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Wednesday, January 28, 2026
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कलकत्ता में जूनियर डॉक्टर की हत्या हाई कोर्ट का आदेश

कलकत्ता में जूनियर डॉक्टर की हत्या हाई कोर्ट का आदेश श्रीराम हेल्थ केयर सेंटर हॉस्पिटल में भी हत्याये हुई शहडोल मध्य प्रदेश वहां भी हाई कोर्ट का आदेश हुआ रहा ।

कलकत्ता मेडिकल कॉलेज जूनियर डॉक्टर के साथ रेप फिर उनकी हत्या कर दिए कोलकाता हाई कोर्ट संज्ञान में लेते हुए सीबीआई से जांच करवाने का आदेश अब प्रशासन अधिकारी पुलिस से आम नागरिकों को अधिकार भी अफसर से अब न्याय मिलने की उम्मीद ना करें क्योंकि जो भी किसी के ऊपर अप्रिय घटना घटती है। तो आम जनता अब न्यायालय के शरण में जाए हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट मे  क्योंकि मध्य प्रदेश शहडोल संभाग में एक प्राइवेट हॉस्पिटल श्री राम हेल्थ केयर सेंटर उस अस्पताल में कई हत्याये हुई प्रशासन, अधिकारी, अफसर उस अस्पताल के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं किये उनके सबूत नष्ट किये सी.सी. कैमरे की रिकाडिंग नही निकले  मोबाइल कॉल की डिटेल नहीं निकले श्री राम हॉस्पिटल का प्रबंध विजय द्विवेदी हत्यारे को बचा दिए। शिकायतकर्ता माननीय उच्च न्यायालय के शरण में गया एमपी हाई कोर्ट ने आदेश किया कि उस प्राइवेट हॉस्पिटल की जांच की जाए प्रशासन अधिकारी लोगों ने  ईमानदारी निष्पक्ष जांच नहीं किया प्रबंधक विजय द्विवेदी का पॉलिटिक्स, मिनिस्टर ,मंत्रियों ने उसका सपोर्ट किया प्रबंधक विजय द्विवेदी का डॉक्टर एस.सी त्रिपाठी मामा है 2001 में डॉक्टर एस.सी त्रिपाठी स्वास्थ्य चिकित्सालय शहडोल में सी.एम.ओ.  रहा जब उसको  सी.एम.ओ. से हटाया गया तो राजनीति हुई निर्दलीय विधायक स्वास्थ्य चिकित्सा मुख्यालय गेट के बाहर उनके हटने के विरोध में धरना में बैठ गए कलकत्ता आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज का प्रोफेसर संजीब घोष से सी.बी.आई.  पूछताछ करना शुरू की पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी रोड में उतर गई प्रोटेस्ट और विरोध करने लग गई पॉलिटिक्स मिनिस्टर मंत्री लोग हर डिपार्टमेंट में ऐसा अधिकारी रखेंगे की डोर उनके हाथ में होना चाहिए जब कोई बड़ी घटना घट जाती है तो शासन प्रशासन इन्वेस्टिगेशन और जांच अपने हिसाब से करवाते हैं जो आरोपी पावरफुल होता है उसके हिसाब से जांच होती है। श्री राम हेल्थ केयर सेंटर में डायलिसिस गणेश कुशवाहा करता रहा उसके पास ना कोई डिग्री रही और ना  कोई ज्ञान भी नहीं रहा कई लोगों की हत्याएं हो गई प्रबंधक विजय द्विवेदी के कहने पर स्वास्थ्य चिकित्सालय . सी.एम.ओ. एम.एस.सागर अपने  स्टाफ गोपीलाल की डिग्री लगा दिया संजीब घोष के साथ कलकत्ता पुलिस कमिश्नर का विनीत गोयल का कांग्रेस का नेता अधीरंजन चैधरी यह मांग उठाई है कि पॉलीग्राफ टेस्ट इनका उनके साथ करवाना चाहिए शिकायतकर्ता शहडोल प्रशासन हर अधिकारी से जाकर मिला पूर्व में राजीव शर्मा संभाग कमिश्नर रहे और जिला अध्यक्ष पूर्व में सत्येंद्र सिंह उसके बाद वंदना वैदिक कलेक्टर आई और आई.जी. पूर्व मे डी.सी. सागर पुलिस अधीक्षक अवधेश गोस्वामी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश वैश्य शिकायतकर्ता यह सब अधिकारियों को आवेदन दिया और वह भी गोपीलाल  की वीडियो भी दिखाया शहडोल जिले के प्रशासन अधिकारी शिकायतकर्ता के साथ न्याय नहीं किया कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में जो जूनियर डॉक्टर की हत्या हुई है आरोपी संजय राव के साथ अब अधिकारियों का भी पॉलीग्राफ टेस्ट हो रहा है। भारत वर्ष में कानून के रखवाले और नुमाइंदे यह भी लोग आरोपी के दायरे में आ गए तभी तो इन लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जा रहा है आम आदमी जनता अब न्याय लेने किसके पास जाए।

राजेश कुमार विशनदासनी
शहडोल (म.प्र.)

सोशल मीडिया रील्स के माध्यम से सरस्वती छूना चाहती हैं नई ऊंचाइयां!

आज हम उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के सेहदपुर बैयहारी गांव की एक प्रेरणादायक कहानी साझा कर रहे हैं। 28 वर्षीय सरस्वती, जो एक साधारण परिवार से आती हैं, ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने और एक नई पहचान बनाने का संकल्प लिया है।

सरस्वती के पति जय नारायण, पिता मानसिंह, और माँ फूलमती का उन्हें पूरा समर्थन मिला है। उन्होंने यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफार्मों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। खासकर इंस्टाग्राम पर @sarswatikhuswahaup79 नाम से अपना अकाउंट बनाकर वह अपनी रील्स के जरिए इंटरनेट पर छा गई हैं। उनकी रील्स तेजी से वायरल हो रही हैं, और लोग उन्हें सोशल मीडिया क्वीन के नाम से जानने लगे हैं।

सरस्वती का सफर यहीं नहीं थमा। उन्होंने यूट्यूब पर भी @sarswatikhuswahaup79 नाम से अपना चैनल शुरू किया है, ताकि वह अपने गाँव, तहसील, और राज्य का नाम रोशन कर सकें। हाल ही में, सरस्वती ने 1.59K सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा पार किया है और अपने फॉलोअर्स के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एक वीडियो भी साझा किया है।

सरस्वती का सपना है कि उनके वीडियो और रील्स को ज्यादा से ज्यादा लोग देखें, लाइक करें, और शेयर करें। वह अपने इस सफर में हम सबका समर्थन चाहती हैं, ताकि उनके सपने को साकार किया जा सके।

तो आइए, हम सब मिलकर सरस्वती के इस प्रेरणादायक सफर में उनका साथ दें। उनके साथ जुड़ें, उन्हें प्रोत्साहित करें, और उनके इस सफर का हिस्सा बनें। धन्यवाद!

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

श्री अखिल भारतीय यादव समाज संगठन द्वारा श्री कृष्ण जन्मोत्सव शोभा यात्रा बैठक बबीना झांसी उत्तर प्रदेश

रविवार को दिनांक 25/05/2024 श्याम वाटिका विवाह घर में एक बैठक अखिल भारतीय यादव अहीर संगठन बबीना द्वारा आयोजित की गई जिसमें हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कृष्ण जन्म उत्सव कार्यक्रम की प्रेस वार्ता करती हुई यादव समाज द्वारा बताया गया कि पिछले 5 वर्ष से लगातार जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है इस वर्ष भी भव्य रूप के साथ शोभा यात्रा व श्री कृष्ण जन्म लीला एवं रासलीला का आयोजन किया जाना सुनिश्चित किया गया शोभायात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि कल दिनांक 25/05/2024 को दोपहर समय 12:00 से सिद्धिविनायक विवाह घर से शोभा यात्रा को प्रारंभ किया जाएगा जो नगर की मैन रोड,स्टेशन रोड आदि प्रमुख मार्ग से होते हुए यात्रा का नगर भ्रमण कराया जाएगा शोभायात्रा में राधा कृष्ण जी की मनमोहक झांकियां रासलीला एवं नन्हे मुन्ने बच्चे भगवान के स्वरूप में लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहेंगे शोभायात्रा के समापन के बाद रात्रि 8:00 बजे से श्री कृष्ण जन्म एवं रासलीला का आयोजन किया जाएगा जो की रात्रि तक चलेगा ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर कार्यक्रम सफल बनाने का आवाहन किया गया

ई खबर मीडिया के लिए झांसी से मोहित साहू की रिपोर्ट

भरतपुर: ग्रामीणों ने प्रशासन पर लगाया उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना का आरोप

भरतपुर, राजस्थान: ग्राम ईटामडा के ग्रामीणों ने प्रशासन पर उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि खसरा नंबर 1708 पर उच्च न्यायालय का स्टे होने के बावजूद ग्राम पंचायत ने अवैध बाउंड्री का निर्माण करवा दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गैर-मुमकिन मरघट भूमि पर बाउंड्री बनाकर निर्माण कार्य पास कराया गया, जिसका उद्घाटन मंत्री द्वारा किया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत अवैध रूप से मिस्टौल चला रही है, जो कि उच्च न्यायालय के आदेशों के खिलाफ है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन इस अवैध मिस्टौल को तुरंत बंद कराए और उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करे। ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई है और प्रशासन की अनदेखी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा अब तक इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है।

ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

भरतपुर: न्याय की गुहार लगाते ग्रामीण, प्रशासनिक अनदेखी पर उठाए सवाल

भरतपुर, राजस्थान: ईटामडा गांव के ग्रामीणों ने प्रशासनिक अनदेखी और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। ग्रामीणों का आरोप है कि खसरा नंबर 1698 गैरमुनिकिन रास्ता और 1708 गैरमुनिकिन मरघट पर अवैध निर्माण किया गया है, जिसे लेकर उन्होंने एसबी सिविल रिट याचिका संख्या 8506/2020 के तहत राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

ग्रामीणों ने कई बार उपखण्ड अधिकारी भुसावर और जिला कलेक्टर भरतपुर को शिकायतें दीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उच्च न्यायालय ने पब्लिक लैण्ड प्रोटेक्शन सैल (पी.एल.पी.सी) के माध्यम से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण कोई कार्यवाही नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि खसरा नंबर 1708 पर अवैध बाउंड्री बिना नापतोल के बनाई गई है, जिसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड पंचायत में मौजूद नहीं है।

ग्रामीणों ने 11 मार्च 2024 को एक और प्रार्थना पत्र कलेक्टर भरतपुर को सौंपा, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। उनकी मांग है कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रशासन की लापरवाही के चलते ग्रामीणों को धमकियों और गाली-गलोच का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव- BJP की पहली लिस्ट जारी:44 उम्मीदवारों के नाम, किश्तवाड़ से शगुन परिहार इकलौती महिला कैंडिडेट

जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद हो रहे विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने आज अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 44 प्रत्याशियों के नाम हैं। किश्तवाड़ से शगुन परिहार को टिकट दिया गया है। इस लिस्ट में वे इकलौती महिला प्रत्याशी हैं। जम्मू-कश्मीर में 90 सीटों के लिए 18 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच 3 चरणों में मतदान होंगे। नतीजे 4 अक्टूबर 2024 को आएंगे। जीत के लिए बहुमत का आंकड़ा 46 है। जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव है। 25 अगस्त को दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के अगले ही दिन ये लिस्ट जारी की गई है। इसमें तीनों चरण के लिए प्रत्याशियों के नाम हैं। इस मीटिंग में पीएम मोदी, गृह मंत्री शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हुए थे।

पहली लिस्ट की 4 बातें…

1. भाजपा ने पहली लिस्ट में फर्स्ट फेज के लिए 15, सेकेंड फेज के लिए 10 और तीसरे फेज के लिए 19 कैंडिडेट्स के नाम फाइनल कर दिए हैं।

2. पूर्व डिप्टी निर्मल सिंह का नाम इस लिस्ट में नहीं है। वे बिलावर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते हैं। इस सीट पर भाजपा ने सतीश शर्मा को टिकट दिया है।

3. 44 प्रत्याशियों में 14 मुस्लिम हैं। जम्मू की पुंछ हवेली सीट से चौधरी अब्दुल गनी और कश्मीर की अनंतनाग सीट से सैयद वजाहत को टिकट दिया है।

4. अब तक जम्मू में भाजपा की स्थिति मजबूत रही है। इस बार कश्मीर में भी पार्टी ने अनंतनाग, पंपोर, शोपियां और अनंतनाग वेस्ट पर प्रत्याशी उतारे हैं।

भाजपा 70 सीटों पर लड़ेगी, 20 पर निर्दलियों को समर्थन संभव
भाजपा ने चुनाव में जीत के लिए जम्मू के अलावा कश्मीर में भी मुस्लिम उम्मीदवारों पर दांव लगाया है। यह पहला मौका है, जब पार्टी ने पहली लिस्ट में मुस्लिम दावेदारों को टिकट दिया है। कश्मीर घाटी के विधानसभा सीट राजपोरा से अर्शीद भट्ट, अनंतनाग पश्चिम से रफीक वाणी और बनिहाल से सलीम भट्ट भाजपा के उम्मीदवार बनाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा जम्मू-कश्मीर की कुल 90 में से 70 विधानसभा सीटों पर कैंडिडेट उतारेगी, जबकि कश्मीर की 20 सीटों पर निर्दलियों को समर्थन देगी।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव: भाजपा से पहले 3 पार्टियां जारी कर चुकीं लिस्ट

डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी : जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद की पार्टी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (DPAP) ने विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली लिस्ट 25 अगस्त को जारी की। लिस्ट में 13 नामों का ऐलान किया गया है। पार्टी ने गांदरबल में नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सामने कैसर सुल्तान गनई को उतारा है। वहीं, पूर्व मंत्री अब्दुल मजीद वानी को डोडा पूर्व और राज्य के पूर्व एडवोकेट जनरल असलम गनी को भद्रवाह से प्रत्याशी बनाया है।

आम आदमी पार्टी (AAP) : AAP की पहली लिस्ट जारी हो गई है। सात उम्मीदवारों के नाम हैं। पार्टी ने पुलवामा से फैयाज अहमद सोफी, राजपुरा से मुद्दसिर हुसैन, देवसर से शेख फिदा हुसैन, डोरू से मोहसिन शफकत मीर, डोडा से मेहराज दीन मलिक, डोडा वेस्ट से यासिर शफी मट्टो और बनिहाल से मुदास्सिर अजमत मीर को टिकट दिया है।

बैन जमात-ए-इस्लामी पार्टी: जम्मू-कश्मीर में जमात-ए-इस्लामी पार्टी के नेता 7 सीटों पर निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। गुलाम कादिर वानी के नेतृत्व वाली पार्टी को 2019 में केंद्र सरकार ने UAPA एक्ट 1967 के तहत गैरकानूनी संगठन घोषित कर बैन कर दिया था। इस साल फरवरी में प्रतिबंध 5 साल बढ़ा दिया गया। पार्टी कुलगाम, देवसर, अनंतनाग-बिजबेहरा, शोपियां-ज़ैनपोरा, पुलवामा, राजपोरा और त्राल सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।

गाँव में खुलेआम घूम रहे हत्यारोपित, पीड़ित परिवार पर खतरे के बादल

फिरोजाबाद, 18 जनवरी 2024 – थाना सिरसागंज के अंतर्गत ग्राम दरिगापुर भारौल के अजय कुमार (मोबाइल नंबर: 6377231830) ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि उनके बड़े भाई विनय सिंह की हत्या कर दी गई है। अजय के मुताबिक, उनके भाई को दिन में करीब 12 बजे संजय पुत्र उदय सिंह, नरेंद्र सिंह पुत्र अनार सिंह, ओमप्रकाश पुत्र रामजीत सिंह, ऋषि पुत्र गिरीश, और सुरेश कुमार (प्रधान पति) पुत्र नाथूराम ने पार्टी के बहाने घर से बुलाकर ले गए थे। रात तक विनय की कोई खबर नहीं मिली, और अगले दिन ग्रामीणों ने सूचना दी कि उनका शव गाँव के पास बम्बा में पड़ा हुआ है।

मामले की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, लेकिन अजय का आरोप है कि घटना के बाद से आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। पीड़ित परिवार ने मीडिया के माध्यम से इंसाफ की गुहार लगाई है और पुलिस कार्यवाही पर सवालिया निशान खड़े किए हैं। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि सुरेश कुमार पर पहले से ही आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने अब तक कोई कार्यवाही नहीं की है।

पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर न्याय की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि यह हत्या ग्राम प्रधान सुरेश द्वारा पुरानी रंजिश और सरकारी आवास से नाम कटवाने को लेकर की गई साजिश का परिणाम है। अजय ने बताया कि उनकी माँ ने भी इस मामले में पुलिस से शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

क्या है पूरा मामला?

प्रधान और सहयोगियों पर हत्या का आरोप, पीड़ित परिवार को मिल रही धमकियाँ

थाना सिरसागंज के अंतर्गत ग्राम दरिगापुर भारौल की रहने वाली एक गरीब विधवा महिला ने प्रधान सुरेश कुमार और उसके सहयोगियों पर अपने बेटे विनय की हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार, 18 जनवरी 2024 को प्रधान सुरेश, संजय पुत्र उदय सिंह, ओमप्रकाश पुत्र रामजीत, ऋषि कुमार पुत्र गिरीश, और नरेंद्र कुमार पुत्र अनार सिंह ने मिलकर विनय को घर से बाहर बुलाया और शराब के नशे में उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने विनय का शव गाँव के बम्बा में फेंक दिया, जहां केवल डेढ़ फुट पानी था, और इसे डूबने की घटना के रूप में दर्शाया गया।

पीड़िता का दावा है कि हत्या के बाद से आरोपी लगातार उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियाँ दे रहे हैं। हाल ही में, 6 अगस्त 2024 को, जब पीड़िता और उनके बेटे विनय की विधवा पत्नी राधा देवी कोर्ट में तारीख पर गई थीं, तब आरोपियों ने उन्हें मुकदमे में पैरवी ना करने और मामला वापस लेने की धमकी दी। वहां मौजूद वकीलों और अन्य लोगों के हस्तक्षेप के बाद आरोपी भाग निकले।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान सुरेश, जो खुद इस हत्या के आरोप में शामिल है, विनय का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं होने दे रहा है। यह न केवल पद का दुरुपयोग है, बल्कि मानवाधिकारों का भी हनन है।

पीड़ित परिवार की प्रमुख मांगें:

1. दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
2. पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
3. मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।

पीड़ित परिवार की मांग है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे उच्च अधिकारियों से भी संपर्क करेंगे और आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

हर नारी का सम्मान, सुरक्षा करना पुलिस का कर्तव्य है टी आई गहलोत ।

देवास पीपलरावां।  नारी की सुरक्षा व सम्मान सम्पूर्ण समाज का उत्तरदायित्व है इस कार्य में कानून व पुलिस सदैव आपके साथ है। आपराधिक गतिविधियों की सूचना हमें देकर आप पुलिस मित्र बने। यह बात सशिम में आयोजित विद्यार्थी संवाद व रक्षाबन्धन उत्सव में टीआई कमलसिंह गेहलोत ने कही।
टीआई ने बच्चों को सोशल मीडिया के उपयोग, सायबर क्राइम, बाल एवम महिला सुरक्षा कानून की जानकारी देते हुए बच्चों द्वारा पूछे प्रश्नों के रोचक जवाब दिए। । कन्या भारती की बहिनों ने पुलिस तथा अतिथियों को रक्षासूत्र बांधे। प्राचार्य चिंतेश नागर ने अतिथि परिचय दिया। कार्यक्रम के अंत मे कक्षा 9 से 12 तक की बहिनों ने भैयाओं को तिलक लगाकर राखियाँ बांधी। महिला आरक्षक शीतल ठाकुर व पूजा विश्वकर्मा सहित आचार्य परिवार मौजूद था। संचालन अनिल राठौर ने किया।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

 

किसान श्री राकेश प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का लाभ लेकर प्‍याज की खेती से प्रति हेक्‍टेयर 07 से 08 लाख रूपये की प्राप्त कर रहे है आय

केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की मंशा है कि कृषि का लाभ का धंधा बने। इसके लिए शासन द्वारा किसान हितैषी कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं का लाभ पाकर कृषक बड़ी संख्या में फसलों का उत्पादन कर रहे हैं, वहीं अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। किसानों की अच्छी आय होने से कृषक आर्थिक तौर पर भी सुदृढ़ हो रहे हैं। इन्हीं किसानों में विकासखण्‍ड टोंकखुर्द के ग्राम चिड़ावद के किसान श्री राकेश सिसोदिया है, जिन्होंने उद्यानिकी विभाग की महत्ती योजना का लाभ लिया है।

किसान श्री राकेश सिसोदिया पहले पारंपरिक रूप से प्याज की खेती करते थे, जिसमें प्रति हेक्टर 150-200 क्विंटल प्याज फसल का उत्पादन प्राप्त होता था। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से जुड़कर उन्‍होंने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत अनुदान पर ड्रिप संयंत्र लगाया है। प्याज फसल की खेती में ड्रिप के उपयोग से पानी की बचत होती है एवं प्याज का उत्पादन भी 300-350 क्विंटल प्रति हेक्‍टेयर प्राप्त हो रहा है, प्याज की फसल में प्रति हेक्‍टेयर लागत 1.50 से 02 लाख आती है तथा बाजार में उचित मूल्य प्राप्त होने पर प्रति हेक्‍टेयर 07 से 08 लाख रूपये की आय प्राप्त हो रही है।

किसान हितैषी योजनाऐं संचालित करने के लिए और योजना का लाभ मिलने पर किसान श्री राकेश प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को हृदय से धन्‍यवाद दे रहे है।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

 

प्रदेश सरकार की विवाह सहायता योजना से मोईनुद्दीन को बेटी मतंशा की शादी/निकाह के लिए मिली 51 हजार रूपये की राशि

राज्य शासन द्वारा संचालित म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत विवाह सहायता योजना जो कि गरीब एवं मजदूर वर्ग के कल्याण के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गरीब एवं मजदूर वर्ग को अधिक से अधिक शासन की लाभान्वित योजनाओं का लाभ मिले। इन्हीं योजनाओं में श्रम विभाग अंतर्गत मध्‍य प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल की विवाह सहायता योजना में श्रमिक वर्ग के व्यक्तियों को लाभ मिल रहा है। इस योजना के माध्यम से देवास निवासी श्रमिक श्री मोईनुद्दीन पिता अब्‍दुल गनी है, जिन्‍हें अपनी बेटी मतंशा की शादी/निकाह के लिए 51 हजार रूपये की सहायता राशि प्राप्‍त हुई है। जिससे वे तथा उनका पूरा परिवार बहुत खुश है तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को ह्दय से धन्यवाद दे रहे हैं। श्री मोईनुद्दीन ने बताया कि वे श्रमिक होकर भवन निर्माण कार्य में मजदूरी करते है तथा जो मजदूरी प्राप्त होती है उससे अपने पूरे परिवार का पालन-पोषण कर रहे है। उन्‍हें बेटी की शादी/निकाह की चिंता सताई जा रही थी, लेकिन प्रदेश सरकार की श्रम विभाग अंतर्गत मध्‍य प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत विवाह सहायता योजना से 51 हजार रूपये की राशि प्रदान की गई। इसके लिए मैं तथा मेरा पूरा परिवार बहुत खुश हैं। इसके लिए शासन को बहुत-बहुत धन्यवाद।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

 

सॉरी पापा, कुछ नहीं कर पाया, लव स्‍नेहा’:लगातार दूसरा पेपर लीक होने पर कन्‍हैया ने जहर खाया; अब गांव में कोई तैयारी नहीं करता

जयपुर से 300 किलोमीटर दूर है हनुमानगढ़ का मंदरपुरा गांव। दिल्‍ली से करीब 16 घंटे सफर कर मैं यहां पहुंची। तंग गली के आखिर में बड़े से दरवाजे का एक मकान। मैं काफी देर दरवाजा खटखटाती रही, लेकिन कोई बाहर नहीं आया। मैंने आसपास के लोगों से पूछा- ‘घर के अंदर लोग तो हैं न, फिर कोई दरवाजा क्यों नहीं खोल रहा।’ एक शख्स ने बताया- ‘घर के अंदर लोग तो हैं, लेकिन उनकी जिंदगी खालीपन से भर गई है। बहुत नाउम्मीद हो गए हैं। हाल ही में इन लोगों ने जवान बेटा खोया है। अब ये लोग किसी से बात नहीं करते, बेटे के बारे में तो बिल्कुल नहीं।’ ये घर कन्हैया लाल पारीक का है। वही कन्‍हैया, जिन्‍होंने दिसंबर 2022 में रीट पेपर लीक होने पर कीटनाशक पीकर जान दे दी थी। उसने सुसाइड लेटर में उसने लिखा था, ‘सॉरी पापा, मैं आप लोगों के लिए कुछ नहीं कर सका। लव स्‍नेहा’ फरवरी 2020 में जब में कोरोना महामारी पैर पसार रही थी, उसी दौरान कन्‍हैया और स्‍नेहा की शादी हुई थी। कन्‍हैया अपनी पत्‍नी से कहा करता था, ‘अभी मेहनत का समय है। एक बार हमारी सरकारी नौकरी हो जाए, फिर हम खुलकर अपनी जिंदगी जिएंगे।’ शादी को एक साल ही बीता था कि कन्‍हैया ने जिंदगी से हार मान ली। जब उसकी डेड बॉडी गांव पहुंची, तो स्‍नेहा कई बार रोते हुए बेहोश हुई, जागी, और फिर बेहोश हुई। अगले 2 महीनों तक बीमार रही। परिवार से स्‍नेहा की ऐसी हालत देखी नहीं जा रही थी। इसी साल फरवरी-मार्च में परिवार ने कन्‍हैया के फुफेरे भाई से स्‍नेहा की दूसरी शादी करा दी। स्‍नेहा का दूसरा पति भी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है।

कन्हैया का शव घर से थोड़ी दूर पर सिंचाई विभाग के खंडहर क्वार्टर के पास मिला था।
कन्हैया का शव घर से थोड़ी दूर पर सिंचाई विभाग के खंडहर क्वार्टर के पास मिला था।

कन्‍हैया के परिवार से मिलने के लिए 2 दिन पहले मैंने भाई मदनलाल से फोन पर बात की थी। उन्‍होंने कहा था कि कोई भी कन्‍हैया के बारे में बात नहीं करना चाहता, मैं उनसे मिलने न आऊं। पर मैं आ गई। जब घर पर किसी ने दरवाजा नहीं खोला, तो गांव के सरपंच और परिवार के एक करीबी नरेंद्र तिवारी से मिली। उनसे कहा कि वे मदनलाल और उनके परिवार से मेरी बात करा दें। आखिरकार दरवाजा खुला। कन्‍हैया के चाचा प्रेमसुख ने मुझे अंदर बिठाया। बीच-बीच में कन्‍हैया की दादी कमरे में झांककर देखतीं कि कौन आया है। उनके अलावा कोई और मिलने नहीं आया। कन्‍हैया के पिता ने कैमरे पर आने और बात करने से साफ मना कर दिया। मैंने चाचा से कहा, ‘आप कहिए तो शायद वो राजी हो जाएं।’ इस पर चाचा ने नाराज होते हुए जवाब दिया, ‘जब 25 साल के बेटे की लाश बाप कंधे पर रखकर चलता है तो कुछ कहने को बाकी नहीं रहता।’ मैंने मदनलाल से बात करने की कोशिश की। पहला सवाल पूछा, ‘आपको भाई की कौन सी बात सबसे ज्‍यादा याद आती है।’
उन्‍होंने बगैर मेरी ओर देखे जवाब दिया, ‘बस भाई ही याद आता है।’
मैंने अगला सवाल पूछने की कोशिश की उससे पहले ही वो उठकर खड़े हो गए, ‘प्‍लीज फोटो वीडियो मत लीजिए। हम इस हालत में नहीं हैं। हमारी ओर से चाचा जी ही आपसे बात करेंगे।’ परिवार के इस रवैये में मैंने एक बेबसी महसूस की। कन्‍हैया का जिक्र भी पूरे परिवार के लिए कोई ताजा जख्‍म कुरेदने जैसा था। परिवार अब तक इस सदमे से उबरा नहीं है। न ही किसी के मन से सरकार के खिलाफ गुस्सा कम हुआ है। कन्हैया के चाचा प्रेमसुख पारीक कहते हैं, ‘हमें इस बात का अंदाजा नहीं था कि वो ऐसा कदम उठा लेगा। अंदाजा होता तो हम उसे सरकारी नौकरी से हटा लेते (सरकारी नौकरियों की तैयारी से रोक लेते)। जमीन संभालने या कोई प्राइवेट नौकरी करने के लिए कहते। उसने हमें पता ही नहीं लगने दिया कि वो इस हद तक डिप्रेशन में है। उस पर तो टीचर बनने का जुनून सवार था। उसे पढ़ने और पढ़ाने दोनों का बहुत शौक था। इसके अलावा उसने कोई शौक नहीं पाला।’ बात करते करते प्रेमसुख भावुक हो जाते हैं। बेचैन होकर कहते हैं, ‘दुनिया की कोई खुशी हमारे घर आ जाए, लेकिन हम एक पल के लिए कन्हैया को नहीं भूलते। हम लोग उसके बारे में कोई बात ही नहीं करते। शुरू से लेकर आखिर तक वो क्लास में पहले नंबर पर आया। कोई खास शौक नहीं रहा उसे। न खेलने का न घूमने का। बस पढ़ाई, पढ़ाई।  कन्हैया बचपन से लेकर आज तक हमारा हर सपना पूरा करता चला गया। दसवीं, बारहवीं और B.Ed में अव्वल आया, लेकिन जब उसके सपने की बारी आई तो सिस्टम उसे खा गया।’ एक बार फिर चाचा का गला भर आता है। कुछ देर रुककर फिर कहते हैं, ‘REET के पेपर में उसके 150 में से 135 नंबर तक थे। उसने 10-15 नंबर का ही छोड़ा था। रिजल्ट आता तो उसका सिलेक्शन पक्का था, लेकिन दुर्भाग्य था कि पेपर लीक हो गया। उससे पहले साल में वनपाल का पेपर भी दिया था जो क्लियर हो गया था, लेकिन वो पेपर भी लीक हो गया। लगातार दो साल पेपर लीक से डिप्रेशन में चला गया था।’ कन्हैया की मौत के दो महीने के बाद ही गम में उसके दादा की भी मौत हो गई थी। परिवार में अब एक अजीब ही खामोशी है। घर एकदम सूना लगता है, कोई आवाज नहीं, सब अपने कमरे में, सिर्फ पंखा चलने की आवाज आती है। मैंने कन्हैया के घर से बाहर निकलकर कुछ गांववालों से बातचीत की। पता चला कि यहां सरकारी नौकरी का गजब ही आकर्षण है। गांव में सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के विज्ञापन के बोर्ड भरे पड़े हैं, लेकिन कन्हैया की मौत के बाद गांव वालों का सरकारी नौकरी के प्रति मोहभंग हो गया है। वे कहते हैं कि सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। गांव की चौपाल पर आए तो ताऊ लोग पत्ते खेलने में व्यस्त हैं। इन्हीं में कन्हैया के दादा के सगे भाई राम विलास पारीक भी हैं। वह कहते हैं- ‘पेपर लीक होने की वजह से कन्हैया डिप्रेशन में था। वो सरकार से निवेदन करते हैं कि पेपर लीक के खिलाफ कड़ा कानून बने, ताकि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो।’ गांव वाले बताते हैं कि कन्हैया पढ़ाई में इतना तेज था कि गांव में हर किसान अपनी फसल का हिसाब, बीमा का हिसाब उसी से करवाता था। वो मिनटों में जो हिसाब बनाकर देता था, बीमे की उतनी ही रकम अकाउंट में आती थी। गांव के स्कूल में गणित का टीचर नहीं था, इसलिए कन्हैया वहां फ्री में पढ़ाता भी था। गांव में किसी का कुछ ट्यूबवेल या बिजली का कुछ खराब हो जाए तो कन्हैया जाकर ठीक कर देता था। गांव के पूर्व सरपंच हेमराज शर्मा बताते हैं कि गांव में उन्होंने एक युवा ब्रिगेड बना रखी थी जिसमें अक्सर कन्हैया आया करता था। गांव के किसी भी घर का कोई काम हो, गांव में किसी बेटी की शादी हो, 26 जनवरी या 15 अगस्त हो, गांव के कार्यक्रमों में सबसे आगे रहता था। हेमराज शर्मा बताते हैं, ‘जिस दिन कन्हैया की बॉडी गांव में आई, उस दिन पूरे गांव में चूल्हा नहीं जला था। उसकी मौत के बाद सबकी जुबान पर एक ही बात है कि पेपर लीक ने परिवार को बर्बाद कर दिया।’ एक बुजुर्ग ग्रामीण मदनलाल कहते हैं, ‘दो साल तक बच्चा तैयारी करता है, मां बाप पैसे खर्च करते हैं, लेकिन अंत कैसा होता है। कन्हैया की मौत के जिम्‍मेदार जो हैं, उन्‍हें पकड़ना चाहिए, उन्हें सजा होनी चाहिए।’