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Thursday, January 29, 2026
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धीरूभाई अंबानी के जन्मस्थान चोरवाड़ पहुंचे अनंत-राधिका:प्री-वेडिंग सेरेमनी के बाद पहली बार गांव गए, दादी कोकिलाबेन भी साथ रहीं

मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी और उनकी मंगेतर राधिका मंगलवार को धीरूभाई अंबानी के जन्मस्थान चोरवाड़ पहुंचे। उनके साथ अनंत की दादी कोकिलाबेन अंबानी भी थीं। प्री-वेडिंग सेरेमनी के बाद अनंत और राधिका पहली बार धीरूभाई के गांव गए हैं। इस मौके पर तीनों ने झुंड भवानी माताजी मंदिर के दर्शन किए।

अंबानी परिवार ने चोरवाड़ में अनंत और राधिका के प्री-वेडिंग के लिए डिनर प्रोग्राम का भी आयोजन किया, जहां लोगों को सामूहिक भोज कराया गया। भोज के बाद अंबानी परिवार ने अनंत-राधिका की शादी से पहले जश्न मनाने के लिए लोक डायरा का कार्यक्रम रखा। ये गुजराती पारंपरिक संगीत का कार्यक्रम होता है, जिस में कलाकार लोकगीत गाते हैं।

अनंत बोले- दादा के गांव से उनके जैसे 10 लोग खड़े होने चाहिए इस मौके पर अनंत अंबानी ने लोगों से कहा, ‘मैं आपका आशीर्वाद लेने आया हूं, ये मेरे दादा का गांव है। आप सभी मुझे और राधिका और मेरे पूरे परिवार को आशीर्वाद दें। चोरवाड़ मेरे दादाजी का जन्मस्थान है। रिलायंस में सब कुछ यहीं से आया है।

अनंत ने कहा कि एक विचार मेरे मन में है, जैसे एक धीरूभाई एक आंगन से उठे। वैसे ही 10 धीरूभाई इस गांव से खड़े होने चाहिए। यहां जो बच्चे हैं, वे साहस रखें और आगे बढ़ें। अगले 10 साल में यहां से 10 धीरूभाई निकल सकते हैं। ये शक्ति इस गांव में है।

सिर्फ कहां नहीं करके दिखाया जी हाँ विधवा की मदत के लिए शिक्षक अश्वनी कंडारा का अहम योगदान

पिंजौर : रायतन क्षेत्र के खड़कुआ गाँव के अंतर्गत जल्लाह गाँव की महिला विधवा पेंशन के लिए दर-दर भटक रही थी समाजसेवी शिक्षक अश्वनी कंडारा परिवार के लिए फरिश्ता बनकर आया और पैंशन लगवाने के लिए भरसक प्रयास किया और आज पैंशन का फाइनल प्रोसेस हो गया एक से ढ़ेड महीने के अंदर पेंशन आ जाएगी। अब तो हालात ऐसे हो गए कि जनता की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही।

क्या है पूरा मामला?

पिंजौर खंड के खड़कुआ जल्लाह से विधवा महिला पेंशन के लिए दर-दर भटक रही थी। जल्लाह गाँव के ढाकवाला में रहने वाली महिला सरकारी दफ्तरों से लेकर जिला मुख्यालय तक कई बार चक्कर काट चुकी थी, लेकिन अब तक उसे पेंशन नहीं मिली थी। ढाकवाला निवासी सरोज शर्मा जो सही से चल और बोल भी नहीं पाती जो धर्मपत्नी स्वर्गीय घनश्याम शर्मा ने विधवा पेंशन के लिए पिछले कई महीने से दर-दर भटकने को मजबूर थी आवेदन के लिए कई बार प्रयास किया परन्तु शिक्षा के आभाव के कारण व किसी की कोई मदत ना मिलने की वजह चाहे कुछ भी हो अश्वनी कंडारा ने पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की है। सरोज शर्मा का स्वास्थ्य भी पिछले कई महीनो से बहुत खराब चल रहा था। उनके पति के गुजर जाने के बाद उनके बच्चे बेरोजगार है, तथा इधर-उधर मजदूरी का काम करके अपना गुजारा चला रहे हैं, इसके बावजूद मदत ना मिलना। मिली जानकारी के मुताबिक पति के गुजर जाने के बाद उसे विधवा पेंशन मिलनी तो थोड़ा सहारा लगता।

बेटा गुरनाम बताती हैं कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। पेंशन मिलती तो थोड़ी राहत मिल जाती। उन्होंने बताया कि उनके पति खेती बाड़ी का काम करते थे। उनके गुजर जाने के बाद परिवार पर समस्याओं का पहाड़ टूट पड़ा है। स्वर्गीय घनश्याम के बेटे गुरनाम बताते हैं कि पिछले कुछ महीने पहले पिता के गुजर जाने के बाद उनके मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ कई बार आवेदन की कोशिश कि गई हालांकि अश्वनी कंडारा ने परिवार की यथा संभव मदत की और बताया कि पेंशन न लगने की वजह परिवार द्वारा समय पर ऑनलाइन ना करवाना है

परिवारजन कई बार जनपद कार्यालय के चक्कर भी लगा चुके थे, लेकिन उनका पेंशन प्रकरण जस का तस पड़ा हुआ था। वहीं सरोज का स्वास्थ्य खराब बना हुआ है और उसे चलने-फिरने व बोलने में भी दिक्कत हो रही है। उनकी मदत के लिए कोई उनका हाल चाल नहीं पूछने आए अतः अश्वनी ने परिवार की यथा संभव मदत की और पैंशन लगवाई। वही मिली जानकारी के मुताबिक आज ही समाज सेवी वह अध्यापक अश्विनी कंडारा परिवार की मदद करने के लिए उनकी विधवा पेंशन न लगने की वजह जानने और आ रही परेशानियों को समझने के लिए कई बार उनके घर गए और समझा क्या है पूरा मामला।

कहाँ आई ज्यादा परेशानियाँ?

अश्वनी कंडारा ने जानकारी देते हुए बताया की डॉक्यूमेंट पूरे करने में बहुत दिक्क़तों का सामने करना पड़ा परन्तु उन्होंने हार नहीं मानी और कहा अंत भला तो सब भला। कई बार में सभी डॉक्यूमेंट लेकर उन्हें ऑनलाइन के लिए प्रक्रिया को सिरे पहुँचाया और गरीब विधवा महिला की पैंशन लगवा दी।

 

ई खबर मीडिया के लिए देव शर्मा की रिपोर्ट

देश के सभी क्षेत्रों में हो रहा विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के सभी क्षेत्रों में चहुँमुखी विकास हो रहा है। सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने आज मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश को बेहतर रेल अधोसंरचना के लिए अनेक सौगात देते हुए रेल अधोसंरचना से जुड़े कार्यों का लोकार्पण किया है। वंदे-भारत ट्रेन अलग-अलग मार्गों पर संचालित हो रही हैं। अन्य रेल सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं। इन कार्यों के लिए पर्याप्त धन राशि का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों भाई-भाई की तरह हैं। प्रधानमंत्री मोदी छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश को विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त राशि दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में दोनों राज्यों में धन की कोई कमी नहीं है। नर्मदा मैया की कृपा दोनों प्रदेशों पर है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्थानीय जन प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की गई, जो पूरा देश कभी भूल नहीं सकता। अयोध्या में 500 साल से निरंतर रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा का संघर्ष चल रहा था। उन्होंने कहा कि सीमा पर आज जवान अपनी जान की बाजी लगाकर राष्ट्र-रक्षा कर रहे हैं। जवान सीना ठोंक कर देश की सेवा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सेना के जवानों के साथ किसानों की भी चिंता की है। किसानों को सम्मान निधि देने के साथ ही लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजना चलाई जा रही है। तीन माह की अल्प अवधि में छत्तीसगढ़ में जन कल्याण के अनेक कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यादव समाज ने किया अभिनंदन
दुर्ग के मानस भवन के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान कृष्ण की प्रतिमा के समक्ष पूजा अर्चना की। यहाँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया गया। डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण भगवान महाकाल की नगरी विद्या अध्ययन के लिये आए थे। भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण मथुरा में कंस के संहार के बाद आए थे। यहां उन्होंने 64 कलाएं सीखीं, यही नहीं गोपाल कृष्ण ने 4 वेद, 18 पुराण और 14 विद्या में निपुण होने का कार्य किया।

हमारी सरकार जनता की सेवा करना जानती हैः डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार जनता की सेवा करना जानती है। छत्तीसगढ़ की जनता ने राज्य की प्रगति और विकास के लिए अनुकरणीय कार्य किए हैं। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव की सरकार के माध्यम से किसानों के घर धन की बरसात हो रही है। उन्होंने कहा कि विश्व में भारत का नाम गूंज रहा है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि 21वीं सदी का भारत के युवाओं की होगी, जो आज परिलक्षित हो रही है। भारत में दोनों राज्य मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम गढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राजनांदगांव में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत जिले के 1 लाख 23 हजार 131 किसानों को उपार्जित धान के अंतर की 638 करोड़ 23 लाख 84 हजार रुपये की राशि अंतरण कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री मोदी की एक और गारन्टी आज पूरी हुई है। राज्य स्तरीय कृषक उन्नति योजना का मुख्य कार्यक्रम का आयोजन बालोद में किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय वर्चुअल माध्यम से यहां जुड़े और रिमोट का बटन क्लिक कर किसान उन्नति योजना की राशि किसानों के खाते में अन्तरित की। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।

आचार्य विद्यासागर जैन समाज के नहीं, पूरे भारत और विश्व के संत थे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान डोंगरगढ़ में आचार्य विद्यासागर महाराज की जैन तीर्थक्षेत्र चंद्रगिरी डोंगरगढ़ में स्थित समाधि के दर्शन कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर महाराज जैन समाज के नहीं पूरे भारत और विश्व के ऐसे संत थे, जिन्होंने विश्व के कल्याण की कामना हमेशा की है। उन्होंने आचार्य जी के अहिंसक कार्य की सराहना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को डोंगरगढ़ ट्रस्ट कमेटी के पदाधिकारियों ने आश्रम में संचालित अन्य गतिविधियों की भी जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कमेटी के पदाधिकारियों ने अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आचार्य श्री के व्यक्तित्व और जीवन कृतित्व पर चर्चा की और उनके चलाए जा रहे प्रकल्पों की जानकारी प्राप्त की।

उल्लेखनीय है कि जैन आचार्य विद्यासागर महाराज की गत 18 फरवरी को समाधि ली थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आश्रम में संचालित चल चरखा केन्द्र का अवलोकन कर कर्मचारियों से कपड़ा बुनने की विधि की संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कपड़े की गुणवत्ता को भी देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा स्मृति स्वरूप आचार्य विद्यासागर जी की तस्वीर भेंट की गई। इस अवसर पर राहुल कोठारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री राजेश मूणत उपस्थित थे।

ग्रामीण महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए एक वातावरण स्थापित हो: पिंकी जिजवानी

मध्य प्रदेश पुलिस और ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के संयुक्त तत्वाधान में मंगलवार को भोपाल में एक दिवसीय ‘विचार-विमर्श किया गया। ‘मध्य प्रदेश में महिलाओं का सशक्तिकरण: सुरक्षा और सम्मान के लिए रणनीतियाँ’ विषयक इस विचार-विमर्श कार्यशाला में मुख्य रूप से उन चुनौतियों और समाधान हेतु रणनीतियों पर समझ बनाने के साथ एक लक्षित हस्तक्षेप की शुरुआत हुई जिससे कि इन हस्तक्षेपों को व्यापक अभिसरण के साथ दिशा मिल सके और राज्य के ग्रामीण महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के साथ-साथ उनका सम्मानपूर्वक जीवन संपूर्ण हो सके। और इस दिशा में राज्य पुलिस, महिला संगठन, पंचायती राज संस्थान, स्थानीय प्रशासन और अन्य सम्बंधित विभाग के सहयोग और सामन्जस्य से उन बिन्दुओं और समाधान के तरीकों को ग्रामीण क्षेत्र में लागू करने के प्रयासों को बल मिल पायेगा.

ग्रामीण मध्य प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के महत्व को कम करके आंका नहीं जा सकता. इन क्षेत्रों में महिलाओं को उनकी सुरक्षा से सम्बंधित विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और यह बेहद ही जरूरी है कि उनकी सुरक्षा और सम्मान के लिए एक वातावरण स्थापित हो और यह साझा प्रयासों तथा समाज, सरकार और ग्रामीण स्थानीय संस्थानों के बीच एक समन्वय से ही संभव हो सकता है। उपरोक्त बातें आईपीएस और पुलिस विभाग की ए.आई.जी. (क्राइम अगेंस्ट वीमेन), सुश्री पिंकी जिजवानी ने कही।

उन्होंने बताया कि महिला हिंसा-उत्पीड़न और सुरक्षित सार्वजनिक स्थानों की कमी आदि और अन्य मुद्दों पर सभी के साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है इनके समाधान से सम्बंधित किस प्रकार के संसाधन और तरीके मौजूद हैं, उनको भी अधिक न्यायसंगत बनाने के लिए कानून विभाग, नागरिक समाज, समुदायों और लैंगिक समानता और न्याय को आगे बढ़ाने के लिए सभी हितधारकों बीच सहयोग के साथ बढ़ावा दिया जाएगा।

‘पंचायत और समुदाय की भागीदारी के द्वारा महिला सुरक्षा’ विषयक एक पैनल चर्चा में ग्रामीण और पंचायती राज विभाग के डिप्टी डायरेक्टर श्री देवेश मिश्रा कार्यशाला में अपना विचार व्यक्त करते हुए बताया कि जेंडर संवेदनशील पंचायत बनाने की दिशा में सभी विभागों के समन्वय हेतु विभिन्न तरह के दिशानिर्देश केंद्र और राज्य द्वारा जारी किये गए हैं, उन पर सही रूप से अमल में लाया जाना जरूरी है।

महिला सुरक्षा से सम्बंधित सफलतम कहानियों का एक संकलन भी इस इस कार्यशाला में विमोचन किया जाएगा. इस कार्याशाला अन्य विशेष वक्ताओं में मुख्य रूप से एमपीएसआरएलएम् के एसीईओ नेमचंद, महिला और बाल विकास विभाग के डिप्टी डायरेक्टर श्री सुरेश तोमर, मनरेगा कमिश्नर एस. चैतन्य कृष्णा (आईएस), एनआरईटीपी की स्टेट एक्सपर्ट सुश्री स्वाति परमार, एनएचएम् की डिप्टी डायरेक्टर डॉ नमिता नीलकंठ, आईवेज के श्री बलवंत सिंह, टीआरआई से सुश्री नेहा गुप्ता, सीमा भास्करन और सामुद्दायिक संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद थे. कार्यक्रम में विशेष रूप से नारी अधिकार केंद्र और लोक अधिकार केंद्र के समन्वयकों ने विस्तारपूर्वक अपने कार्य को साझा किया।

बाइडेन ने कहा-गाजा में मानवीय राहत सामग्री भेजेगा अमेरिका

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका गाजा में तत्काल मानवीय राहत सामग्री भेजेगा। यह निर्णय मौजूदा हालात को देखते हुए लिया गया है। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले गाजा में राहत और खाद्य सामग्री का इंतजार कर रहे लोगों पर इजराइली सुरक्षाबलों की गोलीबारी से सारी दुनिया चिंतित हो गई है। इस गोलीबारी में बड़ी संख्या में फिलिस्तीन के नागरिक मारे गए हैं।

द न्यूयॉर्क टाइम्म की रिपोर्ट के अनुसार, बाइडेन ने इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से मुलाकात से पहले कहा, गाजा में निर्दोष लोग अपने परिवारों का भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं। यह लोग भीषण युद्ध में फंस गए हैं। इनको भोजन सामग्री और अन्य राहत सामग्री की जरूरत है। संयुक्त राज्य अमेरिका इनको भरपूर सहायता मुहैया कराएगा।

बाइडेन ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका जॉर्डन के साथ काम करेगा। जार्डन गाजा में हवाई मार्ग से मदद पहुंचाने में सबसे आगे रहा है। गाजा में मदद समुद्र मार्ग से भी पहुंचाई जा सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, गाजा में भेजी जा रही मदद मौजूदा हालात को देखते हुए पर्याप्त नहीं है। वहां हर व्यक्ति की जिंदगी खतरे में है।

रिपोर्ट के अनुसार, बाइडेन और सुश्री मेलोनी ने गाजा में युद्ध रोकने के प्रयासों के साथ यूक्रेन के लिए समर्थन पर चर्चा की। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के वरिष्ठ अधिकारी जॉन एफ. किर्बी ने अमेरिका सबसे पहले विमानों से खाद्य सामग्री के पैकेट भेजेगा। इसके बाद पानी और दवा की आपूर्ति की जाएगी। एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने कहा कि वायुसेना 50,000 भोजन के पैकेट पहुंचाने की योजना बना रही है। किर्बी ने कहा कि गुरुवार को गाजा में मानवीय सहायता लेकर पहुंचे ट्रकों के काफिले के आसपास हुई मौतों ने सारी दुनिया को विचलित कर दिया है।

 

हॉकी इंडिया सीनियर महिला राष्ट्रीय चैम्पियनशिप आज से, 27 टीमें लेंगी हिस्सा

14वीं हॉकी इंडिया सीनियर महिला राष्ट्रीय चैम्पियनशिप (14th Hockey India Senior Women’s National Championship) 13 मार्च से पुणे (Pune) के पिंपरी में मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम (Major Dhyanchand Hockey Stadium) में शुरू होगी, जिसका फाइनल 23 मार्च को खेला जाएगा। टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली कुल 27 टीमों को आठ पूलों में विभाजित किया गया है।

मौजूदा चैंपियन हॉकी मध्य प्रदेश को हॉकी बिहार और छत्तीसगढ़ हॉकी के साथ पूल ए में रखा गया है, पिछले साल के उपविजेता और इस साल के संस्करण का मेजबान हॉकी महाराष्ट्र, दिल्ली हॉकी और केरल हॉकी के साथ पूल बी में है। पूल सी में हॉकी झारखंड, उत्तर प्रदेश हॉकी और हॉकी आंध्र प्रदेश शामिल हैं जबकि पूल डी में हॉकी हरियाणा, पुडुचेरी हॉकी और असम हॉकी शामिल हैं।

हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा, हॉकी चंडीगढ़ और गोवा हॉकी पूल ई का हिस्सा हैं। पूल एफ में हॉकी पंजाब, हॉकी हिमाचल, हॉकी राजस्थान और हॉकी मिजोरम शामिल हैं। हॉकी कर्नाटक खुद को पूल जी में मणिपुर हॉकी, हॉकी उत्तराखंड और दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव हॉकी के साथ पाता है जबकि हॉकी बंगाल, तमिलनाडु की हॉकी यूनिट, हॉकी गुजरात और तेलंगाना हॉकी पूल एच में हैं।

आगामी टूर्नामेंट महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए अगली मुख्य संभावित खिलाड़ियों को चुनने के लिए मंच के रूप में काम करेगा। सीनियर महिला टीम के अधिकांश सदस्य, जिनमें भारतीय कप्तान सविता, सर्वाधिक कैप्ड खिलाड़ी वंदना कटारिया, मोनिका, नवनीत कौर, सलीमा टेटे जैसी अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ही दीपिका और संगीता कुमारी जैसी उभरती प्रतिभाएँ इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही हैं। सभी अपने-अपने राज्यों से प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए तैयार हैं।

प्रत्येक पूल से शीर्ष टीम 20 मार्च को होने वाले क्वार्टर-फ़ाइनल में पहुंचेगी, जबकि सेमी-फ़ाइनल 22 मार्च को होगा। तीसरे/चौथे स्थान का प्ले-ऑफ़ 23 मार्च को निर्धारित है, जिसके बाद उसी शाम को फ़ाइनल होगा।

विशेष रूप से, 29 भारतीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी इस टूर्नामेंट का हिस्सा होंगे, जो हॉकी के स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। हॉकी महाराष्ट्र की टीम में वैष्णवी विट्ठल फाल्के, अक्षता अबासो ढेकाले और रजनी एतिमारपु होंगी, जबकि मारियाना कुजूर, अजमीना कुजूर और ज्योति छत्री हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा के लिए आएंगी। निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग, सलीमा टेटे और संगीता कुमारी हॉकी झारखंड के लिए एक्शन में नजर आएंगी और बलजीत कौर और गुरजीत कौर हॉकी पंजाब का प्रतिनिधित्व करेंगी।

हॉकी उत्तर प्रदेश में मुमताज खान, वंदना कटारिया और बंसारी सोलंकी अपना जलवा बिखेरेंगी, जबकि बिचू देवी खारीबाम, इशिका चौधरी और लालरेम्सियामी क्रमशः मणिपुर हॉकी, हॉकी मध्य प्रदेश और हॉकी मिजोरम का प्रतिनिधित्व करेंगी। हॉकी हरियाणा 11 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से सुसज्जित एक स्टार-स्टडेड लाइन-अप उतारेगा, जिसमें मोनिका, नवनीत कौर, नेहा, निशा, दीपिका, महिमा चौधरी, ज्योति, सविता, शर्मिला देवी, सोनिका और उदिता शामिल हैं।

आगामी कार्यक्रम को लेकर हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप टिर्की ने कहा, “इतने सारे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को अपनी-अपनी राज्य टीमों के लिए खेलते हुए देखना बहुत अच्छा है। इससे न केवल हॉकी का स्तर बेहतर होता है, बल्कि इससे युवाओं को वरिष्ठ पेशेवरों के साथ खेलने का बहुमूल्य अनुभव भी मिलेगा। हॉकी इंडिया सीनियर महिला राष्ट्रीय चैम्पियनशिप सभी खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा मंच है और हम कई प्रतिभाओं को सामने लाने की उम्मीद कर सकते हैं जो भविष्य में संभावित रूप से भारतीय महिला हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं।”

टूर्नामेंट के शुरूआती मुकाबले में हॉकी मध्य प्रदेश की टीम 13 मार्च को भारतीय समयानुसार सुबह सात बजे छत्तीसगढ़ हॉकी से भिड़ेगी।

पोखरण में आज संयुक्‍त ‘भारत शक्ति’ युद्धाभ्‍यास, PM मोदी बोले- हर भारतीय से है भावनात्मक जुड़ाव

पोखरण की अपनी यात्रा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पोखरण का हर भारतीय के साथ भावनात्मक लगाव है। पीएम मोदी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि मैं आज पोखरण में रहने के लिए उत्सुक हूं। इस जगह का हर भारतीय के साथ भावनात्मक जुड़ाव है। पोखरण में मुझे त्रि-सेवाओं के लाइव फायर और युद्धाभ्यास अभ्यास में स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन देखने का अवसर मिलेगा।

पोखरण की अपनी यात्रा से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पोखरण का हर भारतीय के साथ भावनात्मक लगाव है। पीएम मोदी राजस्थान के पोखरण में ट्राई-सर्विसेज लाइव फायर एंड पैंतरेबाजी अभ्यास के रूप में स्वदेशी रक्षा क्षमताओं के समन्वित प्रदर्शन को देखेंगे।अभ्यास ‘भारत शक्ति’ में देश की शक्ति के प्रदर्शन के रूप में स्वदेशी हथियार प्रणालियों और प्लेटफार्मों की एक श्रृंखला प्रदर्शित की जाएगी, जो देश की आत्मानिर्भारत पहल पर आधारित है।

अभ्यास ‘भारत शक्ति’

यह भूमि, वायु, समुद्र, साइबर और अंतरिक्ष डोमेन में खतरों का मुकाबला करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की एकीकृत परिचालन क्षमताओं को प्रदर्शित करने वाला मल्टी डोमेन ऑपरेशन होगा।

पीएम मोदी ने जाहिर की उत्सुकता

पीएम मोदी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर कहा ‘मैं आज पोखरण में रहने के लिए उत्सुक हूं। इस जगह का हर भारतीय के साथ भावनात्मक जुड़ाव है। पोखरण में, मुझे त्रि-सेवाओं के लाइव फायर और युद्धाभ्यास अभ्यास में स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन देखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि मुझे खुशी है कि इस कार्यक्रम में हथियार प्रणालियां और बहुत कुछ शामिल होगा जो भारत को रक्षा में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।’

अभ्यास में इन हथियारों को किया गया शामिल

अभ्यास में भाग लेने वाले प्रमुख उपकरण और हथियार प्रणालियों में टी-90 (आईएम) टैंक, धनुष और सारंग गन सिस्टम, आकाश हथियार सिस्टम, लॉजिस्टिक्स ड्रोन, रोबोटिक म्यूल्स, एडवांस हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) और मानव रहित हवाई वाहनों की एक श्रृंखला शामिल है। भारतीय सेना ने उन्नत जमीनी युद्ध और हवाई निगरानी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।

तीनों सेना की दिखेगी ताकत

भारतीय नौसेना समुद्री ताकत और तकनीकी परिष्कार को उजागर करते हुए नौसेना एंटी-शिप मिसाइलों, स्वायत्त कार्गो ले जाने वाले हवाई वाहनों और व्यय योग्य हवाई लक्ष्यों का प्रदर्शन करेगी। भारतीय वायु सेना हवाई संचालन में वायु श्रेष्ठता और बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए स्वदेशी रूप से विकसित हल्के लड़ाकू विमान तेजस, लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर और उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर तैनात करेगी।

यह कार्यक्रम भारतीय सशस्त्र बलों की ताकत और परिचालन कौशल और स्वदेशी रक्षा उद्योग की सरलता और प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करके, रक्षा में आत्मनिर्भरता की दिशा में देश की मजबूत प्रगति का उदाहरण देता है।

पैसों की कमी से नहीं रुकेगी बेटी की शादी, ज्योतिबाफुले श्रमिक कन्यादान योजना से श्रमिकों को मिलेगी मदद

Jyotiba Phule Shramik Kanyadan Yojana कोरोना महामारी के दौरान कई लोगों की रोजगार छीन गए जिसकी वजह से उस दौरान खर्च को पूरा करने के लिए उन्होंने सेविंग खत्म की। ऐसे में कई श्रमिक अपनी बेटी की शादी को लेकर परेशान है। श्रमिक वर्ग की मदद के लिए उत्तर-प्रदेश सरकार द्वारा ज्योतिबा फुले श्रमिक कन्यादान योजना चलाई जा रही है।

केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार भी देश के सभी वर्ग को आर्थिक लाभ देने के लिए कई योजना चला रही है। वर्ष 2020 यानी कोरोना महामारी के दौरान देश के कई लोगों का रोजगार चला गया।सरकार लोगों की आर्थिक सहायता के लिए कई तरह की स्कीम चला रही है। कोरोना महामारी में श्रमिकों का रोजगार छिन गया था।

उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिक वर्ग की मदद के लिए ज्योतिबा फुले श्रमिक कन्यादान योजना (Jyotiba Phule Shramik Kanyadan Yojana) शुरू की। इस योजना में सरकार बेटियों की शादी के लिए 51,000 रुपये का आर्थिक लाभ देती है।

योजना का लाभ परिवार की दो बेटियों को ही मिलती है। इस स्कीम का लाभ पाने के लिए श्रमिक को आवेदन करना होगा।

क्या है पात्रता

  • आवेदक उत्तर-प्रदेश का निवासी होना चाहिए।
  • केवल श्रमिक या फिर मजदूर वर्ग को ही योजना का लाभ मिलेगा।
  • योजना का लाभ उन आवेदक को मिलेगा जो गरीबी रेखा में आते हैं।
  • आवेदक की वेतन 15,000 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
  • आवेदक को बेटी की शादी की तारीख से 3 महीने पहले या फिर 1 साल पहले आवेदन करना होगा।

    ऑनलाइन होगा आवेदन

    • आपको श्रम कल्याण, श्रम विभाग की अधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
    • अब होम पेज पर यूजरनेम तथा पासवर्ड की मदद से लॉग-इन करना होगा।
    • इसके बाद आपको योजना को सेलेक्ट करना है और फिर सभी जरूरी जानकारी को दर्ज करना होगा।
    • अब आप सभी जरूरी डॉक्यूमेंट को अपलोड करें और सबमिट करना होगा।
    • सबमिट के बाद आपको एप्लीकेशन फॉर्म की कॉपी को शिक्षण संस्थान या फिर कारखाना से वेरीफाई करवाना होगा।
    • वेरिफिकेशन हो जाने के बाद आपको दोबारा वेबसाइट पर लॉग-इन करके इस वेरिफाई कॉपी को अपलोड करना होगा।
    • इस तरह आप योजना के लिए सफल आवेदन कर सकते हैं।

    क्या है जरूरी दस्तावेज

    • आधार कार्ड
    • एड्रेस प्रूफ
    • इनकम सर्टिफिकेट
    • मोबाइल नंबर
    • पासपोर्ट साइज फोटो
    • शादी के कार्ड की कॉपी
    • बर्थ सर्टिफिकेट
    • बैंक पासबुक की कॉपी
    • राशन कार्ड

IPL 2024: प्रैक्टिस सेशन में कहर बरपा रहे Arjun Tendulkar, रफ्तार देख थर-थर कांपे बल्लेबाज

मुंबई इंडियंस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अर्जुन का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वह एक के बाद एक बेहतरीन गेंद डालते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में अर्जुन के हाथ से निकलने वाली पहली गेंद सीधा बल्लेबाज के पैरों की तरफ जाती है। बल्लेबाज किसी तरह से गेंद पर बल्ला लगाने में तो सफल रहता है पर वह शॉट खेलते ही जमीन पर गिर पड़ता है।

अर्जुन तेंदुलकर आईपीएल में अब तक नाम नहीं बना सके हैं। अर्जुन का प्रदर्शन ना तो गेंद से कुछ खास और ना ही उनकी बल्लेबाजी में वो दम नजर आया है। हालांकि, इंडियन प्रीमियर लीग के 17वें सीजन में अर्जुन छा जाने को बेकरार हैं। ऐसा हम नहीं, बल्कि प्रैक्टिस सेशन से सामने आया अर्जुन का वीडियो यही कहानी बयां कर रहा है। अर्जुन की आग उगलती गेंदों का सामना करते हुए बल्लेबाज जमीन पर गिर पड़ रहे हैं।

धमाल मचाने को तैयार अर्जुन

दरअसल, मुंबई इंडियंस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अर्जुन तेंदुलकर का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह एक के बाद एक बेहतरीन गेंद डालते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में अर्जुन के हाथ से निकलने वाली पहली गेंद सीधा बल्लेबाज के पैरों की तरफ जाती है।

बल्लेबाज किसी तरह से गेंद पर बल्ला लगाने में तो सफल रहता है, पर वह शॉट खेलते ही जमीन पर गिर पड़ता है। दूसरी और तीसरी गेंद भी अर्जुन एकदम यॉर्कर लेंथ फेंकते हैं, जिस पर बैटर बल्ला तक नहीं लगा पाता है। अर्जुन की गेंदबाजी में जबरदस्त रफ्तार भी दिखाई दे रही है।

अर्जुन का आईपीएल में प्रदर्शन

अर्जुन तेंदुलकर ने पिछले सीजन आईपीएल में अपना डेब्यू किया था। मुंबई इंडियंस की ओर से अर्जुन को चार मैचों में खेलने का मौका मिला था। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के बेटे ने आईपीएल 2023 में बल्ले से सिर्फ 13 रन बनाए थे, जबकि गेंदबाजी में उन्होंने 3 विकेट झटके थे। हालांकि, वह काफी महंगे साबित हुए थे और उन्होंने 9.36 की इकॉनमी से रन लुटाए थे।

गुजरात से होगी पहली भिड़ंत

आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस अपने अभियान का आगाज गुजरात टाइटंस के खिलाफ करेगी। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला 24 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। हार्दिक पांड्या की कप्तानी में मुंबई अपने दूसरे मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद से 27 मार्च को भिड़ेगी।

एक्शन मोड में CM मोहन यादव, दो महीने में 30 लाख लोगों की समस्याओं का किया समाधान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में लम्बित राजस्व प्रकरणों नामान्तरण बंटवारा सीमांकन अभिलेख दुरुस्ती नक्शे पर तरमीम के निराकरण के लिए राजस्व महाअभियान शुरू करने के निर्देश दिए थे। जिससे नागरिकों को सरकारी कार्यालयों में बार- बार भटकना न पड़े और राजस्व संबंधी समस्याओं का तत्काल निराकरण हो सके। मुख्यमंत्री डॉ यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में राजस्व महाअभियान का प्रथम चरण 15 जनवरी से 29 फरवरी तक चलाया गया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में नए आयाम स्थापित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव की सजगता और संवेदनशीलता से प्रदेश के आम नागरिकों की राह आसान हुई है। पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन से प्रदेश में राजस्व से जुड़े मामलों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। 15 जनवरी से 10 मार्च तक लगभग दो माह से भी कम समय में राजस्व महाअभियान चलाकर 30 लाख से अधिक लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है।मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुआ था राजस्व महाअभियान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में लम्बित राजस्व प्रकरणों नामान्तरण, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख दुरुस्ती, नक्शे पर तरमीम के निराकरण के लिए राजस्व महाअभियान शुरू करने के निर्देश दिए थे। जिससे नागरिकों को सरकारी कार्यालयों में बार- बार भटकना न पड़े और राजस्व संबंधी समस्याओं का तत्काल निराकरण हो सके। मुख्यमंत्री डॉ यादव की पहल पर विभाग द्वारा राजस्व महाअभियान चलाया गया, जिसका लाभ प्रदेश के लाखों नागरिकों का मिला है।

दो चरणों में ऐसे हुआ 30 लाख से अधिक लंबित प्रकरणों का निराकरण

मुख्यमंत्री डॉ यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में राजस्व महाअभियान का प्रथम चरण 15 जनवरी से 29 फरवरी तक चलाया गया। जिसके तहत राज्य, जिला एवं तहसील स्तर पर प्रतिदिन प्रकरणों के निराकरण की मॉनिटरिंग हेतु राजस्व महाभियान डैशबोर्ड बनाकर निरंतर कार्य की समीक्षा की गई। अभियान के प्रथम चरण में 26 लाख से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसकी सफलता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने राजस्व महाअभियान को 15 मार्च 2024 तक बढ़ाने के निर्देश दिए थे। परिणाम स्वरूप अभियान के द्वितीय चरण में 1 मार्च से 10 मार्च तक 4 लाख से अधिक राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस तरह अभियान अवधि 15 जनवरी से 10 मार्च 2024 तक कुल 30 लाख से अधिक लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया।

10 मार्च तक इन लंबित प्रकरणों का हुआ निराकरण

राजस्व महाअभियान के अंर्तगत 15 जनवरी से 10 मार्च तक कुल 3,23,016 प्रकरणों का नामांतरण, बंटवारे के 40,414 प्रकरण, सीमांकन के 43,189 प्रकरण, अभिलेख दुरुस्ती के 27,373 प्रकरण, नक्शा तरमीम के , 26,14,263 प्रकरण सहित कुल 30,48,255 प्रकरणों का निराकरण किया गया।

लंबित नामांतरण में इन जिलों ने किया बेहतर प्रदर्शन

राजस्व महाअभियान के अंर्तगत प्रदेश के कई जिलों ने लंबित राजस्व प्रकरणों के निपटान एवं नामांतरण में बेहतर कार्य किया है जिनमें अनूपपुर, पाढुर्णा, विदिशा,अशोकनगर, निवाड़ी, दतिया, सीहोर, गुना, हरदा, रायसेन, शिवपुरी, सिवनी, छिंदवाड़ा, आलीराजपुर, श्योपुर, आदि जिले प्रकरणों के निराकरण में शत प्रतिशत रहे। तो वहीं जबलपुर , झाबुआ, सिंगरौली, बुरहानपुर, बालाघाट , नीमच, नरसिंहपुर , बडवानी, डिन्डोरी, खंडवा , ग्वालियर, सागर, छतरपुर आदि जिलों में 99 % लंबित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण किया गया है।

पारदर्शी प्रणाली से नागरिकों को हुई सुविधा

अब नागरिकों को अपनी जमीन अथवा राजस्व से संबंधित कोई भी जानकारी ऑनलाईन मिल सकेगी। प्रदेश सरकार ने पारदर्शिता को महत्व देते हुए राजस्व विभाग को डिजिटल करते हुए पेपरलेस, फ़ेसलेस, और ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की है। अब साधारण और डिज़िटली प्रमाणित भू-अभिलेख प्रतिलिपि, अभिलेखागार के अभिलेख प्रतिलिपि (खसरा/खतौनी) साधारण और डिजिटली प्रमाणित भू नक्शा नक्शा भू-अधिकार पुस्तिका, राजस्व न्यायालय आदेश प्रतिलिपि, आबादी अधिकार अभिलेख, व्यपवर्तित भूमि-राजस्व भुगतान, व्यपवर्तन सूचना, व्यव्हार न्यायालय प्रकरण, दृष्टि बंधक, भू राजस्व भुगतान, MP Online/LSK/CM Care के माध्यम से प्रमाणित भू-अभिलेख प्रति डाउनलोड, ट्रांजैक्शन विवरण, भूमि बंधक, कृषि भूमि राजस्व विभाग, DS दस्तावेज़ खोजें, जमानत विवरण इत्यादि की जानकारी कहीं से भी देख व निकाल सकेंगे।

बंटवारा प्रकरण के निराकरण में इन जिलों का श्रेष्ठ प्रदर्शन

अभियान के अंर्तगत अशोकनगर, इंदौर, कटनी, झाबुआ, डिन्डोरी, पांढुर्णा, शिवपुरी, श्योपुर, सीहोर, हरदा, विदिशा, गुना, रायसेन,दतिया, नीमच, निवाड़ी आदि जिलों में बंटवारा सम्बंधित 100% मामलों का , आगर मालवा, अनूपपुर, खरगौन, ग्वालियर, खण्डवा द्वारा 99 प्रतिशत प्रकरणों निराकरण अभियान अवधि में किया जा चुका है। सीमांकन सम्बंधित 100 प्रतिशत प्रकरणों का इंदौर, शहडोल, अनूपपुर, अशोकनगर, आलीराजपुर, कटनी, गुना, ग्वालियर, छतरपुर, छिंदवाड़ा ,झाबुआ ,डिन्डोरी ,दतिया, देवास, निवाड़ी, नीमच ,पांढुर्णा , बुरहानपुर,मंडला रायसेन ,विदिशा,शाजापुर ,शिवपुरी, श्योपुर ,सागर, सिवनी, सीहोर, हरदा आदि जिलों में निराकरण किया जा चुका है|

अभिलेख दुरुस्ती में इन जिलों ने किया अच्छा काम

राजस्व महाअभियान के अंर्तगत अभिलेख दुरुस्ती का कार्य भी तेजी से जारी है जिसमें झाबुआ, विदिशा,सीहोर, हरदा द्वारा 100 % एवं मैहर, छतरपुर, सिवनी द्वारा 99 प्रतिशत लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है।

नक्शा तरमीम में ये जिले रहे आगे

इसी तरह बुरहानपुर खण्डवा, पांढुर्णा, भिण्ड, विदिशा,झाबुआ, निवाड़ी, मंडला,आगर मालवा, सिवनी आदि जिले नक्शा तरमीम के कार्य में अग्रणी हैं।