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Thursday, January 29, 2026
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पिता ने अपने तीन बच्चे को जिंदा जलाया

कदवा: कदवा थाना क्षेत्र के भर्री पंचायत अंतर्गत जाजा गांव वार्ड संख्या 13 से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। घटना को लेकर बताया जाता है कि बीते 16 फरवरी के देर रात्रि लगभग 9:00 बजे आग लगने से एक ही परिवार के चार व्यक्ति दिनेश सिंह उम्र 40 वर्ष,शुभंकर कुमार उम्र 13 वर्ष,राजा कुमार उम्र 11 वर्ष एवं रिंकी कुमारी उम्र 10 वर्ष घायल हो गया।लेकिन वही घटनास्थल पर ही शुभंकर कुमार एवं राजा कुमार की मौत हो गई घटना की जानकारी पर स्थानीय लोगों की भारी संख्या में भीड़ इकट्ठी हो गई लोगों ने घायल रिंकी कुमारी को सदर अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई घटना की जानकारी पर कदवा पुलिस दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर घायल दिनेश को अपने कब्जे में लेकर सदर अस्पताल में इलाज हेतु भर्ती कराया।पूछे जाने पर ग्रामीणों ने घटना को लेकर बताया कि पारिवारिक विवाद एवं कर्ज को लेकर परिवार के बीच विवाद चल रहा था जिस विवाद के कारण पत्नी तरूपजन देवी कुछ दिन पूर्व घर से बिना किसी को जानकारी दिए निकल गई इस तंगी को नहीं झेल पाने के कारण दिनेश ने मजबूरन अपने तीन बच्चों को पेट्रोल छिड़क कर जिंदा जला डाला और खुद को आत्महत्या करने का प्रयास किया जिसमें दो पुत्र एवं एक पुत्री की मौत हो गई वही दिनेश गंभीर रूप से घायल बताया जाता है।सूत्रों की माने तो दिनेश अपनी पत्नी एवं तंगी के कारण आहत होकर मजबूरन इस घटना को अंजाम दिया है।घटना जानकारी पर कटिहार एसपी जितेंद्र कुमार एवं कटिहार डीएम रवि प्रकाश सहित पूरे पुलिस महकमे के लोगों ने घटनास्थल पर पहुंचकर विशेष टीम के साथ गंभीरता से घटना की जांच की जांच के बाद कटिहार एसपी जितेंद्र कुमार ने कहा कि पारिवारिक विवाद एवं तंगी से आहत होकर दिनेश ने इस प्रकार की घटना को अंजाम दिया है।

ई खबर मीडिया के लिए सचिन महली की रिपोर्ट

जिनके नाम पर जमाबंदी, अब केवल वही बेच सकेंगे जमीन; सरकार ने लागू किया नया नियम

कटिहार (बिहार):– मेरी जमीन किसी और ने बेची दी। किसी ने अपने भाई के हिस्से की जमीन बेच दी, तो किसी ने बहन के। किसी ने चाचा की जमीन ही बेच दी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब जमीन केवल वही आदमी बेच सकेगा, जिसके नाम पर जमाबंदी है। रजिस्ट्री का अधिकार केवल उसी को होगा।पुश्तैनी जमीन बेचने के लिए जरूरी होगा कि उसका बंटवारा कानून के अनुसार हो जाए और जमाबंदी खुद के नाम से कायम हो जाए। यानी की पुश्तैनी जमीन बेचने के लिए बंटवारे का कागजात पहले तैयार करना होगा। इसके लिए बिहार सरकार ने सभी निबंधन और अवर निबंधन कार्यालयों को चिट्ठी भेज दी है। इसका असर भी शुरू हो गया है।गुरुवार को कटिहार और बारसोई निबंधन कार्यालय में गिने-चुने डीड की ही रजिस्ट्री हो सकी। इस आदेश का असर लंबा होने की संभावना है। सरकार के राजस्व पर भी इसका असर पड़ेगा, लेकिन जमीन विवाद के मामले अब काफी हद तक घट जाएंगे। साथ ही भू-माफिया के धंधे पर गहरी चोट पड़ेगी।उत्पाद, मद्य निषेध एवं निबंधन विभाग द्वारा बुधवार को हाई कोर्ट पटना से पारित आदेश को लागू कराने के लिए बक्सर के निबंधन पदाधिकारी और डुमरांव के अवर निबंधन पदाधिकारी को पत्र जारी कर आदेश दिया गया है। अब रजिस्ट्री के वक्त जमीन की बिक्री करने वाले व्यक्ति के नाम से जमाबंदी होने का प्रमाण देना होगा। विक्रेता के नाम पर जमाबंदी नहीं होने की स्थिति में जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो पाएगी।यह नियम 10 अक्टूबर 2019 को ही बिहार सरकार ने जमाबंदी नियमावली के जरिए लागू किया था, लेकिन मामला हाई कोर्ट में चला गया और वहां से तत्काल प्रभाव से इस पर रोक लगा दी गई थी। गत सप्ताह हाई कोर्ट द्वारा बिहार सरकार द्वारा 2019 में लागू जमाबंदी नियमावली को वैध ठहराते हुए आदेश जारी किया गया था। इसे अब निबंधन कार्यालयों में लागू कर दिया गया है। गुरुवार को जिले के दोनों निबंधन कार्यालयों में हीं जमाबंदी के आधार पर ही चुनिंदा दस्तावेज की ही रजिस्ट्री हो पाई।

ई खबर मीडिया के लिए सचिन महली की रिपोर्ट

 

रात में लगी घर में आग,सब जल कर हो गए खाक.

कदवा :- कदवा प्रखंड क्षेत्र के कंटिया पंचयात के वार्ड संख्या 11 स्थित कामरु गांव निवासी सरोज चौहान एवं सुबोध चौहान के गुहाल घर एवं दुकान में आग लगने से चार गाय,दो बछड़ा,दो बकड़ी एवं दुकान में रखा सामान जलकर राख हो गया।घटना के बाबत मिली जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि रात के करीब नौ बजे गाय,बकड़ी को गुहाल घर में लाकर बांध दिया और दुकान भी बंद कर कर घर के सभी लोग सोने चले गए रात के करीब तीन बजे अचानक लोगों ने देखा कि गुहाल घर में आग लग गया है।तभी होहल्ला होना शुरू हो गया होहल्ला होने से गांव के काफी लोग इखठ्ठे हो गए इखठ्ठे लोगों ने आग को बुझाने का काफी प्रयास किया लेकिन जब तक आग पर काबू पाता तबतक सरोज चौहान का गुहाल घर सहित चार गाय,दो बछड़ा,दो बकड़ी एवं दुकान में रखे समान तथा सुबोध चौहान का गुहाल घर जलकर राख हो चुका था।बहरहाल जो भी आग लगने का कारण पता नही चल पाया है।घटना को लेकर पंचायत सामीति मोहित चौहान,परशुराम मंडल,जदयू प्रखंड अध्यक्ष ओम प्रकाश भगत,जदयू नेता अंजार आलम आदि ने पीड़ित परिवार को जल्द मुआवजा देने का मांग किया है।वहीं इस बाबत राजस्व कर्मचारी पंकज कुमार ने कहा कि घटना स्थल की जांच कर ली गई है जांच रिपोर्ट सोपनें के बाद मुआवजा दिया जाएगा।

इ खबर मीडिया के लिए सचिन मोहाली की रिपोर्ट

 

विकसित भारत के लक्ष्यों के हिसाब से काम करे इंडिया इंक, युवाओं को बेहतर भारत देना हमारा कर्तव्‍य : वित्त मंत्री

उद्योग संगठन फिक्की की तरफ से 2047 में विकसित भारत और उद्योग विषय पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने उद्योग जगत को भी यह संदेश दिया कि वह भी विकसित भारत के लक्ष्यों के हिसाब से काम करें। देश वर्ष 2047 तक विकसित देशों की श्रेणी में शामिल हो इसके लिए उद्योग जगत को भी एक अहम भूमिका निभानी है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विगत कुछ दिनों में कई बार यह भरोसा जता चुके हैं कि आगामी आम चुनाव के बाद वह फिर से सरकार बनाएंगे। अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगामी सरकार के आर्थिक एजेंडे को भी सामने रख दिया है। मंगलवार को उद्योग जगत के साथ एक बैठक में उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में आगामी आर्थिक सुधारों का एजेंडा प्राथमिकता के तौर पर लिया जाएगा। अगली सरकार क्षेत्रवार सुधारों पर आगे बढ़ेगी।

उद्योग संगठन फिक्की की तरफ से ‘2047 में विकसित भारत और उद्योग’ विषय पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने उद्योग जगत को भी यह संदेश दिया कि वह भी विकसित भारत के लक्ष्यों के हिसाब से काम करें। सीतारमण ने कहा, ”पीएम नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि विकसित भारत का मतलब देश के हर नागरिक को एक बेहतर भारत में जीने का अवसर देना है। ऐसा देश बनाना हमारा मकसद है, जहां युवाओं को हर तरह की सुविधा हो और वह देश छोड़ने के लिए मजबूर नहीं हों। युवाशक्ति को एक बेहतर भारत देना हमारा कर्तव्य है।”

उद्योग जगत को निभानी होगी अहम भूमिका

देश वर्ष 2047 तक विकसित देशों की श्रेणी में शामिल हो, इसके लिए उद्योग जगत को भी एक अहम भूमिका निभानी है। सीतारमण ने कहा, ”जब देश आजादी की लड़ाई लड़ रहा था तब भी भारतीय उद्यमियों ने काफी मदद की थी। विदेशी ताकतों के दबाव के बावजूद भारत में उद्योग स्थापित किए गए और क्षमता विस्तार किया गया। भारतीय उद्यमियों ने हमेशा देश के हितों को सर्वोपरि रखते हुए काम किया है। जब हम विकसित भारत बनने की तरफ अग्रसर हैं तो मुझे पूरी उम्मीद है कि भारतीय उद्योग जगत भी इस उद्देश्य के साथ काम करेगा।” वैसे भी विकसित देश में पहला योगदान करने वाला भी उद्योग जगत होगा और इसका सबसे पहला फायदा भी उन्हें ही मिलेगा।

कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने पर रहेगा जोर

उद्योग जगत को आश्वस्त करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में आर्थिक सुधारों का दौर जारी रहेगा। उत्पादकता बढ़ाने पर खास ध्यान दिया जाएगा। कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाना और वेयरहाउसिंग जैसे सेक्टर में निवेश को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पिछले दस वर्षों के दौरान भी हमने कई सुधार किए हैं और उद्योग जगत को इन सुधारों का फायदा उठाने की कोशिश करनी चाहिए। हम दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन चुके हैं और अगले कार्यकाल में तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनेंगे। सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है, यह हमने कोरोना महामारी के दौरान भी दिखाया था जब पूंजीगत खर्च में भारी वृद्धि की थी।

सभी करें अपना योगदान : गोयल

फिक्की की तरफ से आयोजित विकसित भारत कार्यक्रम के एक सत्र को वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी संबोधित किया। गोयल ने कहा कि विकसित भारत की तरफ यात्रा जारी है और केंद्र सरकार इस यात्रा में एक लीडर की भूमिका निभा रही है लेकिन इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज के हर वर्ग को, खासतौर पर उद्योग जगत को अपनी भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने कहा, पूरे देश के माहौल को देखकर इस बात का पूरा भरोसा होता है कि विकसित भारत बनाने के लिए हर काम सही तरीके से हो रहा है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का जो सपना पीएम मोदी ने देखा है वह पूरी तरह से संभव जान पड़ता है। केंद्र सरकार की तरफ से पू्ंजीगत खर्चे में भारी वृद्धि किए जाने का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि देश के ढांचागत सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने में इनका बड़ा योगदान होने जा रहा है। यह निवेश राज्यों सरकारों व निजी सेक्टर की तरफ से किये जाने वाले निवेश से अलग है।

वनडे वर्ल्ड कप 2027 का टिकट पाने के लिए शुरू हुई क्वालिफिकेशन की जंग, चार स्पॉट के लिए 22 टीमों के बीच होगी टक्कर

साउथ अफ्रीका जिम्बाब्वे के साथ साल 2027 में वनडे विश्व कप की मेजबानी करने वाली नामीबिया को लीग-2 में रखा गया है। नामीबिया के अलावा नीदरलैंड्स यूएई अमेरिका नेपाल और ओमान को लीग-2 में रखा गया है जो पिछले विश्व कप क्वालिफायर में खेलती हुई नजर आई थीं। वनडे वर्ल्ड कप 2027 साउथ अफ्रीका जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। टूर्नामेंट में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी।

साल 2023 में खेले गए 50 ओवर के विश्व कप का अभी खुमार उतरा भी नहीं है कि अगले वनडे वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन की जंग शुरू हो चुकी है। साल 2027 में होने वाले विश्व कप की मेजबानी साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेगा। होस्ट के साथ-साथ रैंकिंग के आधार पर कुल 8 टीमें डायरेक्ट टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करेंगी, जबकि चार स्थान के लिए कुल 22 टीमों के बीच जंग होगी। वनडे वर्ल्ड कप लीग-2 में कुल 24 ट्राई सीरीज खेली जाएंगी।

कहां खेले जाएगा टूर्नामेंट और कितनी टीमें लेंगी हिस्सा?

वनडे वर्ल्ड कप 2027 साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। टूर्नामेंट में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी और 54 मैच खेले जाएंगे। विश्व कप के मुकाबले अक्टूबर और नवंबर के बीच होने की संभावना है।

कितने टीमें करेंगी डायरेक्ट क्वालिफाई?

वनडे विश्व कप 2027 की मेजबानी करने के लिए साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को टूर्नामेंट में खेलने का डायरेक्ट टिकट मिलेगी। इसके साथ आईसीसी रैंकिंग के आधार पर टॉप 8 पर रहने वाली टीमों को भी सीधे विश्व कप में खेलने का मौका मिलेगा।

लीग-2 का कौन-कौन सी टीमें होंगी हिस्सा?

साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे के साथ साल 2027 में वनडे विश्व कप की मेजबानी करने वाली नामीबिया को लीग-2 में रखा गया है। नामीबिया के अलावा नीदरलैंड्स, यूएई, अमेरिका, नेपाल और ओमान को लीग-2 में रखा गया है, जो पिछले विश्व कप क्वालिफायर में खेलती हुई नजर आई थीं।

कनाडा टीम को प्रमोशन मिला है और वह अब चैलेंज लीग से लीग-2 में आ गई है। इन टीमों के बीच कुल मिलाकर 9 ट्राई सीरीज खेली जानी है, जिसका अंत दिसंबर 2026 तक होगा। कुल 8 टीमें एक-दूसरे से चार-चार मैचों में भिड़ेंगी। यानी टोटल कुल 144 वनडे मैच इन 8 टीमों के बीच होंगे।

चैलेंज लीग में कौन-कौन सी टीमें होंगी हिस्सा?

चैलेंज लीग में पीएनजी, जर्सी, डेनमार्क, केन्या, हॉन्गकॉन्ग, कतर, सिंगापुर, युगांडा को रखा गया है। इसके साथ ही बरमूडा, इटली, कुवैत, सऊदी, बहरीन, मलेशिया, तंजानिया, वानुआतू में चार टीमें चैलेंज लीग का हिस्सा बनेंगी। इन टीमों को छह-छह के पूल में रखा जाएगा। हर टीम को तीन राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट खेलने होंगे। हर पूल में टॉप पर रहने दो टीमें क्वालिफायर खेलेंगी।

क्या है लीग-2 का गणित?

लीग-2 में कुल 8 टीमों को रखा गया है। टॉप चार पर रहने वाली टीमें वर्ल्ड कप क्वालिफायर खेलेंगी। इसके अलावा बची हुई चार टीमें चैलेंज लीग के टॉप 2 टीमों संग प्लेऑफ खेलेंगी। इसके बाद छह टीमों के बीच क्वालिफायर प्लेऑफ खेला जाएगा, जिसमें से टॉप चार टीमें वर्ल्ड कप क्वालिफायर खेलने मैदान पर उतरेंगी।

क्वालिफायर में कितने टीमें लेंगी हिस्सा?

क्वालिफायर में कुल 10 टीमों के बीच जंग होंगी, इसमें रैंकिंग के आधार पर 11वें और 12वें नंबर पर रहने वाली टीम भी शामिल होंगी। लीग-2 से चार टीमें क्वालिफायर का हिस्सा होंगी, जबकि इतनी ही टीमें चैलेंज लीग का पार्ट होंगी। क्वालिफायर से कुल चार टीमें वर्ल्ड कप का टिकट हासिल करेंगी।

बॉक्स ऑफिस पर ‘क्रैक’ ने बनाई पकड़

विद्युत जामवाल (Vidyut Jammwal) की फिल्म क्रैक (Crakk) ने बीते शुक्रवार को थिएटर्स में दस्तक दी है। रिलीज से पहले एक्टर फिल्म का जोर- शोर से प्रमोशन कर रहे थे। हालांकि बिजनसे को इससे ज्यादा फायदा मिलते हुए नहीं दिख रहा है क्योंकि क्रैक ओपनिंग डे से बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष कर रही है। हालांकि मंगलवार को कलेक्शन में थोड़ा सुधार देखने को मिला।

विद्युत जामवाल (Vidyut Jammwal) की फिल्म क्रैक (Crakk) बॉक्स ऑफिस पर एड़ी- चोटी का दम लगा रही है। रिलीज के बाद ओपनिंग वीकेंड पर ही क्रैक को झटका लगा। वहीं, मंडे टेस्ट में तो फिल्म की सांस फूलने लग गई। हालांकि, अब क्रैक ने मामला संभालने की पूरी कोशिश की है।

वर्क डेज पर ज्यादातर फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करना पड़ता है। ऐसा ही हाल विद्युत जामवाल की फिल्म क्रैक का भी है।

बिजनेस ने दिया झटका ?

क्रैक कुछ दिनों पहले 23 फरवरी को थिएटर्स में रिलीज हुई है। फिल्म में एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है, जिसमें विद्युत जामवाल ने बस्ती में रहने वाले  शख्स का किरदार निभाया है। फिल्म को लेकर एक्टर ने कई दिनों तक जबरदस्त प्रमोशन भी किया, लेकिन शायद दर्शकों को लुभा नहीं पाए, क्योंकि बिजनेस रिपोर्ट कुछ खास अच्छी नहीं रही।

कैसी रही क्रैक की ओपनिंग ?

क्रैक ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर 4.25 करोड़ के साथ खाता खोला। वहीं, दूसरे दिन कमाई 2.15 और तीसरे दिन 2.30 करोड़ रही। इसके साथ ही ओपनिंग वीकेंड पर फिल्म सिर्फ 8 करोड़ के करीब कलेक्शन कर पाई।

मंगलवार को नहीं गिरने दिया बिजनेस

क्रैक का असली इम्तिहान सोमवार को हुआ। मंडे टेस्ट में फिल्म का बिजनेस गिरकर धड़ाम हो गया। क्रैक ने 26 फरवरी को सिर्फ 1 करोड़ कमाए। वहीं, मंगलवार की बात करें, तो फिल्म ने बिजनेस पर थोड़ा लगाम लगाने की कोशिश की। सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, 27 फरवरी को भी क्रैक ने 1 करोड़ कमाए। इसके साथ ही रिलीज के 5 दिनों में फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर लगभग 10.70 करोड़ का बिजनेस कर लिया है।

कैसी है ‘क्रैक’ की स्टारकास्ट ?

क्रैक की स्टार कास्ट की बात करें, तो फिल्म में विद्युत जामवाल के साथ अर्जुन रामपाल (Arjun Rampal), एमी जैक्सन (Amy Jackson) और नोरा फतेही (Nora Fatehi) लीड रोल में हैं। फिल्म का डायरेक्शन आदित्य दत्त (Aditya Dutt) ने किया है, जबकि प्रोड्यूस एक्शन हीरो फिल्म्स एंड पीजे पिक्चर्स, विद्युत जामवाल और पराग सांघवी ने किया है। वहीं आदी शर्मा और आदित्य चौकसी क्रैक के को-प्रोड्यूसर्स हैं। रिलायंस एंटरटेनमेंट ने ‘क्रैक’ को प्रेजेंट किया है।

आम जनता कब कर सकेंगे अबु धाबी के हिंदू मंदिर के दर्शन? 29 फरवरी तक VIP और विदेशी श्रद्धालुओं की होगी एंट्री

अबू धाबी में पहला हिंदू मंदिर 1 मार्च से जनता के लिए खोला जाएगा। 15 से 29 फरवरी तक पहले से पंजीकरण कराने वाले विदेशी श्रद्धालुओं या वीआईपी मेहमानों को मंदिर में दर्शन की अनुमति दी गई थी।अब मंदिर 1 मार्च से सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक जनता के लिए खुला रहेगा। मंदिर हर सोमवार को बंद रहेगा। इसकी जानकारी मंदिर के एक प्रवक्ता ने दी है।

अबू धाबी में पहला हिंदू मंदिर 1 मार्च से जनता के लिए खोला जाएगा। बता दें कि इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मंदिर का उद्घाटन किया था। लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से इस मंदिर का निर्माण बोचासनवासी श्री अक्षर पुरूषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) द्वारा अबू मुरीखा में किया गया।

भव्य मंदिर का उद्घाटन 14 फरवरी को एक समर्पण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने किया था, जिसमें 5,000 से अधिक आमंत्रित लोग शामिल हुए थे। 15 से 29 फरवरी तक पहले से पंजीकरण कराने वाले विदेशी श्रद्धालुओं या वीआईपी मेहमानों को मंदिर में दर्शन की अनुमति दी गई थी। अब मंदिर 1 मार्च से सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक जनता के लिए खुला रहेगा। मंदिर हर सोमवार को बंद रहेगा। इसकी जानकारी मंदिर के एक प्रवक्ता ने दी है।

राजस्थान से आया बलुआ पत्थर

इस मंदिर के निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाली 18 लाख ईंटों और 1.8 लाख घन मीटर बलुआ पत्थर राजस्थान से लाए गए है। यह मंदिर अयोध्या में हाल ही में उद्घाटन किए गए राम मंदिर की तरह, वास्तुकला की नागर शैली में बनाया गया है।

मंदिर के अधिकारियों के अनुसार, भव्य मंदिर का निर्माण शिल्प और स्थापत्य शास्त्रों में वर्णित निर्माण की प्राचीन शैली के अनुसार किया गया है। बता दें कि इस मंदिर के लिए जमीन यूएई सरकार ने दान में दी थी। BAPS हिंदू मंदिर पूरे खाड़ी क्षेत्र में सबसे बड़ा है। इस मंदिर में सात मीनारें, ऊंटों की नक्काशी, राष्ट्रीय पक्षी बाज, मेजबान देश को समान प्रतिनिधित्व देने के लिए मंदिर के पत्थरों में दर्शायी गई है।

सात शिखरों पर देवताओं की मूर्ति

वहीं, मंदिर के सात शिखरों पर देवताओं की मूर्तियां बनी हुई हैं, जिनमें भगवान राम, भगवान शिव, भगवान जगन्नाथ, भगवान कृष्ण, भगवान स्वामीनारायण (भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है), तिरूपति बालाजी और भगवान अयप्पा शामिल हैं। सात शिखर संयुक्त अरब अमीरात के सात अमीरात का प्रतिनिधित्व करते हैं। मेजबान देश को समान प्रतिनिधित्व देने के लिए, भारतीय पौराणिक कथाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले हाथी, ऊंट और शेर जैसे जानवरों के साथ-साथ संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रीय पक्षी, बाज को भी मंदिर के डिजाइन में शामिल किया गया है।

मंदिर में बहता है गंगा और यमुना का पवित्र जल

मंदिर में रामायण और महाभारत सहित भारत की 15 कहानियों के अलावा माया, एज़्टेक, मिस्र, अरबी, यूरोपीय, चीनी और अफ्रीकी सभ्यताओं की कहानियों को भी दर्शाया गया है। जबकि मंदिर की बाहरी दीवारें भारत के बलुआ पत्थर का उपयोग करके बनाई गई हैं, आंतरिक सफेद इतालवी संगमरमर से बना है, जो जटिल डिजाइन और नक्काशीदार स्तंभों और दीवारों से सुशोभित है। बता दें कि मंदिर के दोनों किनारों पर गंगा और यमुना का पवित्र जल बहता है, जो विशाल कंटेनरों में भारत से लाया गया था।

‘लंबे समय तक नहीं चल सकती सुक्खू सरकार’, जयराम ठाकुर ने बजट पर की डिवीजन की मांग

हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा सीट पर मंगलवार (27 फरवरी) को चुनाव हुआ। इसके परिणाम ने हर किसी को चौंका दिया। चुनाव में भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन और कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को बराबरी के वोट मिले। वहीं, कांग्रेस के छह विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। बीजेपी ने चुनाव जीतने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया। विधानसभा में बीजेपी के केवल 25 विधायक होने के बावजूद ऐसा उलटफेर हुआ कि अंत में कांग्रेस को हार माननी ही पड़ी।

क्रोस वोटिंग के बाद बीजेपी उम्मीदवार के मतों की संख्या बढ़कर 34 हो गई। दोनों ही दलों के पास 34-34 का आंकड़ा हो गया और पर्ची डालने के बाद बीजेपी के उम्मीदवार हर्ष वर्धन की जीत हुई।

राज्यसभा चुनाव में क्या हुआ? 

हिमाचल में कुल 68 विधायकों ने मतदान किया था। कांग्रेस के पास 40 विधायक थे, लेकिन इनमें से छह ने क्रॉस वोटिंग की। इसके बाद में कांग्रेस के पास 34 विधायक रह गए।

ऐसे में फिर बीजेपी के पास निर्दलीय मिलाकर 28 विधायक थे। क्रोस वोटिंग के बाद बीजेपी उम्मीदवार के मतों की संख्या बढ़कर 34 हो गई।

दोनों ही दलों के पास 34-34 का आंकड़ा हो गया और पर्ची डालने के बाद बीजेपी के उम्मीदवार हर्ष वर्धन की जीत हुई।

एक साथ लोकसभा चुनाव लड़ेंगे जयशंकर और निर्मला सीतारमण, अब तक सीट पर फैसला नहीं

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ( Pralhad Joshi ) ने सोमवार को कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर आगामी लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह लगभग तय है कि वे चुनाव लड़ेंगे। मीडिया रिपोर्ट में इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि जयशंकर या सीतारमण बेंगलुरु से चुनाव लड़ेंगे। 2019 में भाजपा ने बेंगलुरु की सभी तीन सीट पर जीत दर्ज की थी।

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर आगामी लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह लगभग तय है कि वे चुनाव लड़ेंगे। लेकिन पार्टी ने अभी इस बात पर फैसला नहीं किया है कि उनमें से किसको कर्नाटक से लड़ना चाहिए या दोनों को बाहर से लड़ना चाहिए।

मीडिया रिपोर्ट में इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि जयशंकर या सीतारमण बेंगलुरु से चुनाव लड़ेंगे। 2019 में भाजपा ने बेंगलुरु की सभी तीन सीट पर जीत दर्ज की थी। सीतारमण राज्यसभा में कर्नाटक की प्रतिनिधित्व करती हैं और तमिलनाडु व तेलंगाना से भी काफी अच्छी तरह से परिचित हैं।

मांड्या सीट के आवंटन को लेकर प्रदर्शन

वित्त मंत्री सीतारमण वर्तमान में कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य हैं। जयशंकर गुजरात से राज्यसभा सदस्य हैं। सहयोगी दलों भाजपा और जद (एस) के बीच मांड्या सीट के आवंटन को लेकर प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर जोशी ने कहा कि इस मुद्दे को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेता इसका समाधान निकालेंगे।

कोरबा की महिलाएं दिखायेंगी क्रिकेट के मैदान पर अपना दमखम, नवभारत ऊर्जा कप 2024: महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में कामकाजी महिलाओं में भिडंत रोमांचित करेगा

कोरबा: ऊर्जाधानी कोरबा में नवभारत समाचार समुह द्वारा महिला क्रिकेट प्रीमियर प्रतियोगिता “ऊर्जा कप 2024” का आयोजन किया जा रहा है। इस पूरे स्पर्धा का शुभारंभ 1 मार्च को घंटा घर स्थित ओपन थियेटर खेल मैदान में होगा। 8 वर्षों से चली आ रही इस प्रतियोगिता में चैम्पियन का खिताब अपने नाम करके महिला खिलाडियों ने आगाज कर दिया है

8 वे वर्ष के इस आयोजन में जिला कोरबा के कई महिलाखिलाड़ी भाग लेंगी जो कि किसी संगठन या समुह का प्रतिनिधित्व करने के साथ गृहणी भी होंगी। खेलकूद जैसी गतिविधियों में रुचि रखने वाली महिलाओं में इस पूरे आयोजन को लेकर जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा हैं।

विजयी टीम के वुमन ऑफ दीमैच में चांदी का सिक्का दिया जायेगा

इस प्रतियोगी में अभी तक 10 टीमों ने अपना पंजीयन कराया है, सात तारीख तक चलने वाले इस प्रतियोगिता में वुमन आफ़ दि मैच को चांदी का सिक्का प्रदान किया जाएगा, सभी प्रतिभागियों को मैच के अंत मे सम्मानित किया जायेगा lइस आयोजन को लेकर शहर के खेल जगत में काफी उत्साह नजर आ रहा है। फिलहाल ‘ऊर्जा कप 2024’ के लिए महिलाओं की जिन टीमों ने अपना पंजीकरण कराया हैं उनमें आइपी 11, बीके वेलफेयर , वेदांता बॉल्को, एनकेएच 11, परशुराम सेना छत्तीसगढ़ द्विज महिला इकाई, कपालेश्वर महिला समुह, मेडिकल कालेज कोरबा की महिला टीमें शामिल है ।