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Wednesday, January 28, 2026
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कोर्ट में निखिल का दलजीत को पत्नी मानने से इनकार:एक्ट्रेस भड़ककर बोलीं- ये करवाचौथ के दिन क्यों नहीं बताया, क्या मैं मिस्ट्रेस थी?

टीवी एक्ट्रेस दलजीत कौर ने हाल ही में पति निखिल पटेल के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई थी, जो केन्या के एक बिजनेसमैन हैं। तलाक की खबरों के बीच एक्ट्रेस लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। अब एक्ट्रेस ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया है कि केन्या में उनके मामले की पहली सुनवाई हुई थी। हालांकि भरे कोर्ट में निखिल ने ये मानने से तक इनकार कर दिया है कि दलजीत उनकी आधिकारिक पत्नी हैं। निखिल के इस बयान पर अब दलजीत कौर ने भड़कते हुए सवाल किया है कि अगर वो पत्नी नहीं थीं, तो क्या वो एक मिस्ट्रेस थीं।

दलजीत कौर ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया अकाउंट के स्टोरी सेक्शन पर लिखा है, जो भी इस बारे में जानना चाहते थे मैं उन्हें बताना चाहती हूं कि आज कोर्ट में मेरी पहली सुनवाई हुई है। उनका वकील पूरे समय बस यही साबित करता रहा कि हमारी कभी शादी ही नहीं हुई। जब मैंने शिकायत दर्ज करवाई तब इंडियन पुलिस ने मुझसे कहा था कि ट्रेडिशन्स और चश्मदीद ही उसे सलाखों के पीछे करवाने के लिए काफी हैं। अगर वो शादी से इनकार करता है, तो देखा जाएगा कि आगे क्या करना है। लेकिन उसके परिवार को ये कहते हुए शर्म आनी चाहिए कि कोई शादी ही नहीं है।

आगे दलजीत कौर ने केन्या की एक कंपनी को मेंशन कर लिखा है, जब आपने अपने सभी बड़े लीडर्स को कल्चरल इवेंट में बुलाया तो क्या आप लोगों ने सभी लोगों की पत्नियों को गेट-टुगेदर के लिए नहीं बुलाया? या फिर मैं कोई मिस्ट्रेस थी, जिसे आपने बुलाया था? अपनी पोस्ट में दलजीत ने आगे लिखा है, मुझे ये जानकर शर्मिंदगी हो रही है कि तुम ये साबित कर रहे हो कि हमारी शादी नहीं हुई। तुम्हें ये बात मुझे करवाचौथ के दिन बतानी थी, जब मैं रात के साढ़े 11 बजे तक अपने पति के लिए भूखी रही थी। मुझे उस दिन खाना खा लेना था। तुम्हें शर्म आनी चाहिए निखिल।

बताते चलें कि टीवी एक्ट्रेस दलजीत कौर ने 2009 में एक्टर शालीन भानोट से शादी की थी, जिससे उन्हें एक बेटा जॉर्डन है। ये शादी 2015 में टूट गई थी, जिसके बाद दलजीत ने 2023 में केन्या बेस्ड बिजनेसमैन निखिल पटेल से दूसरी शादी की थी।

शादी भारत में हिंदू रीति-रिवाजों से हुई थी, जिसके बाद दलजीत बेटे जॉर्डन के साथ केन्या शिफ्ट हो गई थीं, हालांकि 8 महीने बाद ही वो भारत लौट आईं। भारत आकर दलजीत ने पति पर धोखाधड़ी और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोप लगाए, जिससे वो सुर्खियों में आ गईं। इसके बाद से ही दलजीत लगातार पति पर सोशल मीडिया के जरिए आरोप लगा रही थीं, जिसके बाद निखिल ने उनका सामान घर से फेंकने की धमकी देते हुए बताया कि उन्होंने दलजीत से कभी रजिस्टर्ड मैरिज नहीं की थी। लंबे विवाद के बाद 4 अगस्त को दलजीत ने निखिल के खिलाफ अगरीपाड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई थी। दलजीत के बाद निखिल ने भी केन्या में दलजीत के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसकी सुनवाई 22 अगस्त को हुई है।

सेंसेक्स 33 अंक की तेजी के साथ 81,086 पर बंद:निफ्टी में भी 11 अंक की बढ़त रही, ऑटो छोड़कर सभी सेक्टर में गिरावट रही

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन आज यानी 23 अगस्त सेंसेक्स 33 अंक की तेजी के साथ 81,086 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 11 अंक की तेजी रही, ये 24,823 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 15 में तेजी और 13 में गिरावट रही। निफ्टी के 50 शेयरों में से 22 में तेजी और 28 में गिरावट रही। निफ्टी ऑटो छोड़कर सभी सेक्टर में गिरावट रही।

अनिल अंबानी शेयर बाजार से 5 साल के लिए बैन
मार्केट रेगुलेटर सेबी ने फंड की हेराफेरी के मामले में इंडस्ट्रियलिस्ट अनिल अंबानी को शेयर बाजार से 5 साल के लिए बैन कर दिया है। अंबानी पर 25 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। उनके किसी भी लिस्टेड कंपनी में डायरेक्टर रहने पर भी पाबंदी लगा दी गई है।

एशियाई बाजार में आज मिलाजुला कारोबार रहा

  • एशियाई बाजार में जापान के निक्‍केई में 0.40% की तेजी और हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग में 0.16% की गिरावट रही। चीन का शंघाई कंपोजिट 0.20% चढ़ा और कोरिया के कोस्पी में 0.22% गिरा।
  • NSE के डेटा के अनुसार, विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 23 अगस्त को ₹1,371.79 करोड़ के शेयर खरीदे। इस दौरान घरेलू निवेशकों (DIIs) ने भी ₹2,971.80 करोड़ के शेयर खरीदे।
  • गुरुवार को अमेरिकी बाजार का डाओ जोंस 0.43% गिरकर 40,712 के स्तर पर बंद हुआ। नैस्डैक भी 1.67% गिरा, ये 17,619 के स्तर पर बंद हुआ। S&P500 0.89% की गिरावट के साथ 5,570 के स्तर पर बंद हुआ।

ओरिएंट टेक्नोलॉजीज के IPO के लिए बोली लगाने का आखिरी दिन

ओरिएंट टेक्नोलॉजीज के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO के लिए आज बोली लगाने का आखिरी दिन है। यह IPO 21 अगस्त को ओपन हुआ था। दो दिन में ओरिएंट टेक्नोलॉजीज का IPO टोटल 17.51 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। रिटेल कैटेगरी में IPO 25.62 गुना, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) में 0.16 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) कैटगरी में 21.75 गुना सब्सक्राइब हुआ।

बांग्लादेशी क्रिकेटर शाकिब अल हसन पर हत्या का केस:कपड़े की दुकान पर काम करने वाले शख्स की हत्या का आरोप

बांग्लादेश के दिग्गज ऑलराउंडर शाकिब अल हसन पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। इस मामले में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, एक्टर फिरदौस अहमद और ओबैदुल कादर और 154 अन्य लोगों पर भी आरोप हैं। इसके अलावा करीब 400 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। मौजूदा समय में शाकिब अल हसन पाकिस्तान दौरे पर हैं। वह बांग्लादेश की टेस्ट टीम का हिस्सा हैं और अभी रावलपिंडी में सीरीज का पहला टेस्ट मैच खेल रहे हैं।

क्या है पूरा मामला? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन सभी पर कपड़े की दुकान में काम करने वाले रुबेल नाम के शख्स की हत्या का आरोप है। 5 अगस्त को रुबेल ने एडबोर में रिंग रोड पर एक विरोध मार्च में हिस्सा लिया था। रैली के दौरान किसी ने सुनियोजित साजिश के तहत भीड़ पर गोलियां चला दी। इस गोलीबारी में रुबेल को छाती और पीठ में गोलियां लगी। इसकी वजह से 7 अगस्त को हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

शाकिब और फिरदौस इसी साल बने थे सांसद शाकिब और फिरदौस इस साल जनवरी में आवामी लीग के टिकट पर सांसद चुने गए थे। हालांकि, प्रधानमंत्री शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद उनकी सांसदी भी छीन गई।

विवादों से शाकिब का गहरा नाता बांग्लादेश का यह स्टार ऑलराउंडर अक्सर मैदान और मैदान के बाहर विवादों के चलते चर्चा में बना रहता है। इस साल अप्रैल महीने में उन्होंने ग्राउंड स्टाफ के साथ हाथापाई की थी। उसका फोन छीनने की कोशिश की थी और उसे हथप्पड़ मारने की धमकी भी दी थी। इसके अलावा वह मैदान पर विपक्षी टीम के खिलाड़ियों और अंपायर्स से भी कई बार भीड़ चुके हैं।

