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Thursday, January 29, 2026
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SBI ने इलेक्टोरल बॉन्ड की पूरी डिटेल EC को सौंपी:SC को बताया- हर बॉन्ड का सीरियल नंबर भी दिया; डेडलाइन से डेढ़ घंटे पहले जानकारी दी

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 21 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि उसने चुनाव आयोग को इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी सारी जानकारी सौंप दी है। SBI ने कहा कि नई जानकारी में बॉन्ड्स के सीरियल नंबर भी शामिल हैं। पिछली बार इनकी जानकारी नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट ने SBI के चेयरमैन को फटकार लगाई थी।

18 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने SBI को आदेश दिया था कि 21 मार्च की शाम 5 बजे तक हर बॉन्ड का अल्फान्यूमेरिक नंबर और सीरियल नंबर, खरीद की तारीख और राशि सहित सभी जानकारियां दें। बैंक ने दोपहर 3.30 बजे ही कोर्ट में एफिडेविट दाखिल कर दिया।

SBI के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने एफिडेविट में यह भी लिखा कि बैंक अकाउंट नंबर और KYC के अलावा कोई भी डिटेल नहीं रोकी गई है। सुरक्षा कारणों के चलते चंदा देने वालों और राजनीतिक दलों के KYC नंबर सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

पिछली सुनवाई में कहा था- SBI का रवैया सही नहीं
CJI चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा कि SBI जानकारियों का खुलासा करते वक्त सिलेक्टिव नहीं हो सकता। इसके लिए आप हमारे आदेश का इंतजार न करें। SBI चाहती है हम ही उसे बताएं किसका खुलासा करना है, तब वे बताएंगे। ये रवैया सही नहीं है।

इससे पहले बेंच ने 11 मार्च के फैसले में SBI को बॉन्ड की पूरी डिटेल देने का निर्देश दिया था। हालांकि, SBI ने सिर्फ बॉन्ड खरीदने और कैश कराने वालों की जानकारी दी। इस बात का खुलासा नहीं किया गया था कि किस डोनर ने किस राजनीतिक पार्टी को कितना चंदा दिया। इसके बाद कोर्ट ने 16 मार्च को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को नोटिस देकर 18 मार्च तक जवाब मांगा था।

2023 में फैसला सुरक्षित था… फिर भी 8,350 करोड़ रु. के बॉन्ड छापे
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 2 नवंबर को इलेक्टोरल बॉन्ड की वैधानिकता पर फैसला सुरक्षित रख लिया था, फिर भी 2024 के दौरान 8,350 बॉन्ड छापे गए थे। इसमें हर बॉन्ड एक करोड़ रु. का था। पूर्व नौसेना अधिकारी और ट्रांसपेरेंसी एक्टिविस्ट लोकेश बत्रा की RTI क्वेरी के जवाब में SBI ने यह जानकारी दी।

इससे पहले बत्रा की एक अन्य RTI क्वेरी में सामने आया था कि इलेक्टोरल बॉन्ड की छपाई और इनकी व्यवस्था का खर्च करदाताओं को उठाना पड़ा था। बॉन्ड जारी करने वाले SBI ने 2018 से 2023 तक सरकार से छपाई और व्यवस्था के खर्च के नाम पर 13.50 करोड़ रुपए वसूले थे। 2024 में छापे गए 8,350 बॉन्ड के खर्च के बारे में अभी जानकारी नहीं दी गई है।

CJI और एडवोकेट के बीच हुई थी बहस
18 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में उन याचिकाओं पर सुनवाई हुई, जिनमें तर्क दिया गया कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने कोर्ट के फैसले के बाद अधूरा डेटा दिया। इस दौरान एडवोकेट मैथ्यूज नेदुमपरा और CJI डीवाई चंद्रचूड़ के तीखी बहस देखने को मिली।

सुनवाई के दौरान नेदुमपरा ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड मामला बिल्कुल भी न्यायसंगत मुद्दा नहीं था। यह एक नीतिगत मामला था और इसमें अदालतों का दखल नहीं था। इसीलिए लोगों को लगता है कि यह फैसला उनकी पीठ पीछे दिया गया।

जब नेदुमपरा बोल रहे थे तो CJI ने उनसे रुककर सुनने के लिए कहा, लेकिन नेदुमपरा ने कहा कि मैं इस देश का नागरिक हूं। इस पर CJI ने कहा, “एक सेकेंड, मुझ पर चिल्लाओ मत। नेदुमपरा ने जवाब दिया, “नहीं, नहीं, मैं बहुत नरम हूं।”

इस पर CJI ने कहा, “यह हाइड पार्क कॉर्नर की बैठक नहीं है, आप अदालत में हैं। आप एक आवेदन दायर करना चाहते हैं, आवेदन दायर करें। आपको CJI के रूप में मेरा निर्णय मिल गया है, हम आपकी बात नहीं सुन रहे हैं। यदि आप एक आवेदन दायर करना चाहते हैं तो इसे ईमेल पर ट्रांसफर करें। इस अदालत में यही नियम है।

कांग्रेस बोली- इलेक्टोरल बॉन्ड PM की हफ्ता वसूली योजना
कांग्रेस ने सोमवार (18 मार्च) को मोदी सरकार पर हफ्ता वसूली का आरोप लगाया। कांग्रेस ने इसे पीएम हफ्ता वसूली योजना नाम दिया है। कांग्रेस ने दावा किया कि इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए दान देने वालों में 21 फर्म ऐसी हैं, जिन्होंने CBI, ED या इनकम टैक्स की जांच का सामना किया है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि हर दिन चुनावी बॉन्ड घोटाले का सच सामने आ रहा है। इलेक्टोरल बॉन्ड स्कैम कितना बड़ा है यह लगातार स्पष्ट होता जा रहा है। आज हम इलेक्टोरल बॉन्ड घोटाले में भ्रष्टाचार के चार तरीकों में से दूसरे, प्रधानमंत्री हफ्ता वसूली योजना पर फोकस कर रहे हैं-

  • 10 नवंबर 2022 को ED ने दिल्ली सरकार की शराब नीति में गड़बड़ियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में अरबिंदो फार्मा के निदेशक पी सरथ चंद्र रेड्डी को गिरफ्तार किया। पांच दिन बाद 15 नवंबर को अरबिंदो फार्मा ने इलेक्टोरल बॉन्ड के रूप में 5 करोड़ रुपए दान किए।
  • नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड ने अक्टूबर 2018 में इनकम टैक्स के छापे के 6 महीने बाद अप्रैल 2019 में 30 करोड़ रुपए के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे।
  • 7 दिसंबर 2023 के रामगढ़ में रूंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड की 3 यूनिट पर आयकर विभाग ने छापा मारा। 11 जनवरी 2024 को कंपनी ने 1 करोड़ रुपए के 50 इलेक्टोरल बांड खरीदे। इससे पहले फर्म ने केवल अप्रैल 2021 में दान दिया था।
  • हैदराबाद की शिरडी साईं इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड पर 20 दिसंबर 2023 को इनकम टैक्स का छापा पड़ा। 11 जनवरी 2024 को कंपनी ने 40 करोड़ रुपए के इलेक्टोरल बांड खरीदे।
  • नवंबर 2023 में आयकर अधिकारियों ने कथित नकद लेनदेन के लिए रेड्डीज लैब्स के एक कर्मचारी के यहां छापा मारा। छापे के ठीक बाद कंपनी ने 31 करोड़ रुपए के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे। इसके बाद इस कंपनी ने नवंबर 2023 में 21 करोड़ रुपए के और जनवरी 2024 में 10 करोड़ रुपए के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे, जो कुल मिलाकर 84 करोड़ रुपए होते हैं।

अज्ञात व्यक्ति द्वारा जिले में जगह जगह चिपकाया गया प्रधानमंत्री के नाम से शिकायती पत्र

मध्य प्रदेश: शहडोल जिला चिकित्सालय परिसर वह शहर में जगह-जगह किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से एक शिकायती पत्र चिपकाया गया। पत्र में जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वहीं जब जिस प्राईवेट हॉस्पिटल की शिकायत लिखी गई थी उन्हे इसकी सूचना मिलते ही उनके ही कर्मचारी द्वारा कुछ ही देर में इस पत्र को पूरे जिला अस्पताल परिसर से निकलते हुए देखा गया। तथा निजी अस्पताल वाले अपनी गलती को छुपाते नजर आए वह सबूत मिटाते नजर आए।

पत्र में कहा गया है कि उक्त निजी अस्पताल में डायलिसिस के दौरान कई मरीजों की जान चली गई है। डायलिसिस करने वाला व्यक्ति, गणेश कुशवाहा, न तो योग्य है और न ही उसके पास कोई अनुभव या डिग्री आदि है। नियमों को ताक पर रख कर हो रहा काम अस्पताल में काम मरीजों की जान राम भरोसे हैं।

पत्र में यह भी कहा गया है कि उक्त निजी अस्पताल में एक महिला की डिलेवरी के दौरान यून्टर फट गया था, जिसके कारण उसकी जान चली गई। दो साल पहले भी इसी अस्पताल में एक महिला की डिलेवरी के बाद उसकी मृत्यु हो गई थी। तथा इस अस्पताल के डॉक्टर वह मेनेजमेंट ने केस रफा दफा कर दिया था।

पत्र में जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि सीएमओ एमएस सागर भ्रष्ट अधिकारी हैं और उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेशों की भी अवहेलना कर उनका भी पालन नहीं किया।

अज्ञात ने लगाई प्रधानमंत्री से मदद की गुहार!

पत्र में प्रधानमंत्री से अनुरोध किया गया है कि वे उक्त निजी अस्पताल और जिला स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जांच करवाएँ और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही करें।

पुलिस ने युवती की आत्महत्या का मामला दर्ज कियाः

अमलाई थाना क्षेत्र में एक युवती ने 2 सितंबर 2022 को थाने के सामने खुद को आग लगा ली थी। युवती ने एक पटवारी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की शी।

शहडोल संभाग में आमजनता न्याय के लिए दर-दर भटकते!

पत्र में यह भी कहा गया है कि शहडोल संभाग के अधिकारी अफसरों के यहाँ आमजनता के साथ न्याय नहीं होता है। पुलिस और प्रशासन की ओर से भी आमजनता की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाता है।

क्या लिखा है शिकायत पत्र में?
मोदी सरकार की गारंटी?
मोदी जी बोलते है कि मेरी गारंटी पर गारंटी है, माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी कोई गारंटी नहीं है भ्रष्ट अधिकारी लोगों की गारंटी नहीं है कि वे ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभा रहे है या नहीं निभा रहे हैं। उच्च न्यायालय हाई कोर्ट ने आदेशित किया दिनांक 23.02.2022 डब्लू.एन.ओ. 1138 / स्वास्थ्य चिकित्सालय सी.एम.ओ. एम.एस. सागर पूर्व में शहडोल म।प्र। में उस भ्रष्ट अधिकारी की पोस्टिंग रही, आदेशित किया एक प्राइवेट हास्पिटल जांच करने की, उस हास्पिटल में हमेशा मौतें होती हैं, कई मरीजो की जान चली गई, वह हास्पिटल जिला मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय के बगल से शहडोल म।प्र। में है, उस हास्पिटल में डाक्टर लोग बिना डिग्री के मरीजों का इलाज करते हैं, उस प्राइवेट हास्पिटल का प्रबंधक द्विवेदी है और डॉक्टरों के ऊपर न कोई जांच होती है और न कोई कार्यवाही करते है ऐसे भ्रष्ट अधिकारी सी.एम.ओ. एम.एस. सागर जैसे लोग स्वास्थ्य चिकित्सालय में रहेगें तो प्राइवेट हास्पिटलें बिना पंजीकरण के, बिना डिग्री वाले डॉक्टर धड़ल्ले से हास्पिटलें चल रही है, एक गोरखपुर उ।प्र। की प्राइवेट हास्पिटल है जिसका नाम ईसू है उसमें एक मुर्दे का इलाज चल रहा था उस हास्पिटल में, वहाँ का प्रशासन डी.एम और पुलिस प्रशासन ने दबिश किया 20.02.2024 को वहाँ का प्रशासन मुआयना और जांच करने पहुँचे उस हास्पिटल में कोई डॉक्टर नहीं रहा। फिर आईसीयू रूम में गये एक पेसेन्ट एडमिट रहा वेन्टीलेटर में, डी.एम. ने अटेण्डम से पूछा कि यह कौन पेसेन्ट है अटेण्डम के मुंह से आवाज नहीं निकल रही थी और वह कुछ बता नहीं पा रहा था। फिर उस पेसेन्ट का एक परिजन रहा, उसका नाम रामेश्वर रहा, उसने डी.एम. को बताया कि ये हमारे पिताजी है ये घर में स्लिप हो गये और गिर पड़े और सिर में चोट लग गई तो मैंने इनको एडमिट करवाया तीन दिन हो गये डाक्टर लोग कुछ सही नहीं बता रहे हैं। फिर डी.एम. ने उस पेसेन्ट को हिलाया डुलाया तो कुछ मूमेंट नहीं हो रहा था न तो उसकी सांसे चल रही थी और न ही धड़कन चल रही थी फिर उस पेसेन्ट को सरकारी हास्पिटल भेजा गया वहाँ के डॉक्टर लोग चेक किये फिर बोले कि इस पेसेन्ट की मृत्यु हो गई है फिर पोस्टमार्डम हुआ रिपोर्ट आई कि इस पेसेन्ट की 48 घंटे पहले मौत हो चुकी है फिर वहाँ का डी.एम. प्रशासन उस प्राइवेट हास्पिटल ईसू को उसके मालिक समेत 8 लोगों को गिरतार किया, किसी के पास कोई डिग्री नहीं रही और कोई डॉक्टर भी नहीं रहा और उस हास्पिटल को भी शील कर दिये एक तरफ गोरखपुर यू.पी. का डी.एम. उस हास्पिटल के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही किया। एक हमारा शहडोल का स्वास्थ्य चिकित्सालय भ्रष्ट डॉक्टर अधिकारी हाईकोर्ट के आदेश के बाद सी.एम.ओ. एस.एस. सागर टीम गठित किया जांच करने के लिये उस टीम में डॉक्टर ए0के0लाल, डॉक्टर वाई0के0 पासवान, डॉक्टर हीरालाल शुक्ला उस हास्पिटल में डॉक्टरो की टीम जांच करने गई। उस हास्पिटल का प्रबंधक द्विवेदी स्वास्थ्य चिकित्सालय की टीम को देखा सब लोगों को नाश्ता करवाया और ठंडा पिलाया टीम का जो कप्तान रहा एम.एस. सागर भ्रष्ट अधिकारी उसके लिये भी नाश्ते का पार्सल पैकेट और एक ठंडी बोतल कोक की दे दिया डॉक्टर ए0के0लाल को, यहाँ के स्वास्थ्य चिकित्सालय इस प्रकार की जांच करते है। यह मोदी सरकार की गारंटी है।

यह घटना शहडोल में चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर सवालिया निशान खड़ा करती है। प्रधानमंत्री से अज्ञात व्यक्ति द्वारा पत्र के जरिए आग्रह किया गया की वे इस मामले में त्वरित कार्यवाही करेंगे और दोषियों को सजा कड़ी से कड़ी दिलाएंगे।

 

 

 

ई-खबर मीडिया ब्यूरो, देव शर्मा की रिपोर्ट

 

 

भागलपुर जिले की लुटेरी दुल्हन : लाखों रुपए और 1 किलो सोने और चाँदी के गहने लेकर हुई फरार !

बिहार: भागलपुर में एक दिलचस्प मामला सामने आया है। शादी के एक साल के बाद दुल्हन अपने ससुराल से नगदी और सोने के गहने लेकर फरार हो गई। पीड़ित दिनेश 33 वर्ष ने पुलिस को तहरीर देकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। आरोपी महिला का नाम शुभम कुमारी पिता बुद्ध दास उम्र 18 वर्ष है

क्या है पूरा मामला?

मामला जिले भागलपुर थाना क्षेत्र का है। जहाँ के रहने वाले दिनेश की शादी 1 साल पहले हुई थी। शुभम कुमारी के साथ हुई थी। पति दिनेशका आरोप है कि उसकी पत्नी पर हमे शक है कि वह किसी के फरार / लापता होने से पहले ससुराल से नगदी सहित सोने के जेवर भी ले गई।

दिनेश ने थाने पहुँचकर पुलिस को दी तहरीर!

क्या बताया शिकायतकर्ता ने?

दिनेश ने बताया शुभम कुमारी डेढ़ महीने पहले को समय लगभग दोपहर 1 बजे के घर से लाखों रुपए की नगदी और लगभग कई तोला के करीब के सोने के जेवर जो उसने पहन रखे थे लेकर कही चली गयी है। हमे शक है कि वह किसी के साथ फरार ना हो गई हो उसकी कोई भी सूचना मिलने पर इन नंबरों पर संपर्क करें 7250454602, 8586034376 और दिनेश की पत्नी को ढूंढने में उनकी मदद करें।

लुटेरी दुल्हन शुभम कुमारी

पहले खुद की तलाश, फिर लगाई गुहार

पति दिनेश ने बताया लापता / फरार होने के बाद वह खुद उसकी तलाश करती रहाी। लेकिन, जब उसको शुभम कुमारी का कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस थाने में तहरीर दी। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी महिला की तलाश शुरू कर दी।

पुलिस कर रही मामले की जांच

थाना भागलपुर ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया जायेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। महिला को पकड़ने के लिए उसे बरामद करने के प्रयास में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। परंतु अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगा कोई सुराग।

क्या बताया पीड़ित पति

निवेदन पूर्वक सूचित करना है कि मैं दिनेश उम्र-33 वर्ष पिता लक्ष्‌मण दाग्रज मौजमावाद के नारायणपुर, नवगछिया भागलपुर का रहने वाला हूँ मैंने एकवर्ष पूर्व शुभम कुमारी 18 वर्ष पिता बुद्ध दास शाम द‌यालपुर भतार निवासी के साथ हिन्दू रिति रिवाज से विवाह किया है। शुभम कुमारी दवा लेने गई थी और दवा लेने के बहाने जाकर उसने ट्रेन का टिकट करवा कटवा कर कहीं चली गई परेशान पति दिनेश पत्नी शुभम कुमारी को इधर-उधर ढूँढ रहा है शुभम ने बताया कि वह 5-6 हजार रुपए कमाता है और उन पैसों को घर भिजवाता था और अपना गुजारा चलता था वह अपने परिवार को बड़ी मुश्किल से पल रहा था लगभग डेढ़ महीने पहले उसकी पत्नी लापता हो गई उसने थाने में प्राथमिक ही दर्ज करवाई है परन्तु अभी तक पत्नी शुभम कुमारी का कोई पता नहीं चल पाया है पति ने लगाई मदद की गुहार।

 

 

 

ई-खबर मीडिया ब्यूरो, देव शर्मा की रिपोर्ट

सोना पहली बार 67 हजार पर पहुंचा:इस महीने अब तक 4 हजार रुपए से ज्यादा महंगा हुआ, चांदी भी 75,448 रुपए पर पहुंची

सोना आज यानी गुरुवार (21 मार्च) कोऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, 10 ग्राम सोना 1,279 रुपए बढ़कर 66,968 रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले कल यानी 20 मार्च को ही सोने ने 65,646 रुपए प्रति 10 ग्राम का ऑल टाइम हाई बनाया था।

वहीं, आज चांदी में भी शानदार तेजी है। ये 1,562 रुपए महंगी होकर 75,448 रुपए प्रति किलो ग्राम पर पहुंच गई है। इससे पहले बीते दिन चांदी का भाव 73,886 रुपए था। चांदी ने बीते साल यानी 2023 में 4 दिसंबर को 77,073 का ऑल टाइम हाई बनाया था।

सोने में तेजी के 5 प्रमुख कारण:

  1. 2024 में दुनियाभर में मंदी की आशंका
  2. शादी के सीजन से सोने की डिमांड बढ़ी
  3. दुनियाभर के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे
  4. दुनियाभर में महंगाई बढ़ने से सोने को सपोर्ट
  5. ETF बाइंग की वजह से सोने में निवेश बढ़ रहा

मार्च में अब तक 4 हजार से ज्यादा महंगा हुआ सोना
मार्च में अब तक सोने-चांदी के दामों में शानदार तेजी देखने को मिली है। महीने की शुरुआत यानी 1 मार्च को सोना 62,592 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जो 20 मार्च को 66,968 रुपए पर पहुंच गया है। यानी 20 दिनों में ही इसकी कीमत में 4,376 रुपए प्रति 10 ग्राम महंगा हो चुका है। वहीं चांदी भी 69,977​ रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर ​​​​​​75,448 रुपए पर पहुंच गई थी।

इस साल सोने में रही अच्छी बढ़त

तारीख दाम रुपए प्रति 10 ग्राम में
1 जनवरी 63,302
1 फरवरी 62,775
1 मार्च 62,592
21 मार्च 66,968

2023 में सोना 8 हजार रुपए से ज्यादा महंगा हुआ था
साल 2023 की शुरुआत में सोना 54,867 रुपए प्रति ग्राम पर था जो 31 दिसंबर को 63,246 रुपए प्रति ग्राम पर पहुंच गया था। यानी साल 2023 में इसकी कीमत में 8,379 रुपए (16%) की तेजी आई। वहीं चांदी भी 68,092 रुपए से बढ़कर 73,395 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

70 हजार तक जा सकता है सोना
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, आने वाले दिनों में सोने में तेजी जारी रह सकती है। इसके चलते इस साल के आखिर तक सोना 70 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। वहीं चांदी भी 75 हजार प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है।

सोना खरीदते समय इन 4 बातों का रखें ध्यान

1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। नए नियम के तहत एक अप्रैल से छह डिजिट वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्किंग के बिना सोना नहीं बिकेगा। जैसे आधार कार्ड पर 12 अंकों का कोड होता है, उसी तरह से सोने पर 6 अंकों का हॉलमार्क कोड होगा। इसे हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी HUID कहते हैं।

ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग के जरिए ये पता करना संभव हो गया है कि कोई सोना कितने कैरेट का है।

2. कीमत क्रॉस चेक करें
सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

24 कैरेट सोने को सबसे शुद्ध सोना माना गया है, लेकिन इसकी ज्वेलरी नहीं बनती, क्‍योंकि वो बेहद मुलायम होता है। आमतौर पर ज्वेलरी के लिए 22 कैरेट या इससे कम कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है।

कैरेट के हिसाब से ऐसे चेक करें कीमत: मान लीजिए 24 कैरेट सोने का दाम 60 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम है। यानी एक ग्राम सोने की कीमत हुई 6000 रुपए। ऐसे में 1 कैरेट शुद्धता वाले 1 ग्राम सोने की कीमत हुई 6000/24 यानी 250 रुपए।

अब मान लीजिए आपकी ज्वेलरी 18 कैरेट शुद्ध सोने से बनी है तो 18×250 यानी इसकी कीमत 4,500 रुपए प्रति ग्राम हुई। अब आपकी ज्वेलरी जितने भी ग्राम की है उसमें 4,500 रुपए का गुणा करके सोने की सही कीमत निकाली जा सकती है।

रवीना स्टारर ‘पटना शुक्ला’ मूवी में दिखेगी भोपाल की झलक:राजधानी की कई लोकेशन पर हुई शूटिंग; 29 मार्च को रिलीज होगी फिल्म

भोपाल। बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन इन दिनों मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में हैं। वह यहां अपनी अप कमिंग मूवी ‘पटना शुक्ला’ की शूटिंग कर रही हैं। इस दौरान शूटिंग से मिली फुर्सत के पल उन्होंने खुद के साथ बिताए। इस बीच वह राजधानी की सड़कों पर फुल मस्ती में नजर आईं। कभी बच्चों और फैंस के बीच रहीं, तो कभी भोपाल की खूबसूरती निहारती नजर आईं।

रवीना टंडन जल्द फिल्म पटना शुक्ला में दिखाई देने वाली हैं। इस मूवी में वह एक्ट्रेस तन्वी नाम की वकील का किरदार निभा रही हैं। अब एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने किरदार के बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने अपने किरदार के लिए पटना लहजा सीखा। साथ ही बताया कि वह किरदार के संघर्षों से भी मेल खाती हैं।

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। रवीना टंडन फिल्म इंडस्ट्री की बेहतरीन एक्ट्रेस में से एक हैं। अब वह जल्द ही फिल्म पटना शुक्ला में दिखाई देने वाली हैं। उनकी यह मूवी कुछ ही दिनों में रिलीज हो जाएगी। फिल्म में एक्ट्रेस तन्वी नाम की वकील का किरदार निभा रही हैं।

अब हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने किरदार तन्वी शुक्ला के बारे में खुलकर बात की है। एक्ट्रेस ने बताया कि कैसे उन्होंने अपने किरदार के लिए पटना ‘लहजा’ सीखा और साथ ही वह किरदार के संघर्षों से भी मेल खाती हैं।

तन्वी से जुड़ीं रवीना टंडन

हाल ही में आईएएनएस के साथ एक इंटरव्यू के दौरान रवीना टंडन  ने बताया कि वह न केवल अपने पटना शुक्ला किरदार तन्वी से जुड़ीं, बल्कि उनसे प्रेरणा भी ली और उनके संघर्षों की प्रतिध्वनि भी की। एक्ट्रेस ने कहा, “तन्वी शुक्ला एक ऐसा किरदार है, जिससे हर कोई जुड़ाव महसूस करेगा।

मैं तन्वी जैसे कई लोगों से मिली हूं, इसलिए मेरा किरदार परिचित लगा और मैं तुरंत उसकी कहानी से जुड़ गई। जिस तरह से वह काम और जीवन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती है, मैं सच में उसके संघर्षों से मेल खाती हूं”।

मानसिकता को समझने में समय बिताया

एक्ट्रेस ने आगे कहा, “तन्वी की जड़ें शहर में हैं। इसलिए मैंने पटना ‘लहजा’ और लोगों की मानसिकता को समझने में समय बिताया। साथ ही एक्ट्रेस ने यह उम्मीद जताई कि तन्वी की कहानी देखने के बाद कई महिलाएं प्रेरित महसूस करेंगी, क्योंकि इतनी कठिनाइयों के बावजूद वह पटना शुक्ला में जो सही है उसके लिए लड़ती रही”।

कब रिलीज होगी फिल्म

इस फिल्म में रवीना टंडन के अलावा दिवंगत अभिनेता सतीश कौशिक, जतिन गोस्वामी, अनुष्का कौशिक, चंदन रॉय सान्याल और मानव विज समेत कई स्टार्स नजर आएंगे। यह फिल्म 29 मार्च को डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज होने के लिए तैयार है।

आज दिनांक 20.03.2024 को डीपीबीएस कॉलेज, अनूपशहर में प्राचार्य प्रोफेसर जी के सिंह की अध्यक्षता में वैश्विक पर्यावरणीय परिदृश्य

आज दिनांक 20.03.2024 को डीपीबीएस कॉलेज, अनूपशहर में प्राचार्य प्रोफेसर जी के सिंह की अध्यक्षता में वैश्विक पर्यावरणीय परिदृश्य भूत, वर्तमान एवं भविष्य विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का प्रारंभ माँ वागेश्वरी के समक्ष प्राचार्य एवं अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्जवल एवं पुष्पर्चन से हुआ। संगोष्ठी के प्रथम सत्र में बीज वक्ता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय से पधारे प्रोफेसर पुष्पेंद्र कुमार ने आंतरिक पर्यावरण को शुद्ध करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी को कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए ,रात्रि के समय फोन को स्विच ऑफ कर देना चाहिए और अपने घर एवं कार्यालय में कम से कम ऊर्जा की खपत को सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक पांच तत्व दूषित हैं तब तक हमारा शरीर भी दूषित ही रहेगा। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि हम अंबिकापुर से सीख कर वेस्ट टू बेस्ट की ओर बढ़ सकते हैं। सत्र के दूसरे वक्ता के रूप में एस के पाल प्रोजेक्ट एसोसिएट वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून ने पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से गंगा के प्रदूषित होने एवं गंगा में पाई जाने वाली विशिष्ट प्रजातियों के संरक्षण के बारे में सविस्तार जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गंगा संरक्षण देश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा है और यह सामुदायिक भागीदारी से ही हल हो सकता है। डी ए वी कॉलेज , बुलंदशहर के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर राजेश गर्ग ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारी संस्कृति में प्राचीन काल से ही वृक्षों का महत्व रहा है ,सागर मंथन से निकलने वाले रत्नों में कल्पवृक्ष का होना इसका सबसे अच्छा उदाहरण है। उन्होंने अपने उद्बोधन में महात्मा गांधी को भारत का पहला पर्यावरण चिंतक सिद्ध किया उन्होंने कहा कि गांधी जी का न्यूनतम खपत और अधिकतम साझेदारी का सिद्धांत टाइम्स मैगजीन ने भी अक्षरस: स्वीकार किया है।

इसके उपरांत प्रोफेसर यू के झा ने अपने उद्बोधन में गरीबी को पर्यावरण प्रदूषण का मुख्य कारण सिद्ध किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण एक वैश्विक मुद्दा है और समूचे विश्व को मिलकर इससे निपटना चाहिए । इसके उपरांत प्रोफेसर चंद्रावती ने अपने उद्बोधन में ग्रीन हाउस गैसों की उपयोगिता को रेखांकित किया ।उन्होंने कहा कि सरकार ने बहुत हद तक हानिकारक गैसों के उत्पादन में कमी की है ।उन्होंने बताया कि अमेजॉन के जंगल समूचे विश्व के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध कराता है न कि केवल अफ्रीका के लिए। इसके उपरांत प्रोफेसर एस पी एस यादव ने गंगा को जीवन देने वाली नदी बताया उन्होंने कहा कि हमें अपना सर्वोत्तम प्रयास पर्यावरण संरक्षण हेतु करना चाहिए सत्र के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर जी के सिंह ने पर्यावरण संरक्षण हेतु महाविद्यालय में उनके द्वारा उठाए गए कदमों को बताते हुए वाटर हार्वेस्टिंग करने की योजना पर बल दिया उन्होंने कहा कि हमें पर्यावरण के प्रति ईमानदार रहना चाहिए। उन्होंने प्रकृति के संरक्षण हेतु आचरण की शुद्धता पर बल दिया। इसके साथ उन्होंने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन भी किया। कार्यक्रम का संचालन संगोष्ठी के संयुक्त सचिव डॉक्टर तरुण श्रीवास्तव ने किया। द्वितीय सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर रुचिका जैन ने की इस सत्र में श्री याजवेंद्र कुमार ,श्री आलोक कुमार तिवारी एवं शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र पढ़े। इस संगोष्ठी के सचिव प्रोफेसर पी के त्यागी रहे। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में प्राध्यापक, शोधार्थी एवं छात्र उपस्थित रहे।

मानसिंक,कमजोर लड़की से गैर सामुदायिक युवक ने किया रेप का प्रयास।

अनूपशहर क्षेत्र के गांव के एक विकलांग लड़की के साथ गैर समुदाय के युवक द्वारा बलात्कार का प्रयास का मामला, पीड़ित के पिता ने बताया कि मंगलवार देर शाम उसकी लड़की खेत में पलक काटने गई थी तभी वह खेत में बनी उसके बोंगे में पिल्ले से खेलने लगी इसी दौरान गांव के के सामुदायिक लड़के ने गलत काम करने की नीयत से पीड़ित को खींचकर बोंगे में ले गया, आरोपी ने उसकी पुत्री की जबरदस्ती गर्दन पकड़ कर जान से करने का प्रयास किया जिसमें पीड़ित की चीख निकल गई पीड़ित की चीख को सुनकर उसकी दादी खेत में पालक और धनिया काट रही थी दादी ने देखा कि उसकी पोती की गर्दन के गैर ,समुदाय के लड़के ने पकड़ रखी थी, गांव के लोगों ने आरोपी को पड़कर पुलिस को सोपा, मौके पर पहुंची , पुलिस ने आरोपी को तमंचा सहित पकड़ा, पुलिस ने पीड़िता के पिता की तारीफ के आधार पर युवक के खिलाफ धारा 307 ,354 क ,354 ख 506 आईपीसी की धारा में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है,

अनूप शहर से गगन कुमार की रिपोर्ट

डीपीएस कॉलेज अनूपशहर में स्काउट गाइड का सिविल का शुभारंभ किया

प्रेस विज्ञप्ति
डीपीबीएस कॉलेज, अनूपशहर में आज दिनांक 18 मार्च 2024 से 6 दिवसीय स्काउट गाइड सिविल का शुभारंभ किया गया इसके उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. गिरीश कुमार सिंह ने, संचालन छात्राध्यापिका अंजली सिंह ने किया तथा मुख्य अतिथि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अनूपशहर के चिकित्सका अधीक्षक डॉ. वाई. पी. सिंह रहे।
कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर तथा उनके सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर सर्वप्रथम जिला स्काउट प्रशिक्षण कमिश्नर ओ. पी. हंस ने स्काउट के वैश्विक तथा भारतीय परिचय पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि डॉ. वाई. पी. सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा एक ऐसा साधन है जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति किसी भी ऊंचाई को प्राप्त कर सकता हैं। स्काउट के माध्यम से विभिन्न प्रकार के योग तथा शारीरिक अभ्यास सीखने पर बल देते हुए विद्यार्थियों के स्वस्थ रहने के लिए अनेक उपाय साझा किए। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. गिरीश कुमार सिंह ने स्काउट एवं गाइड शिविर की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से कहा कि ऐसे शिविर हमें बहुत सारे कौशलों को विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। इसलिए सभी प्रशिक्षु बड़े मनोयोग के साथ इस शिविर में प्रतिभाग कर अपने को कुशल बनाए। बीएड विभाग की विभागाध्यक्षा एवं रेंजर अधिकारी डॉ. सुनीता गौड़ ने आभार प्रकट करते हुए विद्यार्थियों को शिविर में प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया तथा आए हुए अतिथियों, शिक्षकों, सहयोगी कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर जिला स्काउट संगठन कमिश्नर पवन राठी, डॉ. के. सी. गौड़, डॉ. सुधा उपाध्याय, डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ शैलेंद्र कुमार सिंह, रोवर अधिकारी तरुण श्रीवास्तव, देवस्वरूप गौतम, गुरुदत्त शर्मा, पंकज प्रकाश आदि प्राध्यापक भी उपस्थित रहे।

IPL 2024 सीरीज, पार्ट-3:लीग आने से बढ़ी टी-20 की रफ्तार; 80% टेस्ट के रिजल्ट निकले, वनडे में लगीं 12 डबल सेंचुरी

वनडे क्रिकेट के शुरुआती 37 साल में 31 बार 350 से ज्यादा का स्कोर बना था। पिछले 17 साल में इससे 4.6 गुना ज्यादा 145 बार 350 प्लस का स्कोर बन चुका है। यह पॉसिबल हुआ क्योंकि 17 साल पहले 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत हो गई। इस लीग ने बल्लेबाजों का स्कोरिंग रेट तेजी से बढ़ाया।

IPL के बाद ही मेंस वनडे में पहली डबल सेंचुरी लगी, जिसका आंकड़ा अब 12 तक पहुंच चुका है। टी-20 टीमें 16 से बढ़कर 103 हो गईं। वहीं टेस्ट फॉर्मेट इंटरेस्टिंग हुआ, टीमें ड्रॉ की बजाय रिजल्ट पर फोकस करने लगीं, जिस कारण 80% मुकाबलों के नतीजे आ रहे हैं।

IPL 2024 सीरीज के पार्ट-3 में आज हम वनडे, टेस्ट और टी-20 फॉर्मेट पर IPL का इम्पैक्ट जानेंगे। इसे हम 4 पार्ट्स में देखेंगे, पहला मैचों की संख्या, दूसरा स्कोरिंग रेट, तीसरा बैटर्स और चौथा बॉलर्स पर इम्पैक्ट।

1. टी-20 फॉर्मेट पर IPL का प्रभाव

पार्ट-1: साल के मैच 33 से बढ़कर 280 हुए
17 फरवरी 2005 को टी-20 इंटरनेशनल की शुरुआत हुई, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने पहला मैच खेला। 2 साल बाद इस फॉर्मेट का वर्ल्ड कप खेला गया, जिसे महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने जीता। अगले ही साल भारत में क्रिकेट का पहला फ्रेंचाइजी टूर्नामेंट इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) शुरू हो गया। जिसने क्रिकेट की डेफिनेशन ही चेंज कर दी।

2010 तक 6 साल में टी-20 इंटरनेशनल खेलने वाले देश 17 थे। एक साल में औसतन 33 मैच होते थे और टीमें 6 साल में औसतन 12 ही मैच खेलती थीं। अगले 6 साल में सालान औसतन मैच बढ़कर 63 हुए और टीमों की संख्या 21 हो गई। लेकिन असली बदलाव 2017 से हुआ। तब से टी-20 खेलने वाली टीमें 5 गुना बढ़कर 103 हो चुकी हैं। साल के औसतन मैचों का आंकड़ा भी 280 तक पहुंच गया है।

नेपाल, मंगोलिया, जर्सी जैसे दुनिया के कई छोटे-छोटे देशों ने टी-20 फॉर्मेट से क्रिकेट खेलने की शुरुआत कर दी। क्रिकेट इस फॉर्मेट से ग्लोबल स्पोर्ट बनता जा रह है और अब 2028 के ओलिंपिक्स में भी शामिल हो गया। 2024 का टी-20 वर्ल्ड कप भी वेस्टइंडीज के साथ अमेरिका जैसे देश की मेजबानी में खेला जाएगा। जहां रग्बी, बास्केटबॉल और बेसबॉल जैसे खेलों का बोलबाला है।

पार्ट-2: 200+ रन के टारगेट आसानी से चेज हुए
IPL ने टी-20 क्रिकेट का स्कोरिंग रेट भी बढ़ाया। 2010 तक जहां 19 बार 200 प्लस का स्कोर बना और महज 2 बार 200 से ज्यादा का टारगेट चेज करने वाली टीमों को जीत मिली। पिछले 7 साल में 243 बार 200 प्लस का स्कोर बन चुका है। इतना ही नहीं 42 बार दूसरी पारी में 200 से ज्यादा रन बने, जिनमें से 59% मुकाबलों में टीम को जीत भी मिली।

एक समय 50 ओवर के क्रिकेट में 300 रन बनाना बड़ी बात थी, लेकिन अब तो 20 ओवर में ही 300 रन का आंकड़ा पार हो चुका है। 2023 के एशियन गेम्स में नेपाल ने मंगोलिया के खिलाफ 314 रन का स्कोर बनाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इतना स्कोर वनडे और टेस्ट फॉर्मेट में भी मुश्किल से बनता है।

पार्ट-3: शुरुआती 12 साल में 19 सेंचुरी लगी, पिछले 7 साल में बन गईं 124
2005 से 2016 तक 12 साल में टी-20 फॉर्मेट में 19 इंटरनेशनल सेंचुरी लगीं। तब शतक बनाना भी बड़ी होती थी, लेकिन पिछले 7 साल में इस फॉर्मेट में 124 सेंचुरी लग चुकी हैं। ग्लेन मैक्सवेल और रोहित शर्मा के नाम तो 5-5 शतक हैं, वहीं ICC के नंबर-1 टी-20 बैटर भारत के सूर्यकुमार यादव तो पिछले 3 ही साल में 4 सेंचुरी लगा चुके हैं।

IPL के पहले ही मैच में कोलकाता के लिए ब्रेंडन मैक्कुलम ने 158 रन की पारी खेली थी। जिसने फटाफट क्रिकेट में बड़ी पारी खेलने की नींव रखी। तब से टी-20 इंटरनेशनल में 3 बार 150 से ज्यादा और 17 बार 125 रन से ज्यादा के इंडिविजुअल स्कोर बन चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया के ऐरन फिंच के नाम 172 रन की पारी खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है।

पार्ट-4: गेंदबाजों को ज्यादा विकेट मिलने लगे
टी-20 क्रिकेट में गेंदबाजों का इकोनॉमी रेट 7 से साढ़े 7 के बीच बना हुआ है। लेकिन हर 6 साल के अंतर में बॉलर्स के औसत विकेट का आंकड़ा बढ़ गया। 2010 तक एक बॉलर को औसतन 4 विकेट मिले थे। वहीं पिछले 7 साल में एक खिलाड़ी के औसत विकेट का आंकड़ा 7 तक पहुंच गया। जिनमें स्पिन और पेस बॉलर के नाम औसतन 9-9 विकेट मिले हैं।

सोना पहली बार 66 हजार के करीब:इस साल 70 हजार तक जा सकता है, चांदी 73,859 रुपए किलो हुई

सोना आज यानी बुधवार (20 मार्च) ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, 10 ग्राम सोना 206 रुपए बढ़कर 65,795 रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले इसी महीने 11 मार्च को सोने ने 65,646 रुपए प्रति 10 ग्राम का ऑल टाइम हाई बनाया था।

वहीं, आज चांदी में भी मामूली तेजी है। ये 15 रुपए महंगी होकर 73,859 रुपए प्रति किलो ग्राम पर बंद हुई। इससे पहले बीते दिन चांदी का भाव 73,844 रुपए था। चांदी ने बीते साल यानी 2023 में 4 दिसंबर को 77,073 का ऑल टाइम हाई बनाया था।

सोने में तेजी के 3 प्रमुख कारण:

  1. 2024 में दुनियाभर में मंदी की आशंका
  2. शादी के सीजन से सोने की डिमांड बढ़ी
  3. दुनियाभर के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे

मार्च में अब तक 3 हजार से ज्यादा महंगा हुआ सोना
मार्च में अब तक सोने-चांदी के दामों में शानदार तेजी देखने को मिली है। महीने की शुरुआत यानी 1 मार्च को सोना 62,592 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जो 20 मार्च को 65,795 रुपए पर पहुंच गया है। यानी 20 दिनों में ही इसकी कीमत में 3,203 रुपए प्रति 10 ग्राम महंगा हो चुका है। वहीं चांदी भी 69,977​ रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर ​​​​​​73,859 रुपए पर पहुंच गई थी।

2023 में सोना 8 हजार रुपए से ज्यादा महंगा हुआ था
साल 2023 की शुरुआत में सोना 54,867 रुपए प्रति ग्राम पर था जो 31 दिसंबर को 63,246 रुपए प्रति ग्राम पर पहुंच गया था। यानी साल 2023 में इसकी कीमत में 8,379 रुपए (16%) की तेजी आई। वहीं चांदी भी 68,092 रुपए से बढ़कर 73,395 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

70 हजार तक जा सकता है सोना
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, आने वाले दिनों में सोने में तेजी जारी रह सकती है। इसके चलते इस साल के आखिर तक सोना 70 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। वहीं चांदी भी 75 हजार प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है।

सोना खरीदते समय इन 4 बातों का रखें ध्यान

1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। नए नियम के तहत एक अप्रैल से छह डिजिट वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्किंग के बिना सोना नहीं बिकेगा। जैसे आधार कार्ड पर 12 अंकों का कोड होता है, उसी तरह से सोने पर 6 अंकों का हॉलमार्क कोड होगा। इसे हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी HUID कहते हैं।

ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग के जरिए ये पता करना संभव हो गया है कि कोई सोना कितने कैरेट का है।

2. कीमत क्रॉस चेक करें
सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

24 कैरेट सोने को सबसे शुद्ध सोना माना गया है, लेकिन इसकी ज्वेलरी नहीं बनती, क्‍योंकि वो बेहद मुलायम होता है। आमतौर पर ज्वेलरी के लिए 22 कैरेट या इससे कम कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है।

कैरेट के हिसाब से ऐसे चेक करें कीमत: मान लीजिए 24 कैरेट सोने का दाम 60 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम है। यानी एक ग्राम सोने की कीमत हुई 6000 रुपए। ऐसे में 1 कैरेट शुद्धता वाले 1 ग्राम सोने की कीमत हुई 6000/24 यानी 250 रुपए।

अब मान लीजिए आपकी ज्वेलरी 18 कैरेट शुद्ध सोने से बनी है तो 18×250 यानी इसकी कीमत 4,500 रुपए प्रति ग्राम हुई। अब आपकी ज्वेलरी जितने भी ग्राम की है उसमें 4,500 रुपए का गुणा करके सोने की सही कीमत निकाली जा सकती है।

3. कैश पेमेंट न करें, बिल लें
सोना खरीदते वक्त कैश पेमेंट बड़ी गलती साबित हो सकती है। UPI (जैसे भीम ऐप) और डिजिटल बैंकिंग के जरिए पेमेंट करना अच्छा रहता है। आप चाहें तो डेबिट या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भी पेमेंट कर सकते हैं। इसके बाद बिल लेना न भूलें। यदि ऑनलाइन ऑर्डर किया है तो पैकेजिंग जरूर चेक करें।

4. रीसेलिंग पॉलिसी जान लें
कई लोग सोने को निवेश की तरह देखते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आपको सोने की रीसेल वैल्यू के बारे में पूरी जानकारी हो। साथ ही संबंधित ज्वेलर की बायबैक पॉलिसी पर भी स्टोर कर्मचारियों से बातचीत कर लें।