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Tuesday, January 27, 2026
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मुख्यमंत्री ने की प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्रियों से सौजन्य भेंट

प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर हुई सकारात्मक चर्चाएं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लोक कल्याण मार्ग स्थित निवास पर सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश के विकास से संबंधित मुद्दे पर चर्चा की और प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री द्वय राजेन्द्र शुक्ला एवं जगदीश देवड़ा भी उनके साथ मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसके बाद केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से सौजन्य भेंट कर प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और मार्गदर्शन प्राप्त किया। केंद्रीय मंत्री शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को शुभकामनाएं दीं और आशा प्रकट की कि प्रदेश की नई सरकार विकास और प्रगति के नए आयाम स्थापित करेगी और जनकल्याण का नया अध्याय लिखेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी उनके निवास पर भेंट की। केंद्रीय मंत्री सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को शुभकामनाएं देते हुए नए नेतृत्व द्वारा प्रदेश को विकास की नई बुलंदियों पर ले जाने की उम्मीद जताई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय शिक्षा तथा कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से उनके निवास पर सौजन्य भेंट कर उनके मंत्रालयों में प्रदेश से जुड़े लंबित विषयों पर सहयोग मांगा। केंद्रीय मंत्री प्रधान ने हरसंभव सहयोग का आश्वासन देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सेवा, सुशासन, जन-कल्याण और विकास के नए आयाम स्थापित करेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय संचार, रेल एवं इलेक्ट्रानिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से उनके कार्यालय रेल भवन में मुलाकात की। उन्होंने केंद्रीय इस्पात और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते से भी उनके निवास पर सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पदभार ग्रहण करने के उपरान्त केंद्रीय मंत्रियों से ये पहली मुलाकात थीं। उनके साथ उपमुख्यमंत्री द्वय जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला भी उपथित थे।

मप्रः डॉ. मोहन सरकार लेगी 2000 करोड़ का कर्ज, 27 दिसंबर को खाते में आएगी राशि

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की डॉ. मोहन यादव सरकार (Dr. Mohan Yadav Government) वित्तीय संकट से निपटने (dealing with the financial crisis) के लिए पहली बार बाजार से दो हजार करोड़ रुपये का कर्ज (loan of two thousand crore rupees) लेने जा रही है। कर्ज की यह राशि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना (Chief Minister Ladli Behna Yojana) समेत अन्य योजनाओं पर खर्च की जाएगी। आरबीआई के माध्यम यह कर्ज लेने के लिए 26 दिसंबर को बिडिंग होगी और 27 दिसंबर को सरकार के खाते में यह राशि आएगी।

राज्य के वित्त विभाग ने शुक्रवार को इसकी अधिसूचना जारी की है। सरकार आरबीआई के ई कुबेर सिस्टम के जरिए 16 साल के लिए यह कर्ज ले रही है, जिसे वर्ष 2039 तक चुकाना होगा।

मप्र में नई सरकार का गठन हुए अभी सिर्फ 10 दिन ही हुए हैं। इतने कम अंतराल में ही सरकार को अपना पहला कर्ज लेना पड़ गया है। इधर वित्तीय बजट खत्म होने में अभी तीन महीने शेष हैं। पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि सरकार पहले विधानसभा सत्र में अनुपूरक बजट ला सकती है, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया।

इससे पहले पूर्ववर्ती शिवराज सिंह चौहान सरकार इस वित्तीय वर्ष में 23 हजार का करोड़ का कर्ज ले चुकी है। इस नए कर्ज को मिलाकर यह राशि 25 हजार करोड़ पर पहुंच जाएगी। प्रदेश पर अब कुल कर्जा 3 लाख 50 हजार करोड़ का होने पर है। ऐसे में मप्र पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

मप्र में पहले ही लाड़ली बहना जैसी मुफ्त की योजनाओं के लिए सरकार को हर महीने कम से कम चार हज़ार करोड़ का कर्ज लेना पड़ रहा है। इस योजना के तहत हर महीने प्रदेश की एक करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को 1250 रुपये दिए जाते हैं। सरकारी की यह चुनावी योजना अब सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। इसके अलावा कई चुनावी योजनाएं और हैं जिनके लिए सरकार को पैसे की जरूरत है।

आगरा महानगर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, ब्रज प्रांत का अमृत महोत्सव समारोह

आगरा/अलीगढ़:  शुक्रवार – 22 दिसंबर 2023 को अपरान्ह 12:30 बजे, स्वामी विवेकानंद सभागार, शिवाजी मण्डपम, आई.ई.टी. खंदारी परिसर, डा॰ भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री श्री प्रफुल्ल आकांत, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक डा. हरीश रौतेला, केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य सुश्री नीति शर्मा, प्रांत अध्यक्ष डॉ. मनुप्रताप सिंह तथा प्रांत मंत्री श्री अंकित पटेल की विशेष उपस्थिति में संपन्न हुआ ।

समारोह में अलीगढ़ महानगर के पूर्व प्रदेश मंत्री एवं पूर्व शहर विधायक अलीगढ़ स्वर्गीय श्री संजीव राजा की धर्मपत्नी व वर्तमान शहर विधायक अलीगढ़ श्रीमती मुक्ता संजीव राजा, डॉ. अनुप शर्मा, नितिन अरोड़ा, डाॅ. शिशु वशिष्ठ, नीरव अरोड़ा, पुष्पेंद्र जादौन, निखिल महेश्वरी, पूर्व संयोजक (एस.एफ.डी.) जीएनडीयू अमृतसर हिमांक अरोड़ा व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व कार्यकर्ता व वर्तमान कार्यकर्ता मौजूद रहे ।

  • अ.भा.वि.प. राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री श्री प्रफुल्ल आकांत, दिव्य प्रेम सेवा मिशन संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम, केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य सुश्री नीति शर्मा, प्रांत अध्यक्ष डॉ मनुप्रताप सिंह तथा प्रांत मंत्री श्री अंकित पटेल ।

  • शहर विधायक अलीगढ़ श्रीमती मुक्ता संजीव राजा, नितिन अरोड़ा व अन्य पूर्व व वर्तमान कार्यकर्ता ।

  • पुष्पेंद्र जादौन, नितिन अरोड़ा, पूर्व संयोजक (एस.एफ.डी.) जीएनडीयू अमृतसर हिमांक अरोड़ा व अन्य ।
  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक डा. हरीश रौतेला ।

पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र बनाने को लेकर अंचल अधिकारी से लगाई गुहार

कटिहार बिहार: किरण देवी पिता स्व. माखन महोली का कहना है कि उनका पंचायत महम्मदपुर से वंसावली बन गया है और वह अब अंचल कार्यालय कदवा से अपना पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र बनवाना चाहती है पर अंचल कार्यालय में उनका काम बिना दचना से नहीं हो पा रहा है।
किरण देवी को अपने ससुराल हासा रानीगंज से कदवा आने जाने में काफी समस्या होती है। उन्होंने सी ओ साहेब के पास अर्जी डाली है की उनका जल्द से जल्द पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र बनाया जाय।

गणतंत्र दिवस के लिए फ्रांसीसी राष्ट्रपति को न्योता:

बाइडेन के इनकार के बाद भारत ने गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को न्योता भेजा है। अगर मैक्रों भारत का इनविटेशन स्वीकार करते हैं तो ऐसा छठी बार होगा जब फ्रांसीसी राष्ट्रपति भारत की रिपब्लिक डे परेड में शामिल होंगे।

1976 से लेकर भारत अब तक 5 बार फ्रांस के राष्ट्रपति को रिपब्लिक डे के लिए आमंत्रित कर चुका है। इसी साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी फ्रांस की बैस्टिल डे परेड में बतौर चीफ गेस्ट शामिल हुए थे। वो इस परेड में शामिल होने वाले दूसरे भारतीय प्रधानमंत्री थे। परेड में भारतीय राफेल ने उड़ान भरी थी। इसके अलावा भारत की तीनों सेनाओं के मार्चिंग दस्ते के 269 जवानों ने परेड में हिस्सा लिया था।

बाइडेन के पास वक्त नहीं
एक कार्यक्रम के दौरान भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा था- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाइडेन को रिपब्लिक डे परेड के लिए बतौर चीफ गेस्ट आमंत्रित किया है। हालांकि, अमेरिका की तरफ से इस पर कोई जवाब नहीं मिला था। इसके बाद 12 दिसंबर को खबर आई थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन रिपब्लिक डे 2024 यानी गणतंत्र दिवस के लिए भारत नहीं आएंगे। 26 जनवरी के दौरान उनका शेड्यूल काफी बिजी है। इसके अलावा भारत में जनवरी में होने वाली क्वाड समिट भी टाल दी गई थी। ये बैठक 26 जनवरी के आस-पास होने वाली थी।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक क्वाड की मीटिंग के लिए भारत ने जो शेड्यूल बनाया था, उस पर बाकी देश सहमत नहीं थे। आखिरी बार 2015 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा गणतंत्र दिवस के समारोह में शामिल हुए थे। अपनी 3 दिन की यात्रा में ओबामा ने PM मोदी के साथ मन की बात कार्यक्रम में भी शिरकत की थी।

वहीं, क्वाड के मेंबर देश ऑस्ट्रेलिया का नेशनल डे भी 26 जनवरी को होता है। इसके चलते एंथनी अल्बनीज उस वक्त क्वाड की मीटिंग अटेंड नहीं कर सकते। लिहाजा इससे जापान के प्रधानमंत्री फुमिया किशिदा के भी भारत आने की ज्यादा उम्मीद नहीं रही थी।

एक नजर भारत-फ्रांस के रिश्तों पर
JNU के प्रोफेसर राजन कुमार के मुताबिक भारत को लेकर फ्रांस का स्टैंड दूसरे पश्चिमी देशों से अलग है। कई बार अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी को भारत में मानवाधिकार और लोकतंत्र को लेकर सवाल खड़े करता है। फ्रांस इनकी तुलना में भारत के आंतरिक मामलों में काफी कम दखलंदाजी करता है। ये एक मुख्य वजह है कि भारत का फ्रांस के साथ कभी कोई बड़ा मनमुटाव नहीं रहा है।

इसके अलावा जुलाई 1998 में भारत ने परमाणु ताकत बनने की ठानी और न्यूक्लियर टेस्ट किए तो सभी पश्चिमी देशों ने इस पर आपत्ति जताई। अमेरिका ने भारत पर कई तरह की पाबंदियां लगाई थीं। तब फ्रांस के राष्ट्रपति जैक शिराक ने भारत का समर्थन किया था।

पश्चिमी देशों के उलट जाकर फ्रांस ने भारत को न्यूक्लियर प्लांट सेटअप करने में मदद की। रूस के बाद फ्रांस इकलौता ऐसा देश है जिसने भारत की न्यूक्लियर कैपेबिलिटी को बढ़ाने में मदद की। इस प्लांट को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत अभी जारी हैं। महाराष्ट्र के जैतपुर में लगा परमाणु प्लांट फ्रांस की मदद से ही मुमकिन हो पाया।

यूक्रेन जंग के बाद से भारत हथियारों को लेकर रूस पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहता है। इसके लिए वो रास्ते तलाश रहा है। किसी एक देश पर निर्भर रहने की बजाय भारत अलग-अलग देशों के बेहतर हथियारों को सेना के लिए खरीद रहा है। भारत ने फ्रांस से राफेल विमान खरीदे हैं। फ्रांस भी भारत से डिफेंस में साझेदारी बढ़ाना चाहता है।

मेंटल हेल्थ खराब होने पर दिमाग की हो जाती है कुछ ऐसी हालत,

खराब जीवन शैली के कारण आजकल दिमाग की सेहत (mental health) पर बुरा असर पड़ रहा है. ऐसे में हम आपको यहां पर कुछ सिमटम्स बताने वाले हैं जिससे आपको पता चल जाएगा की आपकी मेंटल हेल्थ अच्छी है या खराब.

आजकल काम के दबाव और प्रतिस्पर्धा की दौड़ में लोगों की मेंटल हेल्थ बहुत खराब हो रही है. कुछ लोग की हालत तो इतनी खराब है कि वो साइकोलॉजिस्ट तक का सहारा ले रहे हैं, इससे निकलने के लिए. वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो समझ ही नहीं पाते हैं कि वो मानसिक रूप से बीमार हैं. आज हम इस आर्टिकल में मेंटल हेल्थ खराब होने के क्या लक्षण हैं उसके बारे में बताएंगे ताकि आप समय रहते है

1- अगर आप आजकल बहुत दुखी रहने लगे हैं किसी भी बात पर हंसी नहीं आती है, तो ये दिमागी रूप से बीमार होने के लक्षण हैं और हां अगर आपको हर बात पर रोने का मन करता है तो ये भी मेंटल हेल्थ खराब होना को दर्शाता है.

2- अगर आप बात-बात पर चिंता में आ जाते हैं बहुत ज्यादा सोचने लगते हैं तो इसका मतलब आपकी मानसिक हालत ठीक नहीं है. तो अगर आपको ऐसा कुछ फील होने लगा है तो फिर आप इसका जितना जल्दी हो इलाज कर लीजिए.

3- वहीं, आपको अचानक से रोना, हंसना आने लगे तो ये मेंटल डिसऑर्डर के लक्षण हैं. वहीं, आपको किसी चीज पर रिएक्शन देने का मन ना करना भी मेंटल हेल्थ खराब होने के लक्षण हैं.

4- इसके अलावा खाने के पैटर्न में बदलाव आना भी खराब मेंटल हेल्थ के लक्षण हैं. इसमें भूख ज्यादा भी लग सकती है और कम भी. नींद न आना रात-रात भर जगना भी खराब मेंटल हेल्थ के लक्षण हैं.

5- अपने आपको बेकार समझना भी खराब मानसिक सेहत के लक्षण हैं. मेंटल हेल्थ खराब होने पर लोग अपने आप पर डाउट करने लग जाते हैं. उन्हें लगता है वो किसी काम के नहीं हैं. यह डिप्रेशन के लक्षण हैं.

गोवा नहीं मध्यप्रदेश का ये आइलैंड बना पर्यटकों की पहली पसंद, उठा सकते हैं शिकारा का लुत्फ

Hanuwantiya Island : मध्य प्रदेश में गोवा से भी सुंदर और एडवेंचर से भरपूर डेस्टिनेशन मौजूद है जिसका नाम हनुवंतिया टापू है। हनुवंतिया टापू के नाम से मशहूर ये डेस्टिनेशन खंडवा जिले में स्थित है।

तेल की कीमतों में वृद्धि से बाजार की तेजी में आ सकती है रुकावट

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने गुरुवार को कहा कि तेल की कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी के साथ-साथ खाद्य मुद्रास्फीति पर चिंता बाजार में पिछले दो महीनों की लंबी रैली में रुकावट पैदा कर सकती है। गुरुवार को धीमी शुरुआत के बाद, गिरावट पर खरीदारी की रणनीति के बीच बाजार हरे निशान में चला गया। उन्होंने कहा कि हालांकि समग्र रुझान नरम रहा, त्योहारी अवकाश से पहले एफआईआई मौन रहे और गुरुवार को अमेरिकी जीडीपी डेटा की घोषणा से पहले वैश्विक बाजार लाल निशान पर कारोबार कर रहा था।

गुरुवार को सेंसेक्स 358.79 अंक या 0.51 प्रतिशत बढ़कर 70,865.10 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 104.90 अंक या 0.51 प्रतिशत बढ़कर 21,255.05 पर बंद हुआ। नायर ने कहा कि हाई वैलुएशन के कारण निकट भविष्य में कुछ कॉनसॉलिडेशन की जरूरत है। चॉइस ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट मंदार भोजने ने कहा कि बेंचमार्क सूचकांकों ने गुरुवार को 104.9 अंक की बढ़त के साथ हरे निशान में सत्र का समापन किया।

अगर निफ्टी 21,500 के स्तर को पार कर जाता है, तो आने वाले दिनों में 21,650 और 21,750 तक बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सेक्टरों में, सूचना प्रौद्योगिकी, बैंकिंग और एफएमसीजी में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि धातु, फार्मा, रियल्टी, बिजली और तेल और गैस के साथ-साथ पूंजीगत वस्तुओं में 1-2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

जबलपुर: कोविड के बाद स्वाइन फ्लू की दस्तक, महिला मिली पॉजिटिव

शहर में कोरोना के बाद अब स्वाइन फ्लू ने भी दस्तक दी है। स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद एक महिला को निजी अस्पताल से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहाँ उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। वार्ड प्रभारी डॉ. दीपक बरकड़े ने बताया कि एक 60 वर्षीय महिला सर्दी-जुकाम, साँस फूलने जैसी समस्याओं के साथ निजी अस्पताल उपचार के लिए गई थी, जहाँ लक्षणों को देखते हुए एच-1, एन-1 की जाँच भी कराई गई थी, जो कि पॉजिटिव आई थी। चूंकि निजी अस्पताल में आइसाेलेशन वार्ड नहीं था, ऐसे में महिला को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। महिला डेंगू पीड़ित भी है। महिला को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। जरूरत को देखते हुए ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया गया है, हालांकि मरीज की हालत पहले से बेहतर है। डॉ. बरकड़े ने बताया कि सर्दियों के समय एच-1, एन-1 वायरस का खतरा बढ़ जाता है। जिन लोगों को दमा या फिर साँस की बीमारी है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए।

आईसीएमआर भेजेंगे सैंपल

सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा ने बताया कि स्वाइन फ्लू से पीड़ित महिला की जाँच निजी लैब में की गई थी, इसलिए आज महिला का सैंपल लेकर जाँच के लिए आईसीएमआर भेजा जाएगा।

कोविड पॉजिटिव की होगी जीनोम सीक्वेंसिंग

नाॅर्वे से लौटी बुजुर्ग महिला के कोविड पॉजिटिव आने के बाद उन्हें घर पर ही आइसोलेट किया गया है। बताया जा रहा है कि महिला कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 से पीड़ित तो नहीं है, इसकी जाँच के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी। पीड़ित का सैंपल भोपाल एम्स भेजा गया है।

 

आवास योजना से घर बन जाए इसी आस में है ये दिहाड़ी मजदूर 

पुर्णिया बिहार : सुकरू ऋषिदेव लॉकडाउन में मुंबई, पंजाब और ऋषिकेष में दिहाड़ी मजदूर का काम खोजने गए थें। पर सुकरु को दस दिन से ज्यादा का काम कहीं नहीं मिल सका। इन दिनों सुकरू ऋषिदेव बंगलौर में रहकर घर बनाते हैं। वो राज मिस्त्री के साथ हेल्पर का काम करते हैं।

मुझे सरकारी मदद चाहिए – सुकरु
सुकरु ऋषिकेष बिहार के पुर्णिया जिले के कचहरी बलुआ से हैं। सुकरु ऋषिकेष के पिता का देहांत हो गया है। उनके पिता का नाम स्वर्गीय सुखदेव ऋषिदेव है। इनके तीन बच्चे हैं। दो बच्चे और एक बच्ची।

उन्होंने बताया, “मैंने अपनी बच्ची का विवाह काफी मेहनत से की है सर। मैं काफी गरीब हूं। सरकारी आवास योजना से मेरा घर नहीं बन पा रहा है। मुझे सरकारी मदद की जरूरत है। मैंने सरकार को अर्जी डाली है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।”

लॉकडाउन में सुकरू महाराष्ट्र के पोस्ट हयातनगर, हिंगोली में कई दिन रहकर काम किया। पर इससे वो आर्थिक तंगी से उबर नहीं सके। सरकार से सुकरू ऋषिदेव का गुहार है कि सरकारी आवास योजना के तहत मेरा घर बन जाए।

सरपंच के पास जाकर सुकरू ऋषिदेव ने तीन बार सरकारी आवास योजना को लेकर फॉर्म भरे । पर उन्हें अब-तक किसी तरह का राहत नहीं मिल पायी है। सुकरू ऋषिदेव ने बताया, “मैं कर्जा लेकर मिट्टी का कच्चा घर बनाया था सर, पर बारिश में टूट-टूट जाता है। बारिश में प्लास्टिक से हमेशा खुद को बचाना पड़ता है सर। मेरा कोई नहीं सुन रहा है सर।” सुकरू ऋषिदेव इन दिनों बंगलौरू में रहकर दिहाड़ी मजदूरी करते हैं।