदमा दर्ज होने के बावजूद कोई

पुलिस नहीं आई है पिंडवाड़ा SHO की मिली भगत से कार्रवाई में हो रही देरी।
पीड़ित भाई ने के लिए दर-दर भटक रहा भाई ने लगाई सरकार से मदद की गुहार आरोपियों को जल्दी से जल्दी जेल में भेजा जाए तभी मेरी बहन की आत्मा को शांति मिलेगी अन्यथा उसकी आत्मा भटकती रहेगी। भाई प्रेम सिंह ने बताया कि मेरी बहन की मेडिकल रिपोर्ट में भी छोटे आई हुई है और गहरे निशान हैं परंतु पुलिस की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं हो रही पुलिस के आल्हा अधिकारियों तक लिखित में शिकायत दी जा चुकी है परंतु ससुराल पक्ष रसूखदार होने की वजह से न्याय में हो रही देरी।

पुलिस महानिरीक्षक महोदय, जिला पाली को दिया शिकायत पत्र

एस.बी. क्रिमिनल मिशलेनियश पिटिशन संख्या 3514/2024, दिनांक 28.05.2024 को पारित आदेश की पालना बाबत।

प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या: 198/2024, पुलिस थाना पिण्डवाड़ा, जिला सिरोही, अपराध अन्तर्गत धारा 143, 201, 302, 406 भारतीय दण्ड संहिता

उपरोक्त विषयान्तर्गत प्रार्थी की ओर से निम्न निवेदन है:

1.  मृत्यु का प्रकार: प्रार्थी के विवाद के अनुसार, उनकी बहन संतोष कंवर की हत्या दिनांक 03.05.2024 को हो गई थी। प्रार्थी ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी, और पुलिस द्वारा उस दिन शाम 5:50 पर मर्ग रिपोर्ट दर्ज की गई।

2.  पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति: प्रार्थी का आरोप है कि पुलिस ने पहले रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जिसके बाद उन्होंने न्यायालय में याचिका दायर की। न्यायालय ने उनकी याचिका को 28.05.2024 को पारित किया और जांच के बिंदुओं को पुलिस अधीक्षक और अनुसंधान अधिकारी को प्रेषित करने का आदेश दिया।

3.  जांच के आधार: जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों की जांच की जानी चाहिए, जैसे कि मृत्यु के वास्तविक कारण, परिवार के अनुपस्थिति का कारण, और विवादित पुलिस रिपोर्ट के दर्ज न करने का विवादित असर।

4. आदेश का पालन: प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत बिंदुओं की जांच के लिए निष्पक्ष और संपूर्ण जांच की आवश्यकता है, और जांच रिपोर्ट में उक्त बिंदुओं को शामिल किया जाना चाहिए।
भाई प्रेम सिंह ने लगाई मदद की गुहार और मीडिया के माध्यम से कहां कि मुझे इंसाफ दिलाओ प्रेम सिंह ने कहा कि SHO हमीर सिंह भी आरोपियों के साथ मिला हुआ है तथा कार्यवाही होने में देरी लग रहा है। तथा उक्त सभी आरोपियों को जेल में डाला जाए और मेरी बहन को इंसाफ दिलाया जाए।

यह घटना दर्शाती है कि भाई प्रेम सिंह ने अपनी बहन संतोष कंवर की हत्या के मामले में न्याय प्राप्त करने के लिए अपनी याचिका को न्यायालय में दायर किया है। उनका आरोप है कि पुलिस ने पहले रिपोर्ट दर्ज की और फिर भी कार्रवाई में देरी हो रही है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से इंसाफ दिलाने की मांग की है। वे चाहते हैं कि सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनकी बहन को न्याय मिले।

ई खबर मीडिया के लिए देव शर्मा की रिपोर्ट

शादी का झांसा देकर चार साल तक यौन शोषण: प्रयागराज की बबीता पटेल का आरोप

जिला प्रयागराज:  थाना क्षेत्र मऊ एमा , तहसील सराओं के सिकंदरपुर गाँव की रहने वाली 23 वर्षीय बबीता पटेल ने आरोप लगाया है कि कमल सिंह एडवोकेट नामक व्यक्ति 35 वर्ष ने शादी का झांसा देकर चार साल तक उसका यौन शोषण किया। बबीता पटेल ने मीडिया को बताया कि आरोपी ने उसे शादी करने का वादा किया और इसी बहाने कई बार शारीरिक संबंध बनाए। जब भी बबीता ने शादी की बात की, कमल सिंह ने उसे तरह-तरह के बहाने बनाकर टाल दिया। अंततः, महिला ने इस झूठ को पहचान लिया और कानून की सहायता लेने का निर्णय किया, लेकिन बदनामी के डर से पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई।

बबीता के अनुसार, चार साल पहले कमल सिंह ने उससे संपर्क किया और धीरे-धीरे दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध स्थापित हो गए। कमल सिंह ने विश्वास दिलाया कि वह उससे शादी करेगा, लेकिन जब भी बबीता ने शादी की बात की, उसने इसे टाल दिया। अब कमल सिंह किसी दूसरी महिला से शादी कर रहा है, क्योंकि वह दहेज के लालची हैं।

क्या है पूरा मामला?

बबीता पटेल ने मीडिया को दिए पत्र में बताया कि चार साल पहले उसकी जान-पहचान कमल सिंह से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच मित्रता बढ़ी और कमल सिंह ने बबीता को विश्वास दिलाया कि वह उससे शादी करेगा। इस विश्वास के आधार पर बबीता ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब भी बबीता ने शादी की बात की, कमल सिंह ने इसे टाल दिया और लगातार संबंध बनाए रखे।

जब बबीता ने कमल सिंह से कहा कि उसने अपने घरवालों से भी बात कर ली है, तो कमल सिंह ने उसे धोखा देकर छोड़ दिया। बबीता ने बताया कि कमल सिंह ने उसे धमकियां दीं और उसके परिवार को भी जान से मारने की धमकी दी। बबीता ने कहा कि कमल सिंह ने उसके साथ न केवल शारीरिक शोषण किया बल्कि उसे मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया।

इंसाफ की गुहार

बबीता पटेल ने सरकार और समाज से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के प्रति चिंता को बढ़ाती हैं। यह घटना एक बार फिर सोचने पर मजबूर करती है कि महिलाओं को ऐसे अपराधों से बचाने के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा सकते हैं। बबीता ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच से ही पीड़िता को न्याय मिल सकता है और समाज में महिलाओं के प्रति अपराधों पर अंकुश लग सकता है। बबीता ने पुलिस से एफआईआर दर्ज करवाने और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित करने की मांग की है।

ई खबर मीडिया के लिए हरियाणा ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

प्रेमिका से दूसरी शादी और धमकियों के बाद रिंकू कुमारी ने छोड़ा ससुराल

बिहार: शिवहर जिले के पिपरिया थाना क्षेत्र के मीनापुर बलहा गांव की निवासी रिंकू कुमारी ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रिंकू कुमारी का कहना है कि उसका पति दिनेश मेहता, जिसकी उम्र 45 वर्ष है, काम के सिलसिले में उनके एक बेटे को लेकर काठमांडू चला गया और उसे व उनके छोटे बच्चों को अकेला छोड़ दिया।

रिंकू का आरोप है

दिनेश मेहता ने अपनी प्रेमिका मंजू से दूसरी शादी कर ली है और उसे जान से मारने की धमकी देता है। रिंकू ने बताया कि तीन दिन पहले दिनेश घर आया और उनके साथ मारपीट करने लगा और उसके एक बच्चे को छीनकर ले गया ।

इस स्थिति से त्रस्त रिंकू कुमारी ने मीडिया के माध्यम से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि दिनेश मेहता उन्हें लगातार परेशान करता है, मारता-पीटता है और जान से मारने की धमकी देता है। पति की प्रताड़ना से तंग आकर रिंकू अब अपने माता-पिता के घर पर रह रही हैं।

रिंकू कुमारी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा, “दिनेश ने दूसरी शादी कर ली है और अब सौतन मंजू के साथ रहता है। मैं बहुत परेशान हूं और मुझे और मेरे बच्चों को सुरक्षा चाहिए।”

मीडिया के माध्यम से की पुलिस से कार्रवाई की मांग

रिंकू कुमारी ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है और चाहती हैं कि उनके पति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि वे चाहती हैं कि उनके बच्चे सुरक्षित रहें और दिनेश मेहता को उसकी गलतियों की सजा मिले।यह मामला घरेलू हिंसा और पति द्वारा पत्नी को प्रताड़ित करने का है। रिंकू कुमारी की यह कहानी एक बार फिर से उस सच्चाई को उजागर करती है कि कई महिलाएं आज भी घरेलू हिंसा का शिकार हो रही हैं और न्याय की तलाश में दर-दर भटक रही हैं। अब देखना यह है कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और रिंकू कुमारी को कब न्याय मिलता है।

ई खबर मीडिया के लिए हरियाणा ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट