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Tuesday, January 27, 2026
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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष के बयान से नाराज भाजयुमो ने फूका अखिलेश यादव का पुतला ।

सरोजिनी नगर लखनऊ| समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी की ओर से मठाधीश और माफिया को एक समान बताने के बयान के खिलाफ शनिवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रियांशु दत्त द्विवेदी के नेतृत्व में लखनऊ महानगर युवा मोर्चा ने अटल चौक पर उनका पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया गया। साथ ही युवा मोर्चा ने मांग उठाई कि उन्हें अपने इस बयान पर माफी मांगनी चाहिए।

प्रदेश अध्यक्ष प्रियांशु दत्त ने कहा कि अखिलेश यादव सदैव से ही हिंदुओं का अपमान करने का कार्य करते आए हैं। इससे पहले इन्हें सहयोगी कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी संसद में हिंदुओं को हिंसक कहकर उनका अपमान करने का काम किया था महानगर अध्यक्ष मानवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पूर्व में जब सपा सरकार थी तब वह माफिया की सरकार थी। मीडिया प्रभारी अभय उपाध्याय ने बताया कि प्रदर्शन में अनुभव त्रिवेदी ,राहुल गुप्ता, शिवेंद्र विक्रम शाही आदि शामिल थे ।

ई खबर मीडिया के लिए रजत पांडे की रिपोर्ट 

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने जिले के कोठरी स्थित ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया।

सीहोर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने जिले के कोठरी स्थित ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित होने वाली सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी ली।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि लोगो को उच्च कोटि की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करायी जाये। बदलते मौसम में जल जनित बिमारियों से बचाव के प्रबंध सुनिश्चित किए जाये। उन्होने निर्देश दिये कि जल जनित बिमारियों से प्रभावित लोगो को अभियान चलाकर चिन्हित कर उनका इलाज किया जाय तथा मरीजों को उचित इलाज मिले यह सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दवाएं आदि पहले से सुनिश्चि कर ली जाएं ताकि मरीजों किसी प्रकार परेशानी का सामना न करना पड़े।

ई खबर मीडिया के लिए राजकुमार की रिपोर्ट 

 

पूर्व पार्षद कुमरावत का निधन‌ ।

देवास पीपलरावां । गत दिवस प्रकाश कुमरावत एवं रितेश कुमरावत के पिताजी एवं लक्ष्मीनारायण, अरुण कुमार, त्रिलोक चंद ,दीपक कुमरावत के बड़े भाई पूर्व पार्षद तथा होटल संचालक एवं मिठाई विक्रेता रामेश्वर कुमरावत का असामायिक निधन हो गया, श्मशान घाट पर उनके पुत्रों ने मुखाग्नि दी ।
वही 2 मिनट का मौन रखकर गायत्री महामंत्रों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी । इस अवसर पर भूपेंद्रकुमार नागर ,शेषनारायण नाहर ,पूर्व सरपंच महेश धाकड़, कैलाशचंद्र पाठोंदिया ,अनिल राठौर, राम नारायण चावढा, किशोर सिंह सिंदल, अंबाराम शिंदे ,प्रहलाद सिंह धाकड़, हुकम चंद सेठी आदि उनके इष्ट मित्र एवं रिश्तेदार उपस्थित थे ।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

 

फूलों की बंदनवार से सजा बाबा का मंदिर ।

देवास पीपलरावां । गत दिवस शुक्रवार को बाबा रामदेव जी की दशमी के दिन नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के असंख्य श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव जी के दर्शन लाभ लिए । जहां पर नारियल चूरमा, लड्डू आदि चढ़ाए गए वहीं मन्नत पूरी होने पर तुलादान भी किया गया ।

प्रहलादसिंह धाकड़, कैलाशचंद्र पाठोंदिया, भारत सिंह सिसोदिया, अंबारामशिंदे, मेहरबानसिंह हाड़ा आदि अनेक श्रद्धालु गणों ने बाबा रामदेव जी के चरणों में पूजा अर्चना कर माथा टेका ।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

 

नगर से ग्राम धंधेड़ा, खुटखेड़ा, से बिसुखेड़ी कुल 8 किलोमीटर, किंतु 22 किलोमीटर का चक्कर, आम नागरिकों की फजीहत ।

देवास पीपलरावां । नगर से तीन किलोमीटर की दूरी पर बसा धंधेड़ा, 3 किलोमीटर खुटखेड़ा व 2 किलोमीटर ग्राम विसुखेड़ी जिला सीहोर की पीपलरावां से दूरी मात्र 8 किलोमीटर है अब वहां तक पहुंचने के लिए मुरमिया बड़ा, पाडलिया महोबा, खुटखेडा, से मलपुरा , पुंजापुरा , से कजलास से फिर बिसुखेडी कुल 22 किलोमीटर का चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है कई सांसद, विधायक आए और चले गए किंतु इस और किसी भी सांसद, विधायक ने अपना ध्यान नहीं दिया । नगर सहित आसपास की ग्रामीण आम जनता ने सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी व विधायक श्री डॉ राजेश सोनकर से मांग की है कि वै अविलंब इन तीनों गांवों को प्रधानमंत्री सड़क योजना से जोड़ कर आम नागरिकों को सुविधा मुहैया करावे, जिससे कि आवागमन सुचारू रूप से चल सके। आज देश को आजाद हुए 75 साल से भी अधिक समय व्यतीत हो चुका है किंतु ग्रामीण क्षेत्र में आज भी वही दुर्दशा विद्यमान है समस्याएं सुरसा राक्षसी की तरह मुंह फैलाए खड़ी हुई है । वही खूटखेड़ा व धंदेड़ा के मध्य शासन के लाखों रुपए खर्च कर खेलखुद स्टेडीयम बनाया गया है जिसका रोड के अभाव में कोई औचित्य नहीं है। समाचार को विशेष महत्व देकर लगावे ।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

 

प्यार की आड़ में धोखा: कोर्ट मैरिज के बाद पत्नी को छोड़ फरार हुआ पुलिसकर्मी का बेटा, पीड़िता ने लगाई न्याय की गुहार

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्यार के नाम पर धोखे का एक और उदाहरण देखने को मिला। अंबेडकर वार्ड हेठी रोड वडसा की रहने वाली 25 वर्षीय नीलिमा प्रधान ने एक बार फिर अपने पति राजकुमार प्रधान और उसके परिवार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। नीलिमा और राजकुमार की कोर्ट मैरिज 27 मार्च 2024 को हुई थी, जोकि दोनों के तीन साल के लिव-इन रिलेशनशिप का परिणाम थी। इस रिश्ते की शुरुआत प्यार और विश्वास पर हुई थी, लेकिन शादी के बाद वह सब एक झूठ और धोखे में तब्दील हो गया।

तीन साल का लिव-इन रिलेशनशिप, फिर अचानक बदल गई दुनिया

नीलिमा प्रधान ने मीडिया को अपनी दर्दभरी कहानी बताते हुए कहा कि वह और राजकुमार पिछले तीन साल से एक-दूसरे के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। दोनों के बीच बेइंतहा प्यार था और उन्होंने एक साथ जिंदगी बिताने का सपना देखा था। राजकुमार के प्रति उसका अटूट विश्वास था और इसीलिए उसने बिना किसी हिचकिचाहट के 27 मार्च को कोर्ट में जाकर उससे शादी कर ली। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। शादी के तुरंत बाद राजकुमार का व्यवहार बदल गया।

शादी के बाद बदला राजकुमार, घर ले जाने से किया इनकार

नीलिमा प्रधान ने बताया कि शादी के बाद, जहां हर महिला अपने पति के साथ नए जीवन की शुरुआत करती है, वहीं उसके सपनों को कुचलते हुए राजकुमार ने उसे अपने घर ले जाने से साफ मना कर दिया। राजकुमार के इस फैसले से नीलिमा सदमे में थी, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और खुद से राजकुमार के घर का पता करके वहां पहुंच गई।

जब वह राजकुमार के घर पहुंची, तो घर के गेट पर ताला लगा हुआ था, जबकि अंदर उसके ससुराल वाले मौजूद थे। नीलिमा ने घंटों इंतजार किया, लेकिन किसी ने दरवाजा खोलने की जहमत नहीं उठाई। राजकुमार और उसके परिवार ने उसे साफ तौर पर 6 महीने का समय मांगा, यह कहकर कि फिलहाल वे उसे अपने घर में नहीं रख सकते। नीलिमा ने हार नहीं मानी और अपने हक की लड़ाई लड़ने का फैसला किया।

पुलिस ने नहीं की मदद, नीलिमा का आरोप – मामला घरेलू बताकर टाल दिया

नीलिमा ने पुलिस की मदद लेने का भी प्रयास किया, लेकिन उसे वहां से भी निराशा ही हाथ लगी। जब वह बरसा देसाईगंज पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत दर्ज कराने पहुंची, तो पुलिस ने उसके मामले को घरेलू कहकर रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया। पुलिस की इस लापरवाही से परेशान नीलिमा ने मीडिया का सहारा लिया और अपने पति राजकुमार प्रधान और उसके परिवार के खिलाफ न्याय की गुहार लगाई।

पति का परिवार भी कर रहा है सहयोग, पिता और भाई पुलिस में कार्यरत

नीलिमा प्रधान ने बताया कि उसके पति राजकुमार प्रधान के माता-पिता भी उसे बचा रहे हैं और उसे मिलने से रोक रहे हैं। राजकुमार के पिता मधुकर प्रधान नागपुर पुलिस में एक प्रतिष्ठित पद पर कार्यरत हैं, जबकि उसका भाई ओमकार प्रधान भी पुलिस विभाग में कार्यरत है। नीलिमा ने आरोप लगाया कि राजकुमार के परिवार ने उसे छुपा रखा है और उसका मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया है, ताकि उससे कोई संपर्क न हो सके।

मीडिया से लगाई न्याय की गुहार – “पिछले 3-4 साल से खेल रहा था मेरे साथ”

नीलिमा प्रधान ने मीडिया के माध्यम से अपनी व्यथा बताते हुए कहा, “राजकुमार पिछले तीन-चार साल से मेरे साथ खेलता आ रहा है। उसने मुझे प्यार के नाम पर धोखा दिया और अब शादी के बाद मुझे छोड़कर फरार हो गया। उसके परिवार ने भी मुझे अकेला छोड़ दिया और मुझे घर में रखने से इनकार कर दिया। मैं न्याय चाहती हूं और उम्मीद करती हूं कि मेरी आवाज सुनी जाएगी।”

नीलिमा प्रधान की यह कहानी सिर्फ उसके लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं के लिए एक उदाहरण है, जो प्यार और विश्वास के नाम पर धोखा खाती हैं। नीलिमा की लड़ाई अब सिर्फ उसके अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं के हक की भी है, जिन्हें उनके पति और परिवार ने धोखा दिया है।

राजकुमार प्रधान की पहचान – पुलिस परिवार से जुड़ा होने के बावजूद फरार

गौरतलब है कि राजकुमार प्रधान, जिसका परिवार पुलिस से जुड़ा हुआ है, खुद कानून की आड़ में फरार हो गया है। नीलिमा प्रधान के मुताबिक, राजकुमार के पिता मधुकर प्रधान नागपुर पुलिस में हैं और उसका भाई ओमकार प्रधान भी पुलिस विभाग में कार्यरत है। इसके बावजूद, नीलिमा को न्याय दिलाने की कोशिशों में रोड़े डाले जा रहे हैं।
*नीलिमा का संकल्प – “मैं अपने हक के लिए लड़ती रहूंगी”*

नीलम नहीं जानकारी देते हैं बताया कि पति राजकुमार की मां वीना प्रधान और मौसी घर के अंदर नहीं आने दे रही मैं कई घंटे से गेट के बाहर खड़ी हुई हूं परंतु घर का गेट नहीं खोल रही लॉक लगा रखा है।

नीलिमा ने अंत में कहा, “मैं इस लड़ाई को तब तक लड़ूंगी, जब तक मुझे न्याय नहीं मिल जाता। मैं उसे कभी माफ नहीं करूंगी जिसने मेरे साथ इतने सालों तक धोखा किया। मुझे मेरे अधिकार चाहिए और मैं उसे पाने के लिए हर संभव कोशिश करूंगी।

 

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

भोपाल: एसपी राहुल लोढ़ा के ट्रांसफर से पहले बजरंग दल का कड़ा विरोध, अभिषेक कुशवाहा और सुरेंद्र सिंह चौहान के विशेष नेतृत्व में सड़कों पर उतरे सैकड़ों कार्यकर्ता

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एसपी राहुल कुमार लोढ़ा की नियुक्ति से पहले ही बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। रतलाम में गणेश प्रतिमा जुलूस के दौरान उपजे विवाद में एसपी लोढ़ा द्वारा की गई एकतरफा कार्रवाई के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया। इस घटना में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और एक युवक की मौत से आक्रोशित बजरंग दल ने राहुल लोढ़ा को हिंदू विरोधी मानसिकता का अधिकारी करार दिया।

गणेश प्रतिमा जुलूस पर विवाद और पुलिस की कार्रवाई

रतलाम में गणेश प्रतिमा के जुलूस के दौरान पत्थरबाजी की अफवाह फैली, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस घटना के बाद माहौल बिगड़ गया, और हिंसा के दौरान एक युवक की मौत हो गई। बाद में एसपी राहुल लोढ़ा ने सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर पत्थरबाजी की घटना को झूठा करार दिया, जिसके बाद हिंदू संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई। बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों ने इसे पक्षपातपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया कि एसपी लोढ़ा ने हिंदू संगठनों को जानबूझकर निशाना बनाया।

जिला वीर सावरकर प्रताप प्रखंड मंत्री अभिषेक कुशवाहा और प्रांत संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह चौहान का नेतृत्व

बजरंग दल के *जिला वीर सावरकर प्रताप प्रखंड मंत्री अभिषेक कुशवाहा* और प्रांत संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह चौहान ने इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य भूमिका निभाई। दोनों ने मिलकर रतलाम की घटना में पुलिस की एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा संभाला और एसपी राहुल लोढ़ा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। अभिषेक कुशवाहा ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने बिना निष्पक्ष जांच के हिंदू समुदाय को दोषी ठहराने का प्रयास किया, और लोढ़ा की हिंदू विरोधी मानसिकता को उजागर किया।

अभिषेक कुशवाहा ने कहा, “हम हिंदू समाज के खिलाफ किसी भी प्रकार की भेदभावपूर्ण कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेंगे। एसपी लोढ़ा ने जानबूझकर हिंदू संगठनों को निशाना बनाया और हम इसके खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।”

भोपाल में लोढ़ा का ट्रांसफर और बजरंग दल की चेतावनी

भोपाल में एसपी राहुल लोढ़ा की नियुक्ति से पहले हुए इस व्यापक विरोध और अभिषेक कुशवाहा तथा सुरेंद्र सिंह चौहान के विशेष नेतृत्व में उठी आवाज ने प्रशासन पर दबाव बनाया, जिसके परिणामस्वरूप लोढ़ा का ट्रांसफर कर दिया गया। हालांकि यह ट्रांसफर प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, लेकिन बजरंग दल इसे अपनी जीत मान रहा है।

सह संयोजक अभिजीत सिंह राजपूत और विभाग मंत्री जीवन शर्मा ने भी इस विरोध प्रदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाई। दोनों नेताओं ने कहा कि हिंदू समाज के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर बजरंग दल चुप नहीं बैठेगा और भविष्य में भी इस प्रकार के कदम उठाए जाते रहेंगे।

बजरंग दल की भविष्य की रणनीति

बजरंग दल ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में हिंदू समाज के खिलाफ इस प्रकार की घटनाएं दोहराई गईं, तो वह और बड़ा आंदोलन करेंगे। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए हमेशा तैयार हैं, और अभिषेक कुशवाहा और सुरेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में युवाओं को एकजुट कर राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत करने के लिए काम करता रहेगा।

*संयोजक दिनेश यादव* ने इस विरोध को संगठन की एकता और ताकत का प्रतीक बताते हुए कहा कि बजरंग दल के कार्यकर्ता धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

प्रतापगढ़ की सीमा कुमारी ने सोशल मीडिया पर मचाया धमाल, गरीबी से लड़कर बना रही है अपनी अलग पहचान!

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के जगतपुर गांव की 25 वर्षीय सीमा कुमारी आज सोशल मीडिया पर अपनी अलग पहचान बना रही हैं। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली सीमा ने अपने संघर्ष और मेहनत के बल पर सोशल मीडिया को अपनी जिंदगी बदलने का जरिया बनाया है।

सीमा के पति, स्वर्गीय रमा शंकर पटेल के निधन के बाद से उन पर अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी आ गई है। सीमा की माता सावित्री देवी और पिता राम आसरे पटेल का उन्हें पूरा समर्थन मिला है। उनके दो बच्चे हैं, जिनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए सीमा दिन-रात मेहनत कर रही हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर सीमा के रील्स और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। उनका यूट्यूब चैनल @SeemaSeema61240 पर 1.42K सब्सक्राइबर्स हैं, और अब तक उन्होंने 1.9K वीडियो अपलोड किए हैं। उनके वीडियो को सोशल मीडिया पर ‘सोशल मीडिया क्वीन’ के नाम से जाना जाने लगा है।

सीमा का सपना है कि उनके वीडियो ज्यादा से ज्यादा लोग देखें और शेयर करें, ताकि वह अपनी पहचान बनाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकें। अपने संघर्ष की कहानी साझा करते हुए सीमा ने बताया कि उन्हें सरकार से आर्थिक मदद की भी जरूरत है, ताकि वे अपने बच्चों का बेहतर भविष्य सुनिश्चित कर सकें।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

 

रतलाम में एसपी का ट्रांसफर: बजरंग दल के युवा कार्यकर्ता अभिषेक कुशवाहा का सक्रिय योगदान

भोपाल। मध्य प्रदेश में देर रात एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव हुआ, जब आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी की गई। इसमें रतलाम और नरसिंहपुर जिलों के एसपी बदले गए। रतलाम के एसपी राहुल कुमार लोढ़ा का तबादला एसपी रेल भोपाल के रूप में कर दिया गया, जबकि नरसिंहपुर के एसपी अमित कुमार को रतलाम जिले का नया एसपी नियुक्त किया गया है।

इस प्रशासनिक फेरबदल की पृष्ठभूमि में रतलाम में गणेश स्थापना के दिन हुए उपद्रव का मामला मुख्य कारण बनकर उभरा। उस दिन हिंदू संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। एसपी रहते हुए राहुल लोढ़ा ने सांप्रदायिक विवाद को सुलझाने की कोशिश की थी, और जब स्थिति बिगड़ने लगी, तो उन्होंने उपद्रवियों पर लाठीचार्ज के आदेश दिए थे।

घटना के दौरान अफवाह फैली थी कि समुदाय विशेष द्वारा गणेश प्रतिमा जुलूस पर पत्थर फेंके गए थे। इस पर राहुल लोढ़ा ने सक्रियता से सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई, जिसमें यह साबित हुआ कि पत्थरबाजी की अफवाह झूठी थी। बावजूद इसके, कुछ संगठनों द्वारा हिंसा जारी रही, जिस पर एसपी लोढ़ा ने सख्त कदम उठाते हुए स्थिति को काबू में किया।

हालांकि, हिंदू संगठनों ने लोढ़ा की इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई और बजरंग दल ने पुलिस की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाई। बजरंग दल के प्रांतीय युवा कॉर्डिनेटर अभिषेक कुशवाहा ने इस मामले में विशेष भूमिका निभाई। अभिषेक कुशवाहा, जो न केवल एक आईटी प्रोफेशनल हैं, बल्कि युवाओं को राष्ट्रवाद और धर्म-संस्कृति की ओर प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ने रतलाम में एसपी लोढ़ा की कार्रवाई का विरोध किया।

अभिषेक कुशवाहा ने प्रशासन पर दबाव डालते हुए एसपी के खिलाफ ज्ञापन सौंपा, जिसमें पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की जांच की मांग की गई थी। ज्ञापन के चार घंटे बाद ही देर रात राहुल लोढ़ा का तबादला कर दिया गया। यह कदम अभिषेक कुशवाहा और उनके नेतृत्व में बजरंग दल की सक्रियता को दर्शाता है।

अभिषेक कुशवाहा ने युवाओं को एकजुट कर रतलाम की जनता की भावनाओं का प्रतिनिधित्व किया, और उनके प्रयासों ने सरकार को स्थिति का पुनर्मूल्यांकन करने पर मजबूर किया। यह कदम न केवल बजरंग दल की शक्ति और संगठन की प्रभावशीलता को दिखाता है, बल्कि युवाओं के नेतृत्व में राष्ट्रवाद की भावना को भी उजागर करता है।

प्रदेश की जनता और बजरंग दल के कार्यकर्ता अभिषेक कुशवाहा के इस प्रयास की सराहना करते हुए आभार व्यक्त कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने एसपी लोढ़ा की कथित मनमानी को चुनौती देकर रतलाम में न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चि

इंद्रदेव की कृपा बरकरार बनें होंने के कारण, अब 14 सितंबर 2024 का भी घोषित हुआ अवकाश

अलीगढ़ अलर्ट: अलीगढ़ में दिनांक: 11/7/2024 से लगातार हो रहीं बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी विशाख जी ने 14 सितंबर शनिवार को भी स्कूलों का अवकाश घोषित करनें के आदेश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पत्र निर्गत कर समस्त सरकारी/गेर सरकारी/प्राइवेट/सी•बी•एस•ई•/आई•सी• एस•ई• एवं समस्त शिक्षण संस्थानों से जुड़े नर्सरी से कक्षा-12 तक के स्कूल शनिवार 14 सितंबर को भी बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

ई खबर मीडिया के लिए अलीगढ़ से नितिन अरोड़ा की रिपोर्ट