देश का मानसून ट्रैकर:मथुरा में बाढ़, सड़कें धसीं; त्रिपुरा में सेना ने 330 लोगों को बचाया; राजस्थान के 26 जिलों में बारिश का अलर्ट

जन्माष्टमी के 3 दिन पहले मथुरा में तेज बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। रेस्क्यू करने के लिए नगर निगम को जेसीबी मशीनें लगानी पड़ीं। कई जगह सड़कें भी धंस गईं। त्रिपुरा में पिछले 5 दिनों में भारी बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण 17 लाख लोग प्रभावित हैं। 22 लोगों की मौत हो चुकी है। सेना ने 330 लोगों को बचाया। 65 हजार लोग 450 रिलीफ कैंप में हैं। उत्तर प्रदेश के 10 जिलों के 80 से ज्यादा गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बलिया में गंगा और बाराबंकी में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राजस्थान में आज 26 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।

त्रिपुरा में 5 दिनों में 1900 लैंडस्लाइड

  • त्रिपुरा में पिछले 5 दिनों में 1900 से ज्यादा लैंडस्लाइड हुई हैं। असम राइफल्स की राइफलवुमन बचाव कार्यों का नेतृत्व कर रही हैं। पूरे राज्य से अब तक 750 से अधिक लोगों को निकाला जा चुका है।
  • गृह मंत्री अमित शाह ने भी त्रिपुरा CM को फोन करके राज्य में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और उन्हें केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। शाह ने बताया कि NDRF की 4 टीमें त्रिपुरा पहुंची हैं।
त्रिपुरा में बाढ़ और लैंडस्लाइड पीड़ित लोगों को बचाने के लिए आर्मी ने ऑपरेशन जल राहत शुरू किया।

जेलेंस्की से मोदी की मुलाकात, दोनों गले मिले:रूस-यूक्रेन जंग में मारे गए बच्चों को श्रद्धांजलि दी; थोड़ी देर में द्विपक्षीय बैठक होगी

रूस और यूक्रेन में ढाई साल से जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को यूक्रेन पहुंचे। यहां उन्होंने राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की। दोनों नेता यूक्रेन नेशनल म्यूजियम पहुंचे, जहां उन्होंने जंग में मारे गए बच्चों को श्रद्धांजलि दी। इससे पहले मोदी 10 घंटे की ट्रेन यात्रा करने के बाद भारतीय समय के मुताबिक सुबह 10 बजे कीव पहुंचे। वे यहां 7 घंटे बिताएंगे। कीव में भारतीय समुदाय के लोगों ने मोदी का स्वागत किया। PM ने फोमिन बोटैनिकल गार्डन में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। यूक्रेन के दौरे पर जाने वाले PM मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। 1991 में सोवियत संघ के टूटने के बाद यूक्रेन की स्थापना हुई थी। तब से लेकर आज तक कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री यूक्रेन नहीं गया था। PM मोदी का ये दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि 24 फरवरी 2022 को रूस के हमले के बाद से अब तक नाटो देशों के अलावा किसी अन्य देश के नेता ने यूक्रेन का दौरा नहीं किया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कुछ महीने पहले PM मोदी को यूक्रेन आने का न्योता दिया था।

रूस-यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद मोदी और जेलेंस्की की यह तीसरी मुलाकात है।

हरदोई में ग्राम प्रधान पर भूमि कब्जे और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश/ हरदोई: ग्राम मेढौवा , पोस्ट सुभान खेड़ा, थाना कासिमपुर, तहसील संडीला के निवासी जाकिर हुसैन ने ग्राम प्रधान पिंकी देवी और उनके पति आलोक कुमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। जाकिर हुसैन का कहना है कि ग्राम प्रधान अवैध तरीके से ग्राम सभा की भूमि पर कब्जा कर रहे हैं और विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार कर रहे हैं।

जाकिर हुसैन के अनुसार, उन्होंने 2013 से अब तक कई बार उप जिलाधिकारी, जिलाधिकारी, थाना दिवस, जनता दरबार और 1076 जनसुनवाई में प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन अभी तक कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत जो पैसे ग्राम विकास के लिए आए थे, वे प्रधान और उनके पति के खाते से निकाल लिए गए हैं, जबकि कार्य स्थल पर कोई भी कार्य पूरा नहीं हुआ है। पंचायत घर अधूरा पड़ा है, और तालाब खुदाई, वृक्षारोपण आदि कार्यों में भी सिर्फ कागजों पर ही काम हुआ है।

इसके अलावा, जाकिर हुसैन ने आरोप लगाया कि गांव की पशुचर, कब्रिस्तान, श्मशान घाट और धोबी घाट की जमीनों पर भी अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। हेमनाथ, लालतू, बृजलाल, मुन्नीलाल, राजू आदि लोग इन जमीनों पर खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान लेखपाल आदेश कुमार ने मौके की जांच करने के बजाय प्रधान के घर पर बैठकर कब्जाधारियों के पक्ष में रिपोर्ट तैयार की है।

पीड़ित जाकिर हुसैन ने मीडिया के माध्यम से सरकार से न्याय की गुहार लगाई है और मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर निवेदन किया है कि ग्राम सभा की जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों और भ्रष्टाचार की जांच उच्च अधिकारियों द्वारा कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री जी के दावों के बावजूद अभी तक किसी भी उच्च अधिकारी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया है।

जाकिर हुसैन ने प्रशासन से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

क्या है पूरा मामला?

जाकिर हुसैन ने हरदोई में ग्राम प्रधान पर भ्रष्टाचार और अवैध कब्जे के लगाये गंभीर आरोप उत्तर प्रदेश, हरदोई ग्राम महुआ के निवासी जाकिर हुसैन ने ग्राम प्रधान पिंकी देवी और उनके पति आलोक कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हुसैन का कहना है कि प्रधान ने ग्राम सभा की भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है और विकास कार्यों में भ्रष्टाचार किया है। मनरेगा के पैसे प्रधान और उनके पति के खाते से निकाल लिए गए हैं, जबकि कार्य आधे-अधूरे हैं। जाकिर ने मीडिया के माध्यम से सरकार से न्याय की गुहार लगाई है ।

जाकिर ने बताया कि उनके भाई के आवास का पैसा आया था, लेकिन प्रधान और सचिव ज्ञान सिंह ने दूसरे का जॉब कार्ड लगाकर पैसा निकालने की कोशिश की। रिश्वत न देने पर उनसे ₹20,000 की मांग की गई थी। जाकिर ने मीडिया के माध्यम से सरकार से न्याय की गुहार लगाई है और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उचित जांच की मांग की है।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

 

रैली जुलूस धरना स्थलों में अस्त्र – शस्त्र का धारण एवं उसका प्रदर्शन तथा अन्य हथियार लेकर चलना भी पूर्णतः प्रतिबंधित

देवास देवास अनुसूचित जाति वर्ग एवं संगठनों द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आरक्षण को लेकर ” कोटा में कोटा ” निर्धारित करने के निर्देश के विरोध में भारतबंद का आव्हान किया गया है , जिसके क्रम में राजनीतिक दल एवं अन्य संगठनों द्वारा जिले के विभिन्न भागों में रैली , जुलूस एवं ज्ञापन दिये जाने की योजना है । उक्त देशव्यापी आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया जैसे फेसबुक , व्हाट्स एप , एक्स , एसएमएस , इंस्टाग्राम आदि सोशल मिडिया के माध्यमों से सूचनाओं का आदान प्रदान सामान्य प्रक्रिया है लेकिन कुछ शरारती एवं असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक व आपत्तिजनक संदेशों को प्रसारित कर धार्मिक भावनाओं को भड़काने , जातिगत विद्वेष फैलाने , सामाजिक सौहाद्र को ध्वस्त करने की स्थिति उत्पन्न की जा सकती है । इसी प्रकार प्रस्तावित रैली , जूलस एवं धरना स्थलों पर धार्मिक , सामाजिक एवं जातिगत भावनाओं को भड़कानें हेतु आपत्तिजनक नारों , संदेशों के बैनर , पोस्टर , फ्लेक्स , होडिंग झंडे आदि लेकर प्रदर्शन किये जाने की संभावना बन सकती है । ऐसी परिस्थितियों में किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है । ऐसी परिस्थितियों में यह तुष्टि होती है कि जिले में शांति , सुरक्षा व्यवस्था एवं सौहार्द पूर्ण वातावरण बनाये रखने हेतु भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अन्तर्गत सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक व आपत्तिजनक संदेशों को प्रसारित करने तथा रैली , जूलूस आदि के दौरान आपत्तिजनक नारों , संदेशों के बैनर पोस्टर फ्लेक्स आदि लेकर प्रदर्शन किये जाने को पूर्णतः प्रतिबंधित करने के लिए तथा लोक परिशांति बनाये रखने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री ऋषव गुप्ता देवास जिले की राजस्व सीमान्तर्गत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा -163 के आधीन प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये हैं।
जारी आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति / संस्था विभिन्न इन्टरनेट तथा सोशल मीडिया के प्लेटफार्म जैसे फेसबुक , व्हाट्स एप , एक्स , एसएमएस , इंस्टाग्राम सोशल मिडिया संसाधनों का उपयोग धार्मिक भावनाओं को भड़काने , जातिगत विद्वेष फैलाने , सामाजिक सौहर्द को ध्वस्त करने सहित कोई भी भ्रामक एवं आपत्तिजनक सूचनाओं के आदान – प्रदान के लिए नहीं करेगा ।
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किसी भी भवन / सम्पत्ति ( सार्वजनिक अथवा निजी ) पर आपत्तिजनक भाषा अथवा भडकाऊ नारे लिखा जाना प्रतिबंधित रहेगा । रैली जुलूस धरना स्थलों इत्यादि में अस्त्र – शस्त्र का धारण एवं उसका प्रदर्शन तथा अन्य बोथरे हथियार जैसे लाठी डंडा इत्यादि , धारदार हथियार जैसे तलवार , भाला आदि लेकर चलना भी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा । रैली , जुलूस धरना स्थलों इत्यादि में ज्वलनशील पदार्थों ( मिट्टी का तेल , पेट्रोल , तैजाब इत्यादि ) को लेकर चलना तथा उनका उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधति रहेगा । आतिशबाजी का प्रयोग भी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा । कोई भी व्यक्त्ति ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग बगैर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के नहीं करेगा । संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी / राजस्व अधिकारी / नगरीय व ग्रामीण निकाय के सक्षम अधिकारी भी सामान्य जन एवं संबंधितों को आदेश की सूचना जारी करें । आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता , 2023 की धारा 223 एवं आयुध अधिनियम 1959 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा ।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

नगर के अजा अजजा ने भारत बंद का समर्थन करते राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

देवास पीपलरावां| सुप्रीम कोर्ट के एससी आरक्षण में क्रिमीलेयर लागू करने की अनुमति दिए जाने के विरोध में नगर के अजा-अजजा वर्ग ने टीआई कमलसिंह गहलोत को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। शंकर सिंदल ने ज्ञापन का वाचन करते हुए आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की। अम्बाराम मालवीय, सचिन सिंदल, सुनील शिंदे, शाहिद मंसूरी,गजानंद देलमिया, दिलीप मालवीय, संतोष मालवीय, दिनेश सिंदल, कैलाश चंद्र शिंदे मिस्त्री सुनील मालवीय अादि मौजूद थे।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

कोविड में लिया काम, अब क्यों निकाल दिया’:लखनऊ में डिप्टी CM आवास पहुंचे स्वास्थ्यकर्मी; नहीं हुई मुलाकात

लखनऊ | लखनऊ में गुरुवार सुबह सैकड़ों संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने डिप्टी CM ब्रजेश पाठक के आवास का घेराव किया। वे डिप्टी CM के आवास के बाहर लाइन लगाकर बैठ गए और नौकरी बहाल करने की मांग करने लगे। वहीं, यूपी NHM के 17,000 स्वास्थ्य संविदा वेटिंग के अभ्यर्थी भी प्रदर्शन में शामिल हुए।मौके पर बढ़ती भीड़ और हंगामे को देखते हुए लोकल पुलिस के साथ एक गाड़ी PAC तैनात कर दी गई है। डिप्टी CM के आवास पर हंगामे जैसे हालात बने, लेकिन भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद संविदाकर्मी शांतिपूर्वक विरोध-प्रदर्शन किया। करीब 11.45 बजे डिप्टी CM उनसे बिना मिले आवास से निकल गए और प्रदर्शकारियों को पुलिस ने आवास से हटा दिया।स्वास्थ्य संविदा कर्मचारियों का कहना है, कि नौकरी जाने के बाद हम सड़क पर आ गए हैं।

हमारे परिवारों के सामने आजीविका का संकट आ गया। हमने इतने साल तक काम किया, लेकिन अब हमें निकाल दिया गया। कोरोना काल जैसी भयानक महामारी में हमने जान जोखिम में डालकर काम किया, अब हमारे साथ अन्याय हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हम यहां करीब 15 बार आ चुके हैं। हर बार सिर्फ आश्वासन दिया जाता है। नौकरी जाने से हम बेरोजगार हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है, इसलिए अपनी बात डिप्टी CM और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक तक पहुंचाने के लिए लखनऊ आए हैं।कर्मचारियों ने कहा कि हमें हर बार आश्वासन मिला कि आप लोगों को नहीं निकाला जाएगा। यह भी आश्वासन मिला कि आप सबका कहीं न कहीं समायोजन किया जाएगा। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। पूरे प्रदेश में करीब 7 हजार 200 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हैं।गुरुवार को कोविड संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ ही यूपी NHM के 17,000 संविदा भर्ती वेटिंग को लेकर भी सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी प्रदर्शन करने पहुंचे। वे भी डिप्टी सीएम के आवास का घेराव करने में शामिल रहे। इसके बाद शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन शुरू किया।इनका कहना है कि यूपी NHM 17000 संविदा भर्ती का नोटिफिकेशन नवंबर 2022 में जारी किया गया था, लेकिन अभी तक वेंटिग लिस्ट क्लियर नहीं की गई। दावा किया गया था कि 6 महीने के अंदर जो भी वैकेंसी आएगी, उसमें ज्वाइनिंग कराई जाएगी। 8 महीने बीत जाने के बाद भी वेटिंग लिस्ट वालों की नियुक्ति नहीं हो पाई।प्रदर्शनकारियों ने कहा, पद खाली हैं, फिर भी ज्वाइनिंग नहीं कराई जा रही है। हमने मुख्यमंत्री से लेकर डिप्टी CM तक को ज्ञापन दिया, लेकिन कोई हल नहीं निकला। आयोग दावा कर रहा है कि पद खाली हैं। हमारी मांग है कि जब पद खाली हैं, तो फिर नियुक्तियां क्यों नहीं की जा रही।

ब्यूरो रिपोर्ट रजत पांडे

आशीष कुमार ने मीडिया के माध्यम से सुरक्षा और न्याय की अपील की

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बांडी रोड गांव के निवासी आशिष कुमार प्रसाद ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी प्रीति कुमारी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। आशिष कुमार ने बताया कि उनकी शादी प्रीति कुमारी से 10 साल पहले हुई थी, लेकिन अब वह उनके साथ नहीं रहना चाहती और तीन बार उनके घर से भाग चुकी है। प्रीति कुमारी बलिया जिले के बड़े गांव की निवासी हैं और उनके पिता का नाम राजन मिस्त्री है।

आशिष कुमार ने आरोप लगाया कि जब भी वे प्रीति को वापस लाने जाते हैं, उनके साले उनके साथ मारपीट करते हैं। प्रीति कुमारी ने उनके छोटे बच्चों की जिंदगी को भी प्रभावित किया है। आशिष ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों को इंग्लिश स्कूल में दाखिला कराया था, लेकिन प्रीति कुमारी बच्चों को घर पर ही छोड़कर अपने मायके चली गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रीति कुमारी ने उनकी मां के साथ भी मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकियां दी हैं।

आशिष कुमार ने पुलिस प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है और कहा है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे थाने के सामने आत्महत्या की धमकी देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भविष्य में उन्हें या उनके परिवार को कोई नुकसान होता है, तो इसके लिए प्रीति कुमारी, उसके चाचा और पिता जिम्मेदार होंगे। आशिष कुमार ने मीडिया के माध्यम से सरकार से सुरक्षा की अपील की है और जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है।

प्रीति कुमारी ने पति को जान से मारने की धमकी दी: बलिया का मामला

बलिया जिले के बांडी रोड गांव के निवासी आशीष कुमार प्रसाद ने मीडिया के माध्यम से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। आशीष ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी प्रीति कुमारी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है और उनकी छोटी बच्चों की स्थिति भी खराब कर दी है। उन्होंने बताया कि प्रीति कुमारी पिछले सात महीने से अपने मायके में रह रही है और उनके साथ मारपीट की है।

आशीष कुमार ने कहा कि प्रीति कुमारी ने उनके माता-पिता को भी धमकाया है और उनके साले उनके साथ मारपीट करते हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि उनकी सुरक्षा की जाए और मामले की शीघ्र जांच की जाए। आशीष ने मीडिया के माध्यम से कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे थाने के सामने आत्महत्या की धमकी देंगे। उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट