0.7 C
Munich
Thursday, January 29, 2026
Home Blog Page 119

पत्नी और बच्चों को घर में छोड़कर दीवार फांदकर पति हुआ फरार पत्नी ने लगाई न्याय की गुहार!

उत्तरप्रदेश: जिला जौनपुर पोस्ट केराकत ग्राम मुरारा राम बली भारती उसकी माता का नाम सुमन भारती, भाई भीम राज गौतम मैं गायती वर्मा पति सूर्यप्रकाश बौध आज से चार साल पहले हम लोगों की बातचीत हो रही है बात होते-होते दो साल गुजर गया फिर उन्होंने बोला मुझे की-मेरा पापा का एक्सीडेंट को गया है अब मुझे पढ़ना नहीं चाह रहा है फिर मैं बोली की कोई बात नहीं जितना पढ़ना है पढ़ा मैं आपका जैसे तैसे उसको पढ़ाया फिर उसके बाद पढ़ाई से लेकर राशन तक पुस्तक से लेकर कालेज तक कपड़ा से लेकर सभी खर्चा मेरे में जाता था उसका सारा जिम्मेदारी मेरा था। फिर उसके बाद मेरे पास आकर रहेन लगा साथ में फिर उसका सारा बोझ मेरे पर आ गया फिर से बोला की कम्प्युदर करूंगा तो उसको रहा था फिर मैं उसको करवाया फिर घर जाकर उसको लाया

अरोपी पति: सूर्यप्रकाश

में वकील की मदद से उसे के बाद अच्छे-अच्छे से रहने लगे फिर हमारी जिंदगी की चाँद में फिर से उसके माँ बाप और भाई ने ग्रहण लगा दिया हमारे प्यार के बीच में दीवार खड़ी हो गयी ये सब में माँ बाप भाई का ही हाथा है मैं जैसे-जैसे गुजर चला सका था मैं सवेरे उठकर कुछ लोगों के साथ कबाड़ बीनने का काम करती हूँ मेरे काम पर जाने के बाद घर से भाग गयी जब वापस में आयी तो पता चला कर की भाग गया फिर उसके बाद फोन लगाया तो ब्लाक लीस्ट में डला दिया था फिर उसके पापा जी को फोन लगाया वाल 1 तारीख को और साथ में अकेले नहीं गया मेरा जेवर और मोबाइल लेकर गया है वह दोनों का रसीद मेरे पास है और में बच्चों को लेकर थाना गया था खमतराई तो कोई सुनवाई नहीं हुई उसके बाद दो तारीख शनिवार को उनके भाई को फोन किया था फिर वह मुझे डाटने लगा मेरा भाई को उसके भाई कुछ हुआ तो मैं आपको ऊपर केश कर दूंगा मुझे डरा रहा था फिर में मीडिया का सहारा लिया। मुझे न्याय चाहिये।
पति का भाई दे रहा है धमकी की मेरे भाई को कुछ हुआ तो सारा केस तुम पर डाल दूंगा।
पति अपनी पत्नी को किसी काम के बहान लेकर आया था और उसके वहां घर पर छोड़ कर फरार हो गया। पुलिस मामले में कोई मदत नहीं कर रही है।

ई खबर के लिए देव शर्मा की रिपोर्ट

अनूपशहर के आसपास के गांव में रात भर बारिश पड़ने से किसानों को भारी नुकसान।

अनूप शहर के आसपास के गांव में रात भर बारिश पड़ने से किसानों को बहुत भारी नुकसान सरसों खेत में खड़ी-खड़ी बीच गई जिन किसानों के आलू की खुदाई हो रही है आलू में सेप्टिक पढ़ने की पूरी पूरी संभावना किसान रात पर खेत में पड़े रहे, किसान मठआ पड़कर रो रहे किसान कह रहे हैं सरकार से कुछ सहायता मिल जाए,बंटी सिंह, गांव तोरोई, ने बताया की बहुत नुकसान हो रहा है खेतों में रात भर पानी पड़ने से,

अनूपशहर से गगन कुमार की रिपोर्ट

कुंआरा बनकर की तीन शादियां , दूसरी पत्नी ने खोला राज

बिहार। जिला शेखपूरा का योगिन्दर कुंआरा बनकर तीन शादियाँ करने वाले का फरेब पकड़ा गया है। उसकी दूसरी पत्नी ने इस खेल का राज खोला है। जालसाज रेलवे में पदस्थ था और शादियों को दहेज ऐंठने के लिए करता था। तीसरी पत्नी के साथ भी उसने कुंआरा बनकर सात फेरे लिए। लेकिन उसे साथ नहीं रखा। पति की हरकतों पर शक हुआ तो पत्नी ने अपने स्तर पर उसकी तफ्तीश करते हुए पति के आवास पर पहुँची तो वहाँ उसे पति की पहली शादी का कार्ड और बच्चे मिल गए। फरेब पकड़े जाने पर धोखेबाज ने गलती नहीं मानी। बल्कि पत्नी से ठोककर बोला यह तो उसका पेशा है। उसे भी छोडकर चौथी शादी करना है। सुमन उर्फ़ पायल ने मीडिया को बताया, शेखपुरा निवासी योगीन्दर सिंह ने शादी का नाटक कर धोखा दिया है। सुमन से उसकी शादी कुछ महीने पहले हुई थी। विवाह दोनों परिवारों की रजामंदी से हुआ था। शादी में सुमन के पिता जानकी तांते, भाई ज्ञानेंदर बीवी पूनम, परिवार के सभी सदस्य शामिल हुए। लेकिन किसी ने यह नहीं बताया योगीन्दर पहले से शादीशुदा है।

ऐसे खुला राज

सुमन ने पुलिस को बताया योगीन्दर सिंह ने शादी के बाद जिला लखकी सराय बाई पास में किराए का मकान लिया। वहाँ उसे रखा लेकिन उसके साथ खुद बहुत कम रहा। पति आए दिन बाहर रहता है बात समझ में नहीं आई। इसलिए अपने स्तर पर पड़ताल की। घर जाकर पता किया तो योगीन्दर के आवास पर पहली शादी का कार्ड और बच्चे मिल गए। हद तो तब हो गई जब फरेब सामने आने पर भी योगिन्दर ने गलती नहीं मानी। उसने ठोककर कहा यह तो उसका और परिवार का धंधा है। इसी तरह झूठ बोलकर शादियाँ करते हैं। दहेज ऐंठते हैं। कुछ दिन बाद उसे छोडकर चौथी शादी करने वाला है।

फरेबी पर केस होना चाहिए

एक के बाद एक तीन शादियाँ करने वाले का फर्जीवाडा सामने आया है। उसकी दूसरी पत्नी की शिकायत पर केस दर्ज किया है। उसकी तीसरी पत्नी को पति का से दूसरी शादी का मैरिज सार्टिफिकेट भी मिला है। आरोपी रेलवे में पदस्थ था। परन्तु ऊपर तक पहुँच होने के चलते उस पर केस दर्ज नहीं किया है। उसे तलाशा जा रहा है।

जान से मारने की देता है धमकी!   यह एक गंभीर मामला है। इस तरह की धमकियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कृपया तुरंत सुरक्षा और सहायता के लिए स्थानीय पुलिस या सम्बंधित अधिकारियों से संपर्क करें।  यह एक चिंता का विषय है। इस स्थिति को सामने लाने और इसे समाधान करने के लिए कानूनी सलाह लेना अच्छा होगा। कृपया किसी सम्बंधित कानूनी अधिकारी से संपर्क करें और अपने हक की रक्षा करें। जब तक पति को पैसा मिल रहा था तब तक रखा मेरे अकाउंट से सारे पैसे निकाल लिए पति सोना और नगदी भी ले गया  सुमन के कहा यह बेहद चिंता का विषय है। ऐसे मामलों में, कानूनी सलाह लेना और अपने हक की रक्षा करना महत्त्वपूर्ण होता है। कृपया अपने क्षेत्रीय कानूनी अधिकारी से संपर्क करें और उन्हें इस मामले के बारे में बताएँ। वे आपको सहायता और सलाह प्रदान कर सकते हैं।
जान से मारने की देता है धमकी
इनके दोस्त का नाम है बममा सत्य प्रकाश इस समय टूंडला जेल में है जान से मारने की धमकी दी जा रही है और पैसे मांग रहे हैं मैं अभी बिहार में रह रही हूं वह कह रहे हैं कि मेरी बहन की शादी में कर्जा हो गया है और मुझे दो लाख मांग रहे हैं सुमन ने बताया कि वह मेरी लड़की को भी गाली दे रहा देता है और कहता है कि जैसा तुम्हारे साथ किया वैसा ही तुम्हारे बच्चों के साथ भी वहीं हाल किया जाएगा। सुमन ने बताया हमारा पूरा परिवार डर के साये में जी रहा है।

ई खबर से देव शर्मा की रिपोर्ट

 

पीएफएमएस से 34 लाख करोड़ रुपये की डीबीटी की सुविधा मिली: सीतारमण

सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) ने 34 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) की सुविधा दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 48वें नागरिक लेखा दिवस के अवसर पर लेखा महानियंत्रक (सीजीए) और भारतीय नागरिक लेखा संगठन (आइसीएओ) को एक लिखित संदेश में कहा कि पीएफएमएस एक मजबूत भुगतान और लेखा नेटवर्क के साथ ही कुशल कोष प्रवाह प्रणाली स्थापित करने की आधारशिला रहा है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) ने 34 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) की सुविधा दी है। उन्होंने लेखा अधिकारियों से प्रणाली की दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए भी कहा।

सीतारमण ने 48वें नागरिक लेखा दिवस के अवसर पर लेखा महानियंत्रक (सीजीए) और भारतीय नागरिक लेखा संगठन (आइसीएओ) को एक लिखित संदेश में कहा कि पीएफएमएस एक मजबूत भुगतान और लेखा नेटवर्क के साथ ही कुशल कोष प्रवाह प्रणाली स्थापित करने की आधारशिला रहा है।

क्या है पीएफएमएस ?

पीएफएमएस एक प्रबंधन सूचना प्रणाली है, जिसका इस्तेमाल भारतीय नागरिक लेखा सेवा के अधिकारी सरकार के खातों को संभालने के लिए करते हैं। इसका इस्तेमाल डीबीटी के जरिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी खातों में धनराशि स्थानांतरित करने के लिए भी किया जाता है। संदेश को वित्त सचिव टी वी सोमनाथन ने पढ़ा।

सीतारमण ने अपने संदेश में कहा कि पीएफएमएस के माध्यम से सुगम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से सरकार को 34 लाख करोड़ रुपये का हस्तांतरण हुआ है। यह अक्षमताओं को दूर करने और यह सुनिश्चित करने में प्रणाली की प्रभावशीलता का एक प्रमाण है कि लाभ बिना किसी रिसाव के सीधे नागरिकों तक पहुंचाया जाए।

वित्तीय प्रशासन में क्रांति

उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि राज्य सरकारों सहित 1,081 विभिन्न योजनाओं को डीबीटी में निर्बाध रूप से एकीकृत किया गया है।

पीएफएमएस, जिसे व्यय विभाग के तहत लेखा महानियंत्रक(कंट्रोलर  द्वारा विकसित और कार्यान्वित किया गया है, ने सरकार के वित्तीय प्रशासन में क्रांति लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सीतारमण ने कहा कि इसने न केवल वास्तविक समय, विश्वसनीय और सार्थक प्रबंधन सूचना प्रणाली की सुविधा प्रदान की है, बल्कि अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित शासन का मार्ग भी प्रशस्त किया है।

बदलने लगी गांव की सूरत और सेहत; पक्की सड़कों, बिजली, शौचालय, शुद्ध पेयजल व गैस कनेक्शन ने तैयार की बदलाव की जमीन

गांव केंद्रित होकर बनाई गई कुछ योजनाओं ने पिछले 10 वर्षों में एक स्थिर बदलाव की जमीन तैयार की है। पिछले कुछ वर्षों में विशेषकर पंजाब और हरियाणा के किसानों ने कुछ धरना-प्रदर्शन जरूर किए और राजनीतिक बयानबाजी भी होती रही लेकिन आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि किसानी अब लाभप्रद होने लगी है। काश कृषि कानून परवान चढ़ पाते तो बदलाव की गति और तेज होती।

 एक सोच बहुत अरसे से थी-गांवों में शहरी सुविधाएं पहुंचाने की। कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन अब जाकर इस आकांक्षा ने स्वरूप लिया। पक्की सड़कें, 20-22 घंटे बिजली, शौचालय, शुद्ध पेयजल, गैस कनेक्शन। बिजली आई तो टीवी, फ्रिज जैसी सुविधा के सामान भी जुटे। सड़कें बनीं तो बड़े शहरों से अस्पताल व कालेज तक पहुंच बढ़ी।
गांव केंद्रित होकर बनाई गई कुछ योजनाओं ने पिछले 10 वर्षों में एक स्थिर बदलाव की जमीन तैयार की है। पिछले कुछ वर्षों में, विशेषकर पंजाब और हरियाणा के किसानों ने कुछ धरना-प्रदर्शन जरूर किए और राजनीतिक बयानबाजी भी होती रही, लेकिन आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि किसानी अब लाभप्रद होने लगी है। काश कृषि कानून परवान चढ़ पाते तो बदलाव की गति और तेज होती।

किसानों की दशा में सुधार के प्रयास

जो भी हो, केंद्र सरकार ने कृषि एवं किसानों की दशा में सुधार के प्रयास किए तो सीमित हो चुकी उर्वर जमीन से भी पैदावार में उछाल आने लगा। चावल, गेहूं, गन्ना एवं मोटे अनाजों के उत्पादन ने वर्षवार कीर्तिमान बनाए। दलहन में कदम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने लगे। कृषि क्षेत्र में उत्तरोत्तर सुधार का नतीजा है कि आजादी के बाद के किसी एक दशक में पैदावार में सबसे तीव्र वृद्धि हुई।

सिर्फ पांच वर्षों में 309 लाख टन ज्यादा खाद्यान्न का उत्पादन हुआ। इससे किसानों की आय का ग्राफ तेजी से बढ़ने लगा। व्यावसायिक कृषि के रूप में गन्ने की खेती ने समृद्धि के द्वार खोले। चीनी के अलावा अब बिजली एवं एथेनाल उत्पादन से किसानों की जेब में ज्यादा पैसे आने लगे हैं।

सरकार ने 10 वर्षों में गन्ने के मूल्य में प्रति क्विंटल 110 रुपये की वृद्धि कर देश के पांच करोड़ गन्ना किसानों एवं चीनी मिलों के कामगारों के सपनों को नई उड़ान दी है। राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) के नए अध्ययन में यह स्पष्ट दिखने लगा है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में खाने की बजाय फ्रिज, टीवी जैसे उत्पादों पर खर्च बढ़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जीवनस्तर में बदलाव दिखने लगा है।

भूमि-संपत्ति विवाद

पहले जमीन की कोई पहचान नहीं थी। जमीन का रिकार्ड सुधारना इसलिए जरूरी था, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के एक चौथाई एवं सिविल कोर्ट के 66 प्रतिशत केस भूमि-संपत्ति विवाद से जुड़े हैं। इसलिए 96 प्रतिशत ग्रामीण भूमि का कंप्यूटरीकरण करके आमजन को विवादों से बचाने का प्रयास किया गया। पहले कागजात के लिए दफ्तरों का चक्कर लगाना पड़ता था।

अब जमीन से जुड़े सारे कागजात घर बैठे अपलोड किए जा सकते हैं। डिजिटाइजेशन के बाद बैंकों से लोन भी आसानी से मिलने लगा है। इससे ग्रामीण जीवन आसान हुआ है। पीएम आवास योजना के तहत तीन करोड़ 32 लाख गरीबों के घर बनाए गए। दो करोड़ दीदियों को लखपति बनाना कम परिवर्तनकारी नहीं है। लक्ष्य पूरा होने की स्थिति में है।

बिचौलिया प्रथा खत्म

दस वर्षों के पारदर्शी प्रयासों का परिणाम है कि बिचौलिए वाली प्रथा खत्म हो गई। अब दिल्ली से चला प्रत्येक रुपया पूरा का पूरा किसानों के बैंक खाते में सीधे पहुंच जाता है। न कोई रुकावट, न कोई दलाली। किसान सम्मान निधि ने तो साहूकारों के संजाल को ही समाप्त कर दिया है। प्रत्येक तीन महीने में पूंजी के रूप में खाते में दो हजार रुपये आ जाते हैं। बाढ़-सूखे से त्रस्त किसानों के लिए फसल बीमा योजना ढाल की तरह है। फसल की बर्बादी के बावजूद नुकसान शून्य।

किसानों को फसल बेचने के लिए व्यापारियों के पास नहीं जाना पड़ता है। वह अपनी उपज को बिना परेशानी के उचित मूल्य पर कृषि मंडियों में बेच सकता है। किसानों की सुविधा के लिए ई-नाम से 2016 में आनलाइन नेटवर्क की शुरुआत हुई थी। अब पौने दो करोड़ से ज्यादा किसान इससे जुड़ चुके हैं। कृषि उत्पादों के परिवहन को आसान करने के लिए किसान रेल भी चलने लगी हैं।

अमेरिका में भारतीय क्लासिकल डांसर की गोली मारकर हत्या, शाम को निकले थे टहलने; TV एक्ट्रेस ने भारत सरकार से मांगी मदद

कोलकाता के भरतनाट्यम और कुचुपुड़ी नर्तक अमरनाथ घोष की अमेरिका में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। टीवी एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। भट्टाचार्जी के अनुसार अमरनाथ घोष की 27 फरवर की शाम को मिसौरी के सेंट लुइस में हत्या कर दी गई थी। बता दें कि घोष सेंट लुइस में वाशिंगटन विश्वविद्यालय से नृत्य में मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स की पढ़ाई कर रहे थे।

कोलकाता के भरतनाट्यम और कुचुपुड़ी नर्तक अमरनाथ घोष की अमेरिका में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। ‘साथ निभाना साथिया’ में गोपी बहू का किरदार निभाने वाली मशहूर एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी ने इसकी जानकारी x (पूर्व में ट्विटर) पर दी और विदेश मंत्री जयशंकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले की जांच की मांग की है।

भारत के महावाणिज्य दूतावास ने अमरनाथ घोष की हत्या पर शोक जताते हुए X पर लिखा ‘मिसौरी के सेंट लुइस में मृतक अमरनाथ घोष के परिवार और दोस्तों के प्रति गहरी संवेदना। हम फोरेंसिक, पुलिस के साथ जांच कर रहे हैं और सहायता प्रदान करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।’

कैसे हुई हत्या?

भट्टाचार्जी के अनुसार, अमरनाथ घोष की 27 फरवर की शाम को मिसौरी के सेंट लुइस में हत्या कर दी गई थी। बता दें कि घोष सेंट लुइस में वाशिंगटन विश्वविद्यालय से नृत्य में मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स (एमएफए) की पढ़ाई कर रहे थे। भट्टाचार्जी ने बताया कि वह शाम को टहलने के लिए निकले थे, तभी एक अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोलियां चला दी।

घोष के नहीं थे माता-पिता

भट्टाचार्जी के ट्वीट के अनुसार, घोष के माता-पिता की मौत हो चुकी थी। आरोपी के बारे में अभी तक कुछ सामने नहीं आया हैं। कुछ दोस्तों के अलावा घोष के परिवार में कोई नहीं है। दोस्तों ने घोष के शव को वापस भारत लाने की अपील की है। लेकिन, अब तक इस पर कोई अपडेट नहीं मिल पाया है।

आज जंगल सफारी करेंगे मेहमान, बेहद खास है अंबानी परिवार के दूसरे दिन का हर इंतजाम

जामनगर में अंबानी परिवार के बेहद प्री वेडिंग के हर फंक्शन का बेहद खास अंदाज में आयोजन किया गया है। पहले दिन हॉलीवुड सिंगर रिहाना ने धांसू स्टेड पर्फॉर्मेंस देकर सबको हैरत में डाल दिया। इवेंट से रिहाना के वीडियो काफी पसंद किए जा रहे हैं। वहीं आज फंक्शन का दूसरा दिन है जिसका हर इंतजाम पहले दिन से भी खास तरह से किया गया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरपर्सन मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत के प्री वेडिंग फंक्शन का आगाज जामनगर में हो चुका है। तीन दिन तक चलने वाले इस भव्य समारोह के पहले दिन के फंक्शन धूमधाम से पूरे हुए। हॉलीवुड सिंगर रिहाना (Rihanna) की परफॉर्मेंस पूरे दिन छाई रही, तो बी टाउन सेलिब्रिटीज ने भी अपनी प्रेजेंस से चार चांद लगा दिए। अब बारी है फंक्शन के दूसरे दिन की।
अनंत (Anant Ambani) और राधिका (Radhika Merchant) की प्री वेडिंग सेरेमनी का आज दूसरा दिन है। आज पहले दिन के मुकाबले कुछ कम इवेंट्स हो सकते हैं, लेकिन अंबानी परिवार का यह स्पेशल ओकेजन किसी त्योहार के सेलिब्रेशन से कम नहीं होगा। पहले दिन जहां स्टार्स ने धमाकेदार स्टेज परफॉर्मेंस दी, वहीं दूसरे दिन अंबानी परिवार अपने मेहमानों को सैर कराएगा।

अंबानी एनिमल रेस्क्यू सेंटर ले जाया जाएगा। 2 मार्च को होने वाले इस इवेंट की थीम ‘ए वॉक ऑन द वाइल्डसाइड’ है। इस इवेंट का ड्रेसक कोड ‘जंगल फीवर’ तय किया गया है।

शाम को ‘मेला रूज’ का आयोजन होगा। इसमें फंक्शन में शामिल सभी मेहमान एक्टीविटीज करते नजर आएंगे। इसके बाद रात में डांस का इंतजाम किया गया है, जिसमें सभी मेहमान डांस और म्यूजिक का लुत्फ उठाएंगे। इस इवेंट का ड्रेस कोड ‘साउथ एशियन अटायर’ है।

ये मेहमान जमाएंगे रंग

दुनियाभर की मशहूर हस्तियां प्री वेडिंग फंक्शन का हिस्सा होंगी। पहले दिन के गाला इवेंट के बाद आज सैर सपाटे की थीम पर मेहमानों का स्वागत किया जाएगा। वहीं, कल यानी आखिरी दिन मेहमानों के लिए स्पेशल लंच और डिनर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अलग-अलग वैरायटी की ढेर सारी डिशेज होंगी। तीन दिन के इवेंट में दीपिका पादुकोण, शाह रुख खान, रणवीर सिंह, करीना कपूर सहित कई नामी हस्तियां शामिल होंगी।

वर्ल्ड स्केटबोर्डिंग टूर 2024 में सबसे कम उम्र की प्रतियोगी बनीं भारत की 8 वर्षीय ज़राह ग्लेडिस

भारत (India) की ज़राह ऐन ग्लेडिस (Zarah Ann Gladys.) महज आठ साल की उम्र (Only eight years old.) में दुबई में वर्ल्ड स्केटबोर्डिंग टूर 2024 (World Skateboarding Tour 2024 in Dubai) में सबसे कम उम्र की प्रतियोगी (Youngest contestant) बन गई हैं।

ज़राह ने महिला पार्क इवेंट में भाग लिया, क्वालिफिकेशन राउंड के दौरान 8.50 का स्कोर हासिल किया और बुधवार को 63 प्रतियोगियों में से 61 वां स्थान हासिल किया।

पेरिस 2024 ओलंपिक के लिए अपनी ओलंपिक विश्व स्केट रैंकिंग में सुधार करने के इच्छुक स्केटबोर्डर्स के लिए दुबई मीट एक महत्वपूर्ण प्रतियोगिता है।

ओलंपिक्स डॉट कॉम के मुताबिक, चार साल की उम्र में स्केटबोर्डिंग शुरू करने वाली ज़राह ने पिछले साल रोम में स्केटबोर्डिंग पार्क वर्ल्ड चैंपियनशिप 2023 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया था, जहां उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 10.66 था।

मूल रूप से केरल की रहने वाली ज़राह, जो वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात में रहती हैं, ने अपने दोस्तों से प्रेरित होकर कोविड-19 महामारी के दौरान स्केटबोर्डिंग शुरू की। तब से, उसने कई स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया है, और संयुक्त अरब अमीरात में अलजादा स्केट जैम और सर्किट एक्स जैसे आयोजनों में खिताब हासिल किया है।

उन्होंने दिसंबर 2022 में अंडर-9 आयु वर्ग में भारत की राष्ट्रीय रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में रजत पदक भी जीता।

इस युवा लड़की ने अपनी प्रभावशाली स्केटिंग क्षमताओं से दुनिया भर के लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया है। उनके सोशल मीडिया पोस्ट में उनके बोर्ड पर अलग-अलग ऊंचाइयों से छलांग लगाने और कुशलता के साथ सफलतापूर्वक किकफ्लिप पूरा करने के वीडियो शामिल हैं।

उज्जैन में पहली ‘रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव’ का शुभारंभ, CM मोहन यादव बोले- एक लाख करोड़ के व्‍यवसाय का बन रहा इतिहास

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में महाकाल नगरी उज्जैन में आज से विक्रमोत्सव 2024 के शुभारंभ के साथ ही प्रदेश की पहली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश विकास पथ पर अग्रसर है। भारत की वर्तमान समय की जीडीपी ग्रोथ दुनिया को आश्चर्यचकित करने वाली है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में महाकाल नगरी उज्जैन में आज से विक्रमोत्सव 2024 के शुभारंभ के साथ ही प्रदेश की पहली ‘रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव’ की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री यादव के नेतृत्व में प्रदेश की पहली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन उज्जैन में 1-2 मार्च 2024 को हो रहा है। यह दो दिवसीय कार्यक्रम उज्जैन-इंदौर रोड स्थित शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान पर आयोजित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री यादव की उपस्थिति में ‘रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव’ का उद्घाटन हुआ। कॉन्क्लेव में भाग लेने मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों से निवेशक उज्जैन पहुंचे हैं। साथ ही कुछ विदेशी डेलीगेट्स भी इस कॉन्क्लेव में भाग ले रहे हैं।

‘निवेश करने वाले उद्योगपतियों का अभिनंदन’

‘रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 2024’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से मध्य प्रदेश में निवेश की घोषणा करने वाले सभी उद्योगपतियों का अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा,

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश विकास पथ पर अग्रसर है। भारत की वर्तमान समय की जीडीपी ग्रोथ दुनिया को आश्चर्यचकित करने वाली है। मुझे इस बात की प्रसन्‍नता है कि इस दो दिवसीय कार्यक्रम में एक लाख करोड़ रुपये के व्‍यवसाय का इतिहास बन रहा है। समिट का ये बड़ा परिणाम है। उज्जैन, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, रीवा, सागर, जबलपुर नर्मदा पुरम में एक हजार करोड रुपये की लागत से 57 औद्योगिक परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमि पूजन हुआ जिसमें 16,000 से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। हम इसके अलावा भी 250 से अधिक परियोजनाओं के लिए 15,000 करोड़ की भूमि का आवंटन कर रहे हैं, इससे 20,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।

अवसर व रोजगारों का सृजन करना है कॉन्क्लेव का उद्देश्य

उज्जैन में आयोजित इस रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को प्रदर्शित करना, राज्य की नीतियों को बढ़ावा देना, उद्योग के अनुकूल नीतियों को तैयार करने के लिए उद्योग विशेषज्ञों के साथ परामर्श करना, सहयोग के अवसरों का पता लगाना, रोजगार का सृजन करना के साथ निर्यात क्षमता को बढ़ावा देना, खरीदार-विक्रेता बैठक की सुविधा प्रदान करना और ई-बिज बैठकें आयोजित करना है।

यह कॉन्क्लेव प्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं को करेगा प्रस्तुत

यह ‘रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव’ अमृत काल के दौरान राज्य की महत्वाकांक्षी विकास रणनीति को प्रस्तुत करेगा। विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के माध्यम से देश अपने भविष्य के लिए तैयार हो रहा है। मध्य प्रदेश सतत विकास और समृद्धि की दिशा में देश के दृष्टिकोण के अनुरूप आगे बढ़ने की संकल्पना को आकार दे रहा है।

यह कॉन्क्लेव राज्य में निवेश की अपार संभावनाओं को प्रस्तुत करेगा और प्रमुख चुनौतियों का समाधान करने और अवसरों का दोहन करने के लिए रणनीतिक मार्ग स्थापित करने में प्रदेश की पहल की रूपरेखा तैयार करेगा। कॉन्क्लेव के उद्धाटन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, एमएसएमई मंत्री चेतन्य कश्यप के साथ, अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास, मुंबई माइक हैंकी और प्रमुख अधिकारी उपस्थिति रहे।

आमंत्रित प्रमुख उद्योगपतियों में प्रणव अदाणी, एमडी (कृषि, तेल और गैस) और अदाणी एंटरप्राइजेज के निदेशक डॉ. राघवपत सिंघानिया, एमडी जेके सीमेंट लिमिटेड विपुल माथुर, एमडी और सीईओ, वेलस्पन कॉर्प, विनोद अग्रवाल, एमडी और सीईओ, वीई कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड और सहित कई प्रमुख उद्योगपति शामिल रहे।

मुख्यमंत्री निवेशकों से कर रहे वन-टू-वन चर्चा

इस कार्यक्रम में 650 से अधिक प्रमुख उद्योगपति, विभिन्न उद्योग संघों के प्रतिनिधि, 10 से अधिक देशों के 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों सहित विदेशी प्रतिनिधि और 3000 से अधिक खरीदार और विक्रेता भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री यादव आयोजन के दो दिवसों में उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठक कर चर्चा कर रहे हैं।

ले दिन एमएसएमई और स्टार्ट-अप, कृषि, डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों पर सत्र आयोजित हुए, तो आयोजन के दूसरे दिन उद्योग नवीनतम नवाचार और उपभोक्ताओं की बढ़ती जरूरतों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा। पर्यटन पर भी एक सत्र आयोजित किया जाएगा, क्योंकि उज्जैन धार्मिक पर्यटन का राज्य प्रतीक है। इस क्षेत्र पर आयोजित एक सत्र के माध्यम से फार्मा और चिकित्सा उपकरणों के निर्माण में क्षेत्र की ताकत पर प्रकाश डाला जाएगा।

 

विषय विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा सत्रों का संचालन

कॉन्क्लेव में सभी सत्रों का संचालन उद्योग विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा है और इसमें 30 से अधिक वक्ता/पैनलिस्ट और सरकारी अधिकारी शामिल हैं। कॉन्क्लेव में उपस्थित लोगों को साथी निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों के साथ इंटरैक्टिव चर्चा और नेटवर्क में शामिल होने का अवसर मिलेगा। राज्य क्रेता-विक्रेता बैठकों और ई-बिज अवसरों के लिए मंच भी स्थापित कर रहा है, जिसका उद्देश्य सतत विकास को बढ़ावा देना, शेयरधारक मूल्य को बढ़ाना और बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत करना है। प्रदेश की प्रमुख विशेषताओं को प्रदर्शित करने वाला एक एमपी मंडप और एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है। कॉन्क्लेव का वातावरण नागरिकों एवं निवेशकों के उत्साह और उल्लास से भर गया है।

टेक्नोफाइला-2024 में छात्रों को नवाचारिक तकनीकी विकास के लिए किया प्रेरित

फरीदाबाद:  1 मार्च लिंग्याज विद्यापीठ (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के स्कूल ऑफ कंप्यूटर साईंस एंड इंजीनियरिंग ने एक उत्कृष्ट और जीवंत तकनीकी उत्सव टेक्नोफाइला-2024 का आयोजन किया। जिसमें कई विभागीय संस्थाओं के विद्यार्थियों, शिक्षकों और टेक्नोलॉजी प्रेमियों ने भाग लिया। उत्सव का उद्देश्य नवाचारिक तकनीकी विकास को प्रोत्साहित करना और उसे समाज में बेहतरी के लिए उपयोग करने की प्रेरणा देना रहा।
विभागाध्यक्षा प्रो. (डॉ.) ऋतु सिंधु ने बताया कि संस्थान चांसलर, प्रो. (डॉ.) पिचेश्वर गड्डे और मैनेजमेंट की दिशा निर्देशन में यह आयोजन किया गया। इस उत्सव में दिल्ली एनसीआर से केंद्रीय विद्यालय 3, अरावली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, मानव रचना विश्वविद्यालय, सेंट कोलंबस ग्लोबल स्कूल, दीनबंधु महाविद्यालय, एकलियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जेबी नॉलेज पार्क, तक्षिला, पं. एल आर कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, डीएवी कॉलेज, के एल मेहता पब्लिक स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल, ग्रैंड कोलंबस स्कूल, लक्ष्मीबाई कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, डीएवी सेंटेनरी कॉलेज आदि से विद्यार्थियों, शिक्षकों, और टेक्नोलॉजी प्रेमियों की भागीदारी महत्वपूर्ण रही।
उन्होंने बताया कि उत्सव में माइक्रोसॉफ्ट-इंडिया एंड साउथ एशिया, एक्सीलेंस एंड स्ट्रेटेजी डायरेक्टर सेल्स ओम बत्रा और क्राइसिस एंड रिसाइंलैंस एशिया पैसिफिक लीडर विशाल जैन मुख्यातिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने टेक्नोलॉजी के भविष्य पर चर्चा की और नवाचार के महत्व को उजागर किया।
उत्सव के दूसरे दिन विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों के माध्यम से सृजनात्मकता और टीमवर्क को बढ़ावा दिया गया। यहां कविता प्रतियोगिता, बबल शूटर स्टारलाइट स्टेज, कॉमेडी कार्निवल जैसे आयोजन हुए जिनमें स्टूडेंट्स ने उत्साह से भाग लिया।
उत्सव के समापन समारोह में लिंग्याज विद्यापीठ के रजिस्ट्रार प्रेम कुमार सालवान ने सम्बोधन दिया। साथ ही प्रमुख परियोजनाओं और प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि इस उत्सव ने न केवल नवाचारिता को प्रोत्साहित किया बल्कि विद्यार्थियों के बीच टीमवर्क और सहयोग के भाव को भी बढ़ावा दिया है।

ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट