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Thursday, January 29, 2026
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ग्लोबल साउथ के 125 देश करते हैं भारत पर भरोसा, विदेश मंत्री जयशंकर ने विश्व मंच पर दुनिया को दिखाया इंडिया का दम

ग्लोबल साउथ के नेतृत्व के सवाल पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के 125 देश भारत पर विश्वास करते हैं। जबकि चीन ने 2023 में उन दो बैठकों में शामिल होना उचित नहीं समझा जिन्हें भारत ने ग्लोबल साउथ के देशों के हित में आयोजित किया था। ग्लोबल साउथ दक्षिणी भाग में स्थित विकासशील और गरीब देशों का समूह है।

ग्लोबल साउथ के नेतृत्व के सवाल पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के 125 देश भारत पर विश्वास करते हैं। जबकि चीन ने 2023 में उन दो बैठकों में शामिल होना उचित नहीं समझा जिन्हें भारत ने ग्लोबल साउथ के देशों के हित में आयोजित किया था।

ग्लोबल साउथ का अर्थ विश्व के दक्षिणी भाग में स्थित विकासशील और गरीब देशों के समूह से है। भारत-जापान संबंधों पर आयोजित निक्केई फोरम में जयशंकर ने कहा, ग्लोबल साउथ के देशों की बहुत सारी समस्याएं समान प्रकृति की हैं। इसका एहसास कोविड महामारी के दौरान हुआ जब उनके लिए बचाव करने वाली वैक्सीन की किल्लत थी।

भारत ने ग्लोबल साउथ के देशों की अपेक्षाओं पर बैठकें कीं

उन्होंने कहा, उन देशों को जी 20 के एजेंडा का पता तब चला जब भारत अग्रणी देशों के इस समूह का अध्यक्ष बना। इसलिए हमने पिछले वर्ष ग्लोबल साउथ के देशों की समस्याओं और अपेक्षाओं पर दो बैठकें कीं जिससे कि अभावग्रस्त 125 देश भी बाकी के विश्व से जुड़ सकें।

समूह में ज्यादातर देश एशिया और अफ्रीका महाद्वीपों के

इस समूह में ज्यादातर देश एशिया और अफ्रीका महाद्वीपों के हैं। भारत की अध्यक्षता में अफ्रीकन यूनियन में शामिल देशों को जी 20 की सदस्यता मिली। वैश्विक मंच पर उन्हें पहचान मिलने का यह नया मौका था। लेकिन इस मौके से चीनी नेतृत्व नदारद था। वैश्विक नेताओं की मौजूदगी वाले कार्यक्रम में राष्ट्रपति शी चिन¨फग नहीं आए, उन्होंने प्रधानमंत्री ली क्यांग को भेजकर जी 20 के महत्व को कम आकने की कोशिश की।

जब भारत पर हमले हो रहे थे तब बाकी देश कहां थे

यूक्रेन युद्ध के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में जयशंकर ने कहा, विश्व राजनीति में कई बार मुद्दे और सवाल सुविधाजनक तरीके गढ़े जाते हैं। आज जो सवाल यूक्रेन की संप्रभुता को लेकर उठाए जा रहे हैं, वह सवाल भारत की स्वतंत्रता के बाद के दशकों में नदारद थे। तब भारत पर हमले हुए और हमारी जमीन पर कब्जे हुए लेकिन किसी ने हमारा साथ नहीं दिया।

भारत का हिस्सा अन्य देश के कब्जे में

उन्होंने कहा कि आज भी भारत का हिस्सा अन्य देश के कब्जे में है लेकिन कोई देश उस पर कुछ नहीं बोल रहा है। फिर एक सुविधाजनक मुद्दा तय करके उस पर वैश्विक समर्थन हासिल करने की कोशिश क्यों की जा रही है। भारत की भूमिका पर सवाल उठाने वाले यह क्यों भूल रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही अकेले नेता हैं जिन्होंने राष्ट्रपति पुतिन से सीधे कहा कि भारत यूक्रेन युद्ध की समाप्ति चाहता है।

बड़ी जिम्मेदारियों के बावजूद दूसरों की मदद करता है भारत

जापानी मीडिया के साथ बातचीत में जयशंकर ने भारत की मदद की मजबूत भावना की भी चर्चा की। कहा कि भारत ने मुश्किल में फंसे श्रीलंका को साढ़े चार अरब डॉलर की बड़ी सहायता दी जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने उसे टुकड़ों में तीन अरब डॉलर से भी कम धनराशि दी। इसके अतिरिक्त गरीब और विकासशील देशों को जहां जरूरत होती है भारत मदद करता है। भारत यह मदद अपनी बड़ी जिम्मेदारियों को वहन करते हुए करता है, क्योंकि भारत में प्रति व्यक्ति वार्षिक आय तीन हजार डॉलर से भी कम है।

शिंजो आबे की पत्नी से मुलाकात, मोदी का पत्र दिया

विदेश मंत्री जयशंकर ने शुक्रवार को दिवंगत जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे की पत्नी रहीं अकी एबी से मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पत्र दिया। इस पत्र में पूर्व प्रधानमंत्री की मां योको आबे के हाल ही में हुए निधन पर भी शोक जताया गया है।

शिंजो आबे की जापान में जुलाई 2022 में गोली मारकर तब हत्या कर दी गई थी जब वह चुनाव प्रचार कर रहे थे। आबे जापान के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे नेता थे और भारत के साथ रणनीतिक सहयोग बढ़ाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान था।

Meera Chopra: प्रियंका और परिणीति की तरह राजस्थान में शाही दुल्हन बनेंगी मीरा चोपड़ा

प्रियंका चोपड़ा की कजिन सिस्टर और एक्ट्रेस Meera Chopra ने कुछ महीने पहले खुलासा किया था कि वह अपने ब्वॉयफ्रेंड से शादी करने जा रही हैं। अब आखिरकार उनकी शादी की तारीख भी सामने आई है। सोशल मीडिया पर मीरा चोपड़ा का वेडिंग कार्ड वायरल हो रहा है। जानिए एक्ट्रेस कब कहां और किस शख्स के साथ शादी करने वाली हैं।

Meera Chopra Wedding: प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) और परिणीति चोपड़ा (Parineeti Chopra) के बाद एक और चोपड़ा सिस्टर शादी के बंधन में बंधने वाली हैं। परिणीति और प्रियंका की तरह फिल्मी दुनिया में नाम कमाने वालीं मीरा चोपड़ा (Meera Chopra) अपनी जिंदगी का एक नया अध्याय शुरू करने जा रही हैं।

कुछ समय पहले मीरा चोपड़ा ने फैंस को गुडन्यूज दी थी कि वह अपने लॉन्ग टाइम ब्वॉयफ्रेंड रक्षित केजरीवाल (Rakshit Kejriwal) के साथ शादी करने जा रही हैं। अभिनेत्री की शादी का कार्ड भी सामने आ गया है। जानिए प्री-वेडिंग से लेकर शादी तक की सारी डिटेल्स यहां।

मीरा चोपड़ा राजस्थान में करेंगी शादी

साल 2018 में प्रियंका चोपड़ा ने निक जोनस के साथ जोधपुर के उम्मेद भवन में शाही तरीके से शादी की थी। पिछले साल परिणीति चोपड़ा ने राघव चड्ढा के साथ उदयपुर में सात फेरे लिये। प्रियंका और परिणीति की तरह मीरा चोपड़ा भी राजस्थान में शादी करने वाली हैं। वह जयपुर में रक्षित के साथ शादी के बंधन में बंधेंगी।

मीरा चोपड़ा का वेडिंग कार्ड

मीरा चोपड़ा की शादी की रस्में 11 मार्च से शुरू होंगी और 12 मार्च को मीरा व रक्षित एक हो जाएंगे। मीरा और रक्षित की शादी की रस्में मेहंदी के साथ शुरू होंगी। मेहंदी के बाद शाम को संगीत और कॉकटेल नाइट होगी। 12 मार्च को दिन में हल्दी सेरेमनी होगी और फिर शाम को मीरा और रक्षित वरमाला-फेरे लेंगे। शादी जयपुर के कुंडा के लग्जरी होटल में होगी। शादी के बाद मीरा चोपड़ा और रक्षित की रिसेप्शन पार्टी भी सेलिब्रेट की जाएगी। कपल पूल साइड रिसेप्शन एन्जॉय करेगा।  मीरा लम्बे समय से फिल्मी दुनिया में एक्टिव हैं। उन्हें ‘सेक्शन 375’, ‘सफेद’ जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। एक्ट्रेस ने ‘मरुधामलाई’ और ‘अन्बे आरुयीरे’ जैसी कुछ साउथ की फिल्मों में भी काम किया है।

DC के खिलाफ हैट्रिक लेकर Deepti Sharma ने WPL में रचा इतिहास, बनीं पहली भारतीय खिलाड़ी

पहले बल्लेबाजी करते हुए यूपी वॉरियर्स ने 138 रन का स्कोर बनाया था। इसमें दीप्ति शर्मा ने 48 गेंद पर 59 रन की पारी खेली थी। दीप्ति का यह शानदार प्रदर्शन यहीं नहीं रुका। लक्ष्य का बचाव करते हुए दीप्ति ने दो गजब के ओवर फेंके। इन दो ओवरों में दिल्ली के तीन महत्वपूर्ण विकेट निकाल कर मैच को रोमांचक बना दिया था।

