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Tuesday, January 27, 2026
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भारतीय सिक्योरिटी मार्केट में नेकेड शॉर्ट सेलिंग पर लगी रोक, SEBI के इस फैसले का सोमवार के कारोबारी दिन दिखेगा असर

शुक्रवार को शेयर बाजार बंद होने के बाद सेबी ने एक सर्कुलर जारी किया है। इस सर्कुलर में भारतीय सिक्योरिटी मार्केट में नेकेड शॉर्ट सेलिंग रोक लगाने जैसी बातें सामने आ रही हैं। इसी के साथ सेबी के इस फैसले का असर कल यानी सोमवार के कारोबारी दिन देखने को मिल सकता है।नए सर्कुलर के साथ सेबी ने संस्थागत निवेशकों के डे-ट्रेडिंग पर भी रोक लगा दी है।

शुक्रवार को शेयर बाजार बंद होने के बाद सेबी ने एक सर्कुलर जारी किया है। इस सर्कुलर में भारतीय सिक्योरिटी मार्केट में नेकेड शॉर्ट सेलिंग रोक लगाने जैसी बातें सामने आ रही हैं। इसी के साथ सेबी के इस फैसले का असर कल यानी सोमवार के कारोबारी दिन देखने को मिल सकता है।

संस्थागत निवेशकों के डे-ट्रेडिंग पर भी पाबंदी

नए सर्कुलर के साथ सेबी ने संस्थागत निवेशकों के डे-ट्रेडिंग पर भी रोक लगा दी है। इस सर्कुलर के मुताबिक अभी सभी निवेशकों को सेटलमेंट के समय ही सिक्योरिटीज की डिलीवरी करना अनिवार्य होगा।

इसके साथ ही इस सर्कुलर में सेटलमेंट के समय ही सिक्योरिटीज की डिलीवरी न करने वाले ब्रोकरों के खिलाफ कार्रवाही करने के लिए एक जैसे प्रावधानों को बनाने की बात कही गई है। सेबी के इस सर्कुलर में ब्रोकर्स और एक्सचेंजों की जिम्मेदारी के बारे कई बातें कही गई हैं।
क्या होती है शॉर्ट सेलिंग

दरअसल, शॉर्ट सेलिंग का मतलब ऐसे स्टॉक्स को बेचने से होता है जो ट्रेड के समय बेजने वाले के पास मौजूद ही नहीं होते हैं।

सेबी की रहेगी इन स्टॉक्स पर नजर

शॉर्ट सेलिंग के लिए सिक्योरिटी लेंडिग एंड बोरोइंग स्कीम को लाए जाने जैसी बातें भी सामने आ रही हैं। हालांकि, फ्यूचर और ऑप्शन में ट्रेड होने वाली सिक्योरिटी में शॉर्ट लेंडिग की इजाजत रहेगी। इस पर सेबी भी अपनी नजर बनाए रखेगा। सेबी समय-समय पर स्टॉक्स की लिस्ट की समीक्षा करता रहेगा।

ऑर्डर प्लेस करने के साथ ही देनी होगी जानकारी

नए सर्कुलर के मुताबिक संस्थागत निवेशकों को ऑर्डर प्लेस करने के साथ ही बताना होगा कि स्टॉक शॉर्ट सेलिंग है या नहीं। इतना ही नहीं, निवेशकों को यह जानकारी ट्रांजेक्शन वाले दिन कारोबारी दिन खत्म होने से पहले भी देनी होगी।

ब्रॉकर्स को शॉर्ट सेलिंग पोजिशन की जानकारी इक्ट्ठा करनी होगी। इस जानकारी के साथ ही अगले दिन का कारोबारी समय शुरू होने से पहले स्टॉक एक्सचेंजों के पास यह जानकारी जमा करनी होगी।

शेख हसीना लगातार चौथी बार बांग्लादेश की PM बनेंगी:चुनाव में अवामी लीग ने 300 में से 204 सीटें जीतीं, सिर्फ 40% वोट पड़े

बांग्लादेश की मौजूदा पीएम शेख हसीना (76) लगातार चौथी बार प्रधानमंत्री पद पर काबिज होने जा रही हैं। रविवार 7 जनवरी को हुए आम चुनाव में हसीना की पार्टी अवामी लीग ने संसद की 300 में से 204 सीटें जीत लीं। इस बार 299 सीटों पर वोटिंग हुई थी।

वहीं, हसीना ने लगातार आठवीं बार चुनाव जीता। गोपालगंज-3 सीट से उन्होंने बांग्लादेश सुप्रीम पार्टी के कैंडिडेट एम निजामुद्दीन लश्कर को 2.49 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया। हसीना को 2 लाख 49 हजार 965 तो निजामुद्दीन को महज 469 वोट मिले। हसीना पहली बार 1986 में चुनाव जीती थीं।

बांग्लादेश चुनाव आयोग के मुताबिक, इस बार चुनाव में 40% वोट पड़े। यह आंकड़ा बदल सकता है। 2018 के चुनाव में 80% मतदान हुआ था। देश में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) समेत विपक्षी पार्टियों ने चुनाव का बहिष्कार किया था।

हसीना का ये 5वां टर्म
शेख हसीना पांचवीं बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनने जा रही हैं। वे 1996 से 2001 तक प्रधानमंत्री थीं। इसके बाद 2009 में फिर प्रधानमंत्री बनीं। तब से अब तक सत्ता पर काबिज हैं।

बांग्लादेश में विपक्ष ने 6 जनवरी को 48 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया था। इसके बाद विपक्ष की गैरमौजूदगी में बैलट पेपर पर अवामी लीग, उसकी सहयोगी पार्टी और निर्दलीय कैंडिडेट्स के नाम ही लिखे गए। ऐसे में सत्ताधारी पार्टी अवामी लीग की जीत को औपचारिकता ही माना गया था।

हिंदुओं ने हसीना को वोट दिया
बांग्लादेश में 10% आबादी वाले हिंदुओं के वोट एकमुश्त अवामी लीग को गए और शेख हसीना की कुल 107 सीटों पर जीत पक्की हो गई। इसमें कई सीटें तो ऐसी हैं, जहां हिंदू वोटर 20-40% तक हैं। हिंदू-बौद्ध-ईसाई ओइक्या परिषद के संस्थापकों में से एक राणा दासगुप्ता ने कहा- इन सीटों पर हिंदू आबादी खतरे में है, इसलिए हिंदुओं ने हसीना को वोट दिया।

BNP का कल से प्रदर्शन का ऐलान
पूर्व प्रधानमंत्री और BNP प्रमुख खालिदा जिया ने कहा, ‘मंगलवार (9 जनवरी) से देश में सरकार विरोधी आंदोलन शुरू करने की योजना है। ये चुनाव फेक है।’ BNP ने 2014 में भी चुनाव का बहिष्कार किया था, लेकिन 2018 में हिस्सा लिया। इस बार भी खालिदा की पार्टी समेत 16 दल चुनाव से दूर रहे।

हसीना का आदेश- जीत का जश्न न मनाएं कार्यकर्ता
प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी पार्टी अवामी लीग के नेता और कार्यकर्ताओं को आदेश दिया है कि वो जीत का जश्न न मनाएं और न ही कोई रैली या जुलूस निकालें। हसीना के सेक्रेटरी सायम खान ने रविवार रात इस बारे में प्रधानमंत्री के हवाले से बयान जारी किया। उन्होंने कहा- नतीजे आने के बाद किसी तरह की हिंस नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे देश को नुकसान होता है।

वोट डालने के बाद हसीना ने कहा था- ‘हम भाग्यशाली हैं कि हमारा भारत जैसा विश्वसनीय दोस्त है। 1975 के बाद जब हमारा परिवार खत्म हो गया तो उन्होंने हमें शरण दी। इसलिए भारतीयों के लिए हमारी शुभकामनाएं हैं। मैं सुनिश्चित करना चाहती हूं कि बांग्लादेश में लोकतंत्र जारी रहे।’

2018 में शेख हसीना की पार्टी ने सबसे ज्यादा सीट जीती थीं
बांग्लादेश की संसद में कुल 350 सीटें हैं। इनमें से 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। आरक्षित सीटों पर चुनाव नहीं होता, जबकि 300 सीटों के लिए हर पांच साल में आम चुनाव होते हैं।

बांग्लादेश में 3 मुख्य राजनीतिक दल हैं- बांग्लादेश अवामी लीग, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जातीयो पार्टी। 2018 के आम चुनाव में 300 सीटों में से 290 सीटें पर इन्हीं तीनों दलों के उम्मीदवारों ने चुनाव जीता था। इनमें से 257 पर शेख हसीना की अवामी लीग, 26 सीटों पर जातीयो पार्टी जबकि 7 पर खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को जीत मिली थी।

इस बार यानी 2024 में 27 राजनीतिक दलों के 1,500 से ज्यादा उम्मीदवारों के अलावा 436 स्वतंत्र उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे थे। इन उम्मीदवारों में से करीब 200 शेख हसीना के समर्थक हैं।

महाकाल की नगरी उज्‍जैन में देश का पहला हेल्दी और हाईजीनिक फूड स्ट्रीट ‘प्रसादम’

महाकाल की नगरी उज्जैन (Ujjain) में देश का पहला हेल्दी और हाईजीनिक फूड स्ट्रीट बनने जा रहा है. ये महाकाल लोक (Mahakal Lok) के अंदर बनाया गया है. सीएम मोहन यादव (Mohan yadav) ने केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया के साथ इसका लोकार्पण किया. उज्जैन धीरे-धीरे पर्यटकों का हब बनता जा रहा है, इस बीच देश के पहले हेल्दी और हाईजीनिक फूड स्ट्रीट की शुरुआत यहां से की गई है. आइए जानते हैं ये क्यों खास है?

उज्जैन की प्रसादम फूड स्ट्रीट को 1 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत से तैयार किया गया है. महाकाल लोक परिसर के भीतर फूड स्ट्रीट में 150 से 200 स्क्वायर फीट की कुल 17 दुकानें हैं. जिनमें फूड कोर्ट शुरू किया जाएगा. प्रसादम में अलग-अलग फूड स्टॉल होंगे, जहां महाकाल लोक आने वाले श्रद्धालु उज्जैन के स्थानीय व्यंजनों का लुत्फ ले सकेंगे.

RO वॉटर से बनेगा भोजन

‘प्रसादम’ को सबसे शुद्ध और स्वच्छ फूड स्ट्रीट के तौर पर विकसित किया जा रहा है. देश के पहले हेल्दी और हाईजीनिक फूड स्ट्रीट में समोसा-कचौड़ी और मैगी-पास्ता जैसे जंक फूड पर प्रतिबंध होगा. केवल हेल्दी खाना ही यहां खा सकेंगे. इसके साथ ही प्लास्टिक भी प्रतिबंधित होगी. यहां भोजन RO वॉटर से तैयार किया जाएगा.

फूडकोर्ट के लिए जाना जाएगा उज्जैन

सीएम मोहन यादव ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि विश्‍व प्रसिद्ध आस्‍था का केंद्र उज्जैन, अब देश के सबसे शुद्ध, स्वस्थ एवं स्वच्छ फूडकोर्ट के लिए भी जाना जाएगा. उन्होंने कहा कि आज उज्जैन में “प्रसादम्” के लोकार्पण कार्यक्रम के अवसर पर हुए ₹21876 लाख से अधिक की लागत के 187 कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण के लिए प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं.

आज से तीन दिन के गुजरात दौरे पर पीएम मोदी, वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का करेंगे उद्घाटन

वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक शिखर सम्मेलन के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 से 10 जनवरी तक गुजरात का दौरा करेंगे। PM मोदी गांधीनगर के महात्मा मंदिर में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2024 का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान वह विश्व नेताओं शीर्ष वैश्विक निगमों के सीईओ के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे । वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की परिकल्पना 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में की गई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 से 10 जनवरी तक गुजरात का दौरा करेंगे। इस दौरान वह विश्व नेताओं, शीर्ष वैश्विक निगमों के सीईओ के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट, जिसकी परिकल्पना 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में की गई थी, आज समावेशी विकास और सतत विकास के लिए व्यापार सहयोग, ज्ञान साझा करने और रणनीतिक साझेदारी के लिए सबसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंचों में से एक के रूप में विकसित हुआ है।

इन तीन दिनों में क्या-क्या करेंगे पीएम मोदी?

9 जनवरी को सुबह करीब 9.30 बजे प्रधानमंत्री मोदी गांधीनगर के महात्मा मंदिर पहुंचेंगे, जहां वह विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इसके बाद शीर्ष वैश्विक निगमों के सीईओ के साथ बैठक करेंगे। पीएमओ ने कहा कि दोपहर करीब तीन बजे वह वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल ट्रेड शो का उद्घाटन करेंगे। 10 जनवरी को सुबह करीब 9.45 बजे प्रधानमंत्री मोदी गांधीनगर के महात्मा मंदिर में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2024 का उद्घाटन करेंगे।

इसके बाद वह शीर्ष वैश्विक निगमों के सीईओ के साथ बैठक करेंगे। प्रधानमंत्री गिफ्ट सिटी जाएंगे, जहां शाम करीब 5.15 बजे वह ग्लोबल फिनटेक लीडरशिप फोरम में प्रमुख व्यापारिक नेताओं के साथ बातचीत करेंगे।

10 से 12 जनवरी तक गांधीनगर में होगा समिट

बता दें कि वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का 10वां संस्करण 10 से 12 जनवरी, 2024 तक गांधीनगर, गुजरात में आयोजित किया जा रहा है। इसकी थीम ‘गेटवे टू द फ्यूचर’ है। यह संस्करण ‘वाइब्रेंट गुजरात के 20 वर्षों को सफलता के शिखर के रूप में’ मनाएगा। इस वर्ष के शिखर सम्मेलन के लिए 34 भागीदार देश और 16 भागीदार संगठन हैं। इसके अलावा, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में निवेश के अवसरों को प्रदर्शित करने के लिए वाइब्रेंट गुजरात मंच का उपयोग करेगा।

जल्द ही शुरू होंगी झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और तेलंगाना की कोयला खदानें

कोयला मंत्रालय द्वारा तीन साल पहले शुरू की गई वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के तहत अब तक 91 खदानों की सफलतापूर्वक नीलामी की जा चुकी है। इन आवंटित खदानों में से छह वाणिज्यिक खदानों ने पहले ही कोयला उत्पादन शुरू कर दिया है और अन्य तीन खदान के कुछ महीनों में उत्पादन शुरू करने की संभावना है।

नीलामी के लिए चार राज्यों की 31 कोयला खदानों की पेशकश करते हुए, नीलामी का 9वां दौर हाल ही में दिसंबर 2023 में शुरू किया गया था। झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और तेलंगाना राज्यों की कोयला/लिग्नाइट खदानों की नीलामी के नौवें दौर में सम्मिलित है। कोयला मंत्रालय ने 2020 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई पूर्णतः पारदर्शी ऑनलाइन नीलामी के तहत अब तक नीलामी के सात दौर सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।

उत्पादन 220.90 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) के कुल पीक रेट क्षमता स्तर पर उत्पादन को देखते हुए, नीलाम की गई खदानों से कोयला खनन के माध्यम से 33,343 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। एक बार जब ये खदानें पूरी तरह से परिचालित हो जाएंगी, तो इनसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग तीन लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

वाणिज्यिक कोयला खनन से देश में नया निवेश आने की संभावना है और नीलामी से प्राप्त संपूर्ण राजस्व झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, बिहार और असम के कोयले वाले राज्यों को आवंटित किया जाएगा।

‘इंडियन पुलिस फोर्स’ का ट्रेलर रिलीज, शिल्पा और सिद्धार्थ का जोरदार एक्शन

रोहित शेट्टी की एक्शन सीरीज ‘इंडियन पुलिस फोर्स’ का फैंस को बेसब्री से इंतजार है। सीरीज से कलाकारों का लुक जारी होने के बाद मेकर्स ने फैंस को खास तोहफा देते हुए हाल ही में, इसका टीजर भी रिलीज कर दिया था।
सीरीज से शिल्पा शेट्टी और सिद्धार्थ मल्होत्रा ओटीटी पर डेब्यू भी कर रहे हैं। इसके अन्य कलाकारों में विवेक ओबेरॉय और शरद केलकर हैं। रोहित शेट्टी कॉप यूनिवर्स को एक अलग लेवल पर ले गए हैं। इसकी कहानी दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर है जो एक आतंकी की तलाश कर रही है। उसके बाद पुलिस पर सवाल उठने लगे हैं।

एक्शन पैक्ड सीरीज
सिद्धार्थ, विवेक और शिल्पा की टीम है जो एक आतंकी हमले के बाद उस आतंकवादी को खोजने में जुटी है। ट्रेलर में दिल्ली के कई हिस्सों को दिखाया गया है। हर फ्रेम के साथ रहस्य और भी गहराता जाता है और आखिर में एक विस्फोट होता है। रोहित की यह कॉप यूनिवर्स एक अलग दुनिया में लेकर जाती है। ट्रेलर में शिल्पा और सिद्धार्थ का एक्शन भी देखने को मिलता है। ‘इंडियन पुलिस फोर्स’ 19 जनवरी को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी। इसका निर्देशन रोहित और सुश्वंथ प्रकाश ने किया है। सीरीज को रोहित ने क्रिएट किया है।

ट्रेलर को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ’19 जनवरी से खोज शुरू होगी। भारतीय पुलिस फोर्स, नई सीरीज केवल प्राइम वीडियो पर।’ इसके कुल 7 एपिसोड हैं।

कॉप यूनिवर्स की फिल्में
रोहित के कॉप यूनिवर्स के बारे में बात करें तो 2021 में ‘सूर्यवंशी’ आई थी जो कि कॉप यूनिवर्स की चौथी फिल्म थी। 2018 में रिलीज हुई फिल्म ‘सिम्बा’ में रणवीर सिंह ने पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई। अन्य कलाकारों में अजय देवगन और अक्षय कुमार थे। अजय देवगन ने इसकी शुरुआत सिंघम से की।
रोहित की आने वाली फिल्म ‘सिंघम अगेन’ है। फिल्म के कलाकारों में दीपिका पादुकोण, टाइगर श्रॉफ, करीना कपूर को भी देख पाएंगे।

अयोध्या साम्राज्य की शक्ति व संप्रभुता का प्रतीक था कोविदार का वृक्ष, प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए रीवा से भेजे जा रहे 100 ध्वज

मध्य प्रदेश के रीवा में तैयार हो रहे अयोध्या के राम मंदिर पर लगने वाले ध्वज पर अंकित कोविदार का वृक्ष अयोध्या साम्राज्य की शक्ति और संप्रभुता का प्रतीक था। भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा में 24 सलाकाओं से युक्त चक्र है उसी तरह त्रेता युग में अयोध्या साम्राज्य की शक्ति और संप्रभुता का प्रतीक उसका ध्वज था जिस पर कोविदार का सुंदर वृक्ष अंकित था। सनातन की सामूहिक स्मृति से विलुप्त हो चुके कोविदार वृक्ष को लेकर उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ. लवकुश द्विवेदी के निर्देश पर शोधार्थी ललित मिश्रा ने देशभर में वाल्मीकि रामायण पर बने चित्रों का अध्ययन किया और श्लोकों व कथानक से मिलान किया।

भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा में 24 सलाकाओं से युक्त चक्र

ललित मिश्रा बताते हैं कि जिस तरह भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा में 24 सलाकाओं से युक्त चक्र है, उसी तरह त्रेता युग में अयोध्या साम्राज्य की शक्ति और संप्रभुता का प्रतीक उसका ध्वज था, जिस पर कोविदार का सुंदर वृक्ष अंकित था। उन्होंने बताया कि मेवाड़ के महाराणा प्रताप के वंशज राणा जगत सिंह ने संपूर्ण वाल्मीकि रामायण पर चित्र बनाए हैं। इन चित्रों में एक में भरत द्वारा सेना सहित चित्रकूट आकर भगवान राम को सविनय अयोध्या ले जाने के आग्रह का प्रसंग है।

भारद्वाज आश्रम में विश्राम कर रहे भगवान राम कोलाहल सुनकर लक्ष्मण जी से बाहर जाकर देखने के लिए कहते हैं। एक वृक्ष पर खड़े होकर लक्ष्मण जी देखते हैं कि उत्तर दिशा से एक सेना आ रही है, जिसके रथ पर एक लगे ध्वज पर कोविदार का वृक्ष अंकित है। लक्ष्मण समझ जाते हैं कि यह अयोध्या की सेना है। अयोध्या कांड के 84वें सर्ग में सबसे पहले आया कोविदार का उल्लेख – वाल्मीकि रामायण के अयोध्या कांड के 84वें सर्ग में उल्लेख है कि निषादराज गुह ने सबसे पहले कोविदार के वृक्ष से अयोध्या की सेना को पहचाना।

96वें सर्ग के 18वें श्लोक में लक्ष्मण जी को सेना के रथ में लगे ध्वज का कोविदार का वृक्ष दिखाई देता है। श्लोक 21 में लक्ष्मण जी श्रीराम से कहते हैं कि भरत को आने दीजिए, उन्हें युद्ध में पराजित कर हम कोविदार के वृक्ष वाले ध्वज को अधीन कर लेंगे। कालिदास ने ऋतुसंहार (36.3) में भी कोविदार की प्रशंसा की है।

कचनार है पृथक वृक्ष

ललित कहते हैं कि वनस्पति शास्त्र में कचनार को ही कोविदार बताया गया है, जो गलत है। सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है कि इस गलत तथ्य को सुधारा जाए। बीएचयू के प्रोफेसर डॉ. ज्ञानेश्वर चौबे ने भी अपने शोध में इन दोनों वृक्षों को पृथक बताया है। भावप्रकाश निघंटू में भी कचनार और कोविदार को अलग-अलग बताया गया है।

100 ध्वज भेजे जाएंगे

उल्लेखनीय है कि 22 जनवरी को होने वाले श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए 100 ध्वज रीवा से भेजे जा रहे हैं। इन्हें रीवा के हरदुआ गांव निवासी ललित मिश्रा तैयार करवा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने राम मंदिर के ध्वज का प्रारूप श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को भेंट किया था।

अंतरिक्ष में सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा बनाकर ISRO ने रचा एक और इतिहास, नहीं होगा कोई हानिकारक उत्सर्जन

सफलता के आकाश पर नित नई ऊंचाई तय कर रहे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने एक और ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। शुक्रवार को इसरो ने देश के साथ इस सफलता को साझा करते हुए बताया कि उसे पीएसएलवी आर्बिटल एक्सपेरिमेंटल माड्यूल-3 यानी पीओईएम-3 पर 100 वाट श्रेणी की पालीमर इलेक्ट्रोलाइट मेंब्रेन फ्यूल सेल आधारित ऊर्जा प्रणाली के परीक्षण में सफलता मिली है।

चंद्रयान-3, आदित्य एल-1 और ब्लैक होल्स के अध्ययन के लिए एक्सपोसैट अभियान के सफल प्रक्षेपण के बाद इसरो ने अंतरिक्ष में फ्यूल सेल आधारित नई सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन प्रणाली का सफल परीक्षण किया है।

शुक्रवार को इसरो ने देश के साथ इस सफलता को साझा करते हुए बताया कि उसे पीएसएलवी आर्बिटल एक्सपेरिमेंटल माड्यूल-3 यानी पीओईएम-3 पर 100 वाट श्रेणी की पालीमर इलेक्ट्रोलाइट मेंब्रेन फ्यूल सेल आधारित ऊर्जा प्रणाली के परीक्षण में सफलता मिली है। भविष्य में अंतरिक्ष केंद्र स्थापित करने की भारत की योजना के लिए यह सफलता अति महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस तकनीक से वहां बिजली, पानी और उष्मा तीनों अहम आवश्यकताएं एक ही प्रणाली के माध्यम से पूरी की जा सकेंगी।

क्षमता अधिक, लागत कम

बकौल पीटीआई, यह नई फ्यूल सेल तकनीक की क्षमता अधिक है और अंतरिक्ष अभियानों में अभी प्रयोग हो रही तकनीक की तुलना में इसकी लागत भी कम है। अंतरिक्ष के वातावरण में पालीमर इलेक्ट्रोलाइट मेंब्रेन फ्यूल सेल के परीक्षण के लिए एक जनवरी को पीएसएलवी से इस नई प्रणाली को लांच किया गया था। वहां फ्यूल सेल ने एक बैटरी के रूप में पीओईएम-3 के एक पेलोड को सफलतापूर्वक ऊर्जा प्रदान की। परीक्षण के दौरान कक्षा में वोल्टेज, करंट और तापमान टेलीमीटरी की मदद से मापा गया जो अपेक्षानुरूप रहे। उड़ान के दौरान ऊर्जा प्रणाली ने 15 कक्षाओं में 21 घंटे तक काम किया।

बहुआयामी क्षमता से बेहद कारगर

इसरो के अनुसार, अंतरिक्ष अभियानों को पूर्ण दक्षता के साथ शक्ति प्रदान करने और इस प्रक्रिया में केवल जल के उत्सर्जन वाली पालीमर इलेक्ट्रोलाइट मेंब्रेन फ्यूल सेल तकनीक अंतरिक्ष में प्रस्तावित मानव बस्तियों में ऊर्जा उत्पादन का भविष्य मानी जा रही है। अंतरिक्ष अभियानों में इसकी बहुआयामी क्षमता बेहद कारगर साबित हो सकती है।

सस्ता और आसानी से उपलब्ध हार्डवेयर

बकौल पीटीआई, एनोड के तौर पर ग्रेफाइट का प्रयोग करने वाले लीथियम-आयन सेल की तुलना में नई तकनीक के फ्यूल सेल सिलिकान-ग्रेफाइट को एनोड के तौर पर प्रयोग करते हैं। इससे सेल का ऊर्जा घनत्व बेहतर हो जाता है। पदार्थ में बदलाव के साथ यह तकनीक आसानी से उपलब्ध हार्डवेयर और ऐसी डिजाइन का प्रयोग करती है जिनकी लागत कम है

तकनीकी पहलू की बात करें तो सिलिकान वाले सेल का ऊर्जा घनत्व 190 वाटआवर प्रति किग्रा होता है, जबकि लीथियम-आयन सेल में यह 157 वाटआवर प्रतिकिग्रा होता है।

इलेक्ट्रोकेमिकल के सिद्धांत पर आधारित

इसरो ने कहा है कि हाइड्रोजन फ्यूल सेल सीधे हाइड्रोजन व आक्सीजन और शुद्ध जल तथा उष्मा की मदद से ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। यह बैटरी की तरह इलेक्ट्रोकेमिकल के सिद्धांतों पर आधारित एक विद्युत उत्पन्न करने वाला जेनरेटर है, जबकि पारंपरिक जेनरेटर में कंबशन (ईंधन का जलना) से बिजली बनती है। बिना किसी मध्यवर्ती चरण के सीधे फ्यूल से ऊर्जा बनाने के कारण यह तकनीक काफी क्षमतावान है। इस पूरी प्रक्रिया में अवशेष के रूप में केवल जल निकलने से यह पूरी तरह से उत्सर्जन मुक्त है।

इसरो के अनुसार, तकनीक के यही गुण इसे मानव को ले जाने वाले अंतरिक्ष अभियानों के लिए बेहद कारगर बनाती है।

डाटा एकत्र करना था प्रमुख उद्देश्य

इसरो के अनुसार, इस अहम प्रयोग का प्रमुख उद्देश्य भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए ऊर्जा प्रणालियों के निर्माण में मदद करने वाला डाटा एकत्र करना था। पीओईएम-3 पर अल्पअवधि के परीक्षण में नई प्रणाली ने उच्च दबाव में रखी गई हाइड्रोजन और आक्सीजन के प्रयोग से 180 वाट ऊर्जा का उत्पादन किया। किसी भी अभियान या अंतरिक्ष यान में नई तकनीक के प्रयोग से पहले इसरो का प्रमुख केंद्र विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर उसे छोटे पेलोड के माध्यम से कड़े मापदंडों पर परखता है। पीओईएम-3 पर अंतरक्षि के अति कठिन वातावरण में नई ऊर्जा तकनीक ने सुरक्षित रहते हुए बेहतर प्रदर्शन किया है।

धरती पर प्रदूषणमुक्त परिवहन की भी बढ़ी आस

पालीमर इलेक्ट्रोलाइट मेंब्रेन फ्यूल सेल के परीक्षण में इसरो की यह सफलता इस मायने में भी बेहद अहम है कि इस तकनीक का प्रयोग धरती पर चल रहे वाहनों में ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा सकेगा।

इसरो के अनुसार, यह तकनीक फिलहाल प्रयोग किए जा रहे वाहनों के इंजनों के बराबर ही रेंज और रिचार्ज क्षमता प्रदर्शित कर सकती है। जिससे यह बैटरी की तुलना में बेहतर होगी और प्रदूषणमुक्त परिवहन की उम्मीद को प्रबल करती है। इसरो ने कहा कि यह तकनीक अंतरिक्ष और धरती दोनों पर उपयोगी होगी।

 

केपटाउन टेस्टः भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 7 विकेट से हराया, श्रृंखला 1-1 से बराबर

भारत ने यहां खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका को विकेट से हराकर दो मैचों की श्रृंखला में 1-1 से बराबरी कर ली। इसी के साथ भारतीय टीम केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका को टेस्ट में हराने वाली पहली एशियाई टीम भी बन गई। मोहम्मद सिराज को पहली पारी में उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। सिराज ने पहली पारी में 15 रन देकर 6 विकेट लिये थे। इसके अलावा डीन एल्गर और जसप्रीत बुमराह को संयुक्त रुप से मैन ऑफ द सीरीज चुना गया।

यह मैच केवल 642 गेंदों तक चला और बॉल के हिसाब से सबसे छोटा मैच भी बन गया। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच 1932 में बॉल के हिसाब से सबसे छोटा टेस्ट मैच खेला गया था, जो 656 गेंदों तक चला था। यह मैच ऑस्ट्रेलिया ने पारी व 72 रन ने जीता था विशाल अंतर से जीता था। दक्षिण अफ्रीका ने इस मैच में पहली पारी में 36 और दूसरी पारी में 45 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 153 रन बनाए थे। इस मुकाबले में 109.2 ओवर फेंके गए थे।

इस मैच में दक्षिण अफ्रीकी टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए मात्र 55 रनों पर सिमट गई थी, जवाब में भारत ने अपनी पहली पारी में 153 रन बनाए और पहली पारी के आधार पर 98 रनों की बढ़त हासिल की। दूसरी पारी में दक्षिण अफ्रीका ने 176 रन बनाए और भारत के सामने 79 रनों का लक्ष्य रखा।

79 रनों के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को यशस्वी जायसवाल और रोहित शर्मा ने तेज और सधी शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने टेस्ट क्रिकेट में टी-20 की तरह बल्लेबाजी की और 5.3 ओवर में 44 रन जोड़ दिये। हालांकि छठे ओवर में नांद्रे बर्गर ने यशस्वी जायसवाल को आउट कर भारत को पहला झटका दिया। यशस्वी ने 23 गेंदों पर 6 चौकों की बदौलत 28 रन बनाए। नौवें ओवर में 57 के कुल स्कोर पर रबाडा ने शुभमन गिल को बोल्ड कर भारत को दूसरा झटका दिया। गिल ने 11 गेंदों पर 2 चौकों की बदौलत 10 रन बनाए।

12वें ओवर में 75 के कुल स्कोर पर मार्को यान्सन ने विराट कोहली को आउट कर भारत को तीसरा झटका दिया। कोहली ने 12 रन बनाए। यान्सन के इसी ओवर के आखिरी गेंद पर श्रेयस अय्यर ने चौका लगाकर भारत को ऐतिहासिक जीत दिला दी। कप्तान रोहित शर्मा 17 और अय्यर 04 रन बनाकर नाबाद लौटे। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से कागिसो रबाडा, नान्द्रे बर्गर और मार्को यान्सन ने 1-1 विकेट लिया।

दक्षिण अफ्रीका ने दूसरी पारी में 176 रन बनाए, मार्करम का शतक, बुमराह ने झटके 6 विकेट

इससे पहले एडन मार्करम (106) के शानदार शतकीय पारी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में 176 रन बनाए। पहली पारी के आधार पर 98 रन से पीछे रही दक्षिण अफ्रीकी टीम की शुरुआत पहली पारी से थोड़ी बेहतर रही। सलामी बल्लेबाज एडन मार्करम और कप्तान डीन एल्गर ने पहले विकेट के लिए 37 रन जोड़े। इसी स्कोर पर मुकेश कुमार ने एल्गर को कोहली के हाथों कैच आउट कराया। इसी के साथ एल्गर का बतौर बल्लेबाज टेस्ट करियर भी समाप्त हो गया। एल्गर ने अपने आखिरी टेस्ट पारी में केवल 12 रन बनाए। 41 के कुल स्कोर पर मुकेश ने टोनी डी जॉर्जी (01) को भी चलता कर भारत को दूसरी सफलता दिलाई।

जसप्रीत बुमराह ने 45 के कुल स्कोर पर ट्रिस्टन स्टब्स (01) को आउट कर भारत को तीसरी सफलता दिलाई। यहां से बुमराह का जादू चला और अफ्रीकी बल्लेबाज एक के बाद एक पवेलियन लौटने लगे और दक्षिण अफ्रीका ने 111 रन पर 7 विकेट खो दिये। हालांकि एक तरफ से गिरते विकेटों के बीच दूसरी तरफ एडन मार्करम टिके रहे और तेजी से रन बनाना जारी रखा। मार्करम ने केवल 99 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। शतक पूरा करने के बाद मार्करम सिराज की गेंद पर रोहित शर्मा को कैच दे बैठे। उन्होंने 103 गेंदों पर 17 चौकों और 2 छक्कों की बदौलत 106 रन बनाए। मार्करम के आउट होने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने दक्षिण अफ्रीका की पारी को समेटने में ज्यादा समय नहीं लिया और पूरी टीम 176 रनों पर सिमट गई और भारत को जीत के लिए 79 रनों का लक्ष्य मिला। भारत की तरफ से दूसरी पारी में जसप्रीत बुमराह ने 6, मुकेश कुमार ने 2, प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज ने 1-1 विकेट लिया।

भारत की पहली पारी 153 रनों पर सिमटी, भारतीय टीम ने बिना कोई रन बनाए खोए 6 विकेट
इससे पहले लुंगी एनगिडी और कागिसो रबाडा की घातक गेंदबाजी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने भारत की पहली पारी 153 रनों पर समेट दी। इन दोनों गेंदबाजों ने भारत के आखिरी 6 विकेट बिना कोई रन दिये झटक लिये। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में केवल 55 रन बनाए थे। भारत ने पहली पारी के आधार पर 98 रन की बढ़त हासिल की है।

दूसरी पारी में भारत की शुरुआत खराब रही और यशस्वी जायसवाल 17 के कुल स्कोर पर बिना खाता खोले कागिसो रबाडा की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने दूसरे विकेट के लिए 55 रन जोड़े। 72 के कुल स्कोर पर नांद्रे बर्गर ने रोहित शर्मा को चलता किया। रोहित ने 39 रन बनाए। इसके बाद 105 के कुल स्कोर पर शुभमन गिल 36 रन बनाकर बर्गर का दूसरा शिकार बने। श्रेयस अय्यर बिना खाता खोले बर्गर का तीसरा शिकार बने। इसके बाद केएल राहुल और विराट कोहली ने पांचवे विकेट के लिए 43 रन जोड़े। 153 के कुल स्कोर पर राहुल 8 रन बनाकर एनगिडी के शिकार बने। यहां से एनगिडी और कागिसो रबाडा ने भारतीय पारी को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया और पूरी टीम 153 के स्कोर पर ही सिमट गई। भारत के 6 बल्लेबाजों ने खाता भी नहीं खोला। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से कागिसा रबाडा, नांद्रे बर्गर और लुंगी एनगिडी ने 3-3 विकेट लिये।

दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी 55 रनों पर सिमटी
इससे पहले मोहम्मद सिराज (9 ओवर 15 रन 6 विकेट) की घातक गेंदबाजी की बदौलत भारत ने यहां खेले जा रहे दूसरे और अंतिम टेस्ट के पहले दिन लंच से पहले दक्षिण अफ्रीका को केवल 55 रनों पर समेट दिया। भारत के खिलाफ टेस्ट में यह दक्षिण अफ्रीका का सबसे कम स्कोर है। सिराज के अलावा जसप्रीत बुमराह और मुकेश कुमार ने भी दो-दो विकेट झटके।

इस मैच में अपना आखिरी टेस्ट खेल रहे दक्षिण अफ्रीका के कार्यवाहक कप्तान डीन एल्गर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उनका यह फैसला भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने पूरी तरह से गलत साबित किया। सिराज ने मैच के चौथे ओवर में एडन मार्करम (02) को स्लिप में यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच कराकर विकेट लेने का सिलसिला शुरु किया और 47 रन तक पहुंचते-पहुंचते मैच में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर डाला। उन्होंने इस दौरान 9 ओवर फेंके और तीन मेडन देते हुए 6 विकेट ले लिए। सिराज के अलावा अनुभवी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और अपना पहला टेस्ट खेल रहे मुकेश कुमार ने 2-2 विकेट लिया।
दक्षिण अफ्रीका की तरफ से केवल डेविड बेंडिंगहम (12) और विकेटकीपर काइल वेरायाने (15) ही दहाई का आंकड़ा पार कर सके

लाल टिपारा गौ-शाला को प्रदेश की आदर्श गौशाला बनाया जाएगा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन धर्म का आधार ही गौसेवा है। एक साथ सभी देवताओं की पूजा करना हो तो केवल गौमाता की पूजा करने से सभी देवता प्रसन्न हो जाते हैं। लाल टिपरा गौशाला इस बात का उराहरण है कि जहां संतो का प्रताप होता है वहां काम पूरे हो जाते हैं। उन्होने कहा कि लाल टिपारा गौशाला को प्रदेश की आदर्श गौशाला बनाया जायेगा। साथ ही ऐसी अन्य स्थानों पर ऐसी आदर्श गौशाला स्थापित करने के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी। आदर्श गौशाला के अध्ययन के लिए अन्य नगर निगम से दलों को भेजा जाएगा। उन्होने लाल टिपरा गौशाला के लिये पांच करोड़ रूपये देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने आज ग्वालियर स्थित लाल टिपारा आदर्श गौशाला के टीन शेड और सीसी रोड कार्यों का लोकार्पण किया। केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और विधानसभा अधक्षय श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने गौ पूजन कर गायों को शेड में प्रवेश कराया।

इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जो भी व्यक्ति अपने घर में गौपालन कर रहा है वे सभी गोपाल हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद यशोदा मां के आंगन में गाय के दूध, दही, माखन से ही उनका लालन-पालन हुआ था। गौ माता में हमारे 33 करोड़ देवी देवता भी विराजमान है

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत एक सनातन भूमि है और इसे स्वर्ग बनाने में संतों का ही एकमात्र योगदान है। विश्व के सभी देशों की समस्या है कि उनके कोई संत नहीं है और हमारे यहां संतों के प्रताप से हर अधूरे काम पूरे हो जाते हैं। जहां-जहां भी संतों की उपस्थिति होती है वहां कार्य अपने आप पूर्ण हो जाता है।

लाल टिपारा गौशाला के टीन शेड और सीसी रोड निर्माण सांसद निधि से कराया गया है। इस अवसर पर केंद्रीय उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर, ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, संत श्री अच्युदानंद, संत समाज और अन्य अतिथिगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया और विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर ने गौ पूजन कर गायों को शेड में प्रवेश कराया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सीएसआर फंड से 31 करोड रुपए की लागत से सीएनजी प्लांट भी यहां बनाया जा रहा है जिसमें 7 करोड़ की सीएनजी का उत्पादन होगा जिससे नगर निगम के वाहन चलेंगे। इससे गौशाला को आय भी होगी और उसके संचालन के लिए अतिरिक्त रूप से राशि भी उपलब्ध रहेगी।

कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, सांसद सदस्य श्री विवेक नारायण कुशवाह, पूर्व मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह, पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल, संत समाज से ऋषव देव और अन्य संत उपस्थित रहे।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उनके भवन में भी 100 से अधिक गाय हैं और यह राजमाता के समय से परंपरा चली आ रही है। लाल टिपारा स्थित गौशाला को व्यवस्थित बनाने के लिए ग्वालियर के सभी लोगों ने योगदान दिया है।

केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा की हिंदू धर्म में मान्यता है कि गौ माता के खुर की धूल माथे पर लगाने से जीवन के सभी पाप धुल जाते है। महात्मा गांधी ने कहा था कि भारत की आत्मा गांव में बसती है और गांव की आत्मा गाय में बसती है। भारत भूमि की संस्कृति का अभिन्न अंग गाय है इस धरोहर को पीढ़ी दर पीढ़ी हमे संभालना है।

विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा की लाल टिपारा गौशाला सेवा में 2004 से जुड़े हुए हैं और लगातार यह प्रयास में है कि गौशाला को व्यवस्थित बनाया जाए जिससे गौ माता का संरक्षण संवर्धन हो सके। इस गौशाला को पूरे विश्व में स्थान मिलेगा । सीएनजी प्लांट लगने के बाद इसको पूरे देश के लोग देखने आएंगे।

इंडियन आयल के 31 करोड़ के सीएसआर फंड से गोबर गैस प्लांट लगाया जा रहा है जिसमें 100 टन गोबर और अवशिष्ठ से 7 करोड़ की सीएनजी गैस का उत्पादन होगा। हरित प्रोजेक्ट से पर्यावरण को भी लाभ होगा गायों का संरक्षण होने के साथ अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा।

संत श्री अच्युतानंद महाराज ने कहा कि गाय हमारी भारतीय संस्कृति का आधार स्तंभ है। आदिकाल से ही गायों का महत्व हमारे जीवन में रहा है। वैदिक परंपरा उत्तर वैदिक परंपरा से लेकर वर्तमान तक गायों की उपयोगिता हमेशा रही है। गायों के संरक्षण के लिए शासन स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं और इस प्रकार की गौशालाओं को हर नगर निगम क्षेत्र में बनाया जाए जिससे कि वह संवर्धन के साथ-साथ भारतीय परंपरा को भी बनाए रखा जा सके।