1 C
Munich
Wednesday, January 28, 2026
Home Blog Page 39

अवैध कब्जे से परेशान बुजुर्ग महिला ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

संत कबीर नगर के थाना दुधारा क्षेत्र के मेलानखुर्द बुजुर्ग गाँव की 70 वर्षीय बंसती देवी ने अपने घर के सामने की बंजर जमीन पर अवैध कब्जे से परेशान होकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। बंसती देवी का आरोप है कि उनके पड़ोसी, हरीराम, तुलसी, लालजी, बल्लू, और राजेश सहित अन्य लोग, जबरन उनकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। इन पड़ोसियों ने जमीन पर बांस बल्ली गाड़कर वहां कूड़ा-कचरा और गोबर डालना शुरू कर दिया है, जिससे उनका घर से बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया है।

बंसती देवी का कहना है कि यह जमीन उनके कब्जे में रही है और अब उनके विरोध करने पर उन्हें गालियाँ दी जाती हैं और जान से मारने की धमकियाँ दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति स्वर्गीय प्रहलाद पासवान का काफी समय पहले निधन हो चुका है और अब वह अकेले ही घर में रह रही हैं। उनके तीन बेटों में से दो दूसरे प्रदेश में मजदूरी करते हैं और एक अपने ससुराल में रहता है, जिसके कारण वह अकेली पड़ गई हैं।

बंसती देवी का आरोप है कि उनके पड़ोसी उनके अकेलेपन का फायदा उठाकर उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले पुलिस को भी सूचित किया था, जिसके बाद कुछ समय के लिए अतिक्रमण रुक गया था, लेकिन अब फिर से इन पड़ोसियों द्वारा यह कार्य शुरू कर दिया गया है।

बंसती देवी ने स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि इस अवैध कब्जे की जांच कर इसे तुरंत हटाया जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही इस पर कार्रवाई नहीं की गई, तो उनकी परेशानी और बढ़ सकती है। पीड़ित महिला ने मीडिया के माध्यम से भी इस मामले में मदद की गुहार लगाई है और सरकार से उम्मीद जताई है कि उनके साथ न्याय होगा।

क्या है पूरा मामला?

संत कबीर नगर के मेलानखुर्द बुजुर्ग गाँव की 70 वर्षीय बंसती देवी की जमीन पर दबंग किस्म के पड़ोसी, हरीराम, तुलसी, लालजी, बल्लू, और राजेश ने अवैध कब्जे की कोशिश की है। उन्होंने बंसती देवी के घर के सामने बंजर जमीन पर बांस बल्ली गाड़कर कूड़ा-कचरा डालना शुरू कर दिया, जिससे उनका निकलने का रास्ता बाधित हो गया। विरोध करने पर उन्हें धमकियाँ दी गईं। बंसती देवी के बेटे निर्मल ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है, ताकि उनकी माँ को न्याय मिल सके और कब्जा हटाया जा सके।

 

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

विर सावरकर समाजिक कार्य सीमित।

गरीब बच्चों को शिक्षा प्रदान करना बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान कराना गरीब लड़कियों की शादी करवाना अनाथ बच्चों को होस्टल सुविधा प्रदान कराना समाज के लिए गारीब परिवारो का घर निर्माण कराना और गरीबों की सेवा करना।

समाज की आर्थिक स्थिति मजबूत करवाना NGO के माध्यम से लोगों को रोजगार देना पर्यावरण संरक्षण पर कार्य करना – – पेड़ पौधों लगाना , नर्सरी लगवाना, ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देना।

विर सावरकर समाजिक कार्य सीमित जुड़ना चाहते हैं तो आप संपर्क करे 9917727181

 ई खबर मीडिया के लिए सौरभ त्रिपाठी की रिपोर्ट 

कलेक्टर श्री गुप्ता ने सोनकच्‍छ विकासखंड में किये जा रहे विकास कार्यो समीक्षा की

देवास कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने सोनकच्‍छ विकासखंड में किये जा रहे विकास कार्यो समीक्षा जनपद पंचायत सोनकच्‍छ सभाकक्ष में आयोजित बैठक में की। कलेक्टर श्री गुप्ता ने आँगनवाड़ी कार्य, सांसद/विधायक निधि के अपूर्ण कार्य, मनरेगा योजना, नलजल योजना की समीक्षा कर कार्यो को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा विकासखण्‍ड के ग्रामों में बोरीबंधान का कार्य करें। शासकीय भवनों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्‍टम लगाये।

कलेक्टर श्री गुप्ता 02 वर्षो से अधिक पूर्व के निर्माण कार्यो को पूर्ण न कराने पर संबधित ग्राम पंचायतों को 01 माह में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। कार्य में लापरवाही बरतने पर कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने ग्राम पंचायत घिचलाय के सचिव को निलंबित किये जाने की कार्यवाही का प्रस्ताव भेजने के निर्देश मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सोनकच्छ को दिये। ग्राम पंचायत मनासा में गौशाला निर्माण कार्य के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए सचिव के निलंबन की कार्यवाही के निर्देश दिये। जिन निर्माण कार्यों में वसूली शेष है, वहा शीघ्र वसूली के निर्देश सचिव एवं रोजगार सहायक को दिए।

कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने समय-सीमा में कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में कठोर दण्डात्मक कार्यवाही के निर्देश दिये साथ ही सोनकच्छ का क्षेत्र अतिदोहित श्रेणी अंतर्गत आने के कारण जल संवर्धन कार्यो जैसे-बोरी बंधान, रूफ वाटर हार्वेस्टिंग, नलजल के स्त्रोत के रिर्चाजिंग के लिए संरचना को जनसहयोग के माध्यम से कराने के निर्देश दिये। साथही मछली पालन को बढावा देने के लिए पूर्व से निर्मित जल संरचनाओं में यूजर्स ग्रुप के माध्यम से एवं निजी खेत तालाबों में मछली के बीज छोड़ने के निर्देश दिये गये।

कलेक्टर श्री गुप्ता ने मियॉवाकी पद्धती पर विस्तृत जानकारी देकर उन्‍होंने मियॉवाकी पद्धती से वृक्षारोपण को बढावा देने के लिए प्रत्येक उपंयत्री को लक्ष्य निर्धारित करते हुए वृक्षा रोपण कराये जाने के निर्देश दिये। मेरी शाला सम्पूर्ण शाला अभियान के तहत जनभागीदारी से फर्नीचर उपलब्ध कराने कराने के निर्देश दिये।

कलेक्टर श्री गुप्‍ता ने सोनकच्छ के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे नल जल योजना को लेकर काफी नाराजगी व्यक्त की गई एवं 01 वर्षं से अधिक समय से काम बंद पडी नलज ल योजनाओं के ठेकेदारों श्रीरामइन्फ्रा इन्दौर, मेसर्स मालवा कन्‍स्‍ट्रक्‍शन मंदसौर एवं मेसर्स ठाकुर एजेन्सी मंदसौर के अनुबंध समाप्त करने की कार्यवाही के निर्देश अनुविभागीय अधिकारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को दिये एवं नल जल योजनाओं की सतत् मॉनिटरिंग किये जाने के लिए सचिव एवं रोजगार सहायक को निर्देश दिये।

कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने मत्स्य पालन, कृषक ई-केवायसी, पेंशन ई-केवायसी की समीक्षा कर शत प्रतिशत कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने सोनकच्‍छ विकासखण्‍ड में जल जीवन मिशन के तहत किये जा रहे कार्यो की योजनावार समीक्षा की। बैठक में विकासखंडस्तरीय अधिकारियों ने ग्रामों जल जीवन मिशन के तहत किये जा रहे कार्यो जानकारी दी।

बैठक में तहसीलदार श्री मनीष जैन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत चरत शिवहरे, सहायक यंत्री परिधि दरगड़, एस.डी.ओ.पीएचई विजय सिंह रावत, योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी अर्चना टोकेकर एवं विकासखण्‍डस्‍तरीय अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

 ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

 

जनसम्‍पर्क अधिकारी श्री गुप्‍ता और वाहन चालक श्री जीवनानी को सेवानिवृत्ति पर जनसम्‍पर्क परिवार और पत्रकारगणों ने दी भावभीनी विदाई ।

देवास जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री आनंद मोहन गुप्ता तथा जिला जनसंपर्क कार्यालय में पदस्‍थ वाहन चालक श्री हेमराज जीवनानी की सेवानिवृत्ति पर जनसम्‍पर्क परिवार और पत्रकारगणों ने जिला जनसंपर्क कार्यालय देवास में विदाई समारोह का आयोजन कर भावभीनी विदाई दी।