यूपी वॉरियर्स स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ ग्रुप मैच में हैट्रिक लेकर इतिहास रच दिया। दीप्ति महिला प्रीमियर लीग में हैट्रिक लेने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। दीप्ति ने शुक्रवार को अरुण जेटली स्टेडियम में दो ओवर में लगातार तीन विकेट लेकर यूपी वॉरियर्स की कैपिटल्स पर एक रन से जीत में अहम भूमिका निभाई।

पहले बल्लेबाजी करते हुए यूपी वॉरियर्स ने 138 रन का स्कोर बनाया था। इसमें दीप्ति शर्मा ने 48 गेंद पर 59 रन की पारी खेली थी। दीप्ति का यह शानदार प्रदर्शन यहीं नहीं रुका। लक्ष्य का बचाव करते हुए दीप्ति ने दो गजब के ओवर फेंके। इन दो ओवरों में दिल्ली के तीन महत्वपूर्ण विकेट निकाल कर मैच को रोमांचक बना दिया था।

14वें ओवर की आखिरी गेंद पर लिया था विकेट

लक्ष्य का पीछा करते हुए 13 ओवर तक सिर्फ 2 विकेट खोकर 91 रन बना लिए थे, टीम के लिए 14वां ओवर लेकर दीप्ति शर्मा आईं और इस ओवर में उन्होंने सिर्फ दो रन दिए और मेग लैनिंग को ओवर की छठी गेंद पर आउट कर दिया। यूपी की कप्तान एलिसा हीली ने 19वें ओवर में फिर से दीप्ति शर्मा को गेंद थमाई। इसी ओवर में दीप्ति ने इतिहास रचा।

19वें ओवर में रचा इतिहास

उन्होंने अपने इस ओवर की शुरुआती दो गेंदों पर सदरलैंड और अरुंधति रेड्डी को आउट कर WPL इतिहास की दूसरी हैट्रिक ली। चौथी गेंद पर शिखा पांडे को आउट कर चौथी सफलता हासिल की। इससे पहले पिछले सीजन में इस्सी वोंग ने मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए हैट्रिक ली थी। उन्होंने यूपी वॉरियर्स के खिलाफ ही हैट्रिक ली थी।

गुजरात में सेमीकंडक्टर क्रांति: टाटा समूह और सीजी पावर मेगा परियोजनाओं के लिए भूमि सुरक्षित

गुजरात सरकार ने टाटा समूह और सीजी पावर को 188 एकड़ भूमि आवंटित करके राज्य को भारत के सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

धोलेरा में, देश के सबसे बड़े मेगा सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट की स्थापना के लिए टाटा समूह के महत्वाकांक्षी उद्यम के लिए लगभग 160 एकड़ जमीन निर्धारित की गई है। इस अभूतपूर्व पहल में लगभग 91,000 करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है।

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, समवर्ती रूप से, सीजी पावर 7,600 करोड़ रुपये के एटीएमपी प्लांट के साथ साणंद में 28 एकड़ जमीन सुरक्षित करके अपनी यात्रा शुरू करने के लिए तैयार है।

13 मार्च को होने वाले दोनों परियोजनाओं के उद्घाटन समारोह में प्रतिष्ठित राजनेताओं और सरकारी अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है।

टाटा संस की सहायक कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने 29 फरवरी को पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन (पीएसएमसी) के साथ अपने सहयोग का अनावरण किया, जो धोलेरा में भारत की उद्घाटन एआई-सक्षम सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन सुविधा की शुरुआत का प्रतीक है। इस विशाल परियोजना से क्षेत्र में 20,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है।

सेमीकंडक्टर फैब को 50,000 वेफर्स तक की मासिक विनिर्माण क्षमता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो अत्याधुनिक फैक्ट्री ऑटोमेशन तकनीकों का उपयोग करता है, जरुरी दक्षता के लिए डेटा एनालिटिक्स और मशीन लर्निंग द्वारा समर्थित है।

पावर प्रबंधन आईसी, डिस्प्ले ड्राइवर, माइक्रोकंट्रोलर (एमसीयू), और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग लॉजिक सहित विविध अनुप्रयोग, सुविधा के विनिर्माण प्रदर्शन के दायरे में हैं, जो ऑटोमोटिव, कंप्यूटिंग, डेटा स्टोरेज, वायरलेस संचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे बढ़ते बाजारों की पूर्ति करते हैं।

साणंद में, मुरुगप्पा समूह की इकाई सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस ने एक आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण सुविधा स्थापित करने के लिए 1 मार्च को रेनेसा और स्टार्स माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के साथ रणनीतिक गठबंधन बनाया है। यह संयुक्त उद्यम ऑटोमोटिव, उपभोक्ता, औद्योगिक और 5जी प्रौद्योगिकियों की जरूरतों को संबोधित करते हुए एफसी बीजीए और एफसी सीएसपी सहित उन्नत पैकेजों के साथ-साथ क्यूएफएन और क्यूएफपी जैसे पुराने पैकेजों को शामिल करते हुए उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला का उत्पादन करेगा।

टाटा समूह और सीजी पावर के ये महत्वपूर्ण प्रयास साणंद में अमेरिका स्थित मेमोरी चिप निर्माता माइक्रोन द्वारा 22,516 करोड़ रुपये के चिप असेंबली प्लांट की चल रही स्थापना के पूरक हैं, जिससे एक उभरते सेमीकंडक्टर पावरहाउस के रूप में गुजरात की स्थिति मजबूत हुई है।

Election 2024: देश की आंतरिक सुरक्षा का स्वर्ण काल, भारत की न्याय परंपरा पर आधारित विधि व्यवस्था से आएगा बड़ा परिवर्तन

देश की आंतरिक सुरक्षा में आए गुणात्मक सुधार का ही परिणाम है कि आजादी के बाद से ही अलगाववादी हिंसा की चपेट में आया पूर्वोत्तर भारत पहली बार अमन शांति और विकास की नई गाथा लिख रहा है तो लगभग पांच दशक से खूनी क्रांति के माध्यम से संवैधानिक लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए चुनौती बना नक्सलवाद अंतिम सांसें गिन रहा है।

अलगाववादी, आतंकी और नक्सली हिंसा जैसे आंतरिक सुरक्षा के सभी क्षेत्रों में पिछले 10 साल में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। अंग्रेजों के जमाने के दंड पर आधारित कानूनों की जगह भारत की न्याय परंपरा पर आधारित नए आपराधिक कानून बनाकर सरकार ने आपराधिक न्याय प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन की नींव रख दी हैं, जो इस वर्ष एक जुलाई से लागू हो जाएगा। पिछले 10 सालों को आजादी के बाद आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से देश का स्वर्णिम काल कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी।

आंतरिक सुरक्षा में आए गुणात्मक सुधार का ही परिणाम है कि आजादी के बाद से ही अलगाववादी हिंसा की चपेट में आया पूर्वोत्तर भारत पहली बार अमन, शांति और विकास की नई गाथा लिख रहा है, तो लगभग पांच दशक से खूनी क्रांति के माध्यम से संवैधानिक लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए चुनौती बना नक्सलवाद अंतिम सांसें गिन रहा है। इसी तरह से लगभग चार दशक से पाकिस्तान समर्थित आतंकी हिंसा का शिकार रहे जम्मू-कश्मीर में भारत माता की जय जैसे उद्घोष गूंजने लगे हैं।

दासता के प्रतीकों से भरी न्याय प्रणाली खत्म

नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद आम आदमी को अदालत में तारीख पर तारीख मिलने के जंजाल से मुक्ति मिलेगी और तीन साल में न्याय सुनिश्चित किया जा सकेगा। नई न्याय प्रणाली में आपराधियों के बच निकलने की गुजाईश नगण्य होगी, तो छोटे-मोटे अपराधों के लिए अदालती चक्कर काटने से भी मुक्ति मिल जाएगी। इस तरह से मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के अंत में दासता के प्रतीकों से भरी न्याय प्रणाली को खत्म कर भारतीय आत्मा वाली न्याय प्रणाली को स्थापित कर दिया जिसका लाभ आने वाले वर्षों में आम जनता को मिलेगा।

कम नहीं थी चुनौती

2014 में पहली बार मोदी सरकार के आने के बाद आंतरिक सुरक्षा की स्थिति बहुत ही ज्यादा चुनौतीपूर्ण थी। शपथ ग्रहण के 10 दिन के भीतर मणिपुर में अलगाववादी हमले में सेना के 18 जवान बलिदान हो गए थे। छह महीने बाद ही असम में बोडो अलगाववादियों ने 80 से अधिक निर्दोष आदिवासियों की हत्या कर दी थी । काठमांडू से कन्याकुमारी तक रेड कोरिडोर स्थापित करने का नक्सलियों का मंसूबा बुलंदी पर था।

मोदी सरकार के पहले पांच सालों में जम्मू-कश्मीर भी पत्थरबाजी व बंद रोजमर्रा की चीज थी। पुलवामा और उड़ी जैसे हमले आतंकियों के बुलंद हौसलों की गवाही दे रहे थे। इन समस्याओं के जल्द समाधान की उम्मीद काफी धुंधली दिखती थी। लेकिन पहले कार्यकाल में समस्याओं के मूल की पहचान और दूसरे कार्यकाल में उस मूल पर प्रहार कर मोदी सरकार ने आंतरिक सुरक्षा के इन नासूरों के स्थायी इलाज की दिशा में अहम कदम उठाया।

कठोर निर्णय से बनी बात

आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने की कोशिशों को 2019 में अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद बल मिला। दूसरे कार्यकाल की शुरूआत में ही अनुच्छेद 370 व 35ए को निरस्त कर जम्मू कश्मीर की समस्या की जड़ पर प्रहार किया।

इसके पहले पंचायत और नगर निकाय चुनाव कराकर मोदी सरकार ने साफ कर दिया था कि कठोर निर्णयों की मजबूरी के बावजूद सरकार का मूल उद्देश्य जनता तक उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को पहुंचाना और उनके जीवन को बेहतर बनाते हुए बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना है।

कभी सबसे बड़ी चुनौती था नक्सलवाद

2008 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नक्सलवाद को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया था 2024 में गृह मंत्री अमित शाह ने अगले तीन साल में नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने का ऐलान कर दिया। नक्सलियों के खिलाफ मिली सफलता का श्रेय सरकार की बहुआयामी रणनीति को दिया जा सकता है।

एक तरफ से ईडी और एनआइए के मार्फत नक्सली फंडिंग को रोकने में काफी हद तक सफलता मिली, तो दूसरी ओर नक्सलवाद को बौद्धिक समर्थन देने वालों को बेनकाब भी किया गया। नक्सलियों से मुक्त किए गए इलाकों में विकास कार्यों की गति तेज कर और जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाकर दोबारा नक्सलियों के पैठ बनाने के रास्ते बंद कर दिये गए।

लोकसभा चुनाव में महिला सशक्तीकरण का दिखेगा असर, राजनीति की धुरी बन इलेक्शन पर असर डालेंगी ये महिलाएं

देश की राजनीति लंबे समय तक यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के इर्द-गिर्द घूमी है इस बार वह चुनावी मैदान में नहीं होंगी लेकिन नेता के तौर पर उनकी भूमिका रहेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के चुनाव लड़ने का अभी निर्णय नहीं हुआ है। बसपा प्रमुख मायावती चुनाव नहीं लड़ेंगी। वह विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए में भी शामिल नहीं हैं लेकिन देश की सबसे प्रभावशाली दलित नेता मानी जाती हैं।

राजनीति में महिला सशक्तीकरण का प्रतीक बनने की कहानी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से शुरू होती है। कालांतर में इस कहानी में कई किरदार जुड़ते गए, जिन्होंने अपनी छाप छोड़ी और सिलसिला जारी है। इस बार सिर्फ मतदाता के रूप में ही महिलाएं बड़ी भूमिका नहीं निभाएंगी। बल्कि अपने राजनीतिक कौशल से भी वह चुनाव पर असर डालती दिखाई देंगी।

देश की राजनीति लंबे समय तक यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के इर्द-गिर्द घूमी है इस बार वह चुनावी मैदान में नहीं होंगी, लेकिन नेता के तौर पर उनकी भूमिका रहेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के चुनाव लड़ने का अभी निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन वित्त मंत्री के रूप में वह मोदी सरकार के आर्थिक सुधारों का चेहरा हैं।

बसपा प्रमुख मायावती चुनाव नहीं लड़ेंगी। वह विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए में भी शामिल नहीं हैं, लेकिन देश की सबसे प्रभावशाली दलित नेता मानी जाती हैं। इनके अलावा किन महिला नेताओं पर क्यों होगी नजर?

  • स्मृति इरानी: तख्ता पलट का प्रतीक

अभिनय से राजनीति में आई स्मृति इरानी तब सशक्त महिला नेता के रूप में पहचानी जाने लगी, जब 2019 के लोस चुनाव में कांग्रेस के अभेद्य किले अमेठी में उन्होंने राहुल गांधी को परास्त कर दिया। उन्हें भाजपा ने फिर अमेठी से ही प्रत्याशी बनाया है। स्मृति लगातार राहुल को ललकार रही हैं और इस सीट से कांग्रेस की आन-बान-शान जुडी हुई है।

  • माधवी लता: चुनौती का नया चेहरा

डा. माधवी लता का नाम तब से चर्चा में है, जब से भाजपा ने उन्हें हैदराबाद से असदुद्दीन ओवैसी के विरुद्ध प्रत्याशी बनाया है। यहां चार दशक से ओवैसी परिवार का

कब्जा है। माधवी मुखर हिंदूवादी होने के साथ शिक्षा – स्वास्थ्य के क्षेत्र मे समाजसेवा से अपनी पहचान बना चुकी हैं।

  • एनी राजा: दिग्गज के दंगल में

सीपीआइ महासचिव डी. राजा की पत्नी एनी राजा को पार्टी ने केरल की वायनाड सीट से उतारा है। वर्तमान सांसद राहुल गांधी के लिए एनी से मुकाबला आसान नहीं होगा। सीपीआइ की छात्र व युवा इकाई में सक्रिय रही एनी अभी में आल इंडिया वूमेन फेडरेशन की महासचिव हैं।

  • ममता बनर्जी: हनक की सियासत

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का लोकसभा चुनाव के मैदान खुद उतरना भले ही अभी तय नहीं है, पर विपक्षी राजनेताओ में वह प्रमुख चेहरा हैं। बंगाल से वामपंथी सरकार को उखाड़ सत्ता हासिल करने वाली ममता की पहचान हनक के साथ राजनीति करने वाली उन विपक्षी नेताओं में शामिल है, जो भाजपा से अकेले लड़ने का माद्दा दिखाती हैं।

Women Day 2024 के मौके पर सस्ता हुआ LPG Cylinder

महिला दिवस के मौके पर आज सुबह पीएम मोदी ने अपने एक्स पर पोस्ट करके जानकारी दी कि देश में घरेलू सिलेंडर की कीमतों में 100 रुपये की कटौती की गई है। इस से पहले अगस्त 2023 में घरेलू सिलेंडर की कीमतों में 200 रुपये की छूट दी गई है। इस आर्टिकल में जानते हैं कि अब आपके शहर में घरेलू सिलेंडर की कीमत क्या है।

आज सुबह महिला दिवस (International Women’s Day 2024) के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स पर पोस्ट करके जानकारी दी कि महिला दिवस के मौके पर देश के सभी शहरों में घरेलू सिलेंडर (LPG Cylinder) की कीमतों में कटौती की गई है।

पिछली बार अगस्त 2023 में घरेलू सिलेंडर की कीमतों में 200 रुपये की कटौती की गई थी। इस बार 100 रुपये की छूट दी गई है।

इसके अलावा बीते दिन कैबिनेट ने भी उज्ज्वला योजना (Ujjwala Yojana) के तहत मिलने वाले एलपीजी सिलेंडर को लेकर अपडेट दिया। कैबिनेट ने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले एलपीजी सिलेंडर पर जो सब्सिडी मिल रही है वो जारी रहेगा। बता दें कि उज्ज्वला योजना के तहत 400 रुपये की छूट मिलती है।

क्या है सिलेंडर की नई कीमत?

नई दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत फिलहाल 903 रुपये है थी जो आज यानी शुक्रवार से कम होकर 803 रुपये हो गई है। वहीं मुंबई में एलपीजी की कीमत घटकर 802.50 रुपये हो गई।

आपके शहर में क्या है एलपीजी सिलेंडर का लेटेस्ट रेट

  • नोएडा में एलपीजी सिलेंडर 800.50 रुपये में मिल रहा है।
  • गुरुग्राम में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 811.50 रुपये है।
  • बेंगलुरु में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 805.50 रुपये है।
  • चंडीगढ़ में एलपीजी सिलेंडर 912.50 रुपये में मिल रहा है।
  • हैदराबाद में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 855.00 रुपये है।
  • जयपुर में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 806.50 रुपये है।
  • लखनऊ में एलपीजी सिलेंडर 840.50 रुपये में मिल रहा है।

कमर्शियल सिलेंडर के दाम

बता दें कि वैसे तो हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को अपडेट किया जाता है। इस बार भी 1 मार्च 2024 को इनकी कीमतों को अपडेट किया गया था। सरकारी तेल कंपनियों ने मार्च में कमर्शियल सिलेंडर (Commercial Cylinder) की कीमतों में 25.50 रुपये की बढ़त हुई है।

वर्तमान में दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1795 रुपये है। वहीं, कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर 1911 रुपये में मिल रहा है। मुंबई में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1,749 रुपये और चेन्नई में इसकी कीमत 1,960.50 रुपये है।

Mahashivratri 2024: भक्तों को लगातार 44 घंटे होंगे भगवान महाकाल के दर्शन, रात ढाई बजे खुले मंदिर के पट

Mahashivratri 2024 रात मंदिर के पट खुलने के बाद लगातार 44 घंटे भक्तों को भगवान महाकाल के दर्शन होंगे। गर्भगृह में भगवान महाकाल के अभिषेक पूजन का दौर चलता रहेगा। आज रात 11 बजे से महानिशाकाल में महाकाल की महापूजा होगी। शनिवार तड़के 4 बजे भगवान के शीश सवा मन फल व फूलों से बना पुष्प मुकुट सजाया जाएगा। इसके बाद सुबह 10.30 बजे तक पुष्प मुकुट के दर्शन होंगे।

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में आज महाशिवरात्रि मनाई जा रही है। देशभर से भक्त महाकाल दर्शन करने उज्जैन पहुंचेंगे। देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों में महाकालेश्वर एक मात्र ज्योतिर्लिंग है, जहां शिवनवरात्र उत्सव मनाया जाता है। शिवनवरात्र के आठवें दिन गुरुवार को भगवान महाकाल का शिवतांडव रूप में श्रृंगार किया गया।

रात 11 बजे से महानिशाकाल में महाकाल की महापूजा होगी

रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद लगातार 44 घंटे भक्तों को भगवान महाकाल के दर्शन होंगे। गर्भगृह में भगवान महाकाल के अभिषेक पूजन का दौर चलता रहेगा। आज रात 11 बजे से महानिशाकाल में महाकाल की महापूजा होगी। शनिवार तड़के 4 बजे भगवान के शीश सवा मन फल व फूलों से बना पुष्प मुकुट सजाया जाएगा। इसके बाद सुबह 10.30 बजे तक पुष्प मुकुट के दर्शन होंगे। शनिवार दोपहर 12 बजे साल में एक बार दिन में होने वाली भस्म आरती होगी।

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में 24 घंटे खुले रहेंगे पट

महापर्व महाशिवरात्रि पर ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर मंदिर में देशभर से भक्त दर्शनार्थ पहुंचेंगे। शुक्रवार तड़के चार बजे से मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे, जो 24 घंटे खुले रहेंगे। इस दौरान यहां दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। मंदिर परिसर और गर्भगृह की सुगंधित फूलों से आकर्षक सजावट की गई है।

भगवान ओंकारेश्वर को 251 किलो पेड़ों का भोग लगेगा

मंदिर ट्रस्ट की ओर से भगवान ओंकारेश्वर को 251 किलो पेड़ों का भोग लगाया जाएगा। इसे प्रसाद के रूप में भक्तों को बांटा जाएगा। भीड़ की वजह से श्रद्धालुओं को मंदिर के गर्भगृह में भगवान के मूल स्वरूप पर सीधे जल नहीं चढ़ाया जा सकेगा। शनिवार को भी दिनभर दर्शन का सिलसिला जारी रहेगा।

आज पहली बार नेशनल क्रिएटर्स पुरस्कार प्रदान करेंगे पीएम मोदी, तीन अंतरराष्ट्रीय समेत 23 विजेता किए जाएंगे सम्मानित

पुरस्कार के लिए तीन अंतरराष्ट्रीय क्रिएटर्स समेत 23 विजेताओं को चुना गया है। इस दौरान प्रधानमंत्री मौजूद लोगों को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि यह पुरस्कार देश में सकरात्मक बदलाव लाने के लिए रचनात्मकता का उपयोग करने के लिए प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार को लेकर लोगों में काफी उत्साह है और इसके लिए तकरीबन 1.5 लाख नामांकन आए।

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को पहली बार नेशनल क्रिएटर्स पुरस्कार प्रदान करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन सुबह तकरीबन साढ़े दस बजे भारत मंडपम में किया जाएगा। देश में पहली बार दिए जा रहे इस पुरस्कार के लिए तकरीबन 1.5 लाख नामांकन आए हैं और तकरीबन 10 लाख वोट डाले गए।

तीन अंतरराष्ट्रीय क्रिएटर्स समेत 23 विजेताओं को चुना गया

पुरस्कार के लिए तीन अंतरराष्ट्रीय क्रिएटर्स समेत 23 विजेताओं को चुन लिया गया है। इस दौरान प्रधानमंत्री मौजूद लोगों को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बताया कि यह पुरस्कार देश में सकरात्मक बदलाव लाने के लिए रचनात्मकता का उपयोग करने के लिए प्रदान किया जाएगा।

20 श्रेणियों में 1.5 लाख से अधिक नामांकन प्राप्त हुए

पुरस्कार को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। पहले बार दिए जा रहे पुरस्कार के लिए 20 श्रेणियों में 1.5 लाख से अधिक नामांकन प्राप्त हुए और विभिन्न पुरस्कार श्रेणियों में डिजिटल क्रिएटर्स के लिए 10 लाख से अधिक लोगों ने वोट दिए। यह पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ कहानीकार पुरस्कार, वर्ष का विघ्नहर्ता, वर्ष का सेलिब्रिटी क्रिएटर, हरित चैंपियन पुरस्कार, सामाजिक परिवर्तन के लिए सर्वश्रेष्ठ क्रिएटर, सर्वाधिक प्रभावशाली कृषि क्रिएटर, वर्ष के सांस्कृतिक राजदूत, अंतरराष्ट्रीय क्रिएटर पुरस्कार समेत 20 श्रेणियो में प्रदान किया जाएगा।

इन श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ यात्रा क्रिएटर पुरस्कार, स्वच्छता राजदूत पुरस्कार, न्यू इंडिया चैंपियन पुरस्कार, टेक क्रिएटर पुरस्कार, हेरिटेज फैशन आइकन अवार्ड, सर्वाधिक क्रिएटिव क्रिएटर, (पुरुष एवं महिला), खाद्य श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ क्रिएटर, शिक्षा श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ क्रिएटर, गेमिंग श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ क्रिएटर, सर्वश्रेष्ठ माइक्रो क्रिएटर, सर्वश्रेष्ठ नैनो क्रिएटर, सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य एवं फिटनेस क्रिएटर भी शामिल हैं।

Pakistan: CM बनते ही एक्शन मोड में मरियम नवाज, पंजाब प्रांत में हिंसक विरोधों से निर्ममता से निपटने की कही बात

मरियम नवाज ने कहा कि लोगों के लिए परेशानी पैदा करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि अगर राजनीति करने के बहाने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की गई तो वह क्रूर बन जाएंगी। नवाज शरीफ की बेटी मरियम ने पिछले हफ्ते पाकिस्तान के सबसे अधिक आबादी वाले और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पंजाब प्रांत की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने अपने राजनीतिक विरोधियों को किसी भी हिंसक प्रदर्शन का सहारा लेने के खिलाफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर राजनीति करने के बहाने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की गई, तो वह क्रूर बन जाएंगी। लोगों के लिए परेशानी पैदा की जाने वाली स्थिति को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे निर्मम तरीके से निपटा जाएगा।

चुनाव परिणामों में धांधली को लेकर हो रहे हैं प्रदर्शन

नवाज शरीफ की बेटी मरियम ने पिछले हफ्ते पाकिस्तान के सबसे अधिक आबादी वाले और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पंजाब प्रांत की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज और उसके सहयोगियों के खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं, क्योंकि आंदोलनकारियों का आरोप है कि आठ फरवरी के चुनाव परिणामों में धांधली हुई थी। इस बीच, नेता मौलाना फजलुर रहमान ने कहा है कि राजनीति में निर्णयकर्ता के रूप में पाकिस्तानी सेना सम्मान नहीं पा सकती। हां, देश के रक्षक के रूप में वह सम्मान पा सकती है।

आरक्षित सीटों के उम्मीदवारों के शपथ ग्रहण पर लगी रोक बढ़ाई

पाकिस्तानी हाई कोर्ट ने गुरुवार को नेशनल असेंबली में आवंटित आरक्षित सीटों वाले उम्मीदवारों के शपथ ग्रहण समारोह पर लगी रोक 13 मार्च तक बढ़ा दी है। दरअसल, सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल का कहना है कि यह सीटें उन्हें मिलनी चाहिए थीं। सोमवार को चुनाव आयोग ने कहा था कि इत्तेहाद काउंसिल संविधान के अनिवार्य प्रावधानों के उल्लंघन के कारण सीटों में हिस्सेदारी का दावा नहीं कर सकती।

उनके हिस्से की सीटें दूसरी पार्टियों में बांटी जानी चाहिए। संसद के निचले सदन की 336 में से कुल 266 सीटों पर चुनाव हुए, जबकि 60 सीटें महिलाओं और 10 अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित थीं। ये सीटें जीतने वाली पार्टियों को संख्या के आधार पर आनुपातिक रूप से आवंटित की जाती हैं।

अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के निजीकरण योजना को मंजूरी

अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस पीआइए के 15 जून से पहले निजीकरण को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंजूरी दे दी है। 2022 में पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआइए) देश की तीसरी सबसे बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की घाटे में चलने वाली इकाई बन गई, जिसे केवल ऋणों की अदायगी के लिए प्रति माह 11.5 अरब पाकिस्तानी रुपये की आवश्यकता थी।

वहीं, एक सरकारी रिपोर्ट में कहा गया है कि नकदी की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान का विदेशी सार्वजनिक ऋण छह महीने में 1.2 अरब डालर बढ़कर 30 सितंबर 2023 तक 86.358 अरब डालर हो गया है।