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Tuesday, January 27, 2026
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शादी के एक महीने बाद पत्नी ने छोड़ा घर, विक्रम की भावुक अपील – क्या अनु लौटेगी?

आज की हमारी ख़बर है मुजफ्फरपुर जिले के विक्रम कुमार की दर्द भरी कहानी।

दोस्तों, विक्रम कुमार की शादी अभी एक महीने पहले ही धूमधाम से हुई थी। उनकी पत्नी का नाम है अनु, जिसे प्यार से अस्मा भादो भी कहा जाता है। लेकिन अब विक्रम के जीवन में खुशियों की जगह मायूसी ने ले ली है। शादी के कुछ दिनों बाद ही अनु अपने मायके चली गई और अब वापस आने से मना कर रही है। विक्रम का कहना है कि अनु के माता-पिता उसे ससुराल नहीं भेजना चाहते।

विक्रम ने मीडिया के माध्यम से अनु से भावुक अपील की है। विक्रम कहता है कि वह अपनी पत्नी के बिना नहीं जी सकता। उसने कहा, ‘अनु, अगर तुम मुझे सुन रही हो, तो प्लीज वापस आ जाओ। मेरे माता-पिता भी तुम्हें बहू के रूप में स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।’

अब सवाल ये है, क्या अनु वापस लौटेगी? क्या विक्रम और अनु का रिश्ता फिर से जुड़ पाएगा? दोस्तों, इस खबर पर हमारी टीम नजर बनाए हुए है और हम आपको इससे जुड़ी हर अपडेट देते रहेंगे।

क्या है पूरा मामला?

विक्रम की पत्नी अनु ने घर आने से किया इनकार, विक्रम ने मीडिया से लगाई गुहार

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बुचाहा गांव के रहने वाले 20 वर्षीय विक्रम कुमार, जिनके पिता का नाम रामकृष्ण है, की शादी एक महीने पहले अनु (घरेलू नाम अस्मा भादो) नाम की लड़की से हुई थी। विक्रम ने बताया कि शादी के बाद अनु अपने मायके गई, लेकिन अब वापस आने का नाम नहीं ले रही है। विक्रम के अनुसार, अनु के माता-पिता, जय नारायण राम और रूना देवी, उसे अपने ससुराल आने से मना कर रहे हैं। अनु बिहार के हथौड़ी गांव की रहने वाली है।

विक्रम ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि वह अपनी पत्नी अनु से बेहद प्यार करता है और उसके बिना नहीं रह सकता। विक्रम के माता-पिता भी अनु को बहू के रूप में स्वीकार करने के लिए तैयार हैं और अगर वह ससुराल आना चाहे तो उसे पूरा सम्मान मिलेगा।

विक्रम ने मीडिया के माध्यम से अनु से भावुक अपील करते हुए कहा, हमारा शादीशुदा जीवन शुरू हो सके, इसके लिए वह मेरे पास आकर मेरे घर रहने लगे।

विक्रम की इस अपील के बाद अब देखना होगा कि अनु और उसके परिवार की क्या प्रतिक्रिया होती है।अगर आपको यह वीडियो पसंद आई हो, तो इसे लाइक और शेयर करें, और हमारे चैनल ई खबर को सब्सक्राइब करना न भूलें। हम आपके लिए लाते रहेंगे ऐसी ही ताजा खबरें और दिल छू लेने वाली कहानियां। धन्यवाद!

गुमशुदा रमेश कुमार की तलाश

मामला है नवी आबादी संतोकपुर जालंधर का,रमेश कुमार उनकी उम्र है 32 वर्ष जो की 22 सितंबर 2024 की सुबह 9:00 से गायब है,

उसे दिन रमेश ने गुलाबी कलर की शर्ट और चॉकलेटी कलर की पैंट पहनी रखी थी अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है रमेश की पत्नी रीना बहुत परेशान है और उनके दो छोटे बच्चे है। समाज से मैं मदद की अपील कर रही है पुलिस प्रशासन भी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है।


दोस्तों सवाल यह है कि पुलिस कब तक इन मामलों को हल्के में लेती रहेगी रीना और उनके बच्चे किन तकलीफ से गुजर रहे हैं यह हम सोच भी नहीं सकते आज इस परिवार की मदद के लिए हमें भी आगे आना होगा

पीएचसी मोरनी में विश्व रेबीज दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

मोरनी, 28 सितंबर 2024(देव शर्मा) : पीएचसी मोरनी में आज विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें डॉक्टर सुनील दहिया ने आम जनता, स्कूल के छात्र-छात्राओं और अध्यापकों को रेबीज बीमारी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

डॉ. दहिया ने बताया कि रेबीज एक घातक बीमारी है, जो मुख्य रूप से आवारा कुत्तों, बंदरों और अन्य जानवरों के काटने या उनके संपर्क में आने से फैल सकती है। उन्होंने सलाह दी कि लोगों को अपने आसपास के वातावरण पर निगरानी रखनी चाहिए और ऐसे जानवरों के संपर्क में आने से बचना चाहिए, जो संदिग्ध हो सकते हैं।

डॉ. दहिया ने रेबीज के लक्षणों के बारे में बताया, जैसे हाइड्रोफोबिया (पानी से डर), मांसपेशियों में दिक्कत और गंभीर मामलों में मृत्यु भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को संदिग्ध जानवर काटे तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। सबसे पहले घाव को 10 मिनट तक तेज बहते पानी के नीचे धोएं और उसके बाद तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) का टीकाकरण शुरू करवाएं।

ARV का टीकाकरण कोर्स 0, 3, 7, और 28 दिन का होता है और यह पीएचसी मोरनी में उपलब्ध है। डॉक्टर दहिया ने सभी से अनुरोध किया कि ऐसे मामलों को हल्के में न लें और तुरंत अस्पताल जाकर इलाज करवाएं।

रेबीज जैसी गंभीर बीमारी से बचाव और जागरूकता के लिए इस कार्यक्रम में डॉक्टर साहब ने सभी को सतर्क रहने और समय पर उपचार लेने की सलाह दी।

ई खबर मीडिया के लिए हरियाणा  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

मनातू में राजा यादव की निर्मम हत्या, पत्नी ने न्याय की गुहार

पलामू, 06 सितम्बर 2024: मनातू थाना अंतर्गत ग्राम घंघरी में 65 वर्षीय राजा यादव की हत्या का मामला सामने आया है। घटना 5 सितंबर 2024 की रात 11:30 बजे की है, जब स्थानीय लोगों से सूचना प्राप्त हुई कि अज्ञात अपराधियों ने राजा यादव की हत्या कर दी है। पुलिस मौके पर पहुँचकर मामले की पुष्टि की और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल मेदिनीनगर भेजा गया।

मृतक की पत्नी, राधा देवी (60 वर्ष), द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर मनातू थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने रामलाल यादव, बिजय सिंह, उपेंद्र लोहरा, बिनय सिंह, और रामनाथ सिंह समेत 10 से 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

हत्या का कारण और आरोपियों की गिरफ्तारी: पुलिस की त्वरित कार्रवाई में दो आरोपियों, मुकेश कुमार (23 वर्ष) और योगेंद्र सिंह (28 वर्ष), को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में मुकेश कुमार ने स्वीकार किया कि तीन साल पहले उनके भाई की बेटी की अचानक मृत्यु के लिए वे राजा यादव को जिम्मेदार मानते थे, क्योंकि राजा यादव ओझा-गुणी का काम करता था। इसी खुन्नस के चलते मुकेश कुमार और योगेंद्र सिंह ने हत्या की साजिश रची। 5 सितंबर को शराब के नशे में दोनों ने राजा यादव के सिर और चेहरे पर सखुआ की लकड़ी से वार करके उसकी हत्या कर दी।

जप्ती: पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त दो लकड़ियों, दो मोबाइल फोन, और आरोपियों के हत्या के वक्त पहने कपड़े बरामद किए हैं। घटनास्थल से मृतक का खून लगा गमछा और मिट्टी के नमूने भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

क्या है पूरा मामला?

पति की निर्मम हत्या के आरोप में न्याय की गुहार!
पलामू, 20 सितंबर 2024 ग्राम घंघरी, थाना मनातू, जिला पलामू की निवासी राधवा देवी (उम्र 60 वर्ष) ने अपने पति राजा यादव की हत्या के संबंध में न्याय की अपील की है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक महोदय को एक आवेदन देकर आरोप लगाया है कि 5 सितंबर 2024 की रात 10 बजे उनके पति की निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना के मुख्य आरोपी राजेश यादव (उम्र 28 वर्ष) सहित उनके भाई और मित्रों पर साजिश रचने का आरोप है।

राधवा देवी के अनुसार, उनके पति और राजेश यादव के बीच एक चिमनी भट्टे के कारोबार में पैसे का विवाद था। डेढ़ वर्ष से राजेश यादव उनके पति को पैसा नहीं दे रहा था और बार-बार टालमटोल करता था। जब उनके पति से राजेश यादव नें पैसे से जमीन खरीदने को बोल रहा था तो तब राजा यादव ने जमीन बेचने से साफ मना कर दिया। तो राजेश यादव ने उन्हें धमकी दी कि “अब तुमको पैसा नहीं मिलेगा और दुनिया में नहीं रहोगे।” घटना की रात राजेश यादव और उसके साथियों ने मिलकर उनके पति की हत्या कर दी। राधवा देवी ने आरोप लगाया कि हत्या में शामिल राजेश यादव के भाई – ब्रजेश यादव (उम्र 25 वर्ष), प्रदीप यादव (उम्र 30 वर्ष), और मनोज यादव (उम्र 35 वर्ष), तथा एक अन्य व्यक्ति बाला सिंह (उम्र 40 वर्ष) भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय पुलिस थाने में FIR दर्ज कराते समय थाना प्रभारी ने राजेश यादव का नाम हटा दिया और उन्हें धमकाते हुए थाने से भगा दिया।

राधवा देवी ने बताया कि 20 सितंबर 2024 को शाम 5 बजे आरोपियों ने उनके घर आकर फिर से जान से मारने की धमकी दी और कहा कि “तुम्हारे परिवार का भी वही हाल करेंगे जो तुम्हारे पति का किया है, और जमीन पर जबरन अंगूठा लगवाकर अपने नाम करा लेंगे।” इस धमकी से उनका पूरा परिवार डर के साये में जी रहा है और उन्हें अपनी जान का खतरा बना हुआ है।

राधवा देवी ने पुलिस अधीक्षक से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है, ताकि उन्हें और उनके परिवार को न्याय मिल सके।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

देवास कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता की अध्‍यक्षता में जिला स्‍तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित

देवास नवदुर्गा उत्‍सव, नवदुर्गा विसर्जन समारोह, दशहरा एवं अन्‍य पर्वो पर कानून एवं व्यवस्थाओं के लिए विचार-विमर्श तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं के संबंध में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक का आयोजन कलेक्‍टर श्री ऋषव गुप्‍ता की अध्‍यक्षता में कलेक्टर कार्यालय में किया गया।

जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में कलेक्टर श्री गुप्‍ता ने कहा पिछले दिनों सभी त्योहार शांतिपूर्ण तरीके मनाये गये है। आगामी त्‍योहार भी शांति व आपसी भाईचारे से मिलजुलकर मनाये। पुलिस व जिला प्रशासन द्वारा बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएगी। उन्‍होंने स्थानीय नागरिकों से व्यवस्थाओं में प्रशासन को सहयोग की अपेक्षा की है। पाण्‍डालों और भण्‍डारा स्‍थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाये। भण्‍डारों में स्‍वच्‍छता का विशेष ध्‍यान रखें। भण्‍डारा स्‍थल पर डस्‍टबिन की व्‍यवस्‍था रखें। नवाचार करते हुए प्रसाद के रूप में पौधों का वितरण करें। नवरात्रि के दौरान शहर के नागरिक चार पहिया वाहनों का उपयोग नहीं करते हुए दो पहिया वाहनों का उपयोग करें।

कलेक्टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि 03 अक्‍टूबर से नवरात्रि पर्व शुरू हो रहा है। नवरात्रि पर प्रदेश भर से लाखों श्रद्धालु माताजी के दर्शन के लिए आयेंगे। नवदुर्गा समिति/मण्‍डल नवरात्रि के दौरान अस्‍थाई कनेक्‍शन लें, संबंधित एसडीएम और पुलिस से अनुमति लें। जिससे व्‍यवस्‍थाओं में आसानी हो। लाउड स्‍पीकर के उपयोग में सर्वोच्‍च न्‍यायालय के आदेश का पालन किया जाये। कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि नवरात्रि पर मूर्ति विसर्जन निर्धारित स्‍थल पर ही करें। नवरात्रि में माताजी टेकरी पर स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा कैंप लगाया जायेगा। जिसमें डॉक्‍टर और स्‍टॉफ उपस्थित रहेंगे। प्रतिमाओं को मीठा तालाब/क्षिप्रा नदी में विसर्जित न करें। प्रशासन द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बेहतर व्‍यवस्‍थाएं की जायेगी। कलेक्टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि शांति समिति के सदस्यों द्वारा बैठक में दिए गए सुझावों पर विचार कर त्योहारों के दौरान बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाएंगी ताकि आमजनों को कोई कठिनाई न हों।

पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्‍याय ने कहा कि समितियां/आयोजक ऐसे जगह भण्‍डारे लगाए जहां ट्रॉफिक व्‍यवस्‍था न बिगडे। शांति समिति के सदस्‍य भी नागरिकों से डीजे नहीं बजाने और स्‍वच्‍छता बनाये रखने का आव्‍हान करें। श्रद्धालुओं को व्‍यवस्थित तरीके से दर्शन कराने की व्यवस्था की गई है। पुलिस विभाग प्रतिवर्ष अनुसार संपूर्ण नवरात्रि में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं भीड़भाड़ प्रबंधन सुनिश्चित करेगा। उन्‍होंने कहा कि पर्वों के दौरान कानून व्यवस्था व शांति बनाये रखने के लिए सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त किये जायेंगे। सभी नागरिक भाईचारे की भावना से त्यौहार मनायें।

शांति समिति की बैठक में अपर कलेक्‍टर श्री प्रवीण फुलपगारे ने बताया कि नवदुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना के लिये प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी विधिवत अनुमति ली जायेगी। विस्तारक यंत्रों की अनुमति ली जायेगी। माताजी की टेकरी पर कार्यपालिक दण्डाधिकारियों/अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जायेगी। प्रतिमा स्‍थल पर विद्युत व्‍यवस्‍था के लिए विधिवत अस्‍थाई कनेक्‍शन लें। नवदुर्गा उत्सव के दौरान शहर में आवश्यक साफ-सफाई, पीने के पानी एवं फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नगर निगम द्वारा की जायेगी। नवदुर्गा विसर्जन के दिन मार्गों की आवश्यक साफ-सफाई (सड़क पर पेंचवर्क) लाईटिंग की व्यवस्था पीने के पानी की व्यवस्था, सार्वजनिक स्थलों पर पीने के पानी के लिए टेंकर की व्यवस्था नगर निगम देवास करेंगी। मीठा तालाब, क्षिप्रा नदी पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस कर्मियों, नगर सैनिकों, तैराकों की व्यवस्था विद्युत व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था सुरक्षा के लिए बेरिकेटिंग की व्यवस्था की जायेगी।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

 

 

रणबीर कपूर @42:‘ब्लैक’ के सेट पर पोंछा लगाया, ‘बर्फी’ की तो घरवाले बोले- सुसाइड कर रहे हो; मां से कहते थे शाहरुख जैसे रोल नहीं करूंगा

मेरे भाई (रणधीर और राजीव कपूर) मुझसे कहते थे कि इसको क्या हो गया है? ये सुसाइड कर रहा है.. एक फिल्म करता है उसमें भी ‘रॉकेट सिंह’ और ‘बर्फी’ जैसी.. जिसमें ये गूंगा है और सुनता भी नहीं है.. खत्म हो जाएगा.. आर्टी हीरो बन जाएगा।

ये सब सुनकर मुझे भी फिकर होती थी पर रणबीर ने अपनी चॉइस से हम सभी को गलत साबित किया। ‘बर्फी’ हिट साबित हुई।

रणबीर एक डेयरिंग एक्टर है। जब वो अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे ‘सांवरिया’ से तभी उन्होंने अपनी मां से कहा था कि मैं उस तरह का काम नहीं करना चाहता जो शाहरुख खान साहब और बाकी एक्टर्स कर चुके हैं।

मैं वो फिल्में करना चाहता हूं जिसमें मेरे ऐज ग्रुप के लोगों की परेशानी की बात की जाएगी।

इसी वजह से उसकी फिल्मों की चॉइस अलग है। जैसे वेक अप सिड है, रॉकेट सिंह हुई, बर्फी हुई और तमाशा हुई। उनमें से कुछ फिल्में चलेंगी कुछ नहीं.. पर जो उसकी ब्रेव चॉइस है..उसकी मैं तारीफ करना चाहता हूं।’

बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर के बारे में यह बातें किसी और ने नहीं बल्कि उनके पिता और मशहूर दिवंगत बॉलीवुड एक्टर ऋषि कपूर ने कही थीं।

आज रणबीर के 42वें जन्मदिन पर बात करेंगे उनके करियर ग्राफ और किरदारों की चॉइस पर..

फिल्म 'प्रेम ग्रंथ' के सेट पर पिता ऋषि कपूर के साथ रणबीर कपूर।
फिल्म ‘प्रेम ग्रंथ’ के सेट पर पिता ऋषि कपूर के साथ रणबीर कपूर।

17 साल की उम्र में पिता को असिस्ट किया दसवीं के एग्जाम खत्म होने के बाद रणबीर ने 17 साल की उम्र में पहली बार किसी फिल्म पर काम किया था। यह फिल्म थी ‘आ अब लौट चलें’।

इसे रणबीर के ही पिता ऋषि कपूर ने डायरेक्ट किया था और रणबीर इसमें असिस्टेंट डायरेक्टर थे। इसके बाद कपूर न्यूयॉर्क में फिल्ममेकिंग का कोर्स करने चले गए। यहां पढ़ते हुए उन्होंने दो शॉर्ट फिल्में बनाईं।

फिल्म 'आ अब लौट चलें' के सेट पर एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय के साथ असिस्टेंट डायरेक्टर रणबीर कपूर।
फिल्म ‘आ अब लौट चलें’ के सेट पर एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय के साथ असिस्टेंट डायरेक्टर रणबीर कपूर।

‘ब्लैक’ के सेट पर पोंछा लगाया, गालियां खाईं 2005 में एक्टर मुंबई लौटे और अमिताभ बच्चन-रानी मुखर्जी स्टारर फिल्म ‘ब्लैक’ में असिस्टेंट डायरेक्टर बने। एक इंटरव्यू में एक्टर ने बताया था- ‘मैं सेट पर 21 घंटे काम करता था। पोंछा लगाने से लेकर लाइट फिक्स करने तक का काम करता था।

पिटता भी था और गालियां भी खाता था पर हर दिन कुछ सीखता जरूर था। बाकी मेरा मकसद था कि भंसाली (फिल्म ब्लैक के डायरेक्टर) सर मुझे अपनी किसी फिल्म में लीड रोल ऑफर कर दें।’

पिता ने दी थी एक्सपेरिमेंट न करने की सलाह कम ही लोग जानते हैं कि पिता ऋषि कपूर ने रणबीर को करियर की शुरुआत में ही सलाह दी थी कि वो किरदारों के साथ एक्सपेरिमेंट न करें, लेकिन रणबीर ने अपने करियर की शुरुआत से ही कई एक्सपेरिमेंटल रोल किए।

अपनी इसी अलग चॉइस के लिए रणबीर को आज इंडस्ट्री का फाइनेस्ट एक्टर कहा जाता है।

क्रिकेटर मुशीर के एक्सीडेंट की खबर:दावा- कानपुर से लखनऊ आते वक्त हुआ हादसा

भारत के युवा बल्लेबाज मुशीर खान सड़क दुर्घटना में घायल हो गए हैं. फ्रैक्चर के कारण वो ईरानी कप टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुशीर अपने पिता के साथ कानपुर से लखनऊ जा रहे थे, तभी उनके साथ यह हादसा हो गया. दरअसल, मुशीर मुंबई टीम के साथ लखनऊ नहीं जा रहे थे, बल्कि अपने पिता नौशाद खान के साथ अपने गृहनगर आजमगढ़ से लखनऊ जा रहे थे. यह दुर्घटना लखनऊ जाते समय हुई, जहां उन्हें ईरानी कप मैच से पहले टीम से जुड़ना था.

इस मामले से जुड़े एक सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा है कि , “मुशीर ईरानी कप के लिए मुंबई टीम के साथ लखनऊ नहीं गए थे. दुर्घटना के समय वह शायद अपने पैतृक स्थान आजमगढ़ से अपने पिता के साथ लखनऊ जा रहे थे, उसी दौरान यह घटना हुई है.”

मुशीर की चोट की गंभीरता के बारे में अभी और जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन यह पुष्टि हो गई है कि वह पूरे ईरानी कप से बाहर रहेंगे.उनकी अनुपस्थिति मुंबई की टीम के लिए एक बड़ा झटका है.

गर्दन में लगी चोट

रोड एक्सिडेंट में मुशीर के गर्दन में चोट लगी है. चोट की वजह से लगभग तीन महीने तक क्रिकेट के दूर रह सकते हैं मुशीर खान. ऐसे में अब यह देखना होगा कि ऑस्ट्रेलियाई दौर पर जा सकेंगे या नहीं.

घरेलू क्रिकेट में शानदार है मुशीर का परफॉर्मेंस

मुशीर खान पिछले सीजन से घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. इस बल्लेबाज ने दलीप ट्रॉफी में अपने डेब्यू मैच के दौरान भारत ए के खिलाफ शानदार 181 रन की पारी खेलकर तहलका मचा दिया था. अपने लगातार परफॉर्मेंस ने मुशीर ने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है.

वह इस साल के अंत में ऑस्ट्रेलिया में सीनियर भारतीय टीम के साथ इंडिया ए के साथ दौरे पर जाने वाले हैं.  महज 19 साल की उम्र में, मुशीर ने अपनी काबिलियत साबित कर दी है. अहम मैचों में बड़े रन बनाने और दबाव में पारी को संभालने की क्षमता उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य बना रहा हैं.  मुशीर के बारे में यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि वो जल्द भी भारतीय सीनियर टीम की ओर से खेलते दिखेंगे.

सपा ने महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी के नाम खरगापुर तहसीलदार को सोपा ज्ञापन

सपा ने महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी के नाम खरगापुर तहसीलदार को सोपा ज्ञापन__समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के जिला अध्यक्ष रामकुमार यादव के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी ने महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी के नाम खरगापुर तहसीलदार को सोपा ज्ञापन । जिसमे सपा की मांगे इस प्रकार हैं। टीकमगढ़ जिले में अत्यधिक वर्षा होने के कारण किसानों की फैसले मूंग, उड़द, तीली की फसले नष्ट हो गईं हैं। उन किसानों की फसलों का सर्वे कराकर जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।किसानों को अपनी फसलों का सही समर्थन मूल्य मूंगफली 7000 हजार रुपए, प्रति क्वांटल और सोयाबीन 6000 हजार रुपए प्रति क्वांटल की दर से खरीद की जाए। किसानों के सभी प्रकार की सरकारी कर्ज माफ किए जाएं, शासकीय माध्यमिक स्कूल गुड़ा के चारों ओर बाउंड्री वालों का निर्माण किया जाए, संपूर्ण मध्य प्रदेश में बेरोजगार युवाओं के लिए बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाए, टीकमगढ़ जिले में एक उद्योग स्थापित किया जाए, शहरों एवं गांव में आवारा घूम रहे पशुओं का उचित प्रबंध किया जाए, नगर पंचायत पलेरा में गौशाला, बस स्टैंड ,श्मशान घाट का निर्माण किया जाए इत्यादि मांगों को लेकर ज्ञापन सोपा। इस मौके पर समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी जिला अध्यक्ष रामकुमार यादव,मोनू अहिरवार, नरेश राजा, जगदीश यादव,अनिल यादव, नीलेश यादव, रविन्द्र यादव, आदि अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

नीलेश यादव समाचार सूत्र बल्देवगढ़

 

 

भारत ने PM शहबाज के भाषण को पाखंड बताया:UN में कहा- पाकिस्तान ने बांग्लादेश में नरसंहार किया, अब इंटॉलरेंस की बात कर रहा

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में (UNGA) में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के आरोपों का जवाब दिया है। भारतीय राजनयिक भाविका मंगलनंदन ने राइट ऑफ रिप्लाई के तहत पाकिस्तानी PM के भाषण को ‘पाखंड’ बताया।

भारतीय राजनयिक ने कहा

राजनयिक भाविका ने कहा कि लंबे समय से दुनिया जानती है कि पाकिस्तान ने सीमा पार आतंकवाद का इस्तेमाल अपने पड़ोसियों के खिलाफ किया है। उन्होंने हमारी संसद, हमारी आर्थिक राजधानी मुंबई, हमारे बाजार और तीर्थयात्रा के रास्तों पर हमले किए हैं। ये लिस्ट बहुत लंबी है।

भारतीय राजनयिक ने 1971 के नरसंहार की याद दिलाई राजनयिक भाविका ने कहा कि पाकिस्तान जैसे देश के लिए कहीं भी हिंसा के बारे में बात करना सबसे बड़ा पाखंड है। हैरानी वाली बात है कि जिस देश का इतिहास चुनावों में गड़बड़ी वाला है वह एक लोकतंत्र में राजनीतिक विकल्प की बात करता है।

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि पाकिस्तान ने बांग्लादेश में 1971 में नरसंहार किया और अभी भी अपने अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करता है। अब उनके नेता असहिष्णुता और फोबिया की बात कर रहे हैं।

भारतीय राजनयिक ने ये भी कहा कि पाकिस्तान की नजर हमारी जमीन पर है। उसने लगातार आतंकवाद का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में चुनावों में किया है।

शहबाज शरीफ का पुराना कश्मीर राग इससे पहले पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ ने UNGA में कश्मीर का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कश्मीर की तुलना फिलिस्तीन से की थी। अपने 20 मिनट के भाषण में शरीफ ने आर्टिकल 370 और बुरहान वानी का भी जिक्र किया था।

शरीफ ने कहा था कि भारत अपनी सैन्य ताकत लगातार बढ़ा रहा है। वह इसका इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ कर सकता है। पाकिस्तानी PM ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान, LoC पर किसी भी हमले का जवाब देगा।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 79वें सेशन को संबोधित किया।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 79वें सेशन को संबोधित किया।

पाकिस्तानी PM बोले- भारत आर्टिकल 370 वापस ले PM शरीफ ने कहा कि कश्मीर में शांति कायम करने के लिए भारत को आर्टिकल 370 का फैसला वापस ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन के लोगों की तरह कश्मीर के लोगों ने भी अपनी आजादी लिए एक सदी तक संघर्ष किया।

शरीफ ने कहा, ‘भारतीय उत्पीड़न के बावजूद कश्मीर के लोग बुरहान वानी की विचारधारा को बरकरार रखते हैं और लगातार लड़ रहे हैं। इस लड़ाई में हम उनके साथ हैं।’

पाकिस्तानी PM ने दुनिया में बढ़ते इस्लामोफोबिया पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुरान का अपमान बढ़ गया है। मस्जिदों पर हमले हो रहे हैं। यह एक चिंता का विषय है और हमें इसका मिलकर मुकाबला करना चाहिए।

शरीफ ने ये भी कहा कि इस्लामोफोबिया की सबसे भयावह स्थिति भारत में है। भारत में हिंदू वर्चस्ववादी एजेंडा हावी है। इसका मकसद 20 करोड़ भारतीय मुसलमानों को कमजोर करना और भारत की इस्लामी विरासत को मिटाना है।

बेंगलुरु कोर्ट का निर्मला सीतारमण के खिलाफ FIR का आदेश:वित्त मंत्री पर इलेक्टोरल बॉन्ड्स के जरिए जबरन वसूली का आरोप

बेंगलुरु की एक स्पेशल कोर्ट ने 27 सितंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। वित्त मंत्री पर इलेक्टोरल बॉन्ड्स के जरिए जबरन वसूली का आरोप लगाया गया है।

जनाधिकार संघर्ष परिषद (JSP) के आदर्श अय्यर ने बेंगलुरु में शिकायत दर्ज कर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बेंगलुरु के तिलक नगर पुलिस स्टेशन को FIR दर्ज करने का आदेश दिया। अगली सुनवाई 10 अक्टूबर काे होगी।

अप्रैल 2024 में की थी शिकायत जनाधिकार संघर्ष परिषद ने अप्रैल में 42वीं एसीएमएम कोर्ट में दायर याचिका में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, ED अधिकारियों, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं, तत्कालीन भाजपा कर्नाटक अध्यक्ष नलिन कुमार कटील, बीवाई विजयेंद्र के खिलाफ शिकायत की थी। इस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई।

शिकायत में कहा गया है कि अप्रैल 2019 से अगस्त 2022 तक व्यवसायी अनिल अग्रवाल की फर्म से लगभग 230 करोड़ रुपए और अरबिंदो फार्मेसी से 49 करोड़ रुपए चुनावी बॉन्ड के जरिए वसूले गए।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- स्कीम असंवैधानिक 15 फरवरी 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक फंडिंग के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- यह स्कीम असंवैधानिक है। बॉन्ड की गोपनीयता बनाए रखना असंवैधानिक है। यह स्कीम सूचना के अधिकार का उल्लंघन है। कोर्ट ने SBI और चुनाव आयोग को आदेश दिया था कि वह इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ा पूरा डेटा सार्वजनिक करे।

21 मार्च को डेटा सामने आया। इसमें पता चला था कि 2018 से 2023 तक देश की 771 कंपनियों ने 11,484 करोड़ के बॉन्ड खरीदे थे। ट्रेडिंग कंपनियों ने सबसे ज्यादा 2955 करोड़ रुपए सियासी दलों को दिए।

डेटा सार्वजनिक हाेने के बाद जुलाई 2024 में भी कॉरपोरेट्स और राजनीतिक दलों के बीच लेन-देन की जांच SIT से करवाने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी।

वित्त मंत्री ने लोकसभा चुनाव से पहले कहा था- स्कीम वापस लाएंगे लोकसभा चुनाव से पहले वित्त मंत्री ने बॉन्ड स्कीम को दोबारा लाने का संकेत दिया था। निर्मला सीतारमण ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर हम सत्ता में आए तो इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को फिर से वापस लाएंगे। इसके लिए पहले बड़े स्तर पर सुझाव लिए जाएंगे। हालांकि, कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने उनके इस बयान पर कहा था – अब BJP लोगों को और कितना लूटना चाहती है।

इलेक्टोरल बॉन्ड की शुरुआत 2017 के बजट में उस वक्त के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने चुनावी या इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को पेश किया था। 2 जनवरी 2018 को केंद्र सरकार ने इसे नोटिफाई किया। ये एक तरह का प्रोमिसरी नोट होता है। जिसे बैंक नोट भी कहते हैं। इसे कोई भी भारतीय नागरिक या कंपनी खरीद सकती है।

अगर आप इसे खरीदना चाहते हैं तो आपको ये स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की चुनी हुई ब्रांच में मिल जाएगा। इसे खरीदने वाला इस बॉन्ड को अपनी पसंद की पार्टी को डोनेट कर सकता है। बस वो पार्टी इसके लिए एलिजिबल होनी चाहिए।

क्या है पूरा मामला इस योजना को 2017 में ही चुनौती दी गई थी, लेकिन सुनवाई 2019 में शुरू हुई। 12 अप्रैल 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने सभी पॉलिटिकल पार्टियों को निर्देश दिया कि वे 30 मई, 2019 तक में एक लिफाफे में चुनावी बॉन्ड से जुड़ी सभी जानकारी चुनाव आयोग को दें। हालांकि, कोर्ट ने इस योजना पर रोक नहीं लगाई।

बाद में दिसंबर, 2019 में याचिकाकर्ता एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने इस योजना पर रोक लगाने के लिए एक आवेदन दिया। इसमें मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया गया कि किस तरह चुनावी बॉन्ड योजना पर चुनाव आयोग और रिजर्व बैंक की चिंताओं को केंद्र सरकार ने दरकिनार किया था।

इस पर विवाद क्यों 2017 में अरुण जेटली ने इसे पेश करते वक्त दावा किया था कि इससे राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाली फंडिंग और चुनाव व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। ब्लैक मनी पर अंकुश लगेगा। दूसरी ओर इसका विरोध करने वालों का कहना है कि इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वाले की पहचान जाहिर नहीं की जाती है, इससे ये चुनावों में काले धन के इस्तेमाल का जरिया बन सकते हैं।

कुछ लोगों का आरोप है कि इस स्कीम को बड़े कॉर्पोरेट घरानों को ध्यान में रखकर लाया गया है। इससे ये घराने बिना पहचान उजागर हुए जितनी मर्जी उतना चंदा राजनीतिक पार्टियों को दे सकते हैं।