इस दौरान जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री आनंद मोहन गुप्ता ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मैं मां तुलजा भवानी एवं मां चामुंडा की नगरी देवास से सेवानिवृत्त हो रहा हूं। मेरा देवास में सेवा देना यादगार पल रहा है। इस सेवाकाल में मुझे सभी का विशेष सहयोग मिला है। इस सेवाकाल के दौरान मिले सहयोग को मैं कभी भूला नहीं पाउंगा। इसके लिए सभी का हृदय से धन्यवाद।

श्री गुप्‍ता ने शासकीय सेवाकाल में कई वर्षों तक जनसंपर्क संचालनालय भोपाल, संभागीय कार्यालय भोपाल, वल्लभ भवन मंत्रालय, प्रेस प्रकोष्ठ, राजभवन, सीएम हाउस, विधानसभा सदन, प्रेस मीडिया, विभिन्न विभागों के मंत्रियों के पीआरओ के रूप में सेवाएं दी है। देवास में वर्ष 2020 से पदस्थ थे।

वाहन चालक श्री हेमराज जीवनानी जनसम्‍पर्क संचालनालय भोपाल, संभागीय जनसम्‍पर्क कार्यालय उज्‍जैन और जनसम्‍पर्क कार्यालय देवास में अपनी सेवाएं दी है।

 ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

 

शिरूर, कारेगांव, रंजनगांव पुलिस स्टेशनों में गुटखा की बिक्री तेजी से बढ़ रही है; पुलिस का अंधापन

समाचार संवाददाता शिरूर, जिला पुणे (अनिल डांगे) : चूंकि गुटखा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, इसलिए युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने कुछ साल पहले गुटखा पर प्रतिबंध लगा दिया है।
हालाँकि, चूँकि हम इसे लागू नहीं कर रहे हैं, इसलिए देखा जा रहा है कि अधिकांश किराना दुकानों और पैंटपरी में गुटखा दोगुने दाम पर बेचा जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों ने राय व्यक्त की है कि इतने दिनों बाद भी प्रतिबंध का सख्ती से पालन नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है.
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं द्वारा गुटखा का सेवन दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, इसलिए युवाओं में इसकी लत की दर बढ़ी है, पहले केवल अमीर और वरिष्ठ नागरिक ही तम्बाकू का सेवन करते थे। एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के सामने तम्बाकू खाने की हिम्मत नहीं कर पाता था।
आज स्कूल के विद्यार्थियों से लेकर कॉलेज के विद्यार्थियों तक की जेबों में गुटखा, मावा, सुगंधित तम्बाकू की पुड़िया मुंह में रखी नजर आती हैं।
इसके चलते वे दिखने वाली जगह पर गुटखा स्प्रे डालकर साफ जगह को गंदा कर देते हैं। प्रशासन ने कई बार गुटखा पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन अब कई जगहों पर खुलेआम गुटखा बेचा जा रहा है.
यदि कोई पार्टी या सामाजिक संगठन गुटखा की बिक्री पर बयान देता है तो संबंधित पुलिस विभाग के कर्मचारी और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के कर्मचारी संबंधित विक्रेताओं को सचेत करते हैं। अन्य समय में दुकानों और टपरियों में गुटखा की बोरियां रखने वाले दुकानदार और टपरी धारक अपनी जेब में कुछ पाउच रख लेते हैं और परिचित ग्राहकों का मुंह देखकर उन्हें गुटखा दे देते हैं।

इस संबंध में आम आदमी पार्टी के जिला प्रवक्ता शिरूर शहर अध्यक्ष अनिल डांगे ने कहा कि सरकार कानून तो बना रही है, लेकिन उन्हें सही तरीके से लागू करना भी जरूरी है. भविष्य में आम आदमी पार्टी जन जागरूकता पैदा करने के लिए शिरूर तालुका में जागरूकता गतिविधियां चलाएगी।

स्कूल-कॉलेजों के सौ मीटर के दायरे में गुटखा की बिक्री पर प्रतिबंध है, लेकिन पुलिस प्रशासन और खाद्य एवं औषधि प्रशासन की मेहरबानी से कारेगांव इलाके में गुटखा की बिक्री बेरोकटोक चल रही है , रंजनगांव, पचंगेवस्ती, ढोकसांगवी में कई ताड़ के पेड़ हैं और इस क्षेत्र से बड़ी मात्रा में खारा, मावा, गुटखा और आंवला प्राप्त किया जा रहा है।
नशे की पहली सीढ़ी खुशबूदार सुपारी और तम्बाकू से होती है, स्कूल में दस साल तक छात्र इसकी ओर आकर्षित होते हैं, यहीं से नशे की पहली सीढ़ी शुरू होती है, स्थानीय प्रशासन को तमाशबीन की भूमिका निभाए बिना इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। .
शिरूर, कारेगांव, रंजनगांव,
शिक्रापुर क्षेत्र में यदि कोई भी पानठेला धारक एवं दुकानदार चोरी-छिपे गुटखा, मावा, नशीला पदार्थ बेच रहा है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, यदि कोई दुकानदार या पान ठेलाधारक गुटखा बेचते हुए पाया जाता है तो उनके उपर सक्त से सक्त कारवाई कि जाएगी ।” ¶
प्रशांत ढोले साहब-
डी.वाई.एस.पी. रंजनगांव कार्यालय,पुणे महाराष्ट्र

संवाददाता शिरूर, जिला पुणे अनिल डांगे

लोकेशन आष्टा आपके अपने शहर में आष्टा मैं मल्टी स्पेशलिस्ट डॉक्टर

डॉक्टर सूर्य प्रताप सिंह चौहान
पता जैन मेडिकल सेंटर और पैथोलॉजी बजरंग कॉलोनी कन्नौज रोड आष्टा मानसिक रोग सर दर्द माइग्रेन में नींद की समस्या स्पेशलिस्ट डॉक्टर अब आपके शहर में आष्टा

                                                                                     संवाददाता राजकुमार पाल की रिपोर्ट

सोनीपत के लहराडा गांव में परेशान परिवारों ने महिला के आतंक से मुक्ति की अपील की

आज हम बात करेंगे सोनीपत के लहराडा गांव की एक गंभीर समस्या की, जहाँ एक परिवार और उनके पड़ोसी लगातार हो रही परेशानियों से त्रस्त हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

रेखा, जो कि राजेश जी की पत्नी हैं, उन्होंने मीडिया के माध्यम से अपनी व्यथा को साझा किया है। उनका कहना है कि उनकी नंद, सोनिया, जो कि अपने ससुराल में न रहकर किसी अन्य आदमी के साथ रहती है, न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे पड़ोस के लिए एक बड़ा संकट बन चुकी है।

सोनिया पर आरोप है कि उसने अपने ससुर के मकान पर जबरन कब्जा कर लिया है और अब उसे बेचने की कोशिश कर रही है। इतना ही नहीं, वह आए दिन रेखा और उनके पड़ोसियों के खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराती है, जिससे उनका जीना दूभर हो गया है।

रेखा ने बताया कि सोनिया के घर पर आने वाले लोग अश्लील गतिविधियों में लिप्त रहते हैं, गंदे गाने बजाते हैं, और खुलेआम नहाते हैं, जिससे पूरे मोहल्ले के लोग मानसिक रूप से परेशान हो गए हैं। ये सब करते हुए सोनिया उन्हें धमकाती है कि वह सभी को खत्म कर देगी।

इस स्थिति से न केवल रेखा और उनका परिवार, बल्कि पूरे मोहल्ले के लोग बेहद परेशान हैं। इनमें सुमित, सुदेश, रोशनी, शंकर, नीता, बाला, राजबाला, जगदीश, रिना, सुनीता, सरोज, कुशम, सीमा, शिला, और गीता शामिल हैं। सभी को अपनी जान-माल और इज्जत का खतरा महसूस हो रहा है।

 

रेखा और उनके पड़ोसियों ने एसपी सोनीपत को पत्र लिखकर सोनिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द निकाला जाए, ताकि उनके परिवार और पड़ोसियों को इस डर और तनाव से मुक्ति मिल सके।

इस पूरे मामले में पीड़ित परिवार और पड़ोसियों ने मीडिया के माध्यम से अपनी सुरक्षा की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

मिर्जापुर के दो छोटे स्टार्स का सोशल मीडिया पर धमाल: गरीबी को जल्द मात देने को तैयार!”

आज हम आपको मिर्जापुर के दो होनहार बच्चों ने सोशल मीडिया पर धमाल मचाने को तैयार , जल्द गरीबी को दे सकते हैं मात

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के थाना जमालपुर के प्रतापपुर गांव के दो छोटे बच्चे, चिराग पासवान और अजय पासवान, इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। ये दोनों बच्चे, जो मात्र 5 से 6 वर्ष के हैं, अपनी कला और हौसले से सोशल मीडिया की दुनिया में छा गए हैं। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले इन बच्चों की मां, पूजा देवी, जो शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं, और पिता, चंदन पासवान, ने जानकारी देते हुए बताया कि वे बनारस में रहते हैं और वहीं से दोनों बच्चों ने सोशल मीडिया को अपना हथियार बनाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने का बीड़ा उठाया है।

चिराग और अजय को उनके माता-पिता का भरपूर समर्थन मिला है। इन बच्चों ने यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्मों पर अपनी पहचान बनाई है। खासकर इंस्टाग्राम पर @quail.505147 नाम से अपने अकाउंट पर रील्स के माध्यम से उन्होंने इंटरनेट पर धूम मचा दी है। उनकी रील्स तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे लोग उन्हें ‘सोशल मीडिया स्टार्स’ के नाम से जानने लगे हैं।

इनका सफर यहीं नहीं रुका। उन्होंने यूट्यूब पर भी अपना चैनल शुरू किया है और हाल ही में, उन्होंने 22 सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा पार किया है। इसके लिए उन्होंने अपने फॉलोअर्स के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एक वीडियो भी साझा किया है।

पूजा देवी का सपना है कि उनके बच्चों के वीडियो और रील्स को ज्यादा से ज्यादा लोग देखें, लाइक करें, और शेयर करें, ताकि वे अपने गांव और राज्य का नाम रोशन कर सकें।

मिर्जापुर के इन होनहार बच्चों की प्रेरणादायक कहानी, न केवल उनकी मेहनत और प्रतिभा को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि अगर हौसला और समर्थन मिले तो किसी भी चुनौती को मात दी जा सकती है। आप भी इन बच्चों के सफर में उनका साथ दें, उन्हें प्रोत्साहित करें, और उनके सपनों को साकार करने में मदद करें।

नगर परिषद पीपलरावा में पार्षदों का आक्रोष ।

देवास/पीपलरााँ। जिले की नगर परिषद पीपलरावा के 10 से अधिक पार्षद पहुंचे देवास कलेक्टर कार्यालय, नगर परिषद अध्यक्ष कविता शमां को पद से हटाने की लेकर देवास जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता को दिया आवेदन आविश्वास प्रस्ताव को लेकर देवास कलेक्टर और पार्षद गणों की हुई चर्चा, कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने पार्षदों को दिया नगर परिषद पीपलरावा को मौजूदा अध्यक्ष सुश्री कविता देवनारायण शर्मा के खिलाफ पार्षदों में आक्रोश व्यक्त है और इसी आक्रोश के चलते मंगलवार को 15 पार्षदों में से 10 असंतुष्ट पार्षदों ने मंगलवार को देवास पहुंचकर कलेक्टर ऋषव गुप्ता को आविश्वास हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत किया असंतुष्ट पार्षदों के अनुसार नगर परिषद अध्यक्ष ने नगर में स्वीकृतविभिन्न लोकहित व विकास कार्यों को पूर्ण न किए जाने और योजनाओं की जानकारी नहीं देने प्रति दो माह में होने वाली पार्षदों की बैठक को कार्यकाल शुरू होने से लेकर आज दिनांक तक नहीं कराए जाने एवं वित्तिय जानकारी पार्षदों से छुपाने तथा साझा न करने आदि अनियमिताएं एवं नियमों का पालन नहीं करने के विरोध में अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा है इन असंतुष्ट पार्षदों में अमीना बाई हाडा, अनिल आदिवासी, ज्योति गुप्ता, टीना कुशवाह, साकिर खा,

मोनिका भावसार, शानू राठौर, झन्नु बाई शिद, राधे बरेठा, तथा ममता बाई बिलवान, शामिल है पार्षदों ने कलेक्टर को इस विषय में संज्ञान लेने तथा कार्यवाही करने का आग्रह किया गया है उधर कलेक्टर ऋषय गुप्ता ने बताया कि हाल ही में राज्य में हुए नियमों के बदलाव के अंतर्गत किसी भी आविश्वास प्रस्ताव को संबंधित कार्यकाल के तीन वर्ष के बाद प्रस्ताव करने तथा तीन चौथाई बहुमत होना अनिवार्य है इन्हीं बदलाव के आधार पर नियम अनुसार आगे की कार्यवाई की जाएगी गौरतलब है कि नगर परिषद की मौजूदा अध्यक्ष सुश्री कविता शर्मा जाति प्रमाण पत्र को लेकर भी काफी विवादित रही है और अब 10 पार्षदों ने एकजुट होकर अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है अब देखना यह है कि नए नियमों के तहत असंतुष्ट पार्षद बाजी मारते हैं या फिर अध्यक्ष अपना कार्यकाल पूरा करने में सफल होती है…..?

 ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

 

गरीबी से संघर्षरत कवि भगवान कोचले की अनसुनी दास्तां: गाँव से मुंबई तक का सफर

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर तहसील के ग्राम विटामली के निवासी भगवान कोचले (उम्र 46 वर्ष) ने अपनी कला और साहित्य के माध्यम से अपने परिवार की गरीबी को दूर करने का संकल्प लिया है। भगवान कोचले, जो पढ़ाई में छठवीं कक्षा तक ही पहुंचे, अपने गाँव और तहसील का नाम रोशन करने का सपना देख रहे हैं। उनका कहना है कि वे अब तक 20 से अधिक कविताएँ लिख चुके हैं और मुंबई में भी काम कर चुके हैं।

भगवान कोचले के पिता, देवचन्द कोचले का निधन हो चुका है, और उनकी माता, कलाबाई, की देखभाल का जिम्मा भी उनके कंधों पर है। वे खेती और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उनकी पत्नी संतोष बाई कोचले हैं और उनके चार बच्चे हैं, जिनमें से एक लड़का और एक लड़की की शादी हो चुकी है। बाकी दो बच्चों की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है।

भगवान कोचले ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि वे अपनी कविताओं और पेंटिंग्स के माध्यम से एक नई पहचान बनाना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि उनकी कविताओं को सही मूल्य मिले, जिससे वे अपने परिवार को गरीबी से उबार सकें और समाज में एक विशेष स्थान बना सकें।

भगवान कोचले का शौक कविता, पेंटिंग और देश सेवा से जुड़ा हुआ है। वे अपनी कविताओं में समाज के विभिन्न पहलुओं को उजागर करते हैं, और उनके शब्दों में किसान की पीड़ा, संघर्ष और उम्मीदों की गहरी छाप दिखाई देती है। उनकी एक कविता की कुछ पंक्तियाँ हैं:

“किश्मत देखो किसान की,
> मर्जी है इन्द्र भगवान की,
> हुकूमत चलेगी बइमान की,
> झूठे नारे क्यों लगाते जय जवान जय किसान की,
> किश्मत देखो किसान की,
> राजमहल में बैठे क्या जाने संसार की।”

भगवान कोचले ने अपनी कला को आगे बढ़ाने के लिए समाज से सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि अगर उनकी कविताओं और पेंटिंग्स को उचित प्रोत्साहन और समर्थन मिले, तो वे अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं और अपने गाँव, राज्य और तहसील का नाम रोशन कर सकते हैं।

भगवान कोचले का कहना है कि उनके छोटे भाई, मानसिंह कोचले, भी उनका साथ दे रहे हैं, और वे दोनों मिलकर अपने परिवार को एक बेहतर भविष्य देने की कोशिश कर रहे हैं।

भगवान कोचले की कविताओं में जीवन की सच्चाई और संघर्ष की कहानी झलकती है, और वे अपने शब्दों के माध्यम से समाज के हर वर्ग के लोगों को प्रेरित करना चाहते हैं। उनकी यह कहानी हम सभी के लिए एक प्रेरणा है कि चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, अगर हमारे पास संकल्प और साहस हो, तो हम अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।

साहित्यकार भगवान कोचले: संघर्षों के बीच नई पहचान की तलाश

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के ग्राम विटामली के 46 वर्षीय साहित्यकार भगवान कोचले ने अब तक 20 से अधिक कविताएँ लिखी हैं, जिनमें समाज की समस्याओं और किसानों की दुर्दशा को मार्मिक रूप से प्रस्तुत किया गया है। गरीबी से जूझते हुए, भगवान कोचले अपने परिवार का जीवन-यापन बड़ी मुश्किल से कर रहे हैं। वे अपनी कविताओं और पेंटिंग्स के माध्यम से एक नई पहचान बनाना चाहते हैं। भगवान कोचले का सपना है कि उनकी कविताओं को सही मंच मिले, जिससे वे अपने गाँव और राज्य का नाम रोशन कर सकें और साहित्यिक जगत में अपना महत्वपूर्ण स्थान बना सकें।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट