-2.6 C
Munich
Tuesday, January 27, 2026
Home Blog Page 27

जनसुनवाई में आवेदकों ने कलेक्टर श्री गुप्ता को बताई अपनी समस्याएं

देवास जिला मुख्यालय पर मंगलवार को कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने जनसुनवाई की। जनसुनवाई में आवेदकों ने अपने आवेदन कलेक्टर श्री गुप्ता के समक्ष प्रस्तुत किए। आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए कलेक्टर श्री गुप्ता ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों के जिला अधिकारीगण उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाये

जनसुनवाई में आवेदिका सीमा गोमदान निवासी देवास ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के संबंध में आवेदन दिया। आवेदन पर सुनवाई करते हुए कलेक्टर श्री गुप्ता ने संबंधित अधिकारी को नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिये।

जमीन का सीमांकन कराया जाए

जनसुनवाई में आवेदक रामेश्‍वर पाटीदार ने जमीन के सीमांकन के लिए आवेदन दिया। आवेदन पर सुनवाई करते हुए कलेक्टर श्री गुप्ता ने संबंधित अधिकारी को नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिये।

अधिक ध्‍वनि विस्‍तारक यंत्रो पर प्रतिबंध लगाया जाये

जनसुनवाई में आवेदकों ने ध्‍वनि प्रदूषण रोकने के लिए अधिक ध्‍वनि विस्‍तारक यंत्रो पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में आवेदन दिया। आवेदन पर सुनवाई करते हुए कलेक्टर श्री गुप्ता ने संबंधित अधिकारी को नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिये।

आवास कुटी का लाभ दिलाया जाए

जनसुनवाई में आवेदक गेंदालाल पिता हीरालाल सोलंकी निवासी खरेली ने आवास कुटी का लाभ दिलाने के संबंध में आवेदन दिया। आवेदन पर सुनवाई करते हुए कलेक्टर श्री गुप्ता ने संबंधित अधिकारी को नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिये।

ये आवेदन भी हुए प्राप्त

जनसुनवाई में जमीन के सीमाकंन, बिजली बिल कम कराने, नामाकंन, बंटवारा, रास्ते पर से अतिक्रमण हटाने, अतिक्रमण हटवाने, नालियों की साफ-सफाई करने सहित अन्य आवेदन पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को जांच कर त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

 

आबकारी विभाग ने बागली वृत्‍त में मोटर साइकिल से 15 लीटर हाथ भट्टी मदिरा जब्त कर एक प्रकरण किया दर्ज

देवास जिले में आबकारी विभाग अवैध मदिरा संग्रहण, परिवहन और विक्रय के विरूद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में आबकारी विभाग के दल द्वारा वृत्त बागली(अ) में मुखबिर की सूचना पर मोटर साइकिल की विधिवत तलाशी लेने पर 15 लीटर हाथ भट्टी मदिरा जब्त की गई। कार्यवाही में वाहन एवं मदिरा को विधिवत कब्जे में लेकर आरोपी के विरूद्ध मध्य प्रदेश आबकारी अधीनियम की धारा 34(1) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया। जप्त मदिरा एवं वाहन का बाजार मूल्य 28 हजार रूपये है। कार्यवाही में आबकारी उपनिरीक्षक दिनेश भार्गव, आबकारी आरक्षक राजेश जोशी शामिल थे। जिले में आबकारी विभाग द्वारा इस प्रकार की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

 

 

कर्नाटक CM सिद्धारमैया पर जमीन घोटाले का केस चलेगा:हाईकोर्ट ने गवर्नर के आदेश को बरकरार रखा, सिद्धारमैया की याचिका खारिज

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ जमीन घोटाले से जुड़े मामले में केस चलेगा। कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने मंगलवार को कहा- ‘याचिका में जिन बातों का जिक्र है, उसकी जांच जरूरी है। केस में मुख्यमंत्री का परिवार शामिल है, इसलिए याचिका खारिज की जाती है।’

राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 16 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 218 के तहत सिद्धारमैया के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दी थी। CM ने 19 अगस्त को इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी।

मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) घोटाले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उनकी पत्नी, साले और कुछ अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की गई है। एक्टिविस्ट टी. जे. अब्राहम, प्रदीप और स्नेहमयी कृष्णा का आरोप है कि CM ने MUDA अधिकारियों के साथ मिलकर महंगी साइट्स को धोखाधड़ी से हासिल किया।

सिद्धारमैया की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी और प्रो. रविवर्मा कुमार पेश हुए। राज्यपाल की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पैरवी की। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता शशि किरण शेट्टी ने अपनी दलीलें रखीं। मनिंदर सिंह, प्रभुलिंग के. नवदगी, लक्ष्मी अयंगर, रंगनाथ रेड्डी, के.जी. राघवन सहित अन्य ने शिकायतकर्ताओं की ओर से दलीलें पेश कीं।

कर्नाटक राज्यपाल सचिवालय की ओर से सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने को लेकर जारी नोटिस।
कर्नाटक राज्यपाल सचिवालय की ओर से सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने को लेकर जारी नोटिस।

सिद्धारमैया बोले- सत्य की जीत होगी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि वे जांच का सामना करने से नहीं डरते, लेकिन कानूनी सलाह लेंगे कि क्या इस मामले में इंवेस्टीकेशन हो सकती है या नहीं।

उन्होंने आगे कहा कि मैं कानून और संविधान में विश्वास करता हूं। अंत में सच की जीत होगी।

MUDA केस क्या है साल 1992 में अर्बन डेवलपमेंट संस्थान मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MUDA) ने कुछ जमीन रिहायशी इलाके में विकसित करने के लिए किसानों से ली थी। इसके बदले MUDA की इंसेंटिव 50:50 स्कीम के तहत अधिग्रहीत भूमि मालिकों को विकसित भूमि में 50% साइट या एक वैकल्पिक साइट दी गई।

1992 में MUDA ने इस जमीन को डीनोटिफाई कर कृषि भूमि से अलग किया था। 1998 में अधिगृहीत भूमि का एक हिस्सा MUDA ने किसानों को डीनोटिफाई कर वापस कर दिया। यानी एक बार फिर ये जमीन कृषि की जमीन बन गई।

3 एकड़ जमीन से जुड़ा है MUDA घोटाला दरअसल, सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती के पास मैसुरु जिले के केसारे गांव में 3 एकड़ और 16 गुंटा जमीन थी। ये जमीन पार्वती के भाई मल्लिकार्जुन ने उन्हें 2010 में गिफ्ट में दी थी। MUDA ने इस जमीन को अधिग्रहण किए बिना ही देवनूर स्टेज 3 लेआउट विकास किया था।

हालांकि इस जमीन के बदले 2022 में बसवराज बोम्मई सरकार ने पार्वती को साउथ मैसुरु के पॉश इलाके में 14 साइट्स दिए थे। इनका 50:50 अनुपात योजना के तहत कुल 38,283 वर्ग फीट एरिया था।

MUDA घोटाले को लेकर भाजपा और जेडीएस ने 3 अगस्त से सात दिनों की बेंगलुरु से मैसुरु तक पदयात्रा की। इसमें जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी और कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र भी शामिल हुए।
MUDA घोटाले को लेकर भाजपा और जेडीएस ने 3 अगस्त से सात दिनों की बेंगलुरु से मैसुरु तक पदयात्रा की। इसमें जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी और कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र भी शामिल हुए।

सिद्धारमैया पर क्या-क्या आरोप लगे हैं

  • सिद्धारमैया की पत्नी को MUDA की ओर से मुआवजे के तौर पर मिले विजयनगर के प्लॉट की कीमत केसारे गांव की उनकी जमीन से बहुत ज्यादा है।
  • स्नेहमयी कृष्णा ने सिद्धारमैया के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। इसमें उन्होंने सिद्धारमैया पर MUDA साइट को पारिवारिक संपत्ति का दावा करने के लिए डॉक्युमेंट्स में जालसाजी का आरोप लगाया गया है।
  • 1998 से लेकर 2023 तक सिद्धारमैया कर्नाटक में डिप्टी CM या CM जैसे प्रभावशाली पदों पर रहे। भले ही सीधे तौर पर वे इस घोटाले से न जुड़े हों, लेकिन उन्होंने अपने पावर का इस्तेमाल कर करीबी लोगों की मदद की।
  • सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती के भाई मल्लिकार्जुन ने साल 2004 में डेनोटिफाई 3 एकड़ जमीन अवैध रूप से खरीदी थी। 2004-05 में कर्नाटक में फिर कांग्रेस-JDS गठबंधन की सरकार में सिद्धारमैया डिप्टी CM थे।
  • योजना के तहत, जिन लैंड ओनर्स की भूमि MUDA द्वारा अधिग्रहित की गई है। उन्हें मुआवजे के रूप में अधिक मूल्य की वैकल्पिक साइटें आवंटित की गई हैं। साथ ही रियल एस्टेट एजेंट्स को भी इस स्कीम में जमीन दी गई है।
  • भूमि आवंटन घोटाले का खुलासा एक RTI एक्टिविस्ट ने करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में 50:50 योजना के तहत 6,000 से अधिक साइटें आवंटित की गई हैं।
  • भाजपा सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि यह 3 हजार से 4 हजार करोड़ रुपए का घोटाला है। इसमें सिद्धारमैया का परिवार शामिल है। कांग्रेस इस पर चुप्पी साधे हुए है। राज्यपाल ने जांच के आदेश दिए हैं, उनका शुक्रिया।

झुग्गी वाले अपने मकान किराए पर दे देते हैं’:भोपाल को झुग्गीमुक्त करने के मुद्दे पर बोलीं महापौर; कहा-इसका प्लान बना रहे

भोपाल। राजधानी भोपाल को झुग्गी मुक्त करने के लिए विगत दिवस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झुग्गियों को हटाने के लिए विस्तृत प्लान बनाने को कहा है। विस्तृत प्लान बनाने से पहले हरिभूमि ने सिटी प्लानर से चर्चा की तो यह तथ्य सामने आए कि कोई भी शहर झुग्गी मुक्त तब तक नहीं हो सकता, जब तक झुग्गी वालों को वर्तमान से बेहतर सुविधाएं नहीं देते हैं, वर्ना यही होता रहेगा जैसे भोपाल सहित अन्य महानगरो में पक्के आवास भी दिए गए और शहर झुग्गी मुक्त भी नहीं हो पाया। जबकि भोपाल में सबसे बड़ी बात यह है कि पक्के मकान जिन लोगों को दिए गए, उन्होंने झुग्गी भी खाली नहीं की। इस व्यवस्था को सुधारने के लिए मकान देते समय ही झुग्गी तोडकर उसका फोटो आवंटित से लेना होगा।

मुख्यमंत्री द्वारा यह कहा गया कि पहले पीएम आवास वाले भवन तैयार करें और फिर झुग्गियों को खाली कराएं। नियम के अनुसार नगर निगम को मकान आवंटित करने से पहले उसकी झुग्गी को तोड़ने का फोटो भी लगाना चाहिए, जिससे झुग्गी की संख्या कम हो। झुग्गी मुक्त करने के लिए प्लान बनाने का समय अक्टूबर तक का समय है। सिटी प्लानर के अनुसार प्लान तो बन जाएगा, लेकिन अमल करने के लिए यह तय करना होगा कि जहां से झुग्गी हटाना हो उसे तोड़ दिया जाए। साथ ही मकानों की हालत बेहतर हो और आसपास भी सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके बाद ही झुग्गी में रहने वाला व्यक्ति मकान में शिफ्ट होने में संकोच नहीं करेगा।

प्राइम लोकेशन से हटना नहीं चाहते लोग

रोशनपुरा बस्ती 17 एकड़ में फैली है। यह स्थान ऐसा है कि यहां की आबादी दूर जाना नहीं चाहती। इनके लिए विकसित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना होगा। उसके बाद उनसे चर्चा करने के बाद ही तैयार करना होगा कि झुग्गी से बेहतर उस स्थान पर रहना अच्छा होगा, जहां उन्हें भेजा जा रहा है। जबकि बाणगंगा सहित करीब 300 एकड़ में फैली 388 बस्ती वालों को उसी स्थान पर मकान चाहिए। इन लोगों को जहां मकान दिए जा रहे हैं, वहां विकास इन्हीं बस्तियों के समान करना होगा।

झुग्गी कब से बनना शुरू हुईं

नगर निगम के पूर्व आयुक्त देवी सरन के अनुसार भोपाल में झुग्गियों का चलन उस समय शुरू हुआ, जब अर्जुन सिंह मुख्यमंत्री थे। उस दौरान गांवों व दूसरे शहरों से लोगों को राजधानी में नौकरी की तलाश में आना शुरू हुआ। वर्ष 1980 से पहले भी झुग्गी थीं, लेकिन उनकी संख्या सीमित थी। वर्ष 1980 के बाद पट्टा दिया जाने लगा, तब झुग्गी की संख्या लगातार बढ़ती चली गई।

झुग्गी बस्ती से बेहतर निर्माण हो

कोई भी शहर तभी झुग्गी मुक्त हो सकता है, जब झुग्गी को तोड़कर मकान दिया जाए और जहां से व्यक्ति को हटाया जा रहा है, उससे अच्छी व्यवस्था और मकान का निर्माण भी बेहतर हो। इसलिए पीएम आवास बनाने की गति बढ़ाई जाए या झुग्गी को शिफ्ट करने के स्थान को झुग्गी बस्ती से बेहतर डेवलप किया जाए।
वीपी कुलश्रेष्ठ, पूर्व सिटी प्लानर व राष्ट्रीय सिटी प्लानर एसोसिएशन सदस्य

दस हजार करोड़ की 650 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा

शहर को स्लम फ्री बनाने की कवायद एक बार फिर से शुरू होने जा रही है, जिसके तहत मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की हिदायत के बाद चिन्हित 73 झुग्गी बस्तियों के रहवासियों को जेएनएनयूआर प्रोजेक्ट के तहत फ्लैट दिए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। पुरानी झुग्गी बस्तियां हटाने आसपास जगहों की तलाश की जा रही है।  शहर में अब तक झुग्गियों को हटाने में 1450 करोड़ रुपए खर्च हो गए हैं। शहर में झुग्गी बस्तियों के इलाकों की संख्या 73 तक पहुंच गई है। सबसे ज्यादा झुग्गी वाले देश के टॉप-10 शहरों में भोपाल भी शामिल है। शहर में दस हजार करोड़ की 650 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा करने का अनुमान है।

निगम के साथ मिलकर स्लम फ्री करेंगे शहर

शहर में हमारे पास जमीनें कम हैं। जितनी हैं, उन पर पीएम आवास बनाए जा रहे हैं। इसमें से 50 फीसदी स्लम वालों के लिए हैं। नई झुग्गियों की बसाहट रोकने नियमित कार्रवाई की जाती है। निगम के साथ मिलकर शहर को स्लम फ्री बनाने की योजना है।
कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर

16 साल से चल रही कवायद

साल 2008 में जेएनएनयूआर प्रोजेक्ट के तहत 11,500 आवास बनाए गए। जिसमें अर्जुन नगर, मैनिट के पास, कोटरा सुल्तानाबाद नेहरू नगर, 1100 क्वाटर्स शामिल हैं। इन पर करीब 448 करोड़ खर्च हुए, पर अब कलियासोत कैचमेंट के भीतर झुग्गियां बन गईं, जिन्हें मकान मिले, उन्होंने भेल क्षेत्र में भी झुग्गी बना लीं। अब फिर शहर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 14 हजार फ्लैट बनाने का अभियान चल रहा है। इस पर 546 करोड़ खर्च होंगे।

आष्टा कोटरी में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मृत्यु पांच घायल

कोठरी से आ रही है जहां आकसिये बिजली गिरने से तीन की मौत और 5 घायल हुए हे 2 को सीहोर रेफर और 3 को आष्टा भर्ती कराया गया है। आज ग्राम कोठरी में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई है तथा पांच लोग घायल हुए हैं यह घटना खेत में सोयाबीन काटने के दरमियान हुई है इस दर्दनाक हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है उनके परिजनों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी तथा घायलों को उचित सहायता राशि प्रदान की जाएगी सभी घायलों का सिविल अस्पताल में उच्च इलाज चल रहा है

ई खबर मीडिया के लिए राजकुमार की रिपोर्ट 

डायरेक्टर अली अब्बास जफर पर फंड्स के दुरुपयोग का आरोप:पुलिस कम्प्लेन करने गए थे प्रोड्यूसर वासु, FIR दर्ज नहीं हुई; फिल्म BMCM से जुड़ा है मामला

हाल ही में दैनिक भास्कर ने खुलासा किया था कि पूजा एंटरटेनमेंट के फाउंडर और मशहूर फिल्म प्रोड्यूसर वासु भगनानी ने फिल्म डायरेक्टर अली अब्बास जफर के 7.3 करोड़ रुपए अटका कर रखे हैं।

अपनी पड़ताल में भास्कर ने पाया था कि अली ने वासु के खिलाफ डायरेक्टर एसोसिएशन में शिकायत भी दर्ज कराई है।

अली के खिलाफ पुलिस कम्प्लेन करने गए थे वासु इसके बाद वासु ने भी डायरेक्टर अली पर फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ की शूटिंग के दौरान अबू धाबी अधिकारियों से पाए गए सब्सिडी फंड का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। वासु इस मामले में अली के खिलाफ पुलिस कम्प्लेन दर्ज करवाने भी गए थे पर उनकी FIR दर्ज नहीं हुई।

बेटे जैकी भगनानी के साथ पूजा एंटरटेनमेंट के फाउंडर और प्रोड्यूसर वासु भगनानी।
बेटे जैकी भगनानी के साथ पूजा एंटरटेनमेंट के फाउंडर और प्रोड्यूसर वासु भगनानी।

बीएन तिवारी का आरोप: नेटफ्लिक्स ने वासु पर करवाया है फ्रॉड केस भास्कर ने जब इस मामले में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडियन सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के प्रेसिडेंट बी एन तिवारी से बातचीत की तो उन्होंने एक और बड़ा खुलासा किया।

बी एन तिवारी ने आरोप लगाया कि नेटफ्लिक्स के साथ कुछ लेन देन का मामला उजागर होने के बाद वासु लंदन भाग गए हैं।

तिवारी बोले- गिरफ्तारी के डर से लंदन भागे वासु तिवारी ने कहा, ‘वासु बीते 3 सितंबर को अली के खिलाफ FIR दर्ज करवाने के इरादे से बांद्रा पुलिस स्टेशन गए थे पर यहां उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। कमिश्नर ने कहा कि वासु पर पहले से ही नेटफ्लिक्स से फ्रॉड का केस है। वो जल्द उन्हें गिरफ्तार करने वाले थे। जैसे ही मामले की जांच शुरू हुई तो वासु भगनानी लंदन भाग गए।’

FWICE प्रेसिडेंट बी एन तिवारी।
FWICE प्रेसिडेंट बी एन तिवारी।

तीनों ने नहीं दिया कोई जवाब दैनिक भास्कर ने इस मामले में वासु भगनानी, उनके बेटे जैकी भगनानी और डायरेक्टर अली अब्बास जफर से भी बात करने की कोशिश की पर अभी तक तीनों की तरफ से कोई जवाब नहीं आया।

वहीं वासु की पीआर टीम का भी मामले पर जीरो रिएक्शन है। उनका कहना है कि वासु लंदन नहीं भागे पर जब हमने पूछा कि अगर मुंबई में हैं तो क्या यह खबर झूठी है ? तो इस पर भी टीम ने कोई रिएक्शन नहीं दिया।

अली ने कहा- मामला एसोसिएशन के पास है इससे पहले दैनिक भास्कर ने 7.3 करोड़ रुपए वाले मामले में अली अब्बास जफर से संपर्क किया था तो उन्होंने कहा था- देखिए, यह मैटर डायरेक्टर एसोसिएशन के पास है। अभी मैं इस पर कुछ नहीं बोल सकता। ये कहते हुए उन्होंने फोन रख दिया था।

वहीं अली से जुड़े एक करीबी सोर्स ने कहा था- अली नहीं चाहते कि यह बात अभी बाहर आए। उन्हें डर है कि अगर यह बात बाहर आई तो उनका पेमेंट फंस सकता है।

अली ने वासु के बैनर पूजा एंटरटेनमेंट्स तले फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ का निर्देशन किया था, जिसका पेमेंट उन्हें अब तक नहीं मिला है।
अली ने वासु के बैनर पूजा एंटरटेनमेंट्स तले फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ का निर्देशन किया था, जिसका पेमेंट उन्हें अब तक नहीं मिला है।

वासु बोले- ये सभी फिजूल आरोप इस मामले पर भास्कर ने वासु भगनानी का भी पक्ष जानने की कोशिश की थी। वासु ने कहा था- अगर आपको कोई प्रूफ मिलता है, तो आगे बढ़िए। वरना उन लोगों के खिलाफ खबर छापिए जो ऐसे फिजूल के आरोप लगा रहे हैं।’

वासु ने 1995 में पत्नी पूजा भगनानी के नाम पर प्रोडक्शन कंपनी पूजा एंटरटेनमेंट की शुरुआत की थी। बतौर प्रोड्यूसर उनकी पहली फिल्म 'कुली नंबर 1' थी।
वासु ने 1995 में पत्नी पूजा भगनानी के नाम पर प्रोडक्शन कंपनी पूजा एंटरटेनमेंट की शुरुआत की थी। बतौर प्रोड्यूसर उनकी पहली फिल्म ‘कुली नंबर 1’ थी।

बताते चलें कि यह पहली बार नहीं है जब वासु के खिलाफ पेमेंट ना करने की शिकायत की गई है। इससे पहले भी कई बार ऐसा हाे चुका है। ये रहे कुछ मामले..

क्रू मेंबर्स के 65 लाख भी नहीं चुकाए थे जुलाई 2024 में भी वासु भगनानी को लेकर खबर आई कि उन्होंने अपनी फिल्म में काम करने वाले क्रू मेंबर्स के 65 लाख रुपए नहीं चुकाए।

इसके लिए फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉई (FWICE) को बीच में आना पड़ा। उसने जब वासु पर दबाव बनाया तब पिछले महीने अगस्त में उन्होंने क्रू मेंबर्स के पैसे चुकाए थे।

डायरेक्टर टीनू देसाई के 27 लाख नहीं चुकाए इसके अलावा वासु ने अक्षय कुमार स्टारर फिल्म ‘मिशन रानीगंज’ के डायरेक्टर टीनू देसाई के भी 27 लाख रुपए नहीं चुकाए हैं। मिशन रानीगंज पिछले साल अक्टूबर में रिलीज हुई थी। 55 करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म अपने बजट की भी भरपाई नहीं कर पाई थी।

जुलाई 2024 में देश के नामी फिल्ममेकर वासु भगनानी को लेकर खबर आई कि उन्होंने अपनी फिल्म में काम करने वाले क्रू मेंबर्स के 65 लाख रुपए नहीं चुकाए। इसके लिए फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉई (FWICE) को बीच में आना पड़ा।

ऑल टाइम हाई पर सोना:₹204 बढ़कर ₹74,671 प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा, चांदी की कीमत में भी आज 312 रुपए की बढ़त

सोना की कीमत आज (24 सितंबर) अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई है। ​​​​​इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, मंगलवार को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 204 रुपए बढ़कर 74,671 रुपए पर पहुंच गया। इससे पहले सोमवार को इसके दाम 74,467 रुपए प्रति दस ग्राम थे।

चांदी की कीमत में भी आज बढ़त देखने को मिली है। ये 312 रुपए महंगी होकर 88,068 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। इससे पहले चांदी 87,756 रुपए पर थी। इस साल चांदी 29 मई को अपने ऑल टाइम हाई 94,280 रुपए प्रति किलो पर पहुंच चुकी है।

4 महानगरों और भोपाल में सोने की कीमत

  • दिल्ली : 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 70,150 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 76,510 रुपए है।
  • मुंबई : 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 70,000 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 76,360 रुपए है।
  • कोलकाता : 10 ग्राम 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 70,000 रुपए और 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 76,360 रुपए है।
  • चेन्नई : 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 70,000 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 76,360 रुपए है।
  • भोपाल : 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 70,050 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 76,410 रुपए है।

    इस साल अब तक 11,319 रुपए महंगा हो चुका है सोना

    तारीख सोने की कीमत चांदी की कीमत
    1 जनवरी 63,352 रुपए प्रति 10 ग्राम 73,395 रुपए प्रति किलोग्राम
    24 सितंबर 74,671 रुपए प्रति 10 ग्राम 88,068 रुपए प्रति किलोग्राम

    सोर्स: इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन

    साल के आखिर तक 78 हजार तक जा सकता है सोना HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी हेड अनुज गुप्ता के अनुसार आने वाले दिनों में सोने-चांदी में बढ़त देखने को मिल सकती है। इस साल सोना 78 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। वहीं चांदी भी 1 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है।

    सोना खरीदते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान

    1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। सोने पर 6 अंकों का हॉलमार्क कोड रहता है। इसे हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी HUID कहते हैं। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह होता है- AZ4524। हॉलमार्किंग के जरिए ये पता करना संभव है कि कोई सोना कितने कैरेट का है।

    2. कीमत क्रॉस चेक करें सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। 24 कैरेट सोने को सबसे शुद्ध सोना माना गया है, लेकिन इसकी ज्वेलरी नहीं बनती, क्‍योंकि वो बेहद मुलायम होता है।

    3. कैश पेमेंट न करें, बिल लें सोना खरीदते वक्त कैश पेमेंट की जगह UPI (जैसे भीम ऐप) और डिजिटल बैंकिंग के जरिए पेमेंट करना अच्छा रहता है। आप चाहें तो डेबिट या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भी पेमेंट कर सकते हैं। इसके बाद बिल लेना न भूलें। यदि ऑनलाइन ऑर्डर किया है तो पैकेजिंग जरूर चेक करें।

मोदी 32 दिन में दूसरी बार जेलेंस्की से मिले:कहा- जंग रोकने पर दूसरे नेताओं से बात करता रहता हूं, जल्द सीजफायर का रास्ता निकले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका दौरे के तीसरे दिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की। 32 दिन के भीतर ये दोनों नेताओं की दूसरी मुलाकात रही। मोदी 23 अगस्त को यूक्रेन दौरे पर जेलेंस्की से मिले थे।

मोदी ने न्यूयॉर्क में जेलेंस्की से मुलाकात की तस्वीर X पर पोस्ट की। उन्होंने लिखा- हम द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए यूक्रेन दौरे पर हुए फैसलों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

वहीं, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि मोदी ने जेलेंस्की से कहा है कि वे कई देशों के नेताओं से रूस-यूक्रेन जंग को लेकर बात करते रहते हैं। सबका मानना है कि जल्द सीजफायर का रास्ता खोजना चाहिए।

जेलेंस्की ने जंग रोकने के लिए किए जा रहे प्रधानमंत्री मोदी की प्रयासों के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। जेलेंस्की ने मोदी के यूक्रेन यात्रा की भी सराहना की।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार रात को संयुक्त राष्ट्र संघ की जनरल असेंबली (UNGA) के समिट ऑफ द फ्यूचर को संबोधित किया। लगभग 4 मिनट के भाषण में PM मोदी ने दुनिया के सुरक्षित भविष्य को लेकर भारत का पक्ष रखा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार देर रात UN में भाषण दिया, उन्होंने अपने स्पीच की शुरुआत नमस्ते कहकर की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार देर रात UN में भाषण दिया, उन्होंने अपने स्पीच की शुरुआत नमस्ते कहकर की।

उन्होंने UN से विश्व की बड़ी संस्थाओं में बदलाव की मांग की। मोदी ने कहा, “मानवता की सफलता मिलकर काम करने में है। जंग के मैदान में नहीं। दुनिया की शांति के लिए वैश्विक संस्थाओं में बदलाव जरूरी हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा-मोदी ने भाषण की शुरुआत नमस्ते कहकर की। उन्होंने कहा, “विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत और उसके 140 करोड़ लोगों की तरफ से आपको नमस्कार। जून में मानव इतिहास के सबसे बड़े चुनाव में लोगों ने मुझे तीसरी बार सेवा का मौका दिया। मैं उनकी बात रखने यहां आया हूं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन का नाम लिए बिना मैरिटाइम रूट्स पर बढ़ते खतरों का भी जिक्र किया। दरअसल, चीन ने हाल ही के सालों में हिंद महासागर और प्रशांत महासागर इलाके में अपने मौजूदगी को बढ़ाया है। भारत इस तरह के विस्तारवाद की निंदा करता है।

सवाल 1: समिट ऑफ फ्यूचर क्यों हो रहा है? जवाब: इस समिट का मकसद धरती के भविष्य को आने वाले खतरों से बचाना है। समिट में ग्लोबल पीस, सतत विकास, क्लाइमेट चेंज, मानवाधिकार और जेंडर जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। 2021 में UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस ने एक मीटिंग बुलाने की मांग की थी, जिसमें इन चुनौतियों पर चर्चा हो सके। ये समिट 3 साल की देरी से हो रही है।

दरअसल 2015 में UN ने दुनिया के खतरों को पहचानते हुए वर्ल्ड लीडर्स के सामने 17 लक्ष्य रखे थे। लगभग 10 साल पूरे होने को हैं इनमें से सिर्फ 17% गोल ही अचीव हो पाए हैं। 1970 से 2021 के बीच क्लाइमेट चेंज की वजह से 11,778 आपदाओं में 20 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।

UN हर हाल में इन्हें रोकना चाहता है। एंटोनियो गुटेरेस का मानना है कि अगर दुनिया ने अभी कोई एक्शन नहीं लिया तो धरती को बचाने में देर हो जाएगी। इसलिए UN 22 और 23 सितंबर को समिट ऑफ फ्यूचर हुआ।

सवाल 2: भारत का दुनिया पर मंडरा रहे खतरों पर क्या स्टैंड है? जवाब: भारत ग्लोबल साउथ देशों का नेतृत्व करता है। क्लाइमेट चेंज हो या ग्लोबल पीस या मानवाधिकार ग्लोबल साउथ देश इन मुद्दों से जूझ रहे हैं। ऐसे में भारत ये समिट कराने के पक्ष में रहा है।

समिट के मुद्दों पर भारत का स्टैंड…

1) ग्लोबल पीस- PM मोदी का कहना है, “ये समय जंग का नहीं है।” भारत UNSC समेत UN के दूसरे संस्थानों में बदलाव की मांग करता है। भारत का मानना है, जब तक वैश्विक संस्थाओं में नए देशों को नहीं जोड़ा जाएगा तब तक दुनिया में कोई अहम बदलाव लाना मुमकिन नहीं है।

कानपुर टेस्ट में 11 रिकॉर्ड बना सकता है भारत:चौथी सबसे कामयाब टीम बनने का मौका; कोहली 27 हजार रन, जडेजा 300 विकेट के करीब

भारत और बांग्लादेश के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला 27 सितंबर से कानपुर में खेला जाएगा। भारत ने चेन्नई टेस्ट 280 रन से जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। टीम अब कानपुर टेस्ट जीतकर सीरीज पर कब्जा जमा सकती है। वहीं बांग्लादेश के पास दूसरा मैच जीतकर सीरीज ड्रॉ कराने का मौका है।

1. टेस्ट की चौथी सबसे कामयाब टीम सबसे ज्यादा टेस्ट जीतने के मामले में भारत के पास साउथ अफ्रीका को पीछे छोड़ने का मौका है। टीम इंडिया ने अब तक 580 में से 179 मुकाबले जीत लिए हैं, इतने ही टेस्ट साउथ अफ्रीका ने भी जीते हैं। कानपुर टेस्ट जीतकर भारत 180 जीत के साथ साउथ अफ्रीका से आगे निकल जाएगा।

भारत ने अगर दूसरा मुकाबला जीता तो टीम टेस्ट में चौथी सबसे कामयाब टीम हो जाएगी। भारत से आगे फिर वेस्टइंडीज (183 जीत), इंग्लैंड (397 जीत) और ऑस्ट्रेलिया (414) की टीमें ही रहेंगी।

2. पाकिस्तान को पीछे छोड़ने का मौका भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ 14 में से 12 टेस्ट जीते हैं, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे। साउथ अफ्रीका और पाकिस्तान ने भी बांग्लादेश को 12-12 टेस्ट ही हराए हैं। कानपुर टेस्ट जीतते ही टीम इंडिया बांग्लादेश को सबसे ज्यादा हराने वाली टीमों में चौथे नंबर पर पहुंच जाएगी। श्रीलंका 20 जीत के साथ पहले नंबर पर है। जबकि वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड ने बांग्लादेश को 14-14 टेस्ट हराए हैं।

 

3. विराट 9000 टेस्ट रन के करीब भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली 9,000 टेस्ट रन के करीब हैं। उनके नाम फिलहाल 114 टेस्ट में 8,871 रन हैं। वे बांग्लादेश के खिलाफ कानपुर में 129 रन बनाकर 9,000 रन का आंकड़ा पार कर सकते हैं। कोहली चेन्नई टेस्ट की 2 पारियों में 6 और 17 रन ही बना सके थे।

कोहली ने अगर कानपुर टेस्ट में 9000 रन का आंकड़ा पार कर लिया तो वे ऐसा करने वाले भारत के चौथे ही प्लेयर बनेंगे। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सुनील गावस्कर ही ऐसा कर सके हैं।

4. ब्रैडमैन से आगे निकल सकते हैं विराट विराट कोहली के नाम 114 टेस्ट में 29 सेंचुरी हैं। वे बांग्लादेश के खिलाफ एक भी शतक लगाते हैं तो ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज सर डोनाल्ड ब्रैडमैन से ज्यादा शतक लगा लेंगे। ब्रैडमैन के नाम 52 टेस्ट में 29 शतक हैं। भारत के लिए सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने वाले प्लेयर्स में भी विराट चौथे नंबर पर हैं। उनसे आगे तेंदुलकर, द्रविड़ और गावस्कर हैं।

5. विराट 27 हजार इंटरनेशनल रन के करीब विराट कोहली इंटरनेशनल क्रिकेट में 27 हजार रन के करीब भी हैं। टेस्ट, वनडे और टी-20 तीनों फॉर्मेट के 534 मैचों में उन्होंने 26,965 रन बनाए हैं। कानपुर में महज 35 रन बनाते ही वे 27 हजार इंटरनेशनल रन बनाने वाले चौथे खिलाड़ी बन जाएंगे। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, श्रीलंका के कुमार संगकारा और ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग ही ऐसा कर सके हैं।

6. द्रविड़ से आगे निकल सकते हैं रोहित भारत के कप्तान रोहित शर्मा के नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में 48 सेंचुरी हैं। वे कानपुर टेस्ट में एक और शतक लगाते ही भारत के लिए सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले प्लेयर्स में तीसरे नंबर पर पहुंच जाएंगे। वे फिलहाल राहुल द्रविड़ के साथ बराबरी पर हैं। द्रविड़ के नाम भी 48 इंटरनेशनल शतक हैं। रोहित के नाम टेस्ट में 12, वनडे में 31 और टी-20 में 5 सेंचुरी हैं।

7. लायन से आगे निकल सकते हैं अश्विन भारत के रविचंद्रन अश्विन के पास टेस्ट विकेट के मामले में ऑस्ट्रेलिया के नाथन लायन से आगे निकलने का मौका है। लायन के नाम फिलहाल 129 टेस्ट में 530 विकेट हैं, जबकि अश्विन 101 टेस्ट में 522 विकेट ले चुके हैं। कानपुर में 9 विकेट लेकर अश्विन लायन से आगे निकल जाएंगे।

अश्विन इसी के साथ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले स्पिनर्स में भी चौथे नंबर पर पहुंच जाएंगे। श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन पहले, ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न दूसरे और भारत के ही अनिल कुंबले इस रिकॉर्ड में तीसरे नंबर पर हैं।

8. वॉर्न को भी पीछे छोड़ने का मौका रविचंद्रन अश्विन ने फिलहाल 101 टेस्ट की 37 पारियों में 5 या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं। कानपुर टेस्ट में एक बार 5-विकेट लेते ही अश्विन ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज शेन वॉर्न से आगे निकल जाएंगे। वॉर्न के नाम 37 पारियों में 5 प्लस विकेट लेने का रिकॉर्ड है।

अश्विन कानपुर में 38वीं बार 5 प्लस विकेट लेकर इस रिकॉर्ड में दूसरे नंबर पर पहुंच जाएंगे। श्रीलंका के मुरलीधरन 67 बार 5 प्लस विकेट लेकर पहले नंबर पर हैं। अश्विन 38वीं बार 5-विकेट लेते ही भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा 5-विकेट लेने वाले गेंदबाज भी बन जाएंगे। फिलहाल अनिल कुंबले भी 37 बार 5-विकेट हॉल के साथ अश्विन की बराबरी पर हैं।

9. 300 टेस्ट विकेट के करीब जडेजा भारत के रवींद्र जडेजा ने चेन्नई टेस्ट की 2 पारियों में 5 विकेट लिए। इसी के साथ उनके टेस्ट क्रिकेट में 299 विकेट हो गए, वे कानपुर में एक और विकेट लेते ही टेस्ट में 300 विकेट पूरे कर लेंगे। वे ऐसा करने वाले भारत के पहले ही लेफ्ट आर्म स्पिनर बनेंगे।

दुनिया में 2 ही लेफ्ट आर्म स्पिनर्स टेस्ट में 300 से ज्यादा विकेट ले सके हैं। श्रीलंका के रंगना हेराथ 433 विकेट के साथ पहले और न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी 362 विकेट के साथ दूसरे नंबर पर हैं।

10. 300+ विकेट और 3000+ रन बांग्लादेश के खिलाफ 300 विकेट पूरे करते ही रवींद्र जडेजा टेस्ट ऑलराउंडर्स के अनोखे रिकॉर्ड्स में अपना नाम शामिल कर लेंगे। जडेजा टेस्ट में 3000 से ज्यादा रन और 300 से ज्यादा विकेट लेने वाले दुनिया के दूसरे लेफ्ट आर्म स्पिनर बनेंगे। उनसे पहले न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी ही ऐसा कर सके हैं।

जडेजा के नाम टेस्ट में 3122 रन हैं। 300+ विकेट और 3000+ रन का डबल पूरा करने वाले जडेजा दुनिया के चौथे और भारत के दूसरे ही स्पिनर भी बनेंगे। उनसे पहले भारत से रविचंद्रन अश्विन ही ऐसा कर सके हैं।

कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों को अगले लेवल में न जाने दें।

देवास कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों को अगले लेवल में न जाने दें, पहली प्राथमिकता रखते हुए शिकायतों का त्वरित निराकरण करें। कोई भी शिकायत अनअटेंडेंट नहीं रहे। कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि सभी विभाग सीएम हेल्‍पलाइन पर लम्बित शिकायतों का निराकरण संतुष्टिपूर्वक करें। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का एल-1 पर ही निराकरण करें। शिकायतों का निराकरण नहीं करने पर संबंधित अधिकारी पर कार्यवाही की जायेगी।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट