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Wednesday, January 28, 2026
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HDFC-SBI-ICICI ने बदले क्रेड‍िट कार्ड के न‍ियम

अगर आप भी क्रेड‍िट कार्ड यूज करते हैं तो यह खबर आपके काम की है. जी हां, प‍िछले द‍िनों कई पब्‍ल‍िक और प्राइवेट बैंकों ने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव क‍िया है. इनमें से कुछ बदलाव ऐसे हैं ज‍िनके बारे में कार्ड होल्‍डर को जानकारी होना जरूरी है. यह बदलाव एसबीआई कार्ड, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक की तरफ से क‍िया गया है. आइए जानते हैं कार्ड में हुए बदलावों के बारे में-

एचडीएफसी बैंक ने रेगलिया और मिलेनिया क्रेडिट कार्ड के नियम में बदलाव क‍िया है. 1 दिसंबर, 2023 से रेगलिया कार्ड के लिए लाउंज एक्सेस के न‍ियम में बदलाव क‍िया गया है. नए न‍ियम के अनुसार लाउंज एक्सेस प्रोग्राम क्रेडिट कार्ड के खर्च पर बेस्‍ड होगा. एक कैलेंडर तिमाही में एक लाख से ज्‍यादा खर्च करने पर आपको दो लाउंज एक्सेस वाउचर म‍िल सकेंगे. इसी तरह एचडीएफस म‍िलेन‍िया कार्ड से हर त‍िमाही में एक लाख का खर्च करने पर आपको एक लाउंज एक्‍सेस म‍िलेगा.

एसबीआई कार्ड के अनुसार 1 जनवरी 2024 से आपके पेटीएम एसबीआई क्रेडिट कार्ड पर किराया भुगतान लेनदेन के लिए कैशबैक बंद कर दिया गया है. 1 नवंबर, 2023 से सिंपलीक्लिक/सिंपलीक्लिक एडवांटेज एसबीआई कार्ड का ईजीडाइनर ऑनलाइन खरीदारी के लिए 10X रिवॉर्ड प्‍वाइंट अब 5X रिवॉर्ड प्‍वाइंट होगा. अपोलो 24×7, बुकमाइशो, क्लियरट्रिप, डोमिनोज, म‍िंत्रा, नेटमेड्स और यात्रा पर की गई ऑनलाइन खरीदारी के लिए आपके कार्ड में 10X रिवॉर्ड प्‍वाइंट जोड़े जाएंगे.

एक्सिस बैंक ने भी क्रेडिट कार्डधारकों के लिए कुछ अहम बदलाव क‍िये हैं. एक्सिस बैंक ने मैग्‍नस क्रेडिट कार्ड की एनुअल फी और ज्वाइनिंग ग‍िफ्ट में बदलाव क‍िया है. बैंक ने एक्सिस बैंक रिजर्व क्रेडिट कार्ड के नियम व शर्तों में भी बदलाव क‍िया है.

आईसीआईसीआई बैंक की तरफ से क्रेडिट कार्डधारक धारकों के ल‍िए जल्‍द एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस और कार्डों के रिवॉर्ड प्‍वाइंट से जुड़े न‍ियमों में बदलाव लागू क‍िया जाने वाला है. आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट के अनुसार 1 अप्रैल 2024 से आप प‍िछली कैलेंडर त‍िमाही में 35000 रुपये खर्च करके एयर पोर्ट लाउंज का एक्‍स‍िस ले सकते हैं. प‍िछले कैलेंडर त‍िमाही में क‍िया गया खर्च अगली कैलेंडर तिमाही के लिए एक्‍सेस को अनलॉक कर देगा.

पहले महाघोटाले की बात होती थी, अब महाप्रोजेक्ट की चर्चा होती है : PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पहले हजारों लाखों करोड़ रुपये के महाघोटालों की चर्चा होती थी लेकिन अब देश में महाप्रोजेक्ट की चर्चा होने लगी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संकल्प से सिद्धि का समय है, हम जो संकल्प करते हैं, उसे समय से ही सिद्ध कर बता रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नवी मुंबई में शुक्रवार को आयोजित अटल सेतु उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान कहा कि बांद्रा-वर्ली सीलिंक का काम कांग्रेस सरकार ने किया था लेकिन अटल सेतु का काम बांद्रा सीलिंक से पांच गुणा अधिक है पर बांद्रा वर्ली सीलिंक का काम समय से पूरा नहीं हो सका था और इसकी लागत बढ़ गई थी जबकि अटल सेतु का काम तय समय और तय लागत में पूरा हो गया। आज देश को दुनिया का सबसे बड़ा विशाल अटल सेतु मिल गया। यही हमारे संकल्प का पैमाना है। हम भारत के विकास के लिए सागर से भी प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। लहरों से लड़ सकते हैं। आज का कार्यक्रम संकल्प से सिद्धि का माप है। 24 दिसंबर 2016 को भुलाया नहीं जा सकता। आज के दिन मैं अटल सेतु के भूमि पूजन के लिए आया था। तब मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज को नमन किया और उनसे कहा कि इसे लिख लें, देश बदल जाएगा और देश आगे बढ़ेगा।

पीएम मोदी ने कहा कि देशवासियों को उस प्रणाली से कोई उम्मीद नहीं बची थी जो वर्षों से काम को रोकने की आदी हो गई थी। लोगों को लगा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि बड़ी परियोजनाएं उनके जीवनकाल में पूरी हो जाएंगी। तो मैंने कहा कि लिख लीजिए, देश बदल जाएगा और जरूर बदलेगा। तब ये मोदी की गारंटी थी। आज मैं छत्रपति शिवाजी महाराज को फिर से प्रणाम करके, मुंब्रा देवी को प्रणाम करके, सिद्धिविनायक को प्रणाम करके अटल सेतु को मुंबईवासियों के लिए समर्पित कर रहा हूं। कोरोना संकट में भी मुंबई ट्रांस हार्बर का पूरा होना बड़ी बात है। भूमिपूजन, लोकार्पण कोई एक दिन का आयोजन नहीं है। हमारे लिए हर प्रोजेक्ट भारत में इनोवेशन का माध्यम है। प्रत्येक ईंट से एक इमारत बनती है। साथ ही ऐसी हर परियोजना एक भव्य भारत का निर्माण करेगी।

पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में, मुझे चुनाव की जिम्मेदारी दी गई थी। उससे पहले मैं रायगढ़ किले पर गया था. मैं कुछ पल के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज की समाधि के पास बैठा था। 10 साल हो गये। इन 10 वर्षों में हमने अपने सपनों को साकार होते देखा है। अटल सेतु इसी भावना का परिचायक है। युवा नये विश्वास लेकर आये हैं। उनके उज्ज्वल भविष्य का रास्ता अटल सेतु जैसी सड़कों से होकर गुजरता है। अटल सेतु की तस्वीर विकसित भारत की है। विकसित भारत की एक झलक। विकसित भारत में गति होगी, प्रगति होगी। विकसित भारत में दूरियां कम होंगी, देश का हर कोना जुड़ेगा। मोदी ने कहा, पिछले 10 सालों में भारत बदल गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि अटल टनल और चिनाब जैसे पुलों पर चर्चा हुई। एक के बाद एक हाइवे बनाने की बात हो रही है। पूर्वी और पश्चिमी, पश्चिमी गलियारा रेलवे की छवि बदलने वाला है। वंदे भारत, नमो भारत, अमृत भारत ट्रेनें आम आदमी के जीवन को आसान बना रही हैं। आज हर देश के कोने-कोने में नये-नये एयरपोर्ट खुल रहे हैं। महाराष्ट्र में भी कई बड़ी परियोजनाएं पूरी हो रही हैं। पिछले साल समृद्धि राजमार्ग का उद्घाटन किया गया था। नवी मुंबई हवाई अड्डे और तटीय सड़क पर काम चल रहा है। आने वाले साल में मुंबई को पहली बुलेट ट्रेन भी मिल जाएगी। करदाताओं के पैसे का उपयोग विकास में किया जा रहा है लेकिन जिन लोगों ने एक दशक से ज्यादा समय तक देश पर शासन किया, उन्होंने देश के पैसे और करदाताओं के पैसे के बारे में नहीं सोचा। उनकी परियोजनाएं पूरी नहीं होना चाहतीं या देर से पूरी होती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि उनका लक्ष्य है राज्य की दो करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का है। वे इसे करके दिखाएंगे।

प्रधानमंत्री आज नासिक दौरे पर थे। उन्होंने कालाराम मंदिर में स्वच्छता भी की। साथ ही प्रधानमंत्री गोदावरी में जलपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। नासिक में प्रधानमंत्री के रोड शो में लाखों समर्थकों ने भाग लिया एवं प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दी।

ना मुख्यमंत्री आवास में रहेंगे, न परिवार को राजधानी लायेंगे

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव श्यामला हिल्स स्थित मुख्यमंत्री निवास में रहने नहीं जा रहे हैं और ना ही अपने परिवार को उज्जैन से राजधानी में शिफ्ट करेंगे ।मुख्यमंत्री के निकटस्थ सूत्रों ने बताया है कि यादव अपने वर्तमान आवास विंध्य कोठी को ही अपना स्थाई ठिकाना बनाये रखेंगे।
बीते एक महीने के कार्यकाल में अपनी विशिष्ट कार्यशैली से केवल मध्य प्रदेश को ही नहीं बल्कि देश की सियासत को चौंकाने वाले निर्णय दे रहे मोहन यादव इस तरह से एक और अनूठी मिसाल पेश करेंगे, वे अपने उच्च शिक्षा मंत्री के समय आवंटित आवास को ही स्थाई मुख्यमंत्री निवास बनाए रखेंगे , श्यामला हिल्स स्थित आधिकारिक मुख्यमंत्री निवास में जाने का उनका आगे भी कोई इरादा नहीं है।
मध्य प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में 13 दिसंबर को शपथ लेने के बाद से डॉ यादव के मुख्यमंत्री निवास में शिफ्ट होने की चर्चाए जोरों पर थी ,कि वे खर मास के बाद मकर संक्रांति 15 जनवरी पर विधिवत रूप से इस आवास में पहुंचेंगे ,बाद में यह कहा गया कि वे अयोध्या मे रामलला के प्राण प्रतिष्ठित होने के उपरांत अपने नए घर में रहने जाएंगे।

रियासत के समय का हैं ये आवास

भोपाल रियासत के वक्त से ही श्यामला हिल्स स्थित यह भवन राजधानी का प्रमुख केंद्र बिंदु रहा है, और मध्य प्रदेश के गठन के बाद से ये आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री निवास के रूप में जाना जाता है, लेकिन डॉ. गोविंद नारायण सिंह, डीपी मिश्रा और प्रकाश चंद सेठी ने इसे मुख्यमंत्री आवास के रूप में कभी स्वीकार नहीं किया और ये सभी मुख्यमंत्रीगण अपना कार्यालय और निवास अन्यत्र ही बनाएं रखें । ठीक उसी तरह मोहन यादव ने भी आधिकारिक मुख्यमंत्री निवास में जाना उचित नहीं समझा हैं और अपने वर्तमान आवास को ही मुख्यमंत्री आवास के रूप में चयनित कर लिया है।

श्याम भैया को अतिप्रिय था

जानकारों की माने तो के पूर्व मुख्यमंत्री रहे पंडित श्यामाचरण शुक्ला को यह भवन अतिप्रिय था, और उन्होंने यहां की सुंदरता और वास्तु को लेकर अत्यधिक काम भी किया।भारत भवन के निर्माण के वक्त इसके परिसर का विस्तार तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने करवाया था और वे इसमें लंबे अर्से तक रहे भी।

प्रकाश चंद्र सेठी ने भी दूरी रखी

उज्जैन की आन बान और शान कहे जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री स्व .प्रकाशचंद्र सेठी ने भी सिविल लाइंस स्थित अपने आवास (वर्तमान में नया सर्किट हाउस)को ही मुख्यमंत्री निवास बनाया था ,उन्हें श्यामला हिल्स कभी भाया ही नहीं, वे अपने मुख्यमंत्रित्व काल में कभी श्यामला हिल्स स्थित आवास में नहीं गए।
कांग्रेस के सर्वाधिक समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाने वाले एक अन्य मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जब इस आवास में रहने गए तो उन्होंने इसमें सर्वाधिक साज सज्जा और विस्तार कराया ,खासकर उनकी पत्नी स्वर्गीय आशा सिंह ने इस बंगले की खूबसूरती को निखारने मे अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
यह भी महज संयोग था कि कमलनाथ भी मुख्यमंत्री के तौर पर श्यामला हिल्स स्थित आवास में 18 महीने में पूरी तरह से शिफ्ट नहीं हो पाए और उनकी सरकार चली गई ।

शिवराज ने भारी मन से खाली किया
हाल ही में निवृत्तमान हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी इस बंगले से काफी लगाव रहा।उन्होंने इसमें अब तक का सर्वाधिक विस्तार और निर्माण कार्य वो भी वास्तु की दृष्टि से करवाये। लगभग साढे 16 साल तक वे इसमें जमे रहे और हाल ही में बड़े भारी मन से इस आवास को छोड़कर अपने 74 बंगले स्थित निवास मामा का घर में शिफ्ट हुए हैं।

ओडिशा विधानसभा का बजट सत्र पांच फरवरी से, 8 फरवरी को पेश किया जाएगा कामकाजी बजट

Odisha Assembly Budget Session ओडिशा विधानसभा का बजट सत्र 5 फरवरी से शुरू होगा और यह 13 फरवरी तक चलेगा। आम चुनाव से पहले विधानसभा का यह आखिरी अधिवेशन और आखिरी बजट होगा। 8 फरवरी को 2024-25 आर्थिक वर्ष के लिए लेखानुदान यानी कामकाजी बजट पेश किया जाएगा। इसके बाद 13 तारीख को गैर-सरकारी सदस्यों के लिए कार्य दिवस रहेगा।

ओडिशा विधानसभा का बजट सत्र 5 फरवरी से शुरू होगा, जो कि 13 फरवरी तक चलेगा। 8 फरवरी को 2024-25 आर्थिक वर्ष के लिए लेखानुदान यानी कामकाजी बजट पेश किया जाएगा।

पहले दिन होगा राज्‍यपाल का अभिभाषण

विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी औपचारिक अधिसूचना के अनुसार, 16वीं विधानसभा का 15वां सत्र पांच फरवरी से शुरू होगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा।

राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के तहत 6 और 7 फरवरी को चर्चा होगी। वित्त मंत्री विक्रम केशरी आरुख 8 फरवरी को सदन में 2024-25 का बजट पेश करेंगे। इसे प्रस्ताव के रूप में सदन में पेश किया जाएगा और इस पर चर्चा की जाएगी।

व्यय मंजूरी बिल (कामकाजी बजट) होगा पास

अगले दिन व्यय मंजूरी बिल (कामकाजी बजट) पास हो जाएगा।10 और 11 फरवरी को शनिवार और रविवार की छुट्टी रहेगी। सदन में 12 फरवरी को आधिकारिक कार्य दिवस रहेगा जबकि 13 तारीख को गैर-सरकारी सदस्यों के लिए कार्य दिवस रहेगा। आम चुनाव से पहले विधानसभा का यह आखिरी अधिवेशन और आखिरी बजट होगा।

बागवानी उत्पादन 355.25 मिलियन टन होने का अनुमान

बागवानी फसलों (Horticultural crops.) के क्षेत्रफल व उत्पादन (Area and production.) के संबंध में वर्ष 2022-23 का तीसरा अग्रिम अनुमान (Third advance estimate) गुरुवार को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने जारी किया है। इस अनुमान के तहत वर्ष 2022-23 में कुल बागवानी उत्पादन 355.25 मिलियन टन (Horticulture production 355.25 million tonnes.) होने का अनुमान है, जो कि वर्ष 2021-22 (अंतिम) की तुलना में लगभग 8.07 मिलियन टन अधिक (2.32% की वृद्धि) है।

बागवानी उत्पादन की बढ़त को लेकर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा ने किसानों और वैज्ञानिकों को बधाई दी है। मुंडा ने कहा कि देश में लगातार बढ़ रहे बागवानी उत्पादन की यह उपलब्धि हमारे किसान भाइयों-बहनों व वैज्ञानिकों की मेहनत व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की कृषि और किसान हितैषी अच्छी नीतियों का परिणाम है।

उल्लेखनीय है कि राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों और अन्य सरकारी स्रोत एजेंसियों से प्राप्त सूचना के आधार पर संकलित वर्ष 2022-23 के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार फलों, सब्जियों, रोपण फसलों, मसालों, फूलों व शहद के उत्पादन में वृद्धि अनुमानित है। फलों का उत्पादन वर्ष 2021-22 में 107.51 मिलियन टन था, जो बढ़कर वर्ष 2022-23 में 109.53 मिलियन टन होने का अनुमान है।

कृषि मंत्रालय के अनुसार सब्जियों का उत्पादन वर्ष 2022-23 में 213.88 मिलियन टन होने का अनुमान है जबकि वर्ष 2021-22 में उत्पादन 209.14 मिलियन टन था। रोपण फसलों का उत्पादन वर्ष 2021-22 में 15.76 मिलियन टन था, जो बढ़कर वर्ष 2022-23 में 16.84 मिलियन टन होने का अनुमान है। यह लगभग 6.80 फीसदी की वृद्धि अनुमानित है।

कृषि मंत्रालय के अनुसार आलू का उत्पादन 60.22 मिलियन टन होने की उम्मीद है जबकि वर्ष 2021-22 में यह उत्पादन 56.18 मिलियन था। टमाटर का उत्पादन वर्ष 2021-22 में 20.69 मिलियन टन की तुलना में वर्ष 2022-23 में 20.37 मिलियन टन होने की उम्मीद है

स्नाइपर’ के आज चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग की तैयारी, आखिरी 20 मिनट में इतिहास रचेगा जापान

जापान के मून मिशन स्नापर का टारगेट चांद के शिओली क्रेटर (गड्ढे) की जांच करना है। ये चांद के सी-ऑफ नेक्टर हिस्से में है। इससे हिस्से में स्नाइपर ये जांच करेगा की चांद कैसे बना था। जापान के स्पेस एजेंसी JAXA ने दो बार छोटे क्षुद्रग्रहों पर लैंडिंग की है लेकिन चांद के गुरुत्वाकर्षण के कारण उस पर उतरना थोड़ा मुश्किल है

जापान का मून मिशन स्नाइपर आज चांद की सतह पर लैंड करने वाला है। जापान की स्पेस एजेंसी JAXA ने बताया कि स्नाइपर आज रात 9 बजे चांद की सतह पर लैंड करने वाला है। मालूम हो कि जापान ने 6 सितंबर, 2023 को अपने स्नाइपर को चांद के लिए रवाना किया था।

चांद पर लैंड करने वाला पांचवा देश बनेगा जापान

भारत के सफल चंद्रयान-3 मिशन की तरह ही इस वक्त पूरी दुनिया की नजर जापान के स्नाइपर मिशन पर टिक गई है। दरअसल, जापान स्पेस एजेंसी के मुताबिक, इसके लैंडिंग का प्रोसेस 20 मिनट का होगा। आज जापान का यह मिशन सफल होते ही यह 1966 के बाद चांद पर उतरने वाला पांचवा देश बन जाएगा। मालूम हो कि स्नाइपर 25 दिसंबर को चांद की ऑर्बिट में पहुंच गया था और उसके बाद से लगातार चांद की ओर बढ़ रहा है।

एडवांस्ड टेक्नोलॉजी से लैस स्नाइपर

जापान का स्नाइपर पहले हुए मून मिशन में लैंडिंग के लिहाज से सबसे एडवांस्ड टेक्नोलॉजी से लैस है। इसे तय स्थान पर ही उतारा जाएगा, उसकी जगह में कोई बदलाव नहीं होगा। SLIM एक हल्का रोबोटिक लैंडर है। मालूम हो कि इस मिशन को मून स्नाइपर (Moon Sniper) भी कहा जा रहा है। यह मिशन लगभग 831 करोड़ रुपए से ज्यादा का है।

JAXA शुक्रवार को 20 मिनट का टचडाउन चरण शुरू करेगा, जो चंद्र भूमध्य रेखा के ठीक दक्षिण में एक क्रेटर की ढलान पर स्थित लगभग दो एथलेटिक ट्रैक के आकार की साइट पर उतरने की कोशिश करेगा।

चांद पर क्या खोजेगा स्नाइपर?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जापान के मून मिशन स्नाइपर का टारगेट चांद के शिओली क्रेटर (गड्ढे) की जांच करना है। ये चांद के सी-ऑफ नेक्टर हिस्से में है। इससे हिस्से में स्नाइपर ये जांच करेगा कि चांद कैसे बना था। यहां मिनरल्स की जांच की जाएगी और साथ ही उसके अंदरूनी हिस्सों के बारे में जानकारी हासिल होगी।

जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) का कहना है कि SLIM एक प्रायोगिक तकनीक का परीक्षण करेगा, यह पानी और चंद्रमा पर जीवन को बनाए रखने वाले अन्य कारकों की खोज के लिए अभूतपूर्व और आवश्यक है।

क्या होंगी चुनौतियां?

केवल चार देशों, पूर्व सोवियत संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और भारत ने ही चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग की है, इनके अलावा, किसी भी निजी कंपनी ने चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग हासिल नहीं की है। JAXA दो बार छोटे क्षुद्रग्रहों पर लैंडिंग की है, लेकिन चांद के गुरुत्वाकर्षण के कारण उस पर उतरना थोड़ा मुश्किल है। पिछले साल, रूस और जापानी स्टार्टअप आईस्पेस इंक का यान चंद्रमा की सतह पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसके अलावा, अमेरिकी स्टार्टअप एस्ट्रोबोटिक के एक लैंडर में पिछले हफ्ते ईंधन रिसाव हो गया था, जिससे उसे लैंडिंग का प्रयास छोड़ना पड़ा।

इस साल कितने मून मिशन की तैयारी?

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इस साल कई चंद्र मिशन होने वाले हैं। अमेरिकी स्टार्टअप इंटुएटिव मशीन्स का लक्ष्य फरवरी के मध्य में अपना आईएम-1 लैंडर लॉन्च करना है। इसके अलावा, चीन एक प्राचीन बेसिन से नमूने प्राप्त करने के लिए 2024 की पहली छमाही में अपने चांग’ई-6 अंतरिक्ष यान को चंद्रमा के सुदूर हिस्से में भेजने की योजना बना रहा है। टोक्यो स्थित ispace ने कहा है कि वह इस साल अपना दूसरा चंद्रमा मिशन लॉन्च करेगा।

नासा ने नवंबर में अपने चंद्र ध्रुवीय अन्वेषण रोवर VIPER को लॉन्च करने की योजना बनाई है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने पिछले हफ्ते अपने आर्टेमिस चंद्रमा कार्यक्रम में नए विलंब की घोषणा की, 2026 में आधी सदी में अपने पहले अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा पर उतरने का कार्यक्रम बनाया।

सागर में रोड शो करेंगे सीएम मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष रहेंगे मौजूद; कार्यक्रम के लिए तैयारियों में जुटे भाजपाई

मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा 20 जनवरी को सागर प्रवास पर रहेंगे। इस संबंध में धर्म श्री स्थित संभागीय भाजपा कार्यालय में गुरुवार को जनप्रतिनिधि जिला पदाधिकारी मंडल अध्यक्ष व मोर्चा प्रकोष्ठों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। भाजपा जिला अध्यक्ष गौरव सिरोठिया पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह विधायक शैलेंद्र जैन नरयावली विधायक प्रदीप लारिया भी आएंगे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा 20 जनवरी को सागर प्रवास पर रहेंगे। प्रवास कार्यक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस संबंध में धर्म श्री स्थित संभागीय भाजपा कार्यालय में गुरुवार को जनप्रतिनिधि, जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष व मोर्चा प्रकोष्ठों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।

भाजपा जिला अध्यक्ष गौरव सिरोठिया, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह, विधायक शैलेंद्र जैन, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, पूर्व मंत्री नारायण कबीर पंथी, सुधा जैन, अभिषेक भार्गव, शशि कैथोरिया, जिला महामंत्री श्याम तिवारी,मितेंद्र मोनू चौहान,अमित कछवाहा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे

भाजपा जिला अध्यक्ष गौरव सिरोठिया ने बताया कि 20 जनवरी को मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी रोड शो व जन आभार यात्रा में शामिल होंगे। बैठक के दौरान बुंदेली परंपरा के अनुसार भव्य स्वागत,जन आभार यात्रा की तैयारियों के संबंध में विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। बैठक का संचालन जिला महामंत्री श्याम तिवारी व आभार जिला उपाध्यक्ष दौलत यादव ने व्यक्त किया।

कलेक्टर ने की तैयारियों की समीक्षा

मुख्यमंत्री के सागर में जन आभार यात्रा, आम सभा, संभागीय समीक्षा और कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर कलेक्टर दीपक आर्य ने जिले के अधिकारियों से उनके द्वारा की जा रही तैयारियों की जानकारी ली व मुख्यमंत्री के आगमन व संपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी उन्हें सौंपे गए दायित्वों के अनुसार आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। इस दौरान कलेक्टर दीपक आर्य ने आज अधिकारियों के साथ जन आभार यात्रा के बाद पीटीसी मैदान पर आयोजित होने वाली सभा स्थल की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर शैलेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

ओटीटी पर गर्दा उड़ाने के लिए लिए तैयार Prabhas की ‘सालार’, जानें- कब और कहां होगी रिलीज

Salaar OTT Release Date And OTT Platform प्रभास की फिल्म सालार को रिलीज हुए लगभग एक महीने होने वाले हैं। इस बीच फिल्म के ओटीटी रिलीज का एलान कर दिया गया है। सालार साल 2023 की सुपरहिट फिल्मों की लिस्ट में शामिल है। रिलीज के वक्त सालार का मुकाबला शाह रुख खान की डंकी से था। इस टक्कर में बाजी प्रभास की फिल्म ने मारी।

केजीएफ डायरेक्टर प्रशांत नील की फिल्म सालार ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की। फिल्म की कहानी और एक्शन ने दर्शकों को खूब एंटरटेन किया। इस बीच अब सालार के ओटीटी रिलीज का एलान कर दिया गया है।

सालार साल 2023 की सुपरहिट फिल्मों की लिस्ट में शामिल है। रिलीज के वक्त सालार का मुकाबला शाह रुख खान की डंकी से था। इस टक्कर में बाजी प्रभास की फिल्म ने मारी

किन भाषाओं में होगी स्ट्रीम ?

सालार की रिलीज के लगभग एक महीने बाद फिल्म ओटीटी पर रिलीज होने जा रही है। हालांकि, हिंदी ऑडियंस को सालार की ओटीटी रिलीज निराश कर सकती है, क्योंकि फिल्म तेलुगु, तमिल, मलयालम और कन्नड़ समेत चार भाषाओं में ओटीटी पर रिलीज हो रही है।

कब और कहां होगी रिलीज ?

सालार के मेकर्स ने 19 जनवरी को फिल्म के ओटीटी रिलीज की जानकारी दी। फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो रही है। वहीं, तारीख की बात करें तो सालार कल यानी 19 जनवरी को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी। तेलुगु, तमिल, मलयालम और कन्नड़ के अलावा फिल्म के हिंदी डब रिलीज को लेकर अभी कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।

प्राण प्रतिष्ठा के दिन पूरे देश में आधे दिन की छुट्टी का ऐलान, मोदी सरकार ने जारी किया आदेश

अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दिन यानी 22 जनवरी को पूरे देश में आधे दिन की छुट्टी रहेगी. केंद्र सरकार ने 22 जनवरी को आधे दिन की छुट्टी का आदेश जारी कर दिया है.

अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दिन यानी 22 जनवरी को पूरे देश में आधे दिन की छुट्टी रहेगी. केंद्र सरकार ने 22 जनवरी को आधे दिन की छुट्टी रहेगी. केंद्र सरकार ने 22 जनवरी को आधे दिन की छुट्टी का आदेश जारी कर दिया है.

केंद्र सरकार ने जारी किए गए पत्र में कहा है कि कर्मचारियों की भारी भावना और उनके अनुरोध के कारण केंद्र सरकार ने आधे दिन की छुट्टी का ऐलान किया है.

राम मंदिर प्राणप्रतिष्ठा के अवसर पर पूरे भारत में सभी केंद्रीय सरकारी कार्यालयों, केंद्रीय संस्थानों और केंद्रीय औद्योगिक प्रतिष्ठानों में 22 जनवरी को दोपहर 2:30 बजे तक आधे दिन की छुट्टी रहेगी. बता दें कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि लोग प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का सीधा लाइव प्रसारण देख सकें.

मंदिर के उद्घाटन की तैयारियों को लेकर पीएम मोदी ने सभी मंत्रियों से फीडबैक लिया है. मंत्रियों से दीवाली जैसा उत्सव मनाने के लिए कहा गया है. उनसे कहा गया है कि वे 22 जनवरी को अपने घरों में ही दीपक प्रज्ज्वलन करें और गरीबों को खाना खिलाएं. यह बात भी कही गई है कि 22 जनवरी के बाद अपने संसदीय क्षेत्रों के लोगों को अयोध्या के लिए ट्रेनों में रवाना करें.

बता दें कि अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है. इससे पहले अयोध्या राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने कहा था कि राम मंदिर निर्माण का कार्य पूरा हो गया है. रामलला के मंदिर में गर्भगृह होगा, यहां पांच मंडप होंगे. मंदिर ग्राउंड फ्लोर पर होगा. मंदिर बनकर पूरा हो गया है.

हालांकि, उन्होंने कहा था कि मंदिर के फर्स्ट फ्लोर में अभी थोड़ा काम बचा है. यहां राम दरबार होगा. मंदिर का दूसरा फ्लोर अनुष्ठान के लिए हैं. यहां अलग-अलग तरह के यज्ञ और अनुष्ठान होंगे.

उन्होंने बताया कि 22 जनवरी को दोपहर लगभग 12.30 बजे मुहूर्त होगा. इससे पहले पूजा विधि शुरू कर दी गई है और शायद कल रामलला को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा.

22 जनवरी को श्रीराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होनी है. इससे पहले 16 जनवरी के राम लला की पुरानी और नई दोनों मूर्तियां नए राम मंदिर में स्थापित की जाएंगी. इसके अतिरिक्त, भगवान राम की मूर्ति का नेत्र आवरण 22 जनवरी को पीएम मोदी द्वारा खोला जाएगा. 22 जनवरी को प्राण-प्रतिष्ठा से पहले पीएम मोदी ने इस अवसर पर श्रद्धा रखते हुए सभी धार्मिक प्रोटोकॉल और प्रक्रियाओं का पालन करने की प्रतिबद्धता जताई है. वहीं, पीएम मोदी ही भगवान राम का नेत्रपट खोलेंगे.

 

MP के मुख्यमंत्री मोहन यादव का बिहार दौरा, 5 घंटे पटना में रहेंगे

बिहार बीजेपी के इस आयोजन के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं, यादव वोट के गणित से जोड़ा जा रहा है. इसे लोकसभा चुनाव से पहले यादव मतदाताओं को अपने साथ लाने के लिए बीजेपी के रणनीतिक कदम के रूप में भी देखा जा रहा है.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 18 जनवरी को बिहार दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वह कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे. तय कार्यक्रम के मुताबिक सीएम मोहन यादव दोपहर करीब 12:10 बजे पटना एयरपोर्ट स्थित स्टेट हैंगर पहुंचेंगे. यहां भाजपा कार्यकर्ता उनका स्वागत करेंगे.

इसके बाद सीएम मोहन यादव गांधी मैदान स्थित श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल के लिए रवाना होंगे, जहां रास्ते में उनका स्वागत होगा. श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल पहुंचने के बाद यहां विशिष्ट लोगों के साथ चाय पर चर्चा करेंगे.  करीब 2 बजे यहां उपस्थित लोगों को सीएम मोहन यादव संबोधित करेंगे.

सीएम मोहन यादव इसके बाद वीरचंद पटेल मार्ग स्थित बीजेपी के प्रदेश कार्यालय पहुंचेंगे. जहां बीजेपी सांसदों, विधायकों, पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों के अलावा प्रदेश पदाधिकारियों के साथ उनकी बैठक होगी, जिसमें लोकसभा चुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा होगी.

बैठक के बाद बीजेपी कार्यालय से रवाना होकर सीएम मोहन यादव 4:20 बजे पटना के इस्कॉन टेंपल जाएंगे, जहां दर्शन और पूजन के साथ-साथ इस्कॉन मंदिर समिति द्वारा सीएम मोहन यादव का स्वागत किया जाएगा.  सीएम मोहन यादव कल शाम 4:50 बजे भोपाल के लिए रवाना हो जायेंगे.

सियासी मायने

बिहार बीजेपी के इस आयोजन के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं, यादव वोट के गणित से जोड़ा जा रहा है. कहा तो यह भी जा रहा है कि पटना में मोहन यादव को बुलाकर, उनका सम्मान समारोह आयोजित कर बीजेपी यादव मतदाताओं को संदेश देना चाहती है. इसे लोकसभा चुनाव से पहले यादव मतदाताओं को अपने साथ लाने के लिए बीजेपी के रणनीतिक कदम के रूप में भी देखा जा रहा है.

गौरतलब है कि बिहार सरकार ने 2 अक्टूबर को जातीय जनगणना के आंकड़े जारी किए थे. जातीय जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार की आबादी में यादवों की भागीदारी करीब 14 फीसदी है. सूबे में यादव परंपरागत रूप से लालू यादव के सपोर्टर माने जाते हैं. आरजेडी के 15 साल लंबे शासन के पीछे भी एकमुश्त यादव वोट बैंक को वजह माना जाता है. बीजेपी लंबे समय से यादव वोट में सेंध लगाने की रणनीति पर काम करती रही है लेकिन इसमें कुछ खास सफलता हाथ लगी नहीं.

अब कृष्ण की बारी…

अब बीजेपी की रणनीति अपने यादव सीएम का चेहरा आगे कर यादव वोट में सेंध लगाने की कोशिश करने की है. मोहन यादव ने सीएम बनने के बाद मध्य प्रदेश की विधानसभा में अपने पहले ही संबोधन में मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद का जिक्र करते हुए कांग्रेस को इसके लिए आंदोलन में शामिल होने की चुनौती देकर एक तरह से यह साफ कर दिया था कि उनकी सियासी लाइन कृष्ण भगवान के इर्द-गिर्द रहने वाली